top of page

 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

21अक्टूबर /2026 /बुधवार

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

WhatsApp Video 2026-10-04 at 8.50.36 PM.mp4

इस साइट पर खोजें

1908किसी भी खाली खोज के साथ परिणाम मिले

  • जन सुराज का विस्तार, प्रवक्ताओं को मिला दिशा-निर्देश

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) पटना। जन सुराज पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजधानी पटना स्थित जिला कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के 16 जिलों से आए पार्टी प्रवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर संगठन को मजबूत बनाने की रणनीतियों पर गहन मंथन किया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने की, जबकि वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना सहित जिला, प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के कई प्रमुख प्रवक्ता उपस्थित रहे। बैठक में पार्टी की नीतियों और विचारधारा को प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान प्रवक्ताओं को संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और विशेष गाइडलाइन प्रदान की गई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी की मजबूती जमीनी स्तर पर सक्रियता से ही संभव है। वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना ने अपने संबोधन में कहा कि जन सुराज पार्टी का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक अपनी आवाज पहुंचाना है। उन्होंने प्रवक्ताओं को संगठन की रीढ़ बताते हुए उनसे आह्वान किया कि वे क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय रहकर पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएं। बैठक में संगठन को सुदृढ़ करने, जनसंपर्क अभियान को गति देने और जनहित से जुड़े स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर सीतामढ़ी जिले से प्रवक्ता नरेन्द्र कुमार की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही, जिन्होंने विचार-विमर्श में सक्रिय भागीदारी निभाई। अंत में पार्टी नेतृत्व ने सभी प्रवक्ताओं से आह्वान किया कि वे दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त एवं व्यापक बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उपरोक्त जानकारी रतन बैठा सीतामढ़ी ने दी।

  • 31 मई को जीण माता सेवा समिति का भव्य वार्षिकोत्सव

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। श्री जीण माता सेवा समिति (पंजीकृत) की कार्यकारिणी की 11वीं वैधानिक बैठक रविवार को सेंचुरी क्लब में आयोजित की गई। बैठक में आगामी 31 मई 2026 को विजयनगर स्थित होसाहल्ली मेट्रो स्टेशन के समीप सुगन्नाना कल्याण मंडप में आयोजित होने वाले वार्षिकोत्सव की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में कार्यक्रम को भव्य एवं आध्यात्मिक रूप देने के लिए विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। तय कार्यक्रम के अनुसार, जीण धाम के पुजारी आनंद पाराशर द्वारा मंगलमय पाठ का पावन वाचन किया जाएगा, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। वहीं, प्रसिद्ध भजन गायक प्रवेश शर्मा (बीकानेर) अपनी सुमधुर प्रस्तुति से भजनों की रसधारा प्रवाहित करेंगे। कार्यक्रम में भव्य दरबार को कोलकाता के कुशल कलाकारों द्वारा नवदुर्गा थीम पर सुसज्जित किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं को दिव्यता और भक्ति का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन भव्यता, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का संगम होगा। बैठक में लिए गए सभी निर्णय सर्वसम्मति से पारित किए गए। समिति के अध्यक्ष आर.के. भूतड़ा (राजू) ने सभी सदस्यों को प्रेरित करते हुए आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह वार्षिकोत्सव समाज की एकता और भक्ति भाव का प्रतीक बनेगा। संयोजक अनुप अग्रवाल ने भी सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम जीण माता के भक्तों के लिए अविस्मरणीय रहेगा और भक्ति के नए आयाम स्थापित करेगा। बैठक में प्राप्त सुझावों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया तथा सभी सदस्यों ने निःस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं देने और सौंपे गए दायित्वों को पूर्ण निष्ठा के साथ निभाने का संकल्प लिया। समिति ने शहर के समस्त श्रद्धालुओं से इस भव्य आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। उपरोक्त जानकारी मीडिया प्रभारी कनक भोजक ने दी।

  • चार राज्यों में कड़ा मुकाबला, कई जगह सत्ता पर सस्पेंस

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली। देश के चार अहम राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी पारा चरम पर है। चुनाव से पहले आए ताजा ओपिनियन पोल ने राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज कर दी हैं। आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि कहीं मुकाबला बेहद कांटे का है तो कहीं सत्ता वापसी की संभावना मजबूत दिखाई दे रही है। पश्चिम बंगाल: मामूली बढ़त, लेकिन तस्वीर अनिश्चित 294 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी टक्कर नजर आ रही है। सर्वे के अनुसार टीएमसी को 43 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 140 से 160 सीटें मिल सकती हैं, जबकि बीजेपी 41 प्रतिशत वोट के साथ 130 से 150 सीटों तक पहुंच सकती है। बहुमत का आंकड़ा 148 होने के कारण यहां मुकाबला बेहद रोमांचक बना हुआ है। महज 2 प्रतिशत का अंतर यह संकेत देता है कि अंतिम नतीजों में बड़ा उलटफेर संभव है। असम: भाजपा गठबंधन की मजबूत पकड़ 126 सीटों वाले असम में ओपिनियन पोल भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बढ़त देता दिख रहा है। अनुमान है कि भाजपा प्लस गठबंधन को 92 से 102 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस प्लस गठबंधन 22 से 32 सीटों तक सिमट सकता है। दूसरे सर्वे में भी भाजपा गठबंधन को बढ़त बरकरार दिखाई गई है। वोट शेयर के स्तर पर भी एनडीए 46 प्रतिशत के साथ आगे है, जो उसकी स्थिति को और मजबूत बनाता है। तमिलनाडु: एनडीए और डीएमके के बीच कांटे की टक्कर 234 सीटों वाले तमिलनाडु में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। सर्वे के मुताबिक डीएमके को 102 से 115 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन 107 से 120 सीटों के साथ बढ़त बनाता दिख रहा है। अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी भी कुछ सीटों पर असर डालती नजर आ रही है। ऐसे में राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। केरल: त्रिकोणीय संघर्ष में यूडीएफ को बढ़त 140 सीटों वाले केरल में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर है। सर्वे के अनुसार कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन 67 से 73 सीटों के साथ आगे रह सकता है, जबकि सत्तारूढ़ लेफ्ट गठबंधन 62 से 68 सीटों पर सिमट सकता है। भाजपा को 5 से 8 सीटें मिलने का अनुमान है, जिससे वह राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराती दिख रही है। कई राज्यों में सस्पेंस बरकरार इन ओपिनियन पोल के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि 2026 के चुनावों में मतदाताओं का रुझान कई जगह बंटा हुआ है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में जहां कड़ी टक्कर है, वहीं असम में सत्ता वापसी के संकेत मिल रहे हैं। केरल में भी मुकाबला आखिरी दौर तक रोमांचक रहने की संभावना है। ऐसे में अंतिम नतीजे क्या होंगे, यह तो चुनावी मैदान में जनता ही तय करेगी।

  • मोदी का अधूरे एजेंडों पर आगे बढ़ने का संकेत

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली। नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ‘समान नागरिक संहिता’ और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को पार्टी के दो महत्वपूर्ण लेकिन अधूरे एजेंडे बताते हुए कहा कि इन पर देश में गंभीर और सकारात्मक विचार-विमर्श जारी है और सरकार इन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। सोमवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा का मिशन केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि देश में स्थायी और व्यापक सुधार लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान कानून लागू करना है, जबकि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का मकसद लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराकर संसाधनों की बचत और प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने आपातकाल जैसे कठिन दौर में संघर्ष किया और कांग्रेस शासन के दौरान उत्पीड़न सहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में राजनीतिक हिंसा को संस्कृति बना दिया गया है, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल और केरल का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए बलिदान दिया है। “भाजपा कार्यकर्ता पार्टी को अपनी मां मानते हैं और देश सेवा को सर्वोच्च मानते हैं,” उन्होंने कहा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने ब्रिटिश काल के सैकड़ों अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया, देश को नया संसद भवन दिया, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया और तीन तलाक जैसी कुप्रथा पर कानून बनाकर महिलाओं को न्याय दिलाया। इसके अलावा उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण जैसे निर्णयों को भी सरकार की प्रतिबद्धता और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनौती का सामना पूरी ईमानदारी से करती रही है और भविष्य में भी करती रहेगी। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की विचारधारा और देश सेवा के संकल्प को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि हर कार्यकर्ता के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायक अवसर है, जो उन्हें राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की याद दिलाता है।

  • बीजेएस शिवमोग्गा बना राज्य में उपविजेता

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरु में आयोजित भारतीय जैन संगठन (बीजेएस) के कर्नाटक राज्य सम्मेलन 2026 में शिवमोग्गा चैप्टर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम उपविजेता (फर्स्ट रनर-अप) का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। यह उपलब्धि संगठन के सामाजिक सरोकारों, सक्रिय सदस्य भागीदारी और प्रभावी नेतृत्व का परिणाम मानी जा रही है। इन्फैंट्री रोड स्थित गणेश बाग में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में राज्यभर से बड़ी संख्या में बीजेएस सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों शांतिलाल मुत्था, नंदकिशोर साखला, सुश्री कोमल जैन, डॉ. पंकज चोपड़ा और राजेंद्र लुंकर की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। सम्मेलन के दौरान विभिन्न चैप्टर के समग्र प्रदर्शन का मूल्यांकन सामाजिक गतिविधियों, सदस्य सहभागिता, नवाचार और संगठनात्मक दक्षता के आधार पर किया गया। इन सभी मापदंडों पर खरा उतरते हुए शिवमोग्गा चैप्टर ने राज्य स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित की और उपविजेता का गौरव हासिल किया। शिवमोग्गा से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस प्रतिनिधिमंडल में चैप्टर अध्यक्ष प्रवीण सालेचा, मुख्य सचिव निखिल कोठारी, लेडीज विंग सचिव विजया केवलचंद सहित बबली कुमारी, कविता जैन, कविता कवाड, खुशबू, पद्मा, हंसराज जैन, राजेश बटेवरा, विनोद जैन, गौतम कुमार, पीयूष बलाई, रितेश कुमार, पंकज कुमार, सोहन राज, विनोद पालरेचा, रितेश बोहरा और पलाश जैन जैसे सदस्य शामिल रहे। कार्यक्रम में व्यावहारिक सत्र, नेतृत्व विकास पर संवाद, नेटवर्किंग के अवसर और जैन समाज में एकता व प्रगति को गति देने वाली भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई। शिवमोग्गा चैप्टर को मिला यह सम्मान न केवल उसके सदस्यों के समर्पण और टीम भावना का प्रतीक है, बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह उपलब्धि भविष्य में और अधिक सेवा, नेतृत्व और सामाजिक योगदान के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगी। उपरोक्त जानकारी शांतिलाल साकरिया, शिवमोग्गा ने दी।

  • चुनावी विज्ञापनों पर सख्ती: प्रिंट मीडिया में प्री-सर्टिफिकेशन अनिवार्य

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली। आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और संतुलित बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग ने प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों पर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान से ठीक पहले और मतदान के दिन अखबारों में प्रकाशित होने वाले किसी भी राजनीतिक विज्ञापन के लिए पूर्व-प्रमाणन (प्री-सर्टिफिकेशन) अनिवार्य होगा। आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह निर्णय चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और सभी राजनीतिक दलों व उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके तहत कोई भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, संगठन या व्यक्ति मतदान से एक दिन पहले या मतदान के दिन तक बिना पूर्व स्वीकृति के कोई भी विज्ञापन प्रकाशित नहीं कर सकेगा। निर्देशों के मुताबिक, ऐसे सभी विज्ञापनों को प्रकाशित करने से पहले संबंधित राज्य या जिला स्तर की मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) से अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। जहां उम्मीदवार और व्यक्तिगत आवेदक जिला स्तरीय एमसीएमसी के माध्यम से आवेदन करेंगे, वहीं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को राज्य स्तरीय समिति से स्वीकृति लेनी होगी। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल 2026 को होने वाले मतदान के लिए 8 और 9 अप्रैल 2026 को प्रकाशित विज्ञापनों पर यह नियम लागू रहेगा। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान प्रस्तावित है, जिसके लिए 22 और 23 अप्रैल 2026 को प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों के लिए प्री-सर्टिफिकेशन जरूरी होगा। वहीं पश्चिम बंगाल में दो चरणों—23 अप्रैल और 29 अप्रैल—में मतदान होगा, जिसके लिए क्रमशः 22-23 अप्रैल और 28-29 अप्रैल 2026 को प्रकाशित विज्ञापनों पर यह नियम प्रभावी रहेगा। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि विज्ञापन के प्री-सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन प्रकाशन की निर्धारित तिथि से कम से कम दो दिन पहले जमा कराना होगा, ताकि सामग्री की गहन जांच सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, एमसीएमसी समितियों को सक्रिय कर दिया गया है, जो न केवल विज्ञापनों के प्रमाणन की प्रक्रिया को तेज करेंगी, बल्कि ‘पेड न्यूज़’ जैसे मामलों पर भी कड़ी नजर रखेंगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम चुनावी प्रचार में पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाताओं को भ्रामक या पक्षपातपूर्ण जानकारी से बचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • बंगाल में धामी का हमला: TMC पर ‘सिंडिकेट’ की तरह काम करने का आरोप

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतार दिया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव क्षेत्र में रोड शो और जनसभा कर भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में जोरदार प्रचार किया। रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी देखने को मिली। जनसभा को संबोधित करते हुए धामी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस एक राजनीतिक दल की तरह नहीं, बल्कि “सिंडिकेट” की तरह काम कर रही है, जहां कट-मनी और कमीशनखोरी व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं। धामी ने कहा कि यदि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है, तो भ्रष्टाचार और अपराध पर कड़ा प्रहार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की “डबल इंजन सरकार” बनने पर विकास कार्यों को गति मिलेगी और राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा। इस दौरान उन्होंने बनगांव दक्षिण से स्वप्न मजूमदार, बनगांव उत्तर से अशोक कीर्तनिया, बगदा से सोमा ठाकुर और गोघाटा से सुब्रत ठाकुर के नामांकन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और भय का माहौल व्याप्त है, जिससे आम जनता त्रस्त है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने से विकास को नई गति मिली है और बंगाल में भी ऐसा ही परिवर्तन संभव है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा द्वारा बाहरी राज्यों के नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारना उसकी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। इसके जरिए पार्टी न केवल संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, बल्कि मतदाताओं पर व्यापक प्रभाव डालने का भी प्रयास कर रही है। धामी का यह दौरा भी इसी रणनीति के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनसभा में उमड़ी भीड़ को लेकर भाजपा नेताओं ने इसे परिवर्तन की लहर का संकेत बताया, जबकि विपक्ष इसे महज चुनावी रणनीति करार दे रहा है। ऐसे में आगामी चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसके दावों पर मुहर लगाती है।

  • तमिलनाडु में कड़ा मुकाबला, एनडीए को हल्की बढ़त

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार सियासी तस्वीर बेहद दिलचस्प और मुकाबला बेहद कांटे का नजर आ रहा है। ताजा ओपिनियन पोल के अनुसार, राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है, जिसमें एनडीए को मामूली बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन 107 से 120 सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है। वहीं, डीएमके और कांग्रेस के गठबंधन को 102 से 115 सीटें मिलने का अनुमान है। इस चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) भी अहम भूमिका में नजर आ रही है, जिसे 5 से 12 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। अन्य दलों के खाते में 1 से 6 सीटें जा सकती हैं। वोट शेयर के लिहाज से भी मुकाबला बेहद नजदीकी है। एनडीए को लगभग 40 प्रतिशत, डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को 38 प्रतिशत, टीवीके को 16 प्रतिशत और अन्य दलों को करीब 6 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। इससे स्पष्ट है कि चुनावी लड़ाई हर सीट पर कड़ी रहने वाली है। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी। पूरे राज्य में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है और सभी प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटी है। दूसरी ओर, एनडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को चुनाव प्रचार का मुख्य चेहरा बनाया है। यदि पिछले चुनावों पर नजर डालें तो 2016 में एआईएडीएमके ने 134 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि 2021 में डीएमके ने 133 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी। ऐसे में इस बार का चुनाव सत्ता के लिए सीधा संघर्ष बन गया है, जहां हर वोट निर्णायक साबित हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मतदाताओं का रुझान अंतिम समय तक स्पष्ट नहीं होगा और छोटे दलों व नए चेहरों की भूमिका भी परिणामों को प्रभावित कर सकती है। कुल मिलाकर, तमिलनाडु में 2026 का चुनाव रोमांचक और बेहद प्रतिस्पर्धी होने जा रहा है।

  • डिब्रूगढ़ से पीएम मोदी का कांग्रेस पर तीखा प्रहार

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) डिब्रूगढ़। असम विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को डिब्रूगढ़ में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जनसभा में उमड़ी भीड़ और उत्साह को विपक्ष के लिए “चिंता का संकेत” बताते हुए कहा कि जनता का यह समर्थन आगामी चुनावों में बड़ा संदेश देने वाला है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत डिब्रूगढ़ से अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए की और कहा कि उन्होंने यहां पहले भी कई बार दौरा किया है, लेकिन इस बार का जनउत्साह अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि राज्य में परिवर्तन की लहर है और कांग्रेस के लिए यह स्थिति असहज करने वाली है। असम की सांस्कृतिक विविधता की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राज्य “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने अहोम, कोच-राजबंशी, मोरान, मोतोक, मिसिंग और देवरी जैसे समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के बावजूद यहां के लोगों का सपना एक ही है—विकसित असम और विकसित भारत। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के महान व्यक्तित्वों को भी नमन किया, जिनमें भूपेन हजारिका, गोपीनाथ बोरदोलोई और ज्योति प्रसाद अग्रवाल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों की प्रेरणा से केंद्र और राज्य की भाजपा-एनडीए सरकार असम को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नुमालीगढ़ से डिब्रूगढ़ तक का हाईवे कांग्रेस की “उपेक्षापूर्ण नीति” का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह परियोजना वर्ष 2005 में स्वीकृत होने के बावजूद 2013 तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही, जबकि उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक असम के साथ सौतेला व्यवहार किया, जिसके चलते अपर असम और बराक घाटी जैसे क्षेत्रों का समुचित विकास नहीं हो सका। इसके विपरीत, भाजपा-एनडीए सरकार ने कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देते हुए बोगीबील ब्रिज, भूपेन हजारिका सेतु और जोरहाट-माजुली सेतु जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं को साकार किया है। प्रधानमंत्री ने हाल की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मोरान में नए हाईवे पर लड़ाकू विमानों की लैंडिंग ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी वायुसेना के साथ उसी सड़क पर उतरे थे, जो देश की आधुनिक बुनियादी ढांचे की क्षमता को दर्शाता है। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में असम ने विकास की नई गति पकड़ी है और अब राज्य बुनियादी सुविधाओं से लेकर आर्थिक गतिविधियों तक हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे विकास की इस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा-एनडीए को पुनः अवसर दें।

  • केरल में कांग्रेस नेता के बयान पर बवाल

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) कोच्चि: केरल की राजनीति में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान सामने आया। वायरल वीडियो में नेता पार्टी कार्यकर्ताओं को सियासी संघर्ष के दौरान महिलाओं को “हथियार” की तरह इस्तेमाल करने की सलाह देते नजर आ रहे हैं। इस बयान के सामने आते ही राज्य की सियासत गरमा गई है और विपक्ष ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला इडुक्की जिले के वाझाथोप में आयोजित एक चुनावी रैली से जुड़ा है, जहां यूडीएफ उम्मीदवार रॉय के पॉलोस के समर्थन में कार्यक्रम रखा गया था। इसी दौरान जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) के अध्यक्ष सीपी मैथ्यू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कथित रूप से विवादित टिप्पणी की। वायरल वीडियो में मैथ्यू कार्यकर्ताओं को यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि टकराव की स्थिति में महिलाओं को आगे लाया जाए और जरूरत पड़ने पर कपड़े फाड़कर शिकायत दर्ज कराई जाए, ताकि विरोधी दल के नेताओं के खिलाफ मामला मजबूत किया जा सके। उन्होंने कथित तौर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय की महिलाओं को भी इस तरह की रणनीति में शामिल करने की बात कही, जिससे एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून के तहत गंभीर मामले दर्ज हो सकें। वीडियो में एक महिला नेता का उदाहरण देते हुए मैथ्यू कहते हैं कि पूर्व में भी ऐसी रणनीति अपनाई गई थी। उन्होंने कथित तौर पर यह तक कहा कि यदि विरोधी दल के कार्यकर्ता सामने आएं, तो महिला कार्यकर्ता “ब्लाउज फाड़कर” शिकायत दर्ज कराएं, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई का रुख प्रभावित हो सकता है। इस बयान के सार्वजनिक होते ही विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर कानून के दुरुपयोग और चुनाव को प्रभावित करने की साजिश का आरोप लगाया है। विशेष रूप से सीपीआई(एम) ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कड़ी निंदा की है। पार्टी का कहना है कि यह बयान दर्शाता है कि कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद का असर चुनावी माहौल पर पड़ सकता है और कांग्रेस को जवाबदेही के सवालों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राज्य में राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। चुनावी माहौल के बीच इस तरह के बयान ने न केवल राजनीतिक मर्यादा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में संवेदनशील मुद्दों के दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

  • पुडुचेरी में कांग्रेस का ‘5 गारंटी’ दांव

    पुडुचेरी। भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) पुडुचेरी। विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियों के बीच राहुल गांधी ने सोमवार को कांग्रेस की ओर से मतदाताओं को साधने के लिए ‘5 गारंटी’ का बड़ा ऐलान किया। चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि राज्य में कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनती है तो आम जनता, विशेषकर महिलाओं और युवाओं के जीवन में ठोस बदलाव लाने के लिए कई अहम कदम उठाए जाएंगे। राहुल गांधी ने अपनी घोषणाओं में महिलाओं के लिए सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा, बेरोजगार युवाओं को हर महीने 2000 रुपये की आर्थिक सहायता और राज्य में 30,000 नई नौकरियों के सृजन का वादा किया। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे ताकि युवाओं को राज्य में ही बेहतर भविष्य मिल सके। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 40 वर्ष करने और प्रत्येक परिवार को 20 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की बात भी कही गई। सभा में राहुल गांधी ने पुडुचेरी से अपने पारिवारिक और भावनात्मक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह रिश्ता केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वास और सम्मान पर आधारित है। उन्होंने लोगों से ऐसी सरकार बनाने की अपील की, जो वास्तव में जनता की आवाज को प्रतिनिधित्व दे और स्थानीय आकांक्षाओं के अनुरूप काम करे। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य की मौजूदा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पुडुचेरी नकली दवाओं का केंद्र बनता जा रहा है, जहां बड़े पैमाने पर फर्जी दवाओं का निर्माण हो रहा है और इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने इसे गंभीर भ्रष्टाचार बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि लोगों की जान से जुड़ा मुद्दा है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य को ‘रिमोट कंट्रोल’ से चलाया जा रहा है और स्थानीय नेतृत्व को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल के माध्यम से जनमत को प्रभावित किया जा रहा है तथा स्थानीय निकाय चुनाव भी नहीं कराए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि राज्य के औद्योगिक और कपड़ा क्षेत्र में गिरावट आई है, जिसके कारण कई कारखाने बंद हो चुके हैं। चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस का यह ‘5 गारंटी’ अभियान पुडुचेरी की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि मतदाता इन वादों को कितना स्वीकार करते हैं और आगामी चुनाव में इसका क्या असर पड़ता।

  • पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र में बस हादसा, L&T के कई कर्मचारी घायल

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बालोतरा। पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच सोमवार सुबह एक और बड़ा हादसा सामने आया, जब L&T कंपनी के कर्मचारियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कई कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस कर्मचारियों को लेकर रिफाइनरी क्षेत्र की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और सहकर्मियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र में लगातार बढ़ते सड़क हादसे सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी को उजागर कर रहे हैं। खराब सड़कें, तेज रफ्तार और यातायात नियंत्रण के अभाव के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ठोस कदम उठाने में नाकाम नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में एक बार फिर सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रिफाइनरी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

bottom of page