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2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अहम: बी.वाई. विजयेंद्र

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 10
  • 3 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी।

(Bhaarataarth.com)

बेंगलूरु। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व एक “प्रधान सेवक” की भावना के साथ कर रहे हैं और उनका स्पष्ट मानना है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यह बात कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने कही।


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बेंगलूरु के मल्लेश्वरम स्थित हव्यक भवन में बेंगलूरु महानगर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजयेंद्र ने महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में उनकी बढ़ती भूमिका पर जोर दिया।



उन्होंने कहा कि जब बी. एस. येदियुरप्पा राज्य के मुख्यमंत्री थे, उस समय समाज में एक सोच थी कि गरीब परिवारों में जन्मी बेटी को बोझ या अभिशाप माना जाता है। उस सोच को बदलने के लिए भाजपा सरकार ने भाग्यलक्ष्मी योजना लागू की और यह संदेश दिया कि बेटी अभिशाप नहीं बल्कि “भाग्यलक्ष्मी” है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने गरीब परिवारों की बेटियों को सुरक्षा और सम्मान देने का काम किया।


विजयेंद्र ने बताया कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कई लड़कियां पाँचवीं, छठी या सातवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाती थीं। लेकिन भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई साइकिल योजना ने छात्राओं को स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित किया और शिक्षा से जुड़ने में मदद की।



बेलगावी की घटना पर जताई नाराजगी

अपने संबोधन में विजयेंद्र ने हाल ही में बेलगावी में हुई एक शर्मनाक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें एक अनुसूचित जनजाति की महिला के साथ दिनदहाड़े दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि यह घटना सुवर्ण सौधा से मात्र दस किलोमीटर की दूरी पर हुई, जबकि उस समय मुख्यमंत्री और कई मंत्री बेलगावी में मौजूद थे। इसके बावजूद सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।


उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें हिम्मत दी और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।


महिलाओं को आगे आने की जरूरत

विजयेंद्र ने कहा कि आज महिलाओं में जागरूकता बढ़ रही है और उन्हें केवल घर और रसोई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं के नेतृत्व की क्षमता दिखाई दे रही है। राजनीति, प्रशासन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कई निर्णयों के माध्यम से साबित किया है। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति समुदाय की महिला द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाना महिलाओं के सम्मान और अवसरों के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है।



विजयेंद्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिला अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही महिलाओं को सम्मान देने की परंपरा वाला देश रहा है, जहां मां को ईश्वर के समान माना जाता है।


उन्होंने कर्नाटक की महान महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पवित्र कन्नड़ भूमि ने संत अक्का महादेवी, वीरांगना कित्तूर रानी चेन्नम्मा और साहसी नायिका ओनाके ओबाव्वा जैसी प्रेरणादायक महिलाओं को जन्म दिया है।


कई प्रमुख नेता रहे उपस्थित

कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य श्रीमती भारती शेट्टी, पूर्व राज्य सचिव श्रीमती भारती मुग्दम, महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती गीता विवेकानंद, कर्नाटक महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला नायडू तथा महिला मोर्चा की कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थीं।


कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान किया गया और समाज में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया।

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