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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

21अक्टूबर /2026 /बुधवार

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

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  • स्टिंग विवाद से टूटा गठबंधन, बंगाल में मुस्लिम वोट पर सियासी संग्राम तेज

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक कथित स्टिंग वीडियो ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस विवाद के केंद्र में पूर्व तृणमूल नेता हुमायूं कबीर हैं, जिन पर गंभीर आरोप लगने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने उनकी पार्टी एजेयूपी के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है। इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है, खासकर मुस्लिम वोट बैंक को लेकर। स्टिंग वीडियो से मचा बवाल तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी कथित स्टिंग वीडियो में हुमायूं कबीर पर यह आरोप लगाया गया है कि वे भाजपा नेताओं से संपर्क में थे और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक उनकी पहुंच थी। वीडियो में वे कथित तौर पर यह भी कहते सुनाई देते हैं कि मुस्लिम वोटों को प्रभावित कर चुनावी समीकरण बदला जा सकता है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। इस मामले को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार को हराने के लिए एक बड़े स्तर की साजिश रची जा रही है। पार्टी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच की मांग भी की है। एआईएमआईएम ने क्यों तोड़ा गठबंधन विवाद सामने आते ही एआईएमआईएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एजेयूपी से दूरी बना ली। पार्टी ने अपने बयान में कहा कि वह किसी भी ऐसे व्यक्ति या बयान से जुड़ी नहीं रह सकती जो मुस्लिम समाज की एकजुटता और सम्मान पर सवाल उठाता हो। एआईएमआईएम ने यह भी स्पष्ट किया कि अब वह पश्चिम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य वंचित और उपेक्षित समुदायों को स्वतंत्र राजनीतिक आवाज देना है। कबीर का पलटवार: “वीडियो एआई जनरेटेड” विवादों में घिरे हुमायूं कबीर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “एआई जनरेटेड फर्जी वीडियो” बताया है। उन्होंने कहा कि 2019 के बाद से उनका किसी भी भाजपा नेता से कोई संपर्क नहीं रहा है। कबीर ने नरेंद्र मोदी, अमित शाह और हिमंता बिस्वा सरमा सहित कई नेताओं के नाम लेते हुए कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत है तो सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने तृणमूल नेतृत्व पर फर्जी स्टिंग ऑपरेशन चलाने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया तथा मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही। मुस्लिम वोट बैंक बना चुनावी केंद्र इस पूरे विवाद ने पश्चिम बंगाल में मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति को केंद्र में ला दिया है। राज्य की कुल आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी अहम मानी जाती है और कई सीटों पर उनका निर्णायक प्रभाव रहता है। एआईएमआईएम के अलग चुनाव लड़ने के फैसले से मुस्लिम वोटों के बंटवारे की संभावना बढ़ गई है, जिसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। वहीं तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजर इस वोट बैंक पर टिकी हुई है। चुनाव कार्यक्रम और बढ़ती सरगर्मी पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी। चुनाव से पहले इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप और गठबंधन टूटने की घटनाओं ने राज्य की सियासत को और अधिक रोमांचक बना दिया है। हुमायूं कबीर से जुड़ा यह विवाद केवल एक व्यक्ति या पार्टी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने बंगाल की चुनावी राजनीति में नए समीकरण और संभावित ध्रुवीकरण की जमीन तैयार कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इसका असर मुस्लिम वोटों और चुनावी परिणामों पर कितना पड़ता है।

  • असम में शांतिपूर्ण मतदान, सीएम सरमा ने जताया भरोसा

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) गुवाहाटी। हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुए शांतिपूर्ण और व्यापक मतदान पर संतोष जताते हुए कहा कि इस बार का मतदान रुझान अभूतपूर्व रहा है और इससे परिणामों का अंदाजा लगाया जा सकता है। असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ। संवेदनशील माने जाने वाले इस राज्य में सिंगल फेज में चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था, लेकिन पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मुख्यमंत्री सरमा ने इसके लिए जनता, भारत निर्वाचन आयोग, प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। सीएम सरमा ने मतदान प्रतिशत के विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा कि इस बार स्थानीय असमिया मतदाताओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। उनके अनुसार, जहां पहले स्थानीय मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 75-76 के आसपास रहता था, वहीं इस बार यह बढ़कर करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय मतदाताओं का झुकाव बड़ी संख्या में भाजपा की ओर रहा है, जिससे चुनावी परिणामों पर स्पष्ट प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले मुस्लिम समुदाय, विशेषकर युवाओं और महिलाओं के बीच भी भाजपा के प्रति कुछ हद तक रुझान देखने को मिला है, हालांकि इन क्षेत्रों में सीटों में बढ़त को लेकर उन्होंने सतर्क टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के आधार पर ही आकलन किया जा सकता है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान फर्जी दस्तावेज और फोटोशॉप सामग्री के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने समय रहते तथ्यों की जांच कर इन प्रयासों को “एक्सपोज” किया। सरमा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश मानी जानी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी, जिसमें पार्टी के पंजीकरण तक रद्द करने की सिफारिश शामिल हो सकती है। कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने कथित तौर पर गलत दस्तावेज प्रसारित किए, उन्हें इसका स्रोत स्पष्ट करना होगा और कानून का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को गंभीर अपराध माना जाएगा। आगे की रणनीति पर बोलते हुए सरमा ने कहा कि सरकार गठन के बाद घोषणापत्र में किए गए सभी वादों को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। साथ ही उन्होंने अवैध घुसपैठ को भी एक बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि इस दिशा में सख्त कदम उठाए जाएंगे। असम में हुए इस शांतिपूर्ण और उच्च मतदान प्रतिशत ने राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं। अब सभी की नजरें आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

  • बंगाल चुनाव में बयानबाजी तेज, मोदी के ‘हिसाब’ वाले बयान पर गिरिराज का पलटवार

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) पटना। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी का दौर जारी है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘गुंडागर्दी का हिसाब’ वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जोरदार प्रतिक्रिया दी है। गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को हल्दिया में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 4 मई 2026 के बाद राज्य में “कानून का असली राज” स्थापित होगा और “हर गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा।” पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि राज्य के संसाधनों, अवसरों और युवाओं के भविष्य पर टीएमसी से जुड़े तत्वों का कब्जा है, जिससे विकास बाधित हो रहा है। प्रधानमंत्री के इस बयान पर पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि बीते 15 वर्षों में टीएमसी ने बंगाल को “लूटा” है। उन्होंने कहा कि पार्टी न तो गरीबी पर बात करती है और न ही बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दों पर। सिंह ने कहा, “प्रधानमंत्री ने जो कहा है, वह बिल्कुल सही है—सबका साथ, सबका विकास और जिसने लूटा है, उसका हिसाब होगा।” गिरिराज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि टीएमसी से जुड़े लोग मतदाताओं को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “सरकार भाजपा की बनने जा रही है और जो भी गुंडागर्दी करेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा।” साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे अपनी सीट बचाने में भी सफल नहीं होंगी। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में कराया जाएगा—पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026 को होगा। मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी। बंगाल की सियासत में जारी इस तीखी जुबानी जंग ने चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है। आने वाले दिनों में प्रचार और बयानबाजी के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

  • बंगाल चुनाव से पहले पुलिस में बड़ा फेरबदल

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चुनावी निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। आयोग ने 81 पुलिस इंस्पेक्टर और 68 सब-इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से चुनाव ड्यूटी से हटा दिया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। आयोग की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि हटाए गए अधिकारी अब किसी भी रूप में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कार्यों में शामिल नहीं रहेंगे। साथ ही संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इन अधिकारियों से लिखित आश्वासन लिया जाए कि वे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई की जद में कई महत्वपूर्ण जिले आए हैं, जिनमें कूचबिहार, अलीपुरद्वार, सिलीगुड़ी, बारासात, बैरकपुर, आसनसोल-दुर्गापुर, पुरुलिया और मालदा सहित अन्य जिले शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में चुनावी दृष्टि से संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में सुप्रतिम सरकार, जो कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त रह चुके हैं, को भी राहत नहीं दी गई है। उन्हें चुनावी पर्यवेक्षक के रूप में तमिलनाडु भेजने का निर्णय बरकरार रखा गया है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस जिम्मेदारी से छूट की मांग की थी, लेकिन आयोग ने इसे अस्वीकार कर दिया। आयोग की अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि हटाए गए इंस्पेक्टरों को नई जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और उन्हें शुक्रवार शाम पांच बजे तक अपने नए पदों का कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इस त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की निष्पक्षता पर सवाल न उठे, यह सुनिश्चित करना है। राज्य में 294 विधानसभा सीटों पर 23 और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में मतदान प्रस्तावित है। चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रशासनिक नियंत्रण आयोग के हाथों में आ चुका है, जिसके तहत लगातार बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई जनसभाओं में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे पक्षपातपूर्ण करार दिया है। विशेष रूप से सुप्रतिम सरकार की तैनाती को लेकर भी उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई है। चुनाव से पहले इस तरह के बड़े प्रशासनिक फेरबदल ने राज्य की सियासत को और गरमा दिया है। अब देखना होगा कि आयोग के इन सख्त कदमों का चुनावी माहौल और मतदाताओं के विश्वास पर क्या असर पड़ता है।

  • असम मतदान से पहले कांग्रेस प्रत्याशी का इस्तीफा, मामला दर्ज

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) उदलगुड़ी (असम)। विधानसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर सामने आया है। उदलगुड़ी सीट से कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार सुरेन दैमरी ने अचानक पार्टी से इस्तीफा देकर अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। इस अप्रत्याशित कदम से कांग्रेस में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद पार्टी ने इसे गंभीर मामला मानते हुए दैमरी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में सुरेन दैमरी पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि दैमरी ने न केवल पार्टी का टिकट स्वीकार किया और चुनाव आयोग के नियमों के तहत नामांकन दाखिल किया, बल्कि कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर सक्रिय रूप से प्रचार भी किया। इसके बावजूद मतदान से महज कुछ घंटे पहले उनका इस्तीफा देना संदेहास्पद और अनुशासनहीनता का गंभीर मामला है। कांग्रेस ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि चुनाव प्रचार और पार्टी गतिविधियों के लिए दैमरी के बैंक खाते में करीब 30 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी। ऐसे में पार्टी का आरोप है कि उम्मीदवार ने न केवल संगठन के विश्वास को ठेस पहुंचाई, बल्कि पार्टी फंड का दुरुपयोग भी किया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि दैमरी ने कथित तौर पर किसी उपद्रवी समूह के उकसावे में आकर पार्टी के खिलाफ भ्रामक प्रचार किया और अचानक इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। पार्टी का कहना है कि इस कदम से कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचा है और चुनावी प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। वहीं, सुरेन दैमरी ने अपने फैसले का ठीकरा कांग्रेस नेतृत्व पर फोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उनके साथ धोखा किया और टिकट देने के बाद भी उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला। दैमरी के अनुसार, उन्होंने कई बार पार्टी नेताओं से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी कॉल तक नहीं उठाई गई। जिला कांग्रेस कमेटी से भी उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, जिससे वे आहत हुए। फिलहाल, इस पूरे मामले ने चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इसका चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।

  • बंगाल वोटर लिस्ट विवाद पर सीपीएम का हमला

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का विवाद अब गहराता जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के बाद अब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) भी खुलकर मैदान में उतर आई है। पार्टी के महासचिव एमए बेबी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूरी प्रक्रिया को लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट बताया है। 90 लाख नाम हटने का आरोप, निष्पक्षता पर सवाल सीपीएम ने अपने पत्र में दावा किया है कि राज्य में 90 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 12 प्रतिशत है। पार्टी का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हो सकता, बल्कि यह चुनावी निष्पक्षता पर सीधा प्रश्नचिह्न है। ‘एल्गोरिदम’ पर सवाल, जमीनी जांच की मांग सीपीएम ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची संशोधन में पारदर्शिता का अभाव है। पार्टी के अनुसार— नाम हटाने के लिए जमीनी सत्यापन के बजाय ‘एल्गोरिदम’ का सहारा लिया गया। मतदाताओं को ‘संदिग्ध’ मानकर खुद को सही साबित करने का बोझ उन्हीं पर डाल दिया गया। शिकायत निवारण तंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा है, जिससे आम जनता परेशान है। मानसिक आघात और मौत का दावा पत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि इस प्रक्रिया से लोगों को आर्थिक नुकसान, असुविधा और मानसिक तनाव झेलना पड़ा है। सीपीएम ने दावा किया कि दस्तावेजी प्रक्रिया के दबाव और नाम कटने के कारण कई लोगों की मौत तक हो गई। पार्टी ने इसे संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिले मतदान के अधिकार का उल्लंघन बताया है। आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग सीपीएम ने निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि किसी भी वास्तविक नागरिक का नाम मतदाता सूची से न हटे। पार्टी ने यह भी कहा कि चुनाव जैसे संवेदनशील समय में ऐसी गड़बड़ियां लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। गौरतलब है कि चुनाव आयोग पहले चरण के लिए मतदाता सूची को फ्रीज कर चुका है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी। ऐसे में यह विवाद आगामी चुनावी माहौल को और अधिक गरमा सकता है।

  • मलक्का पर नजर, भारत की नई समुद्री रणनीति

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली। वैश्विक समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति की राजनीति में एक नया मोड़ आने के संकेत मिल रहे हैं। जिस तरह में ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी सामरिक क्षमता का प्रदर्शन किया, उसी तर्ज पर अब भी एक बड़े और तकनीकी रूप से उन्नत मॉडल पर काम कर रहा है। इस रणनीति का केंद्र है —एक ऐसा समुद्री मार्ग जो की ऊर्जा और व्यापारिक जीवनरेखा माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होर्मुज जलडमरूमध्य से होता है, जहां ईरान ने सस्ते समुद्री माइंस, ड्रोन बोट, एंटी-शिप मिसाइल और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के जरिए बार-बार वैश्विक बाजार में अस्थिरता पैदा करने की क्षमता दिखाई है। इस रणनीति का मूल सिद्धांत है—पूरी तरह विनाश नहीं, बल्कि भय और अनिश्चितता का माहौल बनाना। मलक्का: चीन की ‘लाइफलाइन’ पर नजर इसी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए भारत अब मलक्का जलडमरूमध्य पर अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह मार्ग चीन के लगभग 80 प्रतिशत तेल आयात और बड़े हिस्से के व्यापार के लिए अहम है। भारत के पास के रूप में एक मजबूत भौगोलिक बढ़त है, जो मलक्का के पश्चिमी प्रवेश द्वार के बेहद करीब स्थित है। ‘नेकलेस ऑफ डायमंड्स’ रणनीति को बल भारत की ‘नेकलेस ऑफ डायमंड्स’ रणनीति पहले से ही हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए तैयार की गई है। अब को अत्याधुनिक सैन्य हब में तब्दील किया जा रहा है। यहां लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान, पनडुब्बियां, उन्नत रडार सिस्टम और तेज अटैक क्राफ्ट तैनात किए जा रहे हैं। पूरी नाकाबंदी नहीं, ‘सी डिनायल’ पर फोकस रणनीति का मुख्य उद्देश्य पूर्ण नाकाबंदी नहीं, बल्कि ‘सी डिनायल’ है—यानी समुद्री मार्ग को इतना जोखिमपूर्ण बना देना कि दुश्मन को वैकल्पिक और लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़े। इससे न केवल समय और लागत बढ़ेगी, बल्कि आर्थिक दबाव भी गहराएगा। ड्रोन तकनीक बनेगी गेम चेंजर इस नई रणनीति में ड्रोन तकनीक की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। भारत स्वदेशी स्तर पर हजारों ड्रोन विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है, जिनमें निगरानी, हमला और लॉजिस्टिक्स क्षमताएं शामिल होंगी। लंबी दूरी के एआई आधारित स्वार्म ड्रोन सामूहिक हमले कर सकते हैं, छोटे एफपीवी और कामिकाजे ड्रोन लगातार सस्ते और प्रभावी हमले संभव बनाते हैं, यूएसवी (अनमैन्ड सरफेस व्हीकल) और यूयूवी (अंडरवॉटर ड्रोन) समुद्री माइंस बिछाने और पनडुब्बियों की ट्रैकिंग में उपयोगी होंगे। ईरान से अलग, ज्यादा मजबूत मॉडल जहां ईरान सीमित संसाधनों के साथ यह रणनीति अपनाता है, वहीं भारत के पास मजबूत औद्योगिक आधार, तेजी से बढ़ता प्राइवेट ड्रोन सेक्टर, जैसी संस्थाओं का समर्थन और एक आधुनिक नौसेना की ताकत है। इससे भारत लंबे समय तक बड़े पैमाने पर ऑपरेशन संचालित करने में सक्षम हो सकता है। चीन के लिए बढ़ सकती हैं चुनौतियां विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में कोई सैन्य टकराव होता है, तो भारत को हर जहाज को निशाना बनाने की जरूरत नहीं होगी। कुछ सीमित हमले, माइंस या नेविगेशन में बाधा ही शिपिंग कंपनियों के लिए जोखिम बढ़ाने के लिए पर्याप्त होंगे। इससे बीमा लागत में वृद्धि, व्यापार में देरी और चीन पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। ईरान द्वारा प्रदर्शित ‘चोकपॉइंट रणनीति’ अब वैश्विक सामरिक सोच का हिस्सा बनती दिख रही है। भारत यदि इसे बड़े और हाई-टेक स्तर पर लागू करता है, तो हिंद महासागर क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदल सकता है और मलक्का जलडमरूमध्य चीन की सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरी बन सकता है।

  • बेंगलूरु में गूंजा नवकार मंत्र का वैश्विक स्वर

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। विश्व शांति, अहिंसा और वैश्विक सद्भावना के संदेश के साथ गुरुवार को “विश्व नवकार महामंत्र दिवस” के अवसर पर बेंगलूरु में भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन हुआ। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने आध्यात्मिक एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ नवकार महामंत्र का जाप कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य आयोजन बेंगलूरु के फ्रीडम पार्क में परम पूज्य आचार्य श्री एमरसन सुरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य श्री चन्द्रयशसुरीश्वरजी म.सा. के सान्निध्य में संपन्न हुआ। प्रातः 6:30 बजे शुरू हुए इस आयोजन में सुबह 9:00 बजे से 9:27 बजे तक सामूहिक नवकार मंत्र जाप हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में मंत्रोच्चार कर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। इस अवसर पर कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में न्यायिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियों—अपर सिविल न्यायाधीश पद्मजी प्रसाद, वरिष्ठ अधिवक्ता पी.पी. हेगड़े, कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एम.आई. अरुण, लोकायुक्त न्यायाधीश सुभावीर तथा राज्य सरकार के मंत्री मनोज जैन—ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। विशेष बात यह रही कि भारत के माननीय गृहमंत्री अमित शाह भी इस आयोजन से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और इस पहल की सराहना की। उनके जुड़ने से आयोजन का महत्व और भी बढ़ गया। मुंबई के प्रसिद्ध कलाकार पारस गड़ा एवं जैनम वर्या की संगीतमय प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके मधुर स्वर में नवकार मंत्र की प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही विभिन्न जैन पंथों के आचार्य, संत एवं साधु-साध्वीवृंद ने नवकार मंत्र की महिमा पर प्रकाश डालते हुए जीवन में इसके आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया। यह आयोजन वैश्विक स्तर पर भी ऐतिहासिक रहा, जिसमें विश्व के 108 देशों में एक ही दिन और एक ही समय पर नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया गया। बेंगलूरु में ही लगभग 70 से अधिक स्थानों पर समानांतर कार्यक्रम आयोजित हुए, जबकि कुल मिलाकर 450 से अधिक जैन संस्थाओं की सहभागिता रही। जीतो बेंगलूरु नॉर्थ के चेयरमैन विमल कटारिया ने इसे अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि “इस प्रकार का सामूहिक मंत्र जाप संपूर्ण मानवता के लिए शांति और एकता का संदेश देता है।” वहीं जीतो बेंगलूरु साउथ के चेयरमैन रणजीत सोलंकी ने सभी संप्रदायों के संतों के एक मंच पर आने को आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जैन समाज की एकता, उसकी बौद्धिक एवं प्रशासनिक क्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक न्यायाधीश, आईएएस, आईपीएस एवं अन्य उच्च पदों पर कार्यरत व्यक्तित्व मौजूद हैं, जिन्हें एक मंच पर लाने का कार्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से संभव हुआ है। नॉर्थ चैप्टर के महामंत्री विजय सिंघवी एवं साउथ चैप्टर के महामंत्री नितिन लूनिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। आयोजन को सफल बनाने में साउथ के कन्वेनर महेंद्र रांका,को कन्वेनर महावीर दंतेवाडिया, नॉर्थ के कन्वेनर प्रवीण कुमार चौहान को कन्वेनर सुनील लोढ़ा सहित अनेक कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जहां चारों ओर अशांति का माहौल व्याप्त है, वहीं नवकार मंत्र जाप मानसिक शांति, सकारात्मकता और आत्मिक संतुलन का सशक्त माध्यम है। यह मंत्र न केवल व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन लाता है, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और सद्भाव को भी सुदृढ़ करता है। सभी श्रद्धालुओं ने शांतभाव और अनुशासन के साथ सहभागिता निभाते हुए जैन धर्म की एकता, श्रद्धा और भक्ति का प्रेरणादायक संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रातः 9:30 बजे से बेंगलूरु के फ्रीडम पार्क में अल्पाहार की सुव्यवस्थित व्यवस्था भी की गई। इस भव्य आयोजन ने न केवल जैन समाज की धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि पूरे विश्व में शांति, सहिष्णुता और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश भी प्रसारित किया। हजारों लोगों की सहभागिता से सजी यह अलौकिक साधना बेंगलूरु के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय बन गई।

  • नवकार मंत्र जाप से गूंजा शिवमोग्गा, विश्व शांति का संदेश

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) शिवमोग्गा। विश्व शांति और वैश्विक सद्भावना के उद्देश्य से जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) लेडीज विंग शिवमोग्गा द्वारा “विश्व नवकार कल्याण दिवस” के पावन अवसर पर भव्य नवकार महामंत्र जाप का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम 9 अप्रैल 2026 को प्रातः 8:00 बजे महावीर जैन भवन के द्वितीय तल पर आयोजित हुआ, जहां पुरुषों, महिलाओं एवं बच्चों ने निर्धारित ड्रेस कोड में उपस्थित होकर सामूहिक नवकार मंत्र जाप में भाग लिया। मंत्रोच्चार की मधुर ध्वनि से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। विशेष बात यह रही कि भारत के माननीय गृहमंत्री अमित शाह भी इस आयोजन से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और इस पहल की सराहना की। उनके जुड़ने से आयोजन का महत्व और भी बढ़ गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जहां चारों ओर अशांति का माहौल व्याप्त है, वहीं नवकार मंत्र जाप मानसिक शांति, सकारात्मकता और आत्मिक संतुलन का सशक्त माध्यम है। यह मंत्र न केवल व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन लाता है, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और सद्भाव को भी सुदृढ़ करता है। सभी श्रद्धालुओं ने शांतभाव और अनुशासन के साथ सहभागिता निभाते हुए जैन धर्म की एकता, श्रद्धा और भक्ति का प्रेरणादायक संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रातः 9:30 बजे से महावीर जैन भवन में अल्पाहार की सुव्यवस्थित व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम के सफल संचालन में जीतो लेडीज विंग की हेमलता कोठारी एवं संतोष पालरेषा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन में जैन समाज के भाई-बहनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और विश्व शांति के इस जनकल्याणकारी अभियान के साक्षी बने। प्रेषक: शांतिलाल साकरिया, शिवमोग्गा

  • चौरडिया परिवार की धर्मसेवा, मुमुक्षु कविताजी के परिवार ने समर्पित किया अनुज्ञा पत्र

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। जैन समाज में आध्यात्मिक साधना एवं त्याग की प्रेरणादायक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चौरडिया परिवार ने एक गौरवपूर्ण पहल की है। जिनशासन गौरव, आगमज्ञ एवं प्रवचन प्रभाकर परमश्रद्धेय आचार्य भगवन्त 1008 श्री हीराचन्द्रजी म.सा. तथा भावी आचार्यप्रवर श्री महेन्द्रमुनि जी म.सा. के पावन सान्निध्य में व्याख्यात्री महासती श्री भाग्यप्रभा जी म.सा. की सेवा में अध्ययनरत मुमुक्षु बहिन श्रीमती कविताजी चौरडिया ने अपना अनुज्ञा पत्र समर्पित किया। उल्लेखनीय है कि श्रीमती कविताजी चौरडिया, जोधपुर के सुश्रावक स्वर्गीय श्री कनकमलसा चौरडिया परिवार की पौत्रवधु एवं श्री राजेन्द्रजी चौरडिया की धर्मपत्नी हैं, वर्तमान में बेंगलूरु निवासी हैं। उनके इस आध्यात्मिक संकल्प को परिवारजनों ने पूर्ण समर्थन देते हुए सामूहिक रूप से अनुज्ञा पत्र समर्पित किया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। इस अवसर पर श्रीमति भीखीबाई पूनमचंदजी लूनावत जैन स्थानक शांतिनगर संघ की ओर से संपूर्ण चौरडिया परिवार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए उनके इस त्याग, समर्पण और धर्मनिष्ठा की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई। वक्ताओं ने कहा कि सांसारिक सुखों का त्याग कर धर्ममार्ग की ओर अग्रसर होना अत्यंत कठिन, किंतु सर्वोच्च साधना का मार्ग है, जिसे अपनाकर मुमुक्षु कविताजी ने समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इधर, लूणावत परिवार (लूनी-बेंगलूरु) के लिए भी यह अत्यंत गर्व का विषय बताया गया है। पारिवारिक संबंधों के दृष्टिकोण से इस उपलब्धि को विशेष महत्व देते हुए परिवारजनों ने कहा कि यह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज के लिए गौरव का क्षण है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों—बेंगलूरु, चेन्नई और जोधपुर—से जुड़े श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर चौरडिया परिवार को बधाई देते हुए अनुमोदना व्यक्त की और मुमुक्षु कविताजी के उज्ज्वल आध्यात्मिक भविष्य की मंगलकामनाएं कीं। उपरोक्त जानकारी श्री मरुधरा जैन संघ के अध्यक्ष एवं प्रवासी राजस्थानी कर्नाटका संघ के महामंत्री डॉ. जवरीलाल लूणावत ने दी।

  • प्रवासी समाज से विधायक भूमिनाथन की वोट अपील

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) मदुराई (तमिलनाडु)। विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मरूमलार्चि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) गठबंधन के प्रत्याशी एवं वर्तमान विधायक भूमिनाथन ने जनसंपर्क अभियान के तहत मदुराई के मन्जनकारा स्ट्रीट स्थित श्रावक संघ एवं प्रवासी समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों से भेंट कर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। विधायक भूमिनाथन ने प्रवासी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सभी वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी है और आगे भी जनसेवा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में पुनः प्रतिनिधित्व का अवसर देने के लिए आशीर्वाद स्वरूप वोट देने की अपील की। साथ ही आश्वस्त किया कि प्रवासी समाज से जुड़े किसी भी कार्य को वे प्राथमिकता के साथ पूरा करेंगे तथा लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का हरसंभव प्रयास करेंगे। इस अवसर पर श्रावक संघ के अध्यक्ष विजयराज श्रीश्रीमाल एवं मंत्री शांतिलाल गुलेच्छा सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने विधायक का शॉल एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया। कार्यक्रम में राजस्थानी प्रवासी समाज की ओर से भागचंद बाफना, दिलीप हरण, पारसमल चौपड़ा, धनराज चौपड़ा, पृथ्वीराज संखलेचा, रतनलाल चौपड़ा, गणपत प्रजापत, चंदनसिंह, चेनाराम, हेमाराम, विकाश जैन, दिनेश जैन, आशीष जैन, इस दौरान महल एरिया काउंसलर मुबारक मंत्री पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी उपस्थित रहकर विधायक के प्रति समर्थन व्यक्त किया। जनसंपर्क के दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में प्रवासी समाज के लोगों ने भागीदारी निभाई। विधायक भूमिनाथन का यह दौरा चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे गठबंधन को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है। मदुरै प्रवासी समाज प्रवक्ता दिनेश सालेचा ने जानकारी दी।

  • चेडा में कन्या महाविद्यालय भवन लोकार्पण का भव्य आमंत्रण, समाजजनों से सहभागिता की अपील

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) चेन्नई। चेडा धाम मे आयोजित होने वाले भव्य धार्मिक एवं शैक्षणिक समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 28 से 30 अप्रैल 2026 तक श्री राजेश्वर भगवान, अन्नपूर्णा माता एवं आंजणी माता धाम, नया चेण्डा (पाली) में कन्या महाविद्यालय भवन के लोकार्पण एवं कन्या गुरुकुल स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन के निमंत्रण हेतु चेण्डा धाम से वागाराम हारणी एवं पोकरराम मालवी 9 अप्रैल 2026 को प्रातः 9:30 बजे चेन्नई पहुंचे। यहां साहूकारपेट स्थित श्री राजेश्वर मंदिर एवं समाज भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर समाज बंधुओं को आमंत्रण पत्रिका सौंपी। कार्यक्रम में चौधरी आंजणा कलबी समाज चेन्नई के अध्यक्ष तगाराम, चेन्नई ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं समाज के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने श्री गुरुदेव के दर्शन कर आयोजन की सफलता के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर समाजजनों को संबोधित करते हुए आयोजकों ने अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को भव्य एवं सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। समारोह में पधारे अतिथियों का समाज द्वारा गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया गया। अंत में आयोजकों ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आयोजन में समय पर उपस्थित रहने का आग्रह किया। चौधरी आंजणा कलबी समाज चेन्नई ने सभी समाज बंधुओं को “जय राजेश्वर” के साथ इस पावन अवसर पर सहभागी बनने का निमंत्रण दिया। उपरोक्त जानकारी दिनेश जी कराड़ ने दी।

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