पतंजलि योग समिति ने उत्साह के साथ मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, 50 से अधिक वरिष्ठ महिला योग शिक्षिकाओं का हुआ सम्मान
- धन्ना राम चौधरी

- 10 मार्च
- 3 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च
भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी। (Bhaarataarth.com)
धारवाड़। कर्नाटक स्टेट पतंजलि योग समिति के चीफ इन-चार्ज एवं इंटरनेशनल योग गुरु भवरलाल आर्य के नेतृत्व में धारवाड़ महिला पतंजलि योग समिति द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर धारवाड़ के चरंतीमठ गार्डन स्थित कम्युनिटी हॉल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें योग केंद्रों की अनेक महिला सदस्यों और शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती वीना बिरादर, प्रेसिडेंट एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री साई प्री-यूनिवर्सिटी साइंस एंड कॉमर्स, धारवाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और यह सिद्ध कर चुकी हैं कि वे किसी भी रूप में कमजोर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए पुरुष और महिलाओं को साथ मिलकर कार्य करना होगा।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती जयश्री मंजुनाथ मक्कलगेरी ने कहा कि यदि परिवार के पुरुष महिलाओं को सहयोग दें तो महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा को निखार सकती हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परिवार से मिले सहयोग के कारण ही वे आज मंच से अपने विचार रख पा रही हैं।
धारवाड़ महानगर पालिका के वार्ड नंबर 8 के सदस्य श्री शंकर शेलाके ने कहा कि समाज में अनेक प्रतिभाशाली महिलाएं हैं, जिन्हें सामाजिक नेतृत्व में आगे आना चाहिए और समाज निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस अवसर पर पतंजलि योग समिति उत्तर कर्नाटक के स्टेट इंचार्ज श्री किरण मनोलकर ने बताया कि पतंजलि योग समिति हुबली-धारवाड़ क्षेत्र के प्रत्येक घर तक निःशुल्क योग शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह से धारवाड़ में 25 दिनों का एडवांस्ड योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की योजना है, जिसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों को आदर्श योग शिक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कर्नाटक स्टेट पतंजलि योग समिति के चीफ इन-चार्ज एवं अंतरराष्ट्रीय योग गुरु भवरलाल आर्य ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि महान पुरुषों की सफलता के पीछे महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर समाज में आगे बढ़ेंगी, तभी हिंदू सनातन धर्म की नींव और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि योग के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की अपेक्षा अधिक बढ़ रही है, जो समाज के स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक संकेत है। यदि महिला स्वस्थ होगी तो वह पूरे परिवार को स्वस्थ रख सकती है। उन्होंने सभी से नियमित योग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में ऑर्गनाइजिंग ऑफिसर श्रीमती उमा अगाड़ी मंचासीन रहीं। श्रीमती नागरत्ना सुलाखे ने स्वागत भाषण दिया तथा श्रीमती लीलावती संब्रानी ने अतिथियों का अभिनंदन किया। धारवाड़ जिला महिला प्रभारी श्रीमती शैलजा मडिकर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। रजतगिरी योग टीम ने नृत्य प्रस्तुत किया, नंदीकोला बसवन्ना योग केंद्र ने लोक नृत्य से सभी का मन मोह लिया, वीरभद्रेश्वर योग टीम ने प्रार्थना प्रस्तुत की तथा समुद्र भवन योग केंद्र ने योग नृत्य का प्रदर्शन किया। इसके अलावा मदिहाल योग केंद्र द्वारा फैशन शो, नृत्य और लोकगीतों के माध्यम से महिला दिवस का उत्सव मनाया गया।
कार्यक्रम में धारवाड़ की 50 से अधिक वरिष्ठ महिला योग शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जगदेवी होन्नापुरमथा, विजयलक्ष्मी नवले, वंदना होमकर, विजयलक्ष्मी करिंदी, मेघा, शोभा नेसरगी, तनुजा पाटिल, सौम्या मल्लापुर, रेणुका नागर, भाग्य बडीगेरा, सुनीता सोनार, सुवर्णा करिंदी, सविता सिंदे, छाया सुरेबाना, बसवराज मुम्मिगट्टी, उमेश कुलकर्णी, वी.एस. वस्त्रमथा, पुष्पा अरेसिमी, एम.डी. पाटिल, हनुमंतराव ठक्कलकी, प्रवीण मुरागोड़ा, विवेकानंद नगर योग केंद्र, नीलकंठ होराडी सहित बड़ी संख्या में योग साधक एवं महिलाएं उपस्थित थीं।
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