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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • पतंजलि योग समिति ने उत्साह के साथ मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, 50 से अधिक वरिष्ठ महिला योग शिक्षिकाओं का हुआ सम्मान

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी। (Bhaarataarth.com) धारवाड़। कर्नाटक स्टेट पतंजलि योग समिति के चीफ इन-चार्ज एवं इंटरनेशनल योग गुरु भवरलाल आर्य के नेतृत्व में धारवाड़ महिला पतंजलि योग समिति द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर धारवाड़ के चरंतीमठ गार्डन स्थित कम्युनिटी हॉल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें योग केंद्रों की अनेक महिला सदस्यों और शिक्षिकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती वीना बिरादर, प्रेसिडेंट एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री साई प्री-यूनिवर्सिटी साइंस एंड कॉमर्स, धारवाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और यह सिद्ध कर चुकी हैं कि वे किसी भी रूप में कमजोर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए पुरुष और महिलाओं को साथ मिलकर कार्य करना होगा। विशिष्ट अतिथि श्रीमती जयश्री मंजुनाथ मक्कलगेरी ने कहा कि यदि परिवार के पुरुष महिलाओं को सहयोग दें तो महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा को निखार सकती हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परिवार से मिले सहयोग के कारण ही वे आज मंच से अपने विचार रख पा रही हैं। धारवाड़ महानगर पालिका के वार्ड नंबर 8 के सदस्य श्री शंकर शेलाके ने कहा कि समाज में अनेक प्रतिभाशाली महिलाएं हैं, जिन्हें सामाजिक नेतृत्व में आगे आना चाहिए और समाज निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस अवसर पर पतंजलि योग समिति उत्तर कर्नाटक के स्टेट इंचार्ज श्री किरण मनोलकर ने बताया कि पतंजलि योग समिति हुबली-धारवाड़ क्षेत्र के प्रत्येक घर तक निःशुल्क योग शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह से धारवाड़ में 25 दिनों का एडवांस्ड योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की योजना है, जिसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों को आदर्श योग शिक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कर्नाटक स्टेट पतंजलि योग समिति के चीफ इन-चार्ज एवं अंतरराष्ट्रीय योग गुरु भवरलाल आर्य ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि महान पुरुषों की सफलता के पीछे महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर समाज में आगे बढ़ेंगी, तभी हिंदू सनातन धर्म की नींव और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि योग के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की अपेक्षा अधिक बढ़ रही है, जो समाज के स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक संकेत है। यदि महिला स्वस्थ होगी तो वह पूरे परिवार को स्वस्थ रख सकती है। उन्होंने सभी से नियमित योग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ऑर्गनाइजिंग ऑफिसर श्रीमती उमा अगाड़ी मंचासीन रहीं। श्रीमती नागरत्ना सुलाखे ने स्वागत भाषण दिया तथा श्रीमती लीलावती संब्रानी ने अतिथियों का अभिनंदन किया। धारवाड़ जिला महिला प्रभारी श्रीमती शैलजा मडिकर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। रजतगिरी योग टीम ने नृत्य प्रस्तुत किया, नंदीकोला बसवन्ना योग केंद्र ने लोक नृत्य से सभी का मन मोह लिया, वीरभद्रेश्वर योग टीम ने प्रार्थना प्रस्तुत की तथा समुद्र भवन योग केंद्र ने योग नृत्य का प्रदर्शन किया। इसके अलावा मदिहाल योग केंद्र द्वारा फैशन शो, नृत्य और लोकगीतों के माध्यम से महिला दिवस का उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में धारवाड़ की 50 से अधिक वरिष्ठ महिला योग शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जगदेवी होन्नापुरमथा, विजयलक्ष्मी नवले, वंदना होमकर, विजयलक्ष्मी करिंदी, मेघा, शोभा नेसरगी, तनुजा पाटिल, सौम्या मल्लापुर, रेणुका नागर, भाग्य बडीगेरा, सुनीता सोनार, सुवर्णा करिंदी, सविता सिंदे, छाया सुरेबाना, बसवराज मुम्मिगट्टी, उमेश कुलकर्णी, वी.एस. वस्त्रमथा, पुष्पा अरेसिमी, एम.डी. पाटिल, हनुमंतराव ठक्कलकी, प्रवीण मुरागोड़ा, विवेकानंद नगर योग केंद्र, नीलकंठ होराडी सहित बड़ी संख्या में योग साधक एवं महिलाएं उपस्थित थीं।

  • भाजपा कार्यालय में मनाई गई भावुराव देशपांडे की जयंती, कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विचारक एवं संगठन के प्रेरणास्रोत रहे भावुराव देशपांडे की जयंती मंगलवार को मल्लेश्वरम स्थित भाजपा के शहर कार्यालय ‘भावुराव देशपांडे’ में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों और संगठन निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि भावुराव देशपांडे का जीवन सादगी, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना का प्रतीक था। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके आदर्श आज भी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। इस अवसर पर बेंगलूरु नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट एस. हरीश, बेंगलूरु सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट सप्तगिरी गौड़ा, बेंगलूरु सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट जनरल सेक्रेटरी एम. गौतम कुमार, आर. राघवेंद्र राव, बेंगलूरु नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट वाइस प्रेसिडेंट श्रीमती आशा राव, डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी श्रीमती मालादेवी तथा बेंगलूरु नॉर्थ महिला मोर्चा डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट श्रीमती मंजुला देवी सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने भावुराव देशपांडे के आदर्शों पर चलने और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। समारोह में मौजूद सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र सेवा और समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

  • स्वच्छता और आरोग्य का संदेश देता है शीतला माता का पावन पर्व

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। सनातन परंपरा में प्रत्येक पर्व और पूजा-पद्धति के पीछे गहरा वैज्ञानिक और सामाजिक संदेश निहित होता है। इसी कड़ी में शीतला माता का पावन पर्व स्वच्छता, स्वास्थ्य और आरोग्य का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु माता की पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शीतला माता को आरोग्य की देवी माना जाता है, जो विशेष रूप से चेचक और अन्य मौसमी बीमारियों से रक्षा करने वाली शक्ति के रूप में पूजी जाती हैं। परंपरागत रूप से इस दिन माता की आराधना के साथ घरों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है और ठंडा भोजन प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। यह परंपरा बदलते मौसम, विशेषकर गर्मी की शुरुआत में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश देती है। शास्त्रों में शीतला माता के स्वरूप का भी विशेष महत्व बताया गया है। माता के हाथ में झाड़ू और कलश स्वच्छता और शुद्धता के प्रतीक माने जाते हैं। यह संदेश देते हैं कि यदि व्यक्ति अपने घर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखे, तो अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। इसी प्रकार शीतला माता की पूजा में नीम की पत्तियों का उपयोग भी विशेष रूप से किया जाता है। आयुर्वेद में नीम को रोगनाशक और संक्रमण से बचाने वाला औषधीय वृक्ष माना गया है। यही कारण है कि प्राचीन परंपराओं में नीम की पत्तियों का प्रयोग स्वास्थ्य संरक्षण के प्रतीक के रूप में आज भी प्रचलित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता का वाहन गधा (गर्दभ) है, जो सहनशीलता, धैर्य और परिश्रम का प्रतीक माना जाता है। यह प्रतीकात्मक संदेश देता है कि जीवन में संयम और धैर्य से ही सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार शीतला माता का पर्व केवल आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि समाज को स्वच्छता, संतुलित आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का एक सांस्कृतिक माध्यम भी है। इस अवसर पर श्रद्धालु माता की आराधना कर समाज में प्रेम, सद्भाव और स्वास्थ्यपूर्ण जीवन की कामना करते हैं। इस पावन अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए माता से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की तथा स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व को अपनाने का संकल्प भी लिया।

  • 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अहम: बी.वाई. विजयेंद्र

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी। (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व एक “प्रधान सेवक” की भावना के साथ कर रहे हैं और उनका स्पष्ट मानना है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यह बात कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने कही। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बेंगलूरु के मल्लेश्वरम स्थित हव्यक भवन में बेंगलूरु महानगर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजयेंद्र ने महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में उनकी बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब बी. एस. येदियुरप्पा राज्य के मुख्यमंत्री थे, उस समय समाज में एक सोच थी कि गरीब परिवारों में जन्मी बेटी को बोझ या अभिशाप माना जाता है। उस सोच को बदलने के लिए भाजपा सरकार ने भाग्यलक्ष्मी योजना लागू की और यह संदेश दिया कि बेटी अभिशाप नहीं बल्कि “भाग्यलक्ष्मी” है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने गरीब परिवारों की बेटियों को सुरक्षा और सम्मान देने का काम किया। विजयेंद्र ने बताया कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कई लड़कियां पाँचवीं, छठी या सातवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाती थीं। लेकिन भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई साइकिल योजना ने छात्राओं को स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित किया और शिक्षा से जुड़ने में मदद की। बेलगावी की घटना पर जताई नाराजगी अपने संबोधन में विजयेंद्र ने हाल ही में बेलगावी में हुई एक शर्मनाक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें एक अनुसूचित जनजाति की महिला के साथ दिनदहाड़े दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि यह घटना सुवर्ण सौधा से मात्र दस किलोमीटर की दूरी पर हुई, जबकि उस समय मुख्यमंत्री और कई मंत्री बेलगावी में मौजूद थे। इसके बावजूद सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें हिम्मत दी और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। महिलाओं को आगे आने की जरूरत विजयेंद्र ने कहा कि आज महिलाओं में जागरूकता बढ़ रही है और उन्हें केवल घर और रसोई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं के नेतृत्व की क्षमता दिखाई दे रही है। राजनीति, प्रशासन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कई निर्णयों के माध्यम से साबित किया है। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति समुदाय की महिला द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाना महिलाओं के सम्मान और अवसरों के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है। विजयेंद्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिला अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही महिलाओं को सम्मान देने की परंपरा वाला देश रहा है, जहां मां को ईश्वर के समान माना जाता है। उन्होंने कर्नाटक की महान महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पवित्र कन्नड़ भूमि ने संत अक्का महादेवी, वीरांगना कित्तूर रानी चेन्नम्मा और साहसी नायिका ओनाके ओबाव्वा जैसी प्रेरणादायक महिलाओं को जन्म दिया है। कई प्रमुख नेता रहे उपस्थित कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य श्रीमती भारती शेट्टी, पूर्व राज्य सचिव श्रीमती भारती मुग्दम, महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती गीता विवेकानंद, कर्नाटक महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला नायडू तथा महिला मोर्चा की कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थीं। कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान किया गया और समाज में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया।

  • मेरी सोच मेरी पहचान’ कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संदेश

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्री ब्यावर संघ के तत्वावधान में ब्यावर युवा लेडीज विंग द्वारा “मेरी सोच मेरी पहचान” विषय पर प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन सुराणा कॉलेज, बसवनगुड़ी में किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 75 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आत्मविकास, सकारात्मक सोच और सामाजिक भूमिका पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक मैग्नस केड़क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड रहे, जबकि वेन्यू स्पॉन्सर के रूप में श्रीमती अर्चना सुराणा और सुराणा कॉलेज का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार महामंत्र के उच्चारण तथा पौधे में जल अर्पण कर किया गया। इस अवसर पर श्री ब्यावर संघ के अध्यक्ष ललित डाकलिया ने उपस्थित सभी सदस्यों और अतिथियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उन्होंने ब्यावर युवा लेडीज विंग द्वारा आयोजित ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही। कार्यक्रम में ब्यावर युवा लेडीज विंग की संयोजिका संगीता पारख ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन संयोजिका मोनिका कुमट ने किया, जबकि संयोजिका जीया हिंगड़ ने मुख्य वक्ता नमिता दुगड़ का परिचय प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता नमिता दुगड़ ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि महिला दिवस मनाने का सही अर्थ तभी है जब हम अपने जीवन में कुछ नया सीखने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि परिवार में आपसी तालमेल और रिश्तों की समझ ही जीवन में मिठास लाती है। सास-बहू, मां-बेटी, भाई-बहन और पति-पत्नी जैसे रिश्तों में प्रेम और सम्मान तभी बढ़ता है जब हम एक-दूसरे की भावनाओं को समझते हुए व्यवहार करते हैं। उन्होंने भगवान महावीर के अनेकान्तवाद सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति का दृष्टिकोण अलग होता है, इसलिए हमें दूसरों को उनकी नजर से समझने का प्रयास करना चाहिए। परिवार के साथ बिताया गया समय रिश्तों को मजबूत बनाता है और बड़ों से सीखे गए संस्कार जीवन की दिशा तय करते हैं। उन्होंने महिलाओं को सकारात्मक सोच, समय का सदुपयोग और निरंतर सीखने की भावना के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में राजस्थान संघ की पूर्व अध्यक्षा रतनी बाई मेहता ने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं कामधेनु गौशाला की अध्यक्षा शारदा चौधरी ने घूंघट से बाहर निकलकर समाज सेवा और आत्मनिर्भरता की अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा की। इस अवसर पर श्री रत्न हितैषी श्रविका मंडल की अध्यक्षा प्रभा गुलेच्छा ने अपनी सुंदर कविता के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित किया और ब्यावर युवा लेडीज विंग की सराहना की। वहीं साधु-संतों द्वारा घरेलू देसी सामग्री से निर्मित औषधियों से वैयावच्च का लाभ लेने वाली सरोज गिरिया ने अपनी शारीरिक अस्वस्थता के संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी सुनाते हुए जरूरतमंदों की सेवा के लिए सभी को प्रेरित किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को जीवन जीने की कला, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित करना रहा। आयोजन को सफल बनाने में संयोजिका चंदू डाकलिया और कंचन छाजेड़ का विशेष सहयोग रहा। अंत में सीमा बोहरा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में ब्यावर संघ के अर्चित पारख सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। यह आयोजन महिलाओं के लिए प्रेरणा, संवाद और आत्मविकास का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

  • 108 हवन कुंडों के विशेष अग्निहोत्र के साथ कोप्पल में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, योग गुरु भवरलाल आर्य ने बताए अग्निहोत्र के वैज्ञानिक लाभ

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) कोप्पल। पतंजलि योग समिति एवं महिला पतंजलि योग समिति, कोप्पल जिला समिति के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के गविसिद्धेश्वर मठ हाई स्कूल परिसर में 108 हवन कुंडों द्वारा विशेष अग्निहोत्र यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में योग साधकों, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन पतंजलि योग पीठ कर्नाटक के वरिष्ठ राज्य प्रभारी एवं अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु भवरलाल आर्य के मार्गदर्शन में किया गया। यज्ञ के दौरान 108 हवन कुंडों में सामूहिक रूप से अग्निहोत्र संपन्न कराया गया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। इस अवसर पर उपस्थित साधकों को संबोधित करते हुए योग गुरु भवरलाल आर्य ने कहा कि योग और अग्निहोत्र एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दशक पहले तक योग आम जनजीवन से दूर था, लेकिन आज पूरी दुनिया योग की महत्ता को स्वीकार कर रही है। इसी प्रकार अग्निहोत्र भी एक वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक साधना है, जिसे हर व्यक्ति आसानी से कर सकता है और इससे शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि 12 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय अग्निहोत्र दिवस मनाया जाता है। इस पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए समाज के प्रत्येक घर तक अग्निहोत्र पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष तक इस अभियान को व्यापक रूप देकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक अग्निहोत्र की परंपरा को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। भवरलाल आर्य ने बताया कि अग्निहोत्र के अनेक लाभ वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अग्निहोत्र से वातावरण शुद्ध होता है, नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। औषधीय जड़ी-बूटियों के साथ किए जाने वाले अग्निहोत्र से उनके औषधीय गुण प्राणायाम के माध्यम से शरीर तक पहुंचते हैं, जिससे अनेक रोगों में लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि में अग्निहोत्र की राख का उपयोग करने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। उन्होंने “ओम” के उच्चारण के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि ओंकार का उच्चारण अत्यंत शक्तिशाली ध्वनि है, जिसका किसी विशेष धर्म से संबंध नहीं है। विभिन्न वैज्ञानिक अनुसंधानों में यह पाया गया है कि ओंकार के उच्चारण से मानसिक और शारीरिक समस्याओं में राहत मिलती है। कार्यक्रम के दौरान महिला साधिकाओं के योगदान को सम्मानित करते हुए श्रीमती अरुणा नरेंद्र और डॉ. कस्तूरी करमुडी को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर महिला पतंजलि योग समिति की कोप्पल जिला प्रभारी मीनाक्षी, कोप्पल तालुक प्रभारी माला वर्णेकर, पतंजलि योग समिति के सह-राज्य प्रभारी शरणबसव चन्नल्ली, राज्य समिति सदस्य डॉ. एस. बी. हंड्राल, कोप्पल जिला प्रभारी रामगोपाल तपाड़िया, बसवराज अंगड़ी, दामोदर वरनेकर, अनसूया अंगड़ी, इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष मधु शेट्टार, प्रगति महिला मंडली की जयश्री एलरत्ती, पतंजलि परिवार की ममता शेट्टार, सुधा शेट्टार, सुमति, भारती, गुरुराजा हालिगेरी, शिवबासैया, प्रशांत, वीरैया वेंटिगोलमठ, दिनेश पवार सहित अनेक गणमान्य नागरिक और योग साधक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में समाज में योग और अग्निहोत्र की परंपरा को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

  • चेन्नई में भारतीय नववर्ष सम्मेलन 15 मार्च को, कलश यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा हिंदू नववर्ष 2083

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) चेन्नई। भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से चेन्नई में 15 मार्च 2026, रविवार को भव्य “भारतीय नववर्ष सम्मेलन” का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय संस्कृति संरक्षण समिति, चेन्नई द्वारा किया जा रहा है, जबकि कार्यक्रम का तत्वावधान आर्य समाज चेन्नई के मार्गदर्शन में होगा। इस अवसर पर पूरे शहर के विभिन्न हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं की भागीदारी रहेगी। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 3 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगी, जिसका प्रारंभ स्थल आर्य समाज भवन, नं. 33, मंगप्पा स्ट्रीट, साउकारपेट, चेन्नई रहेगा। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर सहभागी बनेंगी और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट करेंगी। इसके बाद सायं 5 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम और मुख्य सम्मेलन का आयोजन श्री राजेश्वर भवन, साउकारपेट, चेन्नई में किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर वक्ताओं द्वारा विचार प्रस्तुत किए जाएंगे तथा भारतीय संस्कृति की महिमा का वर्णन किया जाएगा। कार्यक्रम में आध्यात्मिक संत जय गोपीनाथ दासजी प्रभु (इस्कॉन, पेरम्बूर) का पावन सान्निध्य प्राप्त होगा। वहीं समाजसेवी समाज रत्न प्यारे लालजी पितलिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन के मुख्य वक्ता गयत्रीविदाचार्य निरंजन के. वर्मा होंगे, जो गुरुकुलपति पंचायत विद्यापीठ, कांचीपुरम से जुड़े हैं और भारतीय संस्कृति, वेद ज्ञान तथा राष्ट्र निर्माण पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। इसके अतिरिक्त विशिष्ट अतिथि के रूप में आचार्य विकासजी आर्य, सचिव–गवर्निंग बोर्ड, डीएवी ग्रुप चेन्नई, भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर अपने उद्बोधन से उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करेंगे। आयोजकों ने बताया कि हिंदू नववर्ष 2083 के स्वागत के लिए यह सम्मेलन सांस्कृतिक एकता, सनातन मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश देगा। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया गया है। कार्यक्रम के संबंध में अधिक जानकारी के लिए आयोजकों द्वारा संपर्क सूत्र 9884028878 और 8056231919 जारी किए गए हैं। आयोजकों ने सभी सनातन धर्म प्रेमियों से इस सम्मेलन में भाग लेकर भारतीय नववर्ष का उत्साहपूर्वक स्वागत करने की अपील की है। उपरोक्त जानकारी दिनेश जी कराड चेन्नई ने दी।

  • अमेरिका में 50 साल बाद बनेगी नई ऑयल रिफाइनरी, भारतीय कंपनी की भागीदारी पर ट्रंप का बड़ा बयान

    वॉशिंगटन / टेक्सास: अमेरिका में लगभग 50 वर्षों बाद एक नई ऑयल रिफाइनरी बनाने की घोषणा  की गई है। यह रिफाइनरी टेक्सास राज्य के ब्राउन्सविले बंदरगाह  पर स्थापित की जाएगी। इस परियोजना को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि इससे अमेरिकी बाजारों को मजबूती मिलेगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। ट्रंप के अनुसार यह परियोजना अमेरिका के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि यह रिफाइनरी आधुनिक तकनीक से लैस होगी और इसे दुनिया की सबसे साफ-सुथरी रिफाइनरी  बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ऊर्जा उत्पादन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नई रिफाइनरी के निर्माण से अमेरिका में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा , जिससे देश की तेल आपूर्ति मजबूत होगी। इसके साथ ही यह परियोजना हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकती है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में लंबे समय से नई रिफाइनरी नहीं बनी है, इसलिए यह परियोजना देश की ऊर्जा रणनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। 🇮🇳 भारतीय कंपनी की भागीदारी इस परियोजना में भारत की बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज  की संभावित भागीदारी की चर्चा भी हो रही है। रिलायंस पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स में से एक जामनगर रिफाइनरी (गुजरात)  का संचालन करती है। ऊर्जा क्षेत्र में रिलायंस के अनुभव को देखते हुए इस परियोजना में भारतीय भागीदारी को भारत-अमेरिका ऊर्जा सहयोग  के रूप में भी देखा जा रहा है। वैश्विक तेल बाजार पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह परियोजना सफलतापूर्वक शुरू होती है, तो इसका प्रभाव केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक तेल बाजार  पर भी पड़ सकता है। नई रिफाइनरी बनने से अमेरिका की तेल प्रसंस्करण क्षमता बढ़ेगी और ऊर्जा निर्यात में भी वृद्धि हो सकती है। क्यों खास है यह परियोजना अमेरिका में 50 साल बाद नई रिफाइनरी का निर्माण टेक्सास के ब्राउन्सविले बंदरगाह पर बनेगी हजारों रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक का उपयोग भारत-अमेरिका ऊर्जा सहयोग को मजबूती भारतार्थ खबर — खबर नहीं उसका अर्थ

  • पँख फाउंडेशन का अनूठा सेवा अभियान: पर्यावरण संरक्षण, जीवदया और बुजुर्गों की सेवा के लिए समाज से सहयोग की अपील

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी। (Bhaarataarth.com) शिवमोग्गा। समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय पँख फाउंडेशन पेण द्वारा वसुंधरा संरक्षण, जीवदया रक्षा तथा जरूरतमंदों की सेवा के लिए एक अनोखी पहल की गई है। संस्था ने समाज के लोगों से छोटी-छोटी आर्थिक सहभागिता के माध्यम से इन सेवाकार्यों को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया है। संस्था से जुडे जीवदया प्रेमी शांतिलाल साकरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि पँख फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से बुजुर्गों की टिफिन सेवा, जरूरतमंदों को मेडिकल सहायता, अबोल जीवों की रक्षा व उपचार तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन सेवाओं को लगातार जारी रखने के लिए समाज के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बड़ी राशि का सहयोग नहीं दे सकता, तो वह हर महीने मात्र 151 रुपये का योगदान देकर भी इस पुण्य कार्य में भागीदार बन सकता है। आपकी यह छोटी-सी मदद किसी बुजुर्ग की भोजन सेवा, किसी घायल पशु के उपचार या पर्यावरण संरक्षण के कार्य में उपयोगी साबित हो सकती है। फाउंडेशन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, सालगिरह या किसी विशेष अवसर पर भी इन सेवाओं में योगदान देकर समाजहित के कार्यों में सहभागी बन सकते हैं। संस्था की ओर से बताया गया कि सहयोग करने वाले दानदाताओं के नाम के साथ सोशल मीडिया पर विशेष धन्यवाद वीडियो भी साझा किया जाएगा। पँख फाउंडेशन द्वारा संचालित सेवाओं के लिए सहयोग राशि इस प्रकार निर्धारित की गई है— बुजुर्गों की टिफिन सेवा: 1100 रुपये अबोल जीवों की रक्षा एवं उपचार: 700 रुपये पक्षियों को दाना सेवा: 500 रुपये पेड़ बचाओ (वसुंधरा संरक्षण): 650 रुपये मासिक सहयोग: 151 रुपये संस्था ने अधिक जानकारी के लिए इच्छुक लोगों से संपर्क करने की अपील की है। संपर्क: शांतिलाल साकरिया, शिवमोग्गा मोबाइल: 8970803975 पंख फाउंडेशन अकाउंट डिटेल: Account Name: Pankh Foundation A/C No.: 0332102000009010 IFSC: IBKL0000332 Google Pay: 7020848808 (सीमा पुनमिया, पेण) Mb- 9970750790 संस्था ने अनुरोध किया है कि सहयोग राशि भेजने के बाद अपना नाम, स्थान और संपर्क नंबर संदेश के माध्यम से अवश्य सूचित करें, ताकि दानदाताओं को उचित रूप से आभार प्रकट किया जा सके।

  • ई–विधानसभा से सशक्त हो रहा लोकतंत्र: गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी का दूरदर्शी नेतृत्व बना देश के लिए प्रेरणा

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) अहमदाबाद। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा को शासन प्रणाली का केंद्र माना जाता है, जहां से जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं और राज्य के विकास की दिशा तय होती है। बदलते समय और डिजिटल युग की मांग के अनुरूप लोकतांत्रिक संस्थाओं का आधुनिक और तकनीक आधारित होना भी आवश्यक हो गया है। इसी दिशा में गुजरात विधानसभा ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ई–विधानसभा (पेपरलेस विधानसभा) प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू किया है, जो आज पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनती जा रही है। राष्ट्रीय सामाजिक समरसता के समन्वयक भरत राणाभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था का वास्तविक हृदय विधानसभा होती है। यहां से राज्य की नीतियां निर्धारित होती हैं और समाज के व्यापक हित में योजनाएं तैयार की जाती हैं। इसलिए समय के साथ इसकी कार्यप्रणाली को भी आधुनिक और प्रभावी बनाना जरूरी है। गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री शंकरभाई चौधरी के नेतृत्व में इसी सोच को साकार करते हुए विधानसभा में ई–विधानसभा प्रणाली को लागू किया गया है। डिजिटल युग की ओर लोकतंत्र की ऐतिहासिक पहल ई–विधानसभा के माध्यम से विधानसभा की संपूर्ण कार्यप्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इस व्यवस्था के तहत विधानसभा सदस्यों को प्रश्नोत्तर, चर्चाओं से संबंधित दस्तावेज, विधायी कार्यों की जानकारी और विभिन्न समितियों की रिपोर्ट अब डिजिटल माध्यम से तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं। इससे कार्यों की गति बढ़ी है और सदस्यों को आवश्यक जानकारी समय पर प्राप्त हो रही है। डिजिटल प्रणाली लागू होने से प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित हो गई हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि कार्यों में पारदर्शिता और सटीकता भी बढ़ी है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से विधानसभा की चर्चाएं और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बन रही हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही का नया मानक ई–विधानसभा व्यवस्था ने शासन प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत किया है। आवश्यक जानकारी डिजिटल माध्यम से तुरंत उपलब्ध होने के कारण निर्णय प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावशाली बन गई है। यह पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं को आधुनिक युग के अनुरूप मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास भरत राणाभाई पटेल ने कहा कि ई–विधानसभा केवल प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। पहले विधानसभा की कार्यवाही में बड़ी मात्रा में कागज का उपयोग होता था, लेकिन पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद कागज के उपयोग में उल्लेखनीय कमी आई है। यह पहल “ग्रीन गवर्नेंस” की दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार शासन का संदेश देती है। देश के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल गुजरात राज्य हमेशा नई पहल, नवाचार और सकारात्मक बदलाव के लिए अग्रणी रहा है। ई–विधानसभा की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दूरदर्शी नेतृत्व और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री शंकरभाई चौधरी की यह पहल अब देश की अन्य विधानसभाओं के लिए भी मार्गदर्शक मॉडल बनती जा रही है। मजबूत नेतृत्व, आधुनिक सोच और नवाचार के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को नई दिशा देने का यह प्रयास भविष्य में प्रशासनिक सुधारों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। सशक्त लोकतंत्र के लिए सशक्त विधानसभा अनिवार्य है ई–विधानसभा जैसी तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से गुजरात ने आधुनिकता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को भविष्यमुखी बनाते हुए पूरे देश को प्रेरित करने वाली विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय भी है।

  • मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की पहल पर सियासी घमासान: 200 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर, संसद में पेश हो सकता है प्रस्ताव

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली। देश की चुनावी व्यवस्था से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष ने संसद में घेराबंदी तेज कर दी है। विपक्षी दलों के 200 से अधिक सांसदों ने उन्हें हटाने के प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। यह मामला संसद के आगामी सत्र में राजनीतिक बहस और टकराव का बड़ा मुद्दा बन सकता है। सूत्रों के अनुसार इस नोटिस पर लोकसभा के लगभग 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। संसद के नियमों के अनुसार किसी भी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कम से कम 100 लोकसभा सांसदों या 50 राज्यसभा सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। इस दृष्टि से विपक्ष द्वारा जुटाए गए हस्ताक्षर आवश्यक संख्या से अधिक बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव शुक्रवार को संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इंडिया गठबंधन के दलों का समर्थन सूत्रों के मुताबिक इस नोटिस पर इंडिया गठबंधन से जुड़े अधिकांश दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए हस्ताक्षर किए हैं, जबकि पार्टी फिलहाल औपचारिक रूप से इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह पहली बार है जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए इस प्रकार का औपचारिक नोटिस विपक्ष द्वारा तैयार किया गया है। इससे संसद में आने वाले दिनों में तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है। नोटिस में लगाए गए कई आरोप सूत्रों के अनुसार नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें अपने पद पर रहते हुए किसी एक राजनीतिक दल का पक्ष लेने, चुनावी अनियमितताओं की जांच को जानबूझकर रोकने तथा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को नजरअंदाज करने जैसे आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर अभी तक चुनाव आयोग या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हटाने की प्रक्रिया बेहद कठिन संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया अत्यंत कठोर और जटिल मानी जाती है। भारतीय संविधान के तहत उन्हें उसी प्रक्रिया के माध्यम से हटाया जा सकता है, जिस प्रकार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को पद से हटाया जाता है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करना अनिवार्य होता है। प्रस्ताव पारित होने के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। साथ ही हटाने का आधार केवल सिद्ध कदाचार या अक्षमता ही हो सकता है। संसद में बढ़ेगी राजनीतिक सरगर्मी राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव संसद में पेश होता है तो यह सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। विपक्ष जहां चुनावी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार की ओर से भी इस पर कड़ा जवाब आने की संभावना है। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर होने वाली बहस देश की चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकती है।

  • बेंगलूरु में स्वराज एक्सप्रेस संगठन का भव्य शुभारंभ, विशिष्ट अतिथि महेंद्र मुणोत का किया गया सम्मान

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। शहर के प्रसिद्ध पुटणा चेट्टी पुरभवन में स्वराज एक्सप्रेस संगठन के उद्घाटन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी, बुद्धिजीवी, पत्रकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। समारोह के दौरान संगठन के विशिष्ट अतिथि समाजसेवी महेंद्र मुणोत का शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद स्वराज एक्सप्रेस संगठन के पदाधिकारियों ने संगठन की स्थापना के उद्देश्य और भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देना, सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना और जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाना है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि महेंद्र मुणोत ने अपने संबोधन में कहा कि मीडिया समाज का आईना होता है। सकारात्मक और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज को सही दिशा देने का कार्य किया जा सकता है। उन्होंने स्वराज एक्सप्रेस संगठन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की आवाज को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में संगठन के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उनके योगदान की सराहना की। समारोह के दौरान संगठन के कई पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया तथा विश्वास जताया कि स्वराज एक्सप्रेस संगठन आने वाले समय में पत्रकारिता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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