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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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पीएनजी कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा एलपीजी सिलेंडर: गैस संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
15 मार्च
3 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च

  • LPG cylinders and a PNG gas stove with text: PNG users must surrender LPG

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध है, उन्हें अब घरेलू एलपीजी कनेक्शन रखने या सब्सिडी वाले सिलेंडर लेने की अनुमति नहीं होगी।


केंद्र सरकार ने शनिवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) अमेंडमेंट ऑर्डर, 2026 लागू किया है। यह संशोधन एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट, 1955 के तहत दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए किया गया है। इसके जरिए एलपीजी (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर, 2000 के नियमों में बदलाव किया गया है।


पीएनजी और एलपीजी दोनों रखने की अनुमति नहीं

नए नियमों के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन है, वे अब घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। साथ ही सरकारी तेल विपणन कंपनियां और उनके वितरक ऐसे उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर रिफिल भी नहीं दे सकेंगे।


सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के पास वर्तमान में पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें जल्द ही अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।


नए एलपीजी कनेक्शन पर भी रोक

सरकार के इस आदेश के बाद पीएनजी कनेक्शन रखने वाले किसी भी व्यक्ति को भविष्य में घरेलू एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी।


इसके साथ ही सरकारी तेल कंपनियों के लिए भी यह स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है कि वे ऐसे उपभोक्ताओं को न तो नया एलपीजी कनेक्शन जारी करें और न ही सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराएं। इस प्रावधान को एलपीजी सप्लाई रेगुलेशन के शेड्यूल-1 में प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची में शामिल कर दिया गया है।


गैस वितरण को बेहतर बनाने का प्रयास

सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस फैसले का मुख्य उद्देश्य एलपीजी गैस के वितरण को अधिक व्यवस्थित बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी वाली रसोई गैस उन परिवारों तक पहुंचे जिनके पास पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध नहीं है।


सरकार का मानना है कि जिन शहरी इलाकों में पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है, वहां एलपीजी सिलेंडर की आवश्यकता कम हो जाती है। ऐसे में एलपीजी की उपलब्धता ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लिए सुनिश्चित करना जरूरी है।


वैश्विक संकट का असर

सरकार का यह कदम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव के बीच उठाया गया है। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित अवरोध की आशंका ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।


भारत की एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है। वित्तीय वर्ष 2025 में देश में लगभग 33 मिलियन टन एलपीजी की खपत हुई, जिसमें से करीब 20.67 मिलियन टन आयात करना पड़ा।


आंकड़ों के अनुसार भारत के कुल एलपीजी आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है और इनमें से अधिकांश आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है, जिसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है।


आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता

सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई अतिरिक्त कदम भी उठाए हैं। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।


इसके अलावा घरेलू रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और तैयार गैस केवल सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (पीएसयू ओएमसीएस) को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।


सरकार का मानना है कि इन कदमों से संभावित गैस संकट की स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और ऊर्जा संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।

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