असम में शांतिपूर्ण मतदान, सीएम सरमा ने जताया भरोसा
- धन्ना राम चौधरी

- 10 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
गुवाहाटी। हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुए शांतिपूर्ण और व्यापक मतदान पर संतोष जताते हुए कहा कि इस बार का मतदान रुझान अभूतपूर्व रहा है और इससे परिणामों का अंदाजा लगाया जा सकता है। असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ। संवेदनशील माने जाने वाले इस राज्य में सिंगल फेज में चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था, लेकिन पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मुख्यमंत्री सरमा ने इसके लिए जनता, भारत निर्वाचन आयोग, प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
सीएम सरमा ने मतदान प्रतिशत के विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा कि इस बार स्थानीय असमिया मतदाताओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। उनके अनुसार, जहां पहले स्थानीय मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 75-76 के आसपास रहता था, वहीं इस बार यह बढ़कर करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय मतदाताओं का झुकाव बड़ी संख्या में भाजपा की ओर रहा है, जिससे चुनावी परिणामों पर स्पष्ट प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले मुस्लिम समुदाय, विशेषकर युवाओं और महिलाओं के बीच भी भाजपा के प्रति कुछ हद तक रुझान देखने को मिला है, हालांकि इन क्षेत्रों में सीटों में बढ़त को लेकर उन्होंने सतर्क टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के आधार पर ही आकलन किया जा सकता है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान फर्जी दस्तावेज और फोटोशॉप सामग्री के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने समय रहते तथ्यों की जांच कर इन प्रयासों को “एक्सपोज” किया।
सरमा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश मानी जानी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी, जिसमें पार्टी के पंजीकरण तक रद्द करने की सिफारिश शामिल हो सकती है।
कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने कथित तौर पर गलत दस्तावेज प्रसारित किए, उन्हें इसका स्रोत स्पष्ट करना होगा और कानून का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को गंभीर अपराध माना जाएगा। आगे की रणनीति पर बोलते हुए सरमा ने कहा कि सरकार गठन के बाद घोषणापत्र में किए गए सभी वादों को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। साथ ही उन्होंने अवैध घुसपैठ को भी एक बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि इस दिशा में सख्त कदम उठाए जाएंगे। असम में हुए इस शांतिपूर्ण और उच्च मतदान प्रतिशत ने राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं। अब सभी की नजरें आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
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