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जोधपुर में 1.85 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा: बैंक कर्मचारी सहित चार आरोपी गिरफ्तार, मोटर मैकेनिक निकला मास्टरमाइंड

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 16
  • 3 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें साइबर थाना पुलिस ने रिटायर्ड प्रिंसिपल से 1 करोड़ 85 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पाल रोड शाखा का एक संविदा कर्मचारी भी शामिल है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।


पुलिस के अनुसार यह ठगी एक संगठित साइबर नेटवर्क के माध्यम से की गई थी, जिसमें तकनीकी और बैंकिंग प्रणाली की जानकारी का इस्तेमाल कर पीड़ित से बड़ी रकम हड़पी गई। जांच में सामने आया कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड एक मोटर मैकेनिक है, जो अलग-अलग लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें ठगी की रकम ट्रांसफर करवाता था।


बैंक खातों के जरिए रकम की हेराफेरी

साइबर थाना अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने कई बैंक खातों का इस्तेमाल करते हुए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया, जिससे पैसे के स्रोत को ट्रैक करना मुश्किल हो सके। गिरोह के सदस्य बैंकिंग प्रक्रियाओं और डिजिटल ट्रांजेक्शन की अच्छी जानकारी रखते थे, जिसके चलते उन्होंने योजना बनाकर इस अपराध को अंजाम दिया।


जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बैंक के संविदा कर्मचारी ने अंदरूनी जानकारी और प्रक्रियाओं का फायदा उठाकर गिरोह की मदद की। पुलिस का मानना है कि इस अंदरूनी सहयोग के कारण ही आरोपी इतनी बड़ी ठगी को अंजाम देने में सफल हुए।


इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और ठगी में इस्तेमाल किए गए डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए हैं। इन उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके।


साइबर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने देश के अन्य राज्यों में भी इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।


साइबर सुरक्षा को लेकर चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है। आजकल साइबर अपराधी तकनीकी जानकारी और वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर बड़ी ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में बैंक खातों की निगरानी, डिजिटल सुरक्षा और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच को और मजबूत करना जरूरी हो गया है।


पुलिस की अपील

जोधपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों और ऑनलाइन लेन-देन के मामले में सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल, ईमेल या मैसेज पर भरोसा न करें और ओटीपी, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।


पुलिस ने यह भी कहा कि यदि किसी को ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध लेन-देन का पता चलता है तो तुरंत अपने बैंक और साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने और अपराधियों को पकड़ने में मदद मिल सकती है।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई से जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और तेजी से की जा रही है ताकि सभी दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जा सके।

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