top of page

विज्ञापन के लिए संपर्क करेंअपने व्यवसाय, संस्थान, उत्पाद, सेवा, कार्यक्रम या ब्रांड का प्रचार भारतार्थ खबर के माध्यम से लाखों पाठकों तक पहुँचाएँ।विज्ञापन, प्रायोजित लेख, बैनर विज्ञापन एवं प्रचार संबंधी जानकारी के लिए संपर्क करें:📧 news@bhaarataarth.com📧 livenews@bhaarataarth.com🌐 Website: https://www.bhaarataarth.comभारतार्थ खबर — खबर नहीं, उसका अर्थ।“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

उत्तर प्रदेश सहित सभी राज्यों की प्रमुख खबरें, स्थानीय घटनाएँ और राष्ट्रीय महत्व के समाचार एक ही मंच पर।

तमिलनाडु में कड़ा मुकाबला, एनडीए को हल्की बढ़त

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 6
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार सियासी तस्वीर बेहद दिलचस्प और मुकाबला बेहद कांटे का नजर आ रहा है। ताजा ओपिनियन पोल के अनुसार, राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है, जिसमें एनडीए को मामूली बढ़त मिलती दिखाई दे रही है।


सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन 107 से 120 सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है। वहीं, डीएमके और कांग्रेस के गठबंधन को 102 से 115 सीटें मिलने का अनुमान है। इस चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) भी अहम भूमिका में नजर आ रही है, जिसे 5 से 12 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। अन्य दलों के खाते में 1 से 6 सीटें जा सकती हैं। वोट शेयर के लिहाज से भी मुकाबला बेहद नजदीकी है। एनडीए को लगभग 40 प्रतिशत, डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को 38 प्रतिशत, टीवीके को 16 प्रतिशत और अन्य दलों को करीब 6 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। इससे स्पष्ट है कि चुनावी लड़ाई हर सीट पर कड़ी रहने वाली है।


234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी। पूरे राज्य में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है और सभी प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटी है। दूसरी ओर, एनडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को चुनाव प्रचार का मुख्य चेहरा बनाया है। यदि पिछले चुनावों पर नजर डालें तो 2016 में एआईएडीएमके ने 134 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि 2021 में डीएमके ने 133 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी। ऐसे में इस बार का चुनाव सत्ता के लिए सीधा संघर्ष बन गया है, जहां हर वोट निर्णायक साबित हो सकता है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मतदाताओं का रुझान अंतिम समय तक स्पष्ट नहीं होगा और छोटे दलों व नए चेहरों की भूमिका भी परिणामों को प्रभावित कर सकती है। कुल मिलाकर, तमिलनाडु में 2026 का चुनाव रोमांचक और बेहद प्रतिस्पर्धी होने जा रहा है।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page