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शिकारपुरा तीर्थधाम से जन-जागरण महाअभियान: होली 2026 पर गुरुवाणी के प्रसार का आह्वान

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 2
  • 2 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ बेंगलूरु संवाददाता, धन्नाराम चौधरी। (Bhaarataarth.com)

शिकारपुरा तीर्थधाम। होली 2026 के पावन अवसर पर सरल एवं सात्विक जीवन मूल्यों के संदेश के साथ कलबी समाज के धर्मगुरु एवं शिकारपुरा तीर्थधाम के वर्तमान गादीपति महंत श्री श्री 108 श्री दयाराम जी महाराज द्वारा व्यापक जन-जागरण महाअभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य पूज्य श्री 1008 श्री राजाराम जी महाराज के जीवन प्रेरक उपदेशों (गुरुवाणी) को जन-जन तक पहुंचाना और समाज को आध्यात्मिकता के साथ आधुनिकता की ओर अग्रसर करना है।


महंत श्री दयाराम जी महाराज ने होली के स्नेह, प्रेम और समरसता के संदेश के साथ समस्त मानव समुदाय को आध्यात्मिक जागृति का आह्वान किया है। उन्होंने सामाजिक, राजनीतिक, न्यायिक, मीडिया, युवा और नारी शक्ति सहित सभी वर्गों से इस महामिशन के सहभागी बनने का आग्रह किया है।


आध्यात्मिकता के साथ आधुनिकता का संदेश

महंत श्री अपने प्रवचनों में स्पष्ट रूप से संदेश दे रहे हैं कि वर्तमान एआई और डिजिटल युग में समाज को संस्कारित मॉडर्न बनना होगा। आध्यात्मिकता को जीवन का आधार बनाते हुए आर्थिक रूप से समर्थ, सामाजिक रूप से संगठित, पारिवारिक रूप से परिपूर्ण तथा आत्मनिर्भर एवं स्वाभिमानी जीवन अपनाने पर उन्होंने विशेष बल दिया।


संगठन, राजनीति और न्याय व्यवस्था पर विशेष मार्गदर्शन

महाअभियान के अंतर्गत महंत श्री द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं—

1.सामाजिक संगठन: समाज के कार्यकारी गणनायकों को गुणात्मक एवं संगठित कार्य प्रणाली अपनाने का संदेश दिया जा रहा है, ताकि समाजिक संरचना सुदृढ़ हो सके।


2.राजनीतिक नेतृत्व: वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने हेतु चाणक्य नीति के सिद्धांतों पर आधारित मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिससे सक्षम, चतुर और सुयोग्य नेतृत्व समाजहित में कार्य कर सके।


3.न्यायिक व्यवस्था: पंच परमेश्वर एवं समाज की न्यायिक व्यवस्था से जुड़े महानुभावों का आव्हान करते हुए महंत श्री ने कहा कि न्याय की सुदृढ़ व्यवस्था समाज की रक्षा का आधार है। उन्होंने समाजहित में निष्पक्ष एवं सशक्त न्याय व्यवस्था स्थापित करने पर बल दिया।


नशामुक्ति और संस्कारित शिक्षा पर जोर

महंत श्री दयाराम जी महाराज निरंतर प्रवास के माध्यम से बालक-बालिकाओं को सुसंस्कारित शिक्षा, नशामुक्त समाज निर्माण और अहंकारमुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दे रहे हैं। गुरुवाणी को गीता-ज्ञान स्वरूप बताते हुए उन्होंने प्रत्येक मानव तक इसे पहुंचाने को अपना संकल्प बताया है।


समाज से सहभागी बनने का आह्वान

कलबी समाज के सज्जनों एवं प्रबुद्ध वर्ग से इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया गया है। समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट होकर आध्यात्मिक और सामाजिक उत्थान की दिशा में कार्य करने का संदेश दिया गया।


अभियान के समर्थन में गुरुवाणी प्रचारक किशनाराम पटेल ने भी समाज से अपील की है कि वे इस सात्विक प्रयास का हिस्सा बनकर सरल, संयमित और संस्कारित जीवन मूल्यों को अपनाएं।


होली के पावन अवसर पर “जय गुरुदेव”, “जय जय श्री कृष्ण” और “जय श्री राजेश्वर भगवान” के जयघोष के साथ यह जन-जागरण महाअभियान निरंतर गति पकड़ रहा है।

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