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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • जोधपुर में 1.85 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा: बैंक कर्मचारी सहित चार आरोपी गिरफ्तार, मोटर मैकेनिक निकला मास्टरमाइंड

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें साइबर थाना पुलिस ने रिटायर्ड प्रिंसिपल से 1 करोड़ 85 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पाल रोड शाखा का एक संविदा कर्मचारी भी शामिल है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस के अनुसार यह ठगी एक संगठित साइबर नेटवर्क के माध्यम से की गई थी, जिसमें तकनीकी और बैंकिंग प्रणाली की जानकारी का इस्तेमाल कर पीड़ित से बड़ी रकम हड़पी गई। जांच में सामने आया कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड एक मोटर मैकेनिक है, जो अलग-अलग लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें ठगी की रकम ट्रांसफर करवाता था। बैंक खातों के जरिए रकम की हेराफेरी साइबर थाना अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने कई बैंक खातों का इस्तेमाल करते हुए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया, जिससे पैसे के स्रोत को ट्रैक करना मुश्किल हो सके। गिरोह के सदस्य बैंकिंग प्रक्रियाओं और डिजिटल ट्रांजेक्शन की अच्छी जानकारी रखते थे, जिसके चलते उन्होंने योजना बनाकर इस अपराध को अंजाम दिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बैंक के संविदा कर्मचारी ने अंदरूनी जानकारी और प्रक्रियाओं का फायदा उठाकर गिरोह की मदद की। पुलिस का मानना है कि इस अंदरूनी सहयोग के कारण ही आरोपी इतनी बड़ी ठगी को अंजाम देने में सफल हुए। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और ठगी में इस्तेमाल किए गए डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए हैं। इन उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके। साइबर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने देश के अन्य राज्यों में भी इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं। साइबर सुरक्षा को लेकर चेतावनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है। आजकल साइबर अपराधी तकनीकी जानकारी और वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर बड़ी ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में बैंक खातों की निगरानी, डिजिटल सुरक्षा और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच को और मजबूत करना जरूरी हो गया है। पुलिस की अपील जोधपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों और ऑनलाइन लेन-देन के मामले में सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल, ईमेल या मैसेज पर भरोसा न करें और ओटीपी, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। पुलिस ने यह भी कहा कि यदि किसी को ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध लेन-देन का पता चलता है तो तुरंत अपने बैंक और साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने और अपराधियों को पकड़ने में मदद मिल सकती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई से जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और तेजी से की जा रही है ताकि सभी दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जा सके।

  • मरुस्थल में दर्दनाक हादसा: जैसलमेर में ट्रेन की चपेट में आए आधा दर्जन ऊंट, पटरियों पर बिखरे शव; पशुपालकों में रोष

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) जैसलमेर। राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में राज्य के राजकीय पशु ऊंटों पर संकट के बादल लगातार गहराते जा रहे हैं। एक ओर जहां ऊंटों की घटती संख्या को लेकर अदालतों और विशेषज्ञों द्वारा चिंता जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर जैसलमेर जिले के लाठी क्षेत्र से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पशुपालकों और ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार जैसलमेर जिले के लाठी इलाके में श्री भदरिया-लाठी रेलवे स्टेशन के पास सोमवार को तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से करीब आधा दर्जन ऊंटों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। पटरियों को पार करते समय हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऊंटों का एक झुंड रेलवे ट्रैक को पार कर रहा था। उसी दौरान अचानक तेज रफ्तार ट्रेन वहां से गुजर गई। ट्रेन की गति इतनी तेज थी कि ऊंटों को संभलने या हटने का मौका तक नहीं मिल पाया और वे सीधे उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई ऊंटों के शव पटरियों के आसपास दूर-दूर तक बिखर गए। घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह था। स्थानीय ग्रामीणों और पशुपालकों ने जब यह मंजर देखा तो कई लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों में आक्रोश, मौके पर जुटी भीड़ घटना की खबर आसपास के गांवों में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। समाजसेवी मुकेश भील के नेतृत्व में पशुपालकों ने इस घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि इस रेलवे मार्ग पर पहले भी कई बार मूक पशु ट्रेन की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। प्रशासन को दी सूचना, मुआवजे की मांग घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और हालात का जायजा लिया। पशुपालकों ने मांग की है कि मृत ऊंटों का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाए और जिन पशुपालकों के ऊंट मारे गए हैं उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। सुरक्षा इंतजाम की उठी मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि मरुस्थलीय क्षेत्रों में अक्सर पशु खुले में विचरण करते हैं और कई बार रेलवे ट्रैक पार करते समय ऐसे हादसे हो जाते हैं। ग्रामीणों ने रेलवे विभाग से मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में पटरियों के किनारे मजबूत फेंसिंग की जाए या फिर ट्रेन की गति को नियंत्रित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से मूक पशुओं की जान बचाई जा सके। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर मरुस्थल के जीवन से जुड़े ऊंटों की सुरक्षा और संरक्षण के मुद्दे को गंभीरता से सामने ला दिया है।

  • राज्यसभा चुनाव से पहले ‘वोट खरीद’ का आरोप, डीके शिवकुमार का भाजपा पर हमला; 5 करोड़ में क्रॉस वोटिंग की कोशिश का दावा

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले सियासी माहौल गर्म हो गया है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को क्रॉस वोटिंग कराने के लिए भारी रकम की पेशकश की गई। उनके अनुसार, प्रत्येक विधायक को करीब 5 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह घटना कर्नाटक के बिदादी क्षेत्र में सामने आई, जहां ओडिशा के कांग्रेस विधायक राज्यसभा चुनाव से पहले एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे। रिसॉर्ट में विधायकों से संपर्क की कोशिश उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ओडिशा के कांग्रेस विधायक बिदादी स्थित एक निजी रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे। इसी दौरान चार अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे और विधायकों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से विधायकों तक पहुंच बनाने का प्रयास किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पहले ऑनलाइन माध्यम से संपर्क साधने की कोशिश की गई और बाद में व्यक्तिगत मुलाकात का प्रयास किया गया। हर वोट के बदले 5 करोड़ रुपये की पेशक श शिवकुमार ने आरोप लगाया कि विधायकों को राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बदले प्रति विधायक 5 करोड़ रुपये देने की पेशकश की गई। हालांकि, संबंधित कांग्रेस विधायकों ने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया और इसकी जानकारी पार्टी नेतृत्व को दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक सिद्धांतों की राजनीति में विश्वास रखते हैं और इस तरह की खरीद-फरोख्त में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। शिवकुमार ने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम की सूचना मिलते ही पुलिस को सतर्क किया गया। पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस को कुछ दस्तावेज और चेक भी मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी और जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिवकुमार के मुताबिक, पकड़े गए लोगों ने प्रारंभिक पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे विधायकों से इसी उद्देश्य से मिलने पहुंचे थे। भाजपा पर ‘ऑपरेशन लोटस’ का आरोप शिवकुमार ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के कथित ‘ऑपरेशन लोटस’ से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के विधायकों को अपने पक्ष में करने के लिए इस तरह की कोशिशें पहले भी कई राज्यों में की गई हैं। कांग्रेस लंबे समय से भाजपा पर यह आरोप लगाती रही है कि वह विपक्षी दलों के विधायकों को अपने पक्ष में लाकर सरकारों को अस्थिर करने की रणनीति अपनाती है। आंतरिक मतभेदों से किया इनकार इस दौरान जब दावणगेरे में टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चा पर सवाल किया गया, तो शिवकुमार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में किसी प्रकार का विवाद नहीं है और सभी नेता व कार्यकर्ता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्णयों का सम्मान करते हैं। मतदान के लिए भुवनेश्वर जाएंगे विधायक सूत्रों के अनुसार, ओडिशा के कांग्रेस विधायक रविवार रात भुवनेश्वर के लिए रवाना होंगे, जहां वे सोमवार को होने वाले राज्यसभा चुनाव में मतदान करेंगे। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि भाजपा द्वारा चुनाव में एक अतिरिक्त उम्मीदवार उतारे जाने के बाद चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं। इसी कारण विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंकाएं भी तेज हो गई हैं। ओडिशा में राज्यसभा की इस सीट के लिए कांग्रेस और बीजू जनता दल ने एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतारा है, जिससे मुकाबला कड़ा माना जा रहा है।

  • राज्यसभा चुनाव आज: बिहार, ओडिशा और हरियाणा में कांटे की टक्कर, 26 नेता निर्विरोध चुने गए

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए सोमवार को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम तक जारी रहेगा और इसके बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। इस बार सात राज्यों में हुए चुनावों में कुल 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि बिहार, ओडिशा और हरियाणा में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इन तीन राज्यों में विधायकों की संख्या और संभावित क्रॉस वोटिंग के कारण चुनावी गणित काफी उलझा हुआ नजर आ रहा है। निर्विरोध चुने गए नेताओं में कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें वरिष्ठ नेता शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, दिग्गज सांसद एम. थंबीदुरई, भाजपा नेता विनोद तावड़े और तृणमूल कांग्रेस के नेता बाबुल सुप्रियो जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। हालांकि शेष सीटों के लिए बिहार, ओडिशा और हरियाणा में सियासी मुकाबला रोमांचक होता जा रहा है। बिहार में पांचवीं सीट पर कांटे की टक्कर बिहार में राज्यसभा की पांचवीं सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है। यहां सत्तारूढ़ एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, भाजपा नेता नितिन नबीन और शिवम कुमार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। लेकिन पांचवीं सीट पर एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा और महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार एडी सिंह के बीच कड़ा मुकाबला है। विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार महागठबंधन के पास करीब 35 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 41 वोटों की जरूरत है। ऐसे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के पांच विधायकों ने महागठबंधन को समर्थन देने की घोषणा की है। साथ ही बहुजन समाज पार्टी के विधायक का समर्थन भी महागठबंधन को मिल सकता है। वहीं एनडीए को अपने उम्मीदवार की जीत के लिए विपक्षी खेमे से कम से कम तीन वोटों की जरूरत पड़ेगी। इसी कारण दोनों पक्षों की नजर विपक्षी विधायकों पर टिकी हुई है। ओडिशा में भाजपा-बीजद के बीच रोचक समीकरण ओडिशा में भी राज्यसभा चुनाव का समीकरण दिलचस्प बना हुआ है। यहां 147 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 30 वोटों की जरूरत होती है। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलने से उसकी संख्या 82 हो जाती है। इस आधार पर भाजपा के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि तीसरी सीट के लिए उसे आठ अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी। दूसरी ओर बीजू जनता दल के पास 48 विधायक हैं, जिससे उसके एक उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित है। यदि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 14 विधायक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का एक विधायक समर्थन देता है तो यह संख्या 33 तक पहुंच जाती है, जो जीत के लिए आवश्यक मतों से अधिक है। भाजपा समर्थित उम्मीदवार दिलीप रे को जीत हासिल करने के लिए विपक्षी दलों के कम से कम आठ विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए कांग्रेस और बीजद के कुछ विधायकों से संपर्क साधा जा रहा है। हरियाणा में निर्दलीय उम्मीदवार से बिगड़ा गणित हरियाणा में भी राज्यसभा चुनाव का समीकरण पेचीदा हो गया है। 90 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के पास 48 विधायक हैं। इंडियन नेशनल लोक दल के दो विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन से भाजपा की संख्या 53 हो जाती है। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता होती है। इस आधार पर भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत तय मानी जा रही है, जिसके बाद पार्टी के पास लगभग 22 वोट अतिरिक्त बचेंगे। दूसरी ओर कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और वह अपने उम्मीदवार करमवीर बोध को आसानी से जिताने की स्थिति में है। लेकिन भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के मैदान में उतरने से समीकरण बदल गया है। नांदल को जीत के लिए कम से कम नौ अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी, जो कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग के बिना संभव नहीं मानी जा रही। इसी आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने अपने अधिकांश विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें हिमाचल प्रदेश भेज दिया है। हालांकि कुछ वरिष्ठ नेता, जिनमें विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा भी शामिल हैं, राज्य में ही मौजूद हैं। चौंकाने वाले परिणामों की संभावना तीनों राज्यों में राजनीतिक दलों के बीच जारी जोड़-तोड़ और संभावित क्रॉस वोटिंग के कारण राज्यसभा चुनाव के परिणाम बेहद रोचक हो सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान के बाद कई अप्रत्याशित नतीजे सामने आ सकते हैं, जिससे राज्यसभा की राजनीतिक तस्वीर में बदलाव संभव है।

  • एससीबी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भीषण आग, 10 मरीजों की मौत, 5 गंभीर

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bharatarth.com) कटक। एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ट्रॉमा केयर आईसीयू में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में 10 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 5 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा सोमवार सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित ट्रॉमा केयर इमरजेंसी डिपार्टमेंट के आईसीयू में अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही आईसीयू और आसपास के वार्डों में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों व परिजनों में दहशत फैल गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार आग लगने की सूचना मिलते ही अस्पताल के फायर सेफ्टी विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल कर्मियों और अस्पताल स्टाफ ने मिलकर कई मरीजों को सुरक्षित वार्डों में शिफ्ट किया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मरीजों की मौत आईसीयू के अंदर दम घुटने से हुई, जबकि कुछ मरीजों ने दूसरे वार्ड में शिफ्ट किए जाने के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कई मरीज झुलस गए और 5 मरीजों की हालत अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है। घटना में अस्पताल के कुछ स्टाफ को भी चोटें आई हैं, हालांकि उनकी संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात की समीक्षा कर रहे हैं।

  • महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन बिल 2026: जबरन धर्मांतरण रोकने का प्रयास, किसी धर्म के खिलाफ नहीं – फडणवीस

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) मुंबई। देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन बिल, 2026 किसी भी विशेष धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य केवल जबरदस्ती, धोखाधड़ी और प्रलोभन के माध्यम से होने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाना है। उन्होंने सोमवार को विधानसभा में इस विधेयक को लेकर सरकार का पक्ष रखते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म को मानने, उसका पालन करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन यह स्वतंत्रता बल, दबाव या छल के जरिए किसी को धर्म बदलने के लिए मजबूर करने की अनुमति नहीं देती। ऐसे मामलों को रोकने के लिए यह कानून आवश्यक है। विधानसभा में यह विधेयक शुक्रवार को गृह (ग्रामीण) राज्य मंत्री पंकज भोयर द्वारा पेश किया गया था। सरकार का कहना है कि यह कानून उन गतिविधियों पर नियंत्रण लगाएगा, जिनमें लालच, धोखाधड़ी या बल प्रयोग के जरिए धर्म परिवर्तन कराया जाता है। फडणवीस ने यह भी बताया कि देश के कई राज्यों—जैसे ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और राजस्थान—में पहले से ही इस प्रकार के कानून लागू हैं और महाराष्ट्र ने भी इसी दिशा में कदम बढ़ाया है। कानून की प्रमुख बातें: जबरन, धोखाधड़ी या प्रलोभन के जरिए कराया गया धर्म परिवर्तन अवैध माना जाएगा। स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वालों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा और अधिकृत अधिकारियों को पूर्व सूचना देनी होगी। अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद ही धर्म परिवर्तन को मान्यता दी जाएगी। केवल धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से किए गए विवाह को न्यायालय द्वारा अमान्य घोषित किया जा सकता है। सख्त दंड का प्रावधान विधेयक में अवैध धर्मांतरण के दोषी पाए जाने पर सात वर्ष तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। महिलाओं, नाबालिगों तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों से जुड़े मामलों में और अधिक कठोर सजा का प्रस्ताव रखा गया है। पीड़ित व्यक्ति या उनके करीबी रिश्तेदार शिकायत दर्ज करा सकते हैं, वहीं कुछ मामलों में पुलिस को भी स्वतः कार्रवाई का अधिकार दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करना है, न कि किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए यह विधेयक जरूरी कदम है।

  • एलपीजी संकट पर ‘आप’ का हल्ला बोल: मोदी सरकार पर कुप्रबंधन के आरोप, देशभर में आंदोलन की चेतावनी

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) पंजाब। देशभर में एलपीजी की किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब में विधानसभा सत्र के दौरान आप विधायकों ने सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया और इसे "सरकारी कुप्रबंधन" का परिणाम बताया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आप के वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा संकट के लिए सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की विदेश नीति के कारण तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। धालीवाल ने कहा कि जब तक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कमी नहीं की जाती और गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक आम आदमी पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक लगातार संघर्ष जारी रखेगी। वहीं, पार्टी के कार्यकारी प्रधान अमन शेर सिंह शेरी कलसी ने भी केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री और प्रवक्ता वास्तविक स्थिति से अनजान हैं और एसी कमरों में बैठकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। कलसी ने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि देश के कई हिस्सों में लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर गैस सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई घरों में चूल्हे तक नहीं जल पा रहे हैं, जबकि शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं। आप नेताओं ने कहा कि महंगाई और गैस संकट ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो पार्टी देशभर में भाजपा नेताओं और मंत्रियों का घेराव करेगी और व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एलपीजी की बढ़ती कीमतें और सप्लाई से जुड़ी समस्याएं आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती हैं, जिस पर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रहा है।

  • बाल-बाल बची जानें: वडोदरा में बहुमंजिला इमारत की बालकनी ढही, फायर टीम ने रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित निकाला

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) वडोदरा। गुजरात के वडोदरा शहर में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब सोम तालाब इलाके में स्थित एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत की बालकनी अचानक भरभराकर गिर गई। घटना के समय इमारत में कई लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ ऊपरी मंजिलों पर फंस गए थे। हालांकि, समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू होने से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना अचानक हुई जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बालकनी गिरने से इमारत के भीतर जाने-आने का मुख्य रास्ता अवरुद्ध हो गया, जिससे लोग अंदर ही फंस गए थे। त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा घटना की सूचना मिलते ही वडोदरा अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएँ की टीम मौके पर पहुंची और युद्ध स्तर पर राहत अभियान शुरू किया। फायर ऑफिसर अमित चौधरी ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तुरंत रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि यह इमारत तीन मंजिला है और बाईं ओर सीढ़ियों के पास स्थित बालकनी का हिस्सा अचानक गिर गया था। टीम ने मलबे को हटाकर फंसे लोगों तक पहुंच बनाई और एक-एक कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी लोग सुरक्षित, एहतियातन इमारत खाली फायर विभाग की मुस्तैदी के चलते इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। एहतियात के तौर पर पूरी इमारत को खाली करा लिया गया है और आसपास के क्षेत्र को भी घेर लिया गया है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। जर्जर निर्माण पर उठे सवाल प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत का यह हिस्सा पहले से ही कमजोर हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। नगर निगम को भी घटना की सूचना दे दी गई है और विशेषज्ञों की टीम द्वारा इमारत की स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी की जांच की जा रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि इमारत पुरानी थी या निर्माण में किसी तरह की तकनीकी खामी रही है। समय रहते राहत कार्य शुरू होने और प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी इमारतों में रहने से पहले उनकी मजबूती की जांच अवश्य कराएं।

  • पाली में ईमानदारी की मिसाल: व्यापारी ने गेहूं के कट्टे से मिले 15 लाख के गहने कैसे लौटाए

    पाली की एक छोटी सी घटना ने पूरे इलाके में ईमानदारी की एक नई मिसाल कायम की है। एक व्यापारी को गेहूं के कट्टे में 15 लाख रुपये के गहने मिले, जिसे उसने बिना किसी स्वार्थ के तुरंत मालिक को लौटाकर समाज में अपनी सच्चाई और नैतिकता का परिचय दिया। यह कहानी न केवल ईमानदारी की महत्ता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सही रास्ता अपनाने से व्यक्ति की प्रतिष्ठा और सम्मान कैसे बढ़ता है। घटना का संक्षिप्त विवरण पाली के एक व्यापारी ने जब गेहूं के कट्टे को उठाया, तो उसे उसमें कुछ भारी और चमकदार वस्तुएं मिलीं। जांच करने पर पता चला कि ये गहने हैं, जिनकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई। व्यापारी ने बिना किसी देरी के स्थानीय पुलिस और संबंधित व्यक्ति को सूचित किया। इस कदम ने न केवल उसकी ईमानदारी को साबित किया, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश भी फैलाया। ईमानदारी का महत्व और सामाजिक प्रभाव यह घटना हमें याद दिलाती है कि ईमानदारी केवल एक नैतिक गुण नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और सम्मान की नींव है। जब कोई व्यक्ति अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर सही काम करता है, तो उसका प्रभाव पूरे समुदाय पर पड़ता है। पाली के इस व्यापारी ने यह दिखाया कि सही निर्णय लेने से न केवल व्यक्तिगत सम्मान बढ़ता है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव आते हैं। विश्वास का निर्माण जब लोग ईमानदारी के उदाहरण देखते हैं, तो उनमें भी सही काम करने की प्रेरणा बढ़ती है। इससे समाज में विश्वास की भावना मजबूत होती है। सकारात्मक उदाहरण इस व्यापारी की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो अक्सर छोटी-छोटी गलतियों में फंस जाते हैं। सामाजिक सम्मान ईमानदारी से काम करने वाले व्यक्ति को समाज में उच्च सम्मान मिलता है, जो दीर्घकालिक रूप से लाभकारी होता है। व्यापारी के कदम और उनकी सोच व्यापारी ने जो कदम उठाए, वे न केवल साहसिक थे, बल्कि सोच-समझकर लिए गए थे। उसने गहनों को अपने पास नहीं रखा, न ही किसी को छुपाया। उसने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दी और गहने वापस करने की प्रक्रिया शुरू की। इस प्रक्रिया में उसने पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी दिखाई। तुरंत सूचना देना व्यापारी ने घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचित किया, जिससे गहनों के असली मालिक तक जल्दी पहुंच संभव हो सका। पारदर्शिता बनाए रखना उसने हर कदम पर पारदर्शिता रखी, जिससे किसी भी तरह की गलतफहमी नहीं हुई। समाज के प्रति जिम्मेदारी व्यापारी ने अपने व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर समाज के हित को प्राथमिकता दी। इस घटना से सीखने योग्य बातें यह कहानी हमें कई महत्वपूर्ण बातें सिखाती है, जो हमारे दैनिक जीवन में भी लागू हो सकती हैं। सच्चाई का साथ दें चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, सच्चाई और ईमानदारी का साथ देना हमेशा सही होता है। स्वार्थ से ऊपर उठें कभी-कभी छोटी-छोटी चीजें हमें स्वार्थ की ओर ले जाती हैं, लेकिन बड़ा सोचकर सही निर्णय लेना जरूरी है। समाज के लिए उदाहरण बनें अपने कार्यों से दूसरों को प्रेरित करें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं। जिम्मेदारी निभाएं जब कोई अनजानी वस्तु या धन मिले, तो उसे सही तरीके से वापस करना हमारी जिम्मेदारी है। पाली की जनता की प्रतिक्रिया पाली के लोग इस व्यापारी की ईमानदारी की खूब सराहना कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी उसकी तारीफ की है और इसे एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है। इस घटना ने पूरे इलाके में एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार किया है। स्थानीय प्रशासन की प्रशंसा पुलिस और प्रशासन ने व्यापारी को सम्मानित किया और उसकी ईमानदारी को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया। समाज में बढ़ा विश्वास लोगों ने महसूस किया कि ईमानदारी अभी भी समाज में जीवित है और सही काम करने वाले को सम्मान मिलता है। युवाओं के लिए प्रेरणा यह घटना युवाओं को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर रही है। ईमानदारी को बढ़ावा देने के लिए सुझाव इस तरह की घटनाएं समाज में ईमानदारी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। इसे और मजबूत करने के लिए कुछ कदम उठाए जा सकते हैं: शिक्षा में नैतिकता को शामिल करें स्कूल और कॉलेजों में नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए ताकि बच्चे बचपन से ही ईमानदारी की अहमियत समझें। सकारात्मक कहानियों को साझा करें ऐसी कहानियों को मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर साझा करें ताकि लोग प्रेरित हों। समाज में ईमानदारी के लिए पुरस्कार और सम्मान ईमानदार व्यक्तियों को सम्मानित करना और उनकी कहानियां बताना समाज में अच्छे संस्कार विकसित करता है। स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान स्थानीय समुदायों में ईमानदारी और नैतिकता के महत्व पर जागरूकता बढ़ाएँ।

  • कन्या गुरुकुल संस्थान में शिक्षकों की भर्ती हेतु वॉक-इन इंटरव्यू 22 मार्च को, महिला अभ्यर्थियों को प्राथमिकता

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नया चेण्डा/पाली। श्री राजेश्वर भगवान आँजणी माता कन्या गुरुकुल संस्थान (आवासीय बालिका विद्यालय एवं महाविद्यालय) द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों पर भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है। संस्थान प्रबंधन के अनुसार यह साक्षात्कार 22 मार्च 2026, रविवार को प्रातः 10 बजे से आयोजित होगा। संस्थान में स्कूल स्तर (हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम) के लिए पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी), ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) तथा प्राइमरी टीचर (लेवल-2) के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। पीजीटी के अंतर्गत भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, कृषि विज्ञान, लेखा, अर्थशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, हिंदी साहित्य एवं अंग्रेजी साहित्य जैसे विषय शामिल हैं। वहीं टीजीटी और प्राइमरी स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान एवं संस्कृत विषयों के लिए शिक्षकों की आवश्यकता है। इसके अलावा संस्थान में केवल महिला अभ्यर्थियों के लिए कंप्यूटर शिक्षक, पीटीआई (बी.पी.एड/एम.पी.एड), हॉस्टल वार्डन, अकाउंटेंट, एलडीसी तथा गेटमैन (गार्ड) पदों पर भी भर्ती की जाएगी। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि महिला एवं अनुभवी अभ्यर्थियों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने बायोडाटा निर्धारित ईमेल आईडी kanyagurukulchenda@gmail.com पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी मोबाइल नंबर 7976013496, 9370022661 एवं 9829891008 पर संपर्क कर सकते हैं। संस्थान का पता नया चेण्डा, वाया वायद-जेतपुर (जालोर रोड), तहसील रोहट, जिला पाली (राजस्थान) बताया गया है। प्रबंधन के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों के लिए भोजन एवं आवास की निःशुल्क व्यवस्था रहेगी, हालांकि साक्षात्कार में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता प्रदान नहीं किया जाएगा। यह भर्ती पूर्णतः अस्थायी प्रकृति की बताई गई है। संस्थान द्वारा इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से योग्य एवं समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति कर छात्राओं के शैक्षणिक स्तर को और सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

  • ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर बीजेपी की आपत्ति, वेबसाइट ठप रहने से बढ़ी परेशानी; तारीख बढ़ाने की मांग

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्य चुनाव आयोग से जीबीए चुनाव के लिए जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची के सत्यापन और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की। पार्टी नेताओं ने इस संबंध में मुख्य चुनाव अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए तकनीकी खामियों और समय की कमी का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मतदाता सूची के सत्यापन के लिए बनाई गई आधिकारिक वेबसाइट 13 मार्च से 18 मार्च 2026 तक तकनीकी कारणों से काम नहीं कर रही थी। इस वजह से हजारों मतदाता अपने नाम और विवरण की जांच नहीं कर पाए, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस संबंध में बीजेपी की ओर से जीबीए के मुख्य आयुक्त को औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई गई है। नेताओं के अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 मार्च 2026 को उनके कार्यालय में प्राप्त हुई, लेकिन वेबसाइट बंद रहने के कारण उसका समय पर सत्यापन नहीं हो सका। इसके अलावा आगामी त्योहारों के चलते अगले तीन दिनों तक छुट्टियां रहने से बड़ी संख्या में लोग अपने गृह नगर जाने वाले हैं, जिससे सूची की जांच प्रक्रिया और प्रभावित होगी। बीजेपी ने नागरिकों की सुविधा और उनके मताधिकार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 20 मार्च से बढ़ाकर 30 मार्च 2026 करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि पर्याप्त समय मिलने से अधिक से अधिक मतदाता अपने विवरण की जांच कर सकेंगे और त्रुटियों को सुधार सकेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधायक एस. सुरेश कुमार, सतीश रेड्डी, एस. मुनिराजू, बेंगलुरु दक्षिण जिला अध्यक्ष सी.के. राममूर्ति, उत्तर जिला अध्यक्ष एस. हरीश तथा केंद्रीय जिला अध्यक्ष सप्तगिरी गौड़ा सहित अन्य नेता शामिल रहे। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि चुनाव आयोग जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगा, ताकि मतदाताओं के अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा सुनिश्चित की जा

  • “मैन्युफैक्चरिंग महाशक्ति बनने की ओर भारत: 33,660 करोड़ की ‘BHAVYA’ योजना को कैबिनेट की मंजूरी”

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली। देश को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘भारत औद्योगिक विकास योजना ‘भव्या’ को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 33,660 करोड़ रुपये के बजट से देशभर में 100 अत्याधुनिक ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करना, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ावा देना और भारत की आर्थिक विकास गति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। यह योजना प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनआईसीडीपी) के ढांचे के अंतर्गत लागू की जाएगी। 100 से 1000 एकड़ तक विकसित होंगे औद्योगिक पार्क भव्या योजना के तहत 100 से लेकर 1000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। सरकार प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसमें आंतरिक सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटी, जल निकासी, सामान्य उपचार सुविधाएं, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) और प्रशासनिक सिस्टम जैसे कोर इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे। इसके अलावा, तैयार फैक्ट्री शेड, उत्पादन इकाइयां और स्टोरेज सुविधाएं जैसे वैल्यू-एडेड इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किए जाएंगे। श्रमिकों के लिए आवास और अन्य सामाजिक सुविधाओं का भी विशेष प्रावधान रखा गया है, जिससे यह औद्योगिक पार्क ‘वर्क-लाइव’ मॉडल पर आधारित होंगे। पीएम गतिशक्ति से जुड़े होंगे प्रोजेक्ट इन औद्योगिक पार्कों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा और इन्हें मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। योजना का क्रियान्वयन पीएम गतिशक्ति योजना के सिद्धांतों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। किसे मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ इस योजना का सीधा लाभ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्टार्टअप्स और वैश्विक निवेशकों को मिलेगा, जिन्हें रेडी-टू-यूज औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है। वहीं, श्रमिक, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, सेवा क्षेत्र के उद्यम और स्थानीय समुदाय इसके द्वितीयक लाभार्थी होंगे। रोजगार सृजन में बड़ा योगदान ‘भव्या’ योजना के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद जताई जा रही है। मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जाएगी, जिससे संतुलित और समावेशी औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। सप्लाई चेन को मिलेगी मजबूती क्लस्टर आधारित विकास मॉडल के तहत उद्योगों, सप्लायर्स और सेवा प्रदाताओं को एक ही स्थान पर स्थापित किया जाएगा। इससे घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, उत्पादन लागत में कमी आएगी और क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को गति मिलेगी। कुल मिलाकर, ‘भव्या’ योजना भारत को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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