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बाल-बाल बची जानें: वडोदरा में बहुमंजिला इमारत की बालकनी ढही, फायर टीम ने रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित निकाला

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 17 मार्च
  • 2 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च

  • Vadodara building with collapsed balcony, fire rescue team at night

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

वडोदरा। गुजरात के वडोदरा शहर में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब सोम तालाब इलाके में स्थित एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत की बालकनी अचानक भरभराकर गिर गई। घटना के समय इमारत में कई लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ ऊपरी मंजिलों पर फंस गए थे। हालांकि, समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू होने से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना अचानक हुई जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बालकनी गिरने से इमारत के भीतर जाने-आने का मुख्य रास्ता अवरुद्ध हो गया, जिससे लोग अंदर ही फंस गए थे।


त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

घटना की सूचना मिलते ही वडोदरा अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएँ की टीम मौके पर पहुंची और युद्ध स्तर पर राहत अभियान शुरू किया। फायर ऑफिसर अमित चौधरी ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तुरंत रवाना किया गया।


उन्होंने बताया कि यह इमारत तीन मंजिला है और बाईं ओर सीढ़ियों के पास स्थित बालकनी का हिस्सा अचानक गिर गया था। टीम ने मलबे को हटाकर फंसे लोगों तक पहुंच बनाई और एक-एक कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।


सभी लोग सुरक्षित, एहतियातन इमारत खाली

फायर विभाग की मुस्तैदी के चलते इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। एहतियात के तौर पर पूरी इमारत को खाली करा लिया गया है और आसपास के क्षेत्र को भी घेर लिया गया है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।


जर्जर निर्माण पर उठे सवाल

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत का यह हिस्सा पहले से ही कमजोर हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा।


नगर निगम को भी घटना की सूचना दे दी गई है और विशेषज्ञों की टीम द्वारा इमारत की स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी की जांच की जा रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि इमारत पुरानी थी या निर्माण में किसी तरह की तकनीकी खामी रही है।


समय रहते राहत कार्य शुरू होने और प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी इमारतों में रहने से पहले उनकी मजबूती की जांच अवश्य कराएं।

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