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गुरुवाणी से जाग रही सामाजिक चेतना, नशामुक्त व संस्कारयुक्त समाज निर्माण की दिशा में बढ़ रहे कदम

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 14
  • 2 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

शिकारपुरा तीर्थधाम। समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रक्रिया धीरे-धीरे लेकिन प्रभावी रूप से आगे बढ़ रही है। गुरु कृपा और गुरुवाणी के सतत प्रभाव से समाज के अनेक लोग अब सामाजिक सुधार, नशामुक्ति और संस्कारयुक्त जीवन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाज के सज्जन महानुभावों और जागरूक नागरिकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों से सामाजिक चेतना का विस्तार होता दिखाई दे रहा है।


समाज के श्रद्धालु गुरु भक्तों का मानना है कि गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान की असीम कृपा से गुरुवाणी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। गुरु उपदेशों के माध्यम से मानव जीवन में आध्यात्मिकता, सदाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास हो रहा है, जिससे समाज में आवश्यक परिवर्तन की राह भी प्रशस्त हो रही है।


वर्तमान समय में सामाजिक परिवर्तन के कई प्रमुख कारण सामने आए हैं। इनमें आधुनिक और आध्यात्मिक युग की जानकारी का प्रसार, गुरु कृपा से गुरुवाणी का प्रभाव, ज्ञान-विज्ञान की उपलब्धता, सूचना तंत्र की मजबूती और लोगों के बौद्धिक स्तर में वृद्धि प्रमुख माने जा रहे हैं। साथ ही यह समझ भी समाज में विकसित हो रही है कि अनावश्यक आडंबर, फिजूलखर्ची और नशीले पदार्थों पर खर्च करने से सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त नहीं होती।


इसके अतिरिक्त घर-परिवार में मातृशक्ति का शिक्षित और जागरूक होना भी सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। शिक्षित माताएं अपने बच्चों को संस्कार, शिक्षा और सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित कर समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रही हैं।


सामाजिक स्तर पर जनजागरण के माध्यम से भी लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा आधुनिकता और आध्यात्मिकता के संतुलन का संदेश दिया जा रहा है। पश्चिमी राजस्थान क्षेत्र में विशेष रूप से संत श्री राजाराम जी युवा जागृति मंच, शिकारपुरा (राजस्थान) की जागृत युवा शक्ति सामाजिक जागरूकता के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है।


युवा मंच के कार्यकर्ता समाज में एक संयोजक की भूमिका निभाते हुए युवाओं, बुजुर्गों और मातृशक्ति को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। गुरुवाणी के उपदेशों को आमजन तक पहुंचाकर सामाजिक उत्थान, संस्कारयुक्त शिक्षा, नशामुक्त समाज निर्माण और अहंकार-मुक्त मानव जीवन के निर्माण का संदेश दिया जा रहा है।


सामाजिक पंच-परमेश्वर और प्रबुद्धजन भी इन प्रयासों को गुरुवाणी का सात्विक संदेश मानते हुए सहयोग प्रदान कर रहे हैं। समाज में यह भावना मजबूत हो रही है कि आध्यात्मिक मूल्यों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए ही समृद्ध और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।


समाज के श्रद्धालु गुरु भक्तों ने कामना की है कि सभी सज्जन महानुभावों पर गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान और श्री ठाकुर जी महाराज की असीम कृपा बनी रहे तथा गुरुवाणी का यह सकारात्मक प्रभाव समाज में निरंतर बढ़ता रहे।

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