top of page
भारतार्थ-logo

“मैन्युफैक्चरिंग महाशक्ति बनने की ओर भारत: 33,660 करोड़ की ‘BHAVYA’ योजना को कैबिनेट की मंजूरी”

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 18 मार्च
  • 2 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च

  • India Industrial Development Scheme graphic

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली। देश को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘भारत औद्योगिक विकास योजना ‘भव्या’ को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 33,660 करोड़ रुपये के बजट से देशभर में 100 अत्याधुनिक ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।


सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करना, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ावा देना और भारत की आर्थिक विकास गति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। यह योजना प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनआईसीडीपी) के ढांचे के अंतर्गत लागू की जाएगी।


100 से 1000 एकड़ तक विकसित होंगे औद्योगिक पार्क

भव्या योजना के तहत 100 से लेकर 1000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। सरकार प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसमें आंतरिक सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटी, जल निकासी, सामान्य उपचार सुविधाएं, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) और प्रशासनिक सिस्टम जैसे कोर इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे।


इसके अलावा, तैयार फैक्ट्री शेड, उत्पादन इकाइयां और स्टोरेज सुविधाएं जैसे वैल्यू-एडेड इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किए जाएंगे। श्रमिकों के लिए आवास और अन्य सामाजिक सुविधाओं का भी विशेष प्रावधान रखा गया है, जिससे यह औद्योगिक पार्क ‘वर्क-लाइव’ मॉडल पर आधारित होंगे।


पीएम गतिशक्ति से जुड़े होंगे प्रोजेक्ट

इन औद्योगिक पार्कों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा और इन्हें मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। योजना का क्रियान्वयन पीएम गतिशक्ति योजना के सिद्धांतों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।


किसे मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ

इस योजना का सीधा लाभ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्टार्टअप्स और वैश्विक निवेशकों को मिलेगा, जिन्हें रेडी-टू-यूज औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है। वहीं, श्रमिक, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, सेवा क्षेत्र के उद्यम और स्थानीय समुदाय इसके द्वितीयक लाभार्थी होंगे।


रोजगार सृजन में बड़ा योगदान

‘भव्या’ योजना के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद जताई जा रही है। मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जाएगी, जिससे संतुलित और समावेशी औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।


सप्लाई चेन को मिलेगी मजबूती

क्लस्टर आधारित विकास मॉडल के तहत उद्योगों, सप्लायर्स और सेवा प्रदाताओं को एक ही स्थान पर स्थापित किया जाएगा। इससे घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, उत्पादन लागत में कमी आएगी और क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को गति मिलेगी।


कुल मिलाकर, ‘भव्या’ योजना भारत को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page