राज्यसभा चुनाव आज: बिहार, ओडिशा और हरियाणा में कांटे की टक्कर, 26 नेता निर्विरोध चुने गए
- धन्ना राम चौधरी

- 16 मार्च
- 3 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च
भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
नई दिल्ली। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए सोमवार को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम तक जारी रहेगा और इसके बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। इस बार सात राज्यों में हुए चुनावों में कुल 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि बिहार, ओडिशा और हरियाणा में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इन तीन राज्यों में विधायकों की संख्या और संभावित क्रॉस वोटिंग के कारण चुनावी गणित काफी उलझा हुआ नजर आ रहा है।
निर्विरोध चुने गए नेताओं में कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें वरिष्ठ नेता शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, दिग्गज सांसद एम. थंबीदुरई, भाजपा नेता विनोद तावड़े और तृणमूल कांग्रेस के नेता बाबुल सुप्रियो जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं।
हालांकि शेष सीटों के लिए बिहार, ओडिशा और हरियाणा में सियासी मुकाबला रोमांचक होता जा रहा है।
बिहार में पांचवीं सीट पर कांटे की टक्कर
बिहार में राज्यसभा की पांचवीं सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है। यहां सत्तारूढ़ एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, भाजपा नेता नितिन नबीन और शिवम कुमार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। लेकिन पांचवीं सीट पर एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा और महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार एडी सिंह के बीच कड़ा मुकाबला है।
विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार महागठबंधन के पास करीब 35 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 41 वोटों की जरूरत है। ऐसे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के पांच विधायकों ने महागठबंधन को समर्थन देने की घोषणा की है। साथ ही बहुजन समाज पार्टी के विधायक का समर्थन भी महागठबंधन को मिल सकता है।
वहीं एनडीए को अपने उम्मीदवार की जीत के लिए विपक्षी खेमे से कम से कम तीन वोटों की जरूरत पड़ेगी। इसी कारण दोनों पक्षों की नजर विपक्षी विधायकों पर टिकी हुई है।
ओडिशा में भाजपा-बीजद के बीच रोचक समीकरण
ओडिशा में भी राज्यसभा चुनाव का समीकरण दिलचस्प बना हुआ है। यहां 147 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 30 वोटों की जरूरत होती है।
वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलने से उसकी संख्या 82 हो जाती है। इस आधार पर भाजपा के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि तीसरी सीट के लिए उसे आठ अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी।
दूसरी ओर बीजू जनता दल के पास 48 विधायक हैं, जिससे उसके एक उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित है। यदि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 14 विधायक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का एक विधायक समर्थन देता है तो यह संख्या 33 तक पहुंच जाती है, जो जीत के लिए आवश्यक मतों से अधिक है।
भाजपा समर्थित उम्मीदवार दिलीप रे को जीत हासिल करने के लिए विपक्षी दलों के कम से कम आठ विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए कांग्रेस और बीजद के कुछ विधायकों से संपर्क साधा जा रहा है।
हरियाणा में निर्दलीय उम्मीदवार से बिगड़ा गणित
हरियाणा में भी राज्यसभा चुनाव का समीकरण पेचीदा हो गया है। 90 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के पास 48 विधायक हैं। इंडियन नेशनल लोक दल के दो विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन से भाजपा की संख्या 53 हो जाती है।
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता होती है। इस आधार पर भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत तय मानी जा रही है, जिसके बाद पार्टी के पास लगभग 22 वोट अतिरिक्त बचेंगे।
दूसरी ओर कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और वह अपने उम्मीदवार करमवीर बोध को आसानी से जिताने की स्थिति में है। लेकिन भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के मैदान में उतरने से समीकरण बदल गया है। नांदल को जीत के लिए कम से कम नौ अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी, जो कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग के बिना संभव नहीं मानी जा रही।
इसी आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने अपने अधिकांश विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें हिमाचल प्रदेश भेज दिया है। हालांकि कुछ वरिष्ठ नेता, जिनमें विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा भी शामिल हैं, राज्य में ही मौजूद हैं।
चौंकाने वाले परिणामों की संभावना
तीनों राज्यों में राजनीतिक दलों के बीच जारी जोड़-तोड़ और संभावित क्रॉस वोटिंग के कारण राज्यसभा चुनाव के परिणाम बेहद रोचक हो सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान के बाद कई अप्रत्याशित नतीजे सामने आ सकते हैं, जिससे राज्यसभा की राजनीतिक तस्वीर में बदलाव संभव है।
_edited.jpg)




टिप्पणियां