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ई–विधानसभा से सशक्त हो रहा लोकतंत्र: गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी का दूरदर्शी नेतृत्व बना देश के लिए प्रेरणा

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 12
  • 3 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

अहमदाबाद। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा को शासन प्रणाली का केंद्र माना जाता है, जहां से जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं और राज्य के विकास की दिशा तय होती है। बदलते समय और डिजिटल युग की मांग के अनुरूप लोकतांत्रिक संस्थाओं का आधुनिक और तकनीक आधारित होना भी आवश्यक हो गया है। इसी दिशा में गुजरात विधानसभा ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ई–विधानसभा (पेपरलेस विधानसभा) प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू किया है, जो आज पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनती जा रही है।


राष्ट्रीय सामाजिक समरसता के समन्वयक भरत राणाभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था का वास्तविक हृदय विधानसभा होती है। यहां से राज्य की नीतियां निर्धारित होती हैं और समाज के व्यापक हित में योजनाएं तैयार की जाती हैं। इसलिए समय के साथ इसकी कार्यप्रणाली को भी आधुनिक और प्रभावी बनाना जरूरी है। गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री शंकरभाई चौधरी के नेतृत्व में इसी सोच को साकार करते हुए विधानसभा में ई–विधानसभा प्रणाली को लागू किया गया है।


डिजिटल युग की ओर लोकतंत्र की ऐतिहासिक पहल

ई–विधानसभा के माध्यम से विधानसभा की संपूर्ण कार्यप्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इस व्यवस्था के तहत विधानसभा सदस्यों को प्रश्नोत्तर, चर्चाओं से संबंधित दस्तावेज, विधायी कार्यों की जानकारी और विभिन्न समितियों की रिपोर्ट अब डिजिटल माध्यम से तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं। इससे कार्यों की गति बढ़ी है और सदस्यों को आवश्यक जानकारी समय पर प्राप्त हो रही है।


डिजिटल प्रणाली लागू होने से प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित हो गई हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि कार्यों में पारदर्शिता और सटीकता भी बढ़ी है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से विधानसभा की चर्चाएं और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बन रही हैं।



पारदर्शिता और जवाबदेही का नया मानक

ई–विधानसभा व्यवस्था ने शासन प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत किया है। आवश्यक जानकारी डिजिटल माध्यम से तुरंत उपलब्ध होने के कारण निर्णय प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावशाली बन गई है। यह पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं को आधुनिक युग के अनुरूप मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास

भरत राणाभाई पटेल ने कहा कि ई–विधानसभा केवल प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। पहले विधानसभा की कार्यवाही में बड़ी मात्रा में कागज का उपयोग होता था, लेकिन पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद कागज के उपयोग में उल्लेखनीय कमी आई है। यह पहल “ग्रीन गवर्नेंस” की दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार शासन का संदेश देती है।


देश के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल

गुजरात राज्य हमेशा नई पहल, नवाचार और सकारात्मक बदलाव के लिए अग्रणी रहा है। ई–विधानसभा की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दूरदर्शी नेतृत्व और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।


गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री शंकरभाई चौधरी की यह पहल अब देश की अन्य विधानसभाओं के लिए भी मार्गदर्शक मॉडल बनती जा रही है। मजबूत नेतृत्व, आधुनिक सोच और नवाचार के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को नई दिशा देने का यह प्रयास भविष्य में प्रशासनिक सुधारों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।


सशक्त लोकतंत्र के लिए सशक्त विधानसभा अनिवार्य है

ई–विधानसभा जैसी तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से गुजरात ने आधुनिकता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को भविष्यमुखी बनाते हुए पूरे देश को प्रेरित करने वाली विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय भी है।

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