top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

बेंगलूरु में गूंजा नवकार मंत्र का वैश्विक स्वर

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 4 days ago
  • 3 min read

भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलूरु। विश्व शांति, अहिंसा और वैश्विक सद्भावना के संदेश के साथ गुरुवार को “विश्व नवकार महामंत्र दिवस” के अवसर पर बेंगलूरु में भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन हुआ। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने आध्यात्मिक एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ नवकार महामंत्र का जाप कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।


कार्यक्रम का मुख्य आयोजन बेंगलूरु के फ्रीडम पार्क में परम पूज्य आचार्य श्री एमरसन सुरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य श्री चन्द्रयशसुरीश्वरजी म.सा. के सान्निध्य में संपन्न हुआ। प्रातः 6:30 बजे शुरू हुए इस आयोजन में सुबह 9:00 बजे से 9:27 बजे तक सामूहिक नवकार मंत्र जाप हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में मंत्रोच्चार कर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।


इस अवसर पर कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में न्यायिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियों—अपर सिविल न्यायाधीश पद्मजी प्रसाद, वरिष्ठ अधिवक्ता पी.पी. हेगड़े, कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एम.आई. अरुण, लोकायुक्त न्यायाधीश सुभावीर तथा राज्य सरकार के मंत्री मनोज जैन—ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। विशेष बात यह रही कि भारत के माननीय गृहमंत्री अमित शाह भी इस आयोजन से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और इस पहल की सराहना की। उनके जुड़ने से आयोजन का महत्व और भी बढ़ गया।


मुंबई के प्रसिद्ध कलाकार पारस गड़ा एवं जैनम वर्या की संगीतमय प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके मधुर स्वर में नवकार मंत्र की प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही विभिन्न जैन पंथों के आचार्य, संत एवं साधु-साध्वीवृंद ने नवकार मंत्र की महिमा पर प्रकाश डालते हुए जीवन में इसके आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया।


यह आयोजन वैश्विक स्तर पर भी ऐतिहासिक रहा, जिसमें विश्व के 108 देशों में एक ही दिन और एक ही समय पर नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया गया। बेंगलूरु में ही लगभग 70 से अधिक स्थानों पर समानांतर कार्यक्रम आयोजित हुए, जबकि कुल मिलाकर 450 से अधिक जैन संस्थाओं की सहभागिता रही।


जीतो बेंगलूरु नॉर्थ के चेयरमैन विमल कटारिया ने इसे अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि “इस प्रकार का सामूहिक मंत्र जाप संपूर्ण मानवता के लिए शांति और एकता का संदेश देता है।” वहीं जीतो बेंगलूरु साउथ के चेयरमैन रणजीत सोलंकी ने सभी संप्रदायों के संतों के एक मंच पर आने को आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।


कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जैन समाज की एकता, उसकी बौद्धिक एवं प्रशासनिक क्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक न्यायाधीश, आईएएस, आईपीएस एवं अन्य उच्च पदों पर कार्यरत व्यक्तित्व मौजूद हैं, जिन्हें एक मंच पर लाने का कार्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से संभव हुआ है।


नॉर्थ चैप्टर के महामंत्री विजय सिंघवी एवं साउथ चैप्टर के महामंत्री नितिन लूनिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। आयोजन को सफल बनाने में साउथ के कन्वेनर महेंद्र रांका,को कन्वेनर महावीर दंतेवाडिया, नॉर्थ के कन्वेनर प्रवीण कुमार चौहान को कन्वेनर सुनील लोढ़ा सहित अनेक कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।


इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जहां चारों ओर अशांति का माहौल व्याप्त है, वहीं नवकार मंत्र जाप मानसिक शांति, सकारात्मकता और आत्मिक संतुलन का सशक्त माध्यम है। यह मंत्र न केवल व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन लाता है, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और सद्भाव को भी सुदृढ़ करता है।


सभी श्रद्धालुओं ने शांतभाव और अनुशासन के साथ सहभागिता निभाते हुए जैन धर्म की एकता, श्रद्धा और भक्ति का प्रेरणादायक संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रातः 9:30 बजे से बेंगलूरु के फ्रीडम पार्क में अल्पाहार की सुव्यवस्थित व्यवस्था भी की गई।


इस भव्य आयोजन ने न केवल जैन समाज की धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि पूरे विश्व में शांति, सहिष्णुता और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश भी प्रसारित किया। हजारों लोगों की सहभागिता से सजी यह अलौकिक साधना बेंगलूरु के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय बन गई।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page