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नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

पश्चिम एशिया संकट के बीच एयर इंडिया की बड़ी पहल, आज 48 उड़ानें संचालित; पायलटों के कार्य समय में भी मिली अस्थायी छूट

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 16
  • 3 min read

Updated: Mar 18



भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कई देशों के हवाई क्षेत्र में लगे प्रतिबंधों के बीच भारतीय विमानन कंपनियां यात्रियों की सुविधा और कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास कर रही हैं। इसी कड़ी में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सोमवार को पश्चिम एशिया के लिए कुल 48 निर्धारित और अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने का निर्णय लिया है। इन उड़ानों के माध्यम से भारत और खाड़ी देशों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


जेद्दा और मस्कट के लिए विशेष उड़ानें

कंपनियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारत और जेद्दा के बीच कुल 10 उड़ानें संचालित की जाएंगी। इनमें एयर इंडिया की ओर से दिल्ली और मुंबई से एक-एक रिटर्न फ्लाइट संचालित की जाएगी।


वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलूरु, कोझिकोड और मैंगलूरु से जेद्दा के लिए एक-एक उड़ान संचालित करेगी। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में यात्रियों की मांग को देखते हुए मस्कट के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की 12 निर्धारित उड़ानें चलाई जाएंगी।


इनमें दिल्ली, कन्नूर, मुंबई और तिरुवनंतपुरम से एक-एक उड़ान तथा कोच्चि से दो उड़ानें शामिल हैं। इसके अलावा कुल 26 अतिरिक्त (नॉन-शेड्यूल) उड़ानें भी संचालित की जाएंगी, जो मुख्य रूप से यूएई और सऊदी अरब के विभिन्न शहरों के लिए होंगी।


लंबा मार्ग अपनाकर उड़ानें संचालित

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कुछ हवाई क्षेत्रों में प्रतिबंधों के कारण एयर इंडिया को अपनी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। इसके चलते उड़ानों की अवधि बढ़ गई है, खासकर यूरोप और अमेरिका जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों में।


स्थिति को देखते हुए भारत की विमानन सुरक्षा निगरानी संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर इंडिया को अस्थायी राहत प्रदान की है।


पायलटों के कार्य समय में अस्थायी ढील

सूत्रों के अनुसार, डीजीसीए ने पायलटों के उड़ान और कार्य समय की सीमा में 30 अप्रैल तक अस्थायी छूट दी है। इस छूट के तहत लंबी दूरी की उड़ानों में दो पायलटों के लिए अधिकतम उड़ान समय 11 घंटे 30 मिनट और कार्य अवधि 11 घंटे 45 मिनट तक बढ़ाई गई है।


इसके अलावा पायलटों की ड्यूटी शेड्यूलिंग में 30 मिनट की अतिरिक्त सुविधा भी दी गई है, ताकि लंबा मार्ग अपनाने के बावजूद उड़ानों का संचालन सुरक्षित रूप से किया जा सके।


सूत्रों ने बताया कि जेद्दा जाने वाली एक उड़ान में पायलटों की कार्य अवधि 11 घंटे 55 मिनट तक पहुंच जाती है, जो सामान्य अनुमति सीमा से करीब 10 मिनट अधिक है। इसलिए विशेष परिस्थितियों को देखते हुए यह छूट दी गई है।


सुरक्षा और थकान को ध्यान में रखकर फैसला


डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि उड़ान समय वह अवधि होती है जब विमान जमीन से उड़ान भरने के बाद सुरक्षित लैंडिंग तक हवा में रहता है। वहीं कार्य अवधि तब शुरू होती है जब पायलट ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करता है और अंतिम उड़ान के इंजन बंद होने के बाद समाप्त होती है।


कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने घटाई उड़ानें

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने इस क्षेत्र के लिए अपनी उड़ानों में कटौती की है। हालांकि भारतीय विमानन कंपनियां यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए अधिक से अधिक उड़ानें संचालित करने का प्रयास कर रही हैं।


विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय स्थिति में जल्द सुधार नहीं होता है तो आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग और समय-सारणी में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की यह पहल भारत और खाड़ी देशों के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए राहत साबित हो सकती है।

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