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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • बेंगलुरु में 101 महिलाओं की कलश यात्रा के साथ दुर्गा पूजा का शुभारंभ, 22 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 11 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु के बीटीएम लेआउट, दूसरे चरण के सातवें क्रॉस स्थित श्री वैशाली जनकल्याण समिति की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ रविवार को धार्मिक अनुष्ठानों और भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर 101 महिलाओं ने कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया, जबकि 200 से अधिक श्रद्धालु आयोजन में शामिल हुए। कलश यात्रा एसएनएन अपार्टमेंट स्थित विघ्नेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर सातवें क्रॉस, बीटीएम लेआउट स्थित श्री तोंतदा सिद्धलिंगेश्वर सामुदायिक भवन में बने पूजा मंडप तक पहुंची। वहां आचार्य गिरिधर द्विवेदी, अमित पांडे और पंडित अजीत झा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। माता रानी की आरती के साथ कलश स्थापना संपन्न हुई। पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ भाग लिया। विज्ञापन 22 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा ट्रस्ट अध्यक्ष राजकुमार शर्मा और पूजा अध्यक्ष पंकज सिंह ने बताया कि दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 17 अक्टूबर को महा सप्तमी पूजा, 18 अक्टूबर को महा अष्टमी पूजा, 19 अक्टूबर को कुमकुम अभिषेक और छप्पन भोग तथा 20 अक्टूबर को महा नवमी पूजा होगी। 21 अक्टूबर को विजयादशमी पूजा आयोजित की जाएगी। महोत्सव के समापन अवसर पर 22 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। मीडिया प्रभारी प्रवीण पांडेय ने बताया कि 17 से 21 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक भक्ति संगीत का आयोजन भी होगा। समाज की भागीदारी बढ़ाने पर जोर पूजा अध्यक्ष पंकज सिंह ने बेंगलुरु में रहने वाले श्रद्धालुओं और प्रवासी समाज के लोगों से धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। सचिव मुकेश सिंह ने कलश यात्रा में बड़ी संख्या में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कोषाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने अधिक से अधिक प्रवासी परिवारों को दुर्गा पूजा से जोड़ने और आयोजन को सफल बनाने पर जोर दिया। पूजा की व्यवस्थाओं में ट्रस्ट अध्यक्ष राजकुमार शर्मा, पूजा अध्यक्ष पंकज सिंह, सचिव मुकेश सिंह, कोषाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी प्रवीण पांडेय, संयुक्त सचिव एके गुप्ता, मुकेश कुमार और समिति के अन्य सदस्यों ने सहयोग किया। समाचार प्रेषक प्रवीण कुमार पांडेय बेंगलुरु।

  • 2047 तक भारत की इस्पात उत्पादन क्षमता 604 मिलियन टन करने का लक्ष्य, नई नीति का मसौदा जारी

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 11 अक्टूबर 2026 भारत ने वर्ष 2047 तक अपनी इस्पात उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 604 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में सरकार ने नई इस्पात नीति का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया है। इसका उद्देश्य देश में बढ़ती इस्पात मांग को पूरा करना, कच्चे माल की उपलब्धता मजबूत करना और उत्पादन के दौरान होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। मसौदे के अनुसार, भारत की मौजूदा इस्पात उत्पादन क्षमता लगभग 220 मिलियन टन है। प्रस्तावित लक्ष्य हासिल होने पर बुनियादी ढांचे, निर्माण, परिवहन और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। विज्ञापन उत्सर्जन घटाने पर भी जोर प्रस्तावित नीति में इस्पात उत्पादन से होने वाले कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता को कम करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत प्रति टन कच्चे इस्पात पर औसत कार्बन उत्सर्जन को मौजूदा 2.54 टन से घटाकर 2047 तक लगभग 1.54 टन करने की योजना है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना है। इसके लिए स्वच्छ उत्पादन तकनीकों, ऊर्जा दक्षता और कम उत्सर्जन वाली औद्योगिक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण होगा। विज्ञापन कच्चे माल की उपलब्धता बड़ी चुनौती इस्पात उत्पादन क्षमता में प्रस्तावित विस्तार के लिए बड़ी मात्रा में लौह अयस्क और कोकिंग कोयले की आवश्यकता होगी। मसौदे में 2047 तक लौह अयस्क की मांग लगभग 772 मिलियन टन और कोकिंग कोयले की मांग लगभग 236 मिलियन टन रहने का अनुमान लगाया गया है। सरकार कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए घरेलू संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, विदेशी परिसंपत्तियों में निवेश और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है। रोजगार और औद्योगिक विकास की संभावनाएं इस्पात क्षेत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ने से खनन, परिवहन, मशीनरी, निर्माण और अन्य सहायक उद्योगों में अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, वास्तविक रोजगार और आर्थिक लाभ इस बात पर निर्भर करेंगे कि नीति को किस तरह लागू किया जाता है, निवेश कितना आता है और पर्यावरणीय मानकों का पालन कैसे सुनिश्चित होता है। निष्कर्ष: वर्ष 2047 तक इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य भारत के औद्योगिक विकास की महत्वाकांक्षी योजना है। इसकी सफलता के लिए कच्चे माल की स्थिर आपूर्ति, आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और दीर्घकालिक निवेश के बीच संतुलन जरूरी होगा।

  • भारतीय वायुसेना का 94वां स्थापना दिवस, PM मोदी ने वायु योद्धाओं को किया सलाम

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 8 अक्टूबर 2026 भारतीय वायुसेना आज अपना 94वां स्थापना दिवस मना रही है। 8 अक्टूबर 1932 को स्थापित हुई भारतीय वायुसेना ने देश की सुरक्षा के साथ-साथ आपदा राहत और मानवीय सहायता के कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायुसेना के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपने वायु योद्धाओं पर गर्व है और देश के आसमान की रक्षा करने के उनके साहस व समर्पण को सलाम किया जाता है। गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर स्थापना दिवस समारोह में परेड और वायुसेना की क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। समारोह में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर, एलसीएच प्रचंड और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य प्रणालियों को प्रदर्शित किया गया। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना हर चुनौती के लिए सतर्क और तैयार है। इस वर्ष की थीम “Indian Air Force – Infallible, Impervious and Precise” रखी गई है।

  • वायु सेना के सेवानिवृत्त योद्धा गंगेश कुमार मिश्र सम्मानित, भोजपुरी समाज सेवा समिति ने सौंपी नई जिम्मेदारी

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु,11 अक्टूबर 2026। भोजपुरी समाज सेवा समिति (रजि.), बेंगलुरु का मासिक मिलन समारोह इंदिरा नगर स्थित समिति के प्रधान कार्यालय में आयोजित किया गया। समारोह में भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त कर्मी गंगेश कुमार मिश्र को समिति की आजीवन सदस्यता ग्रहण करने पर सम्मानित किया गया। साथ ही, उन्हें समिति का सह कोषाध्यक्ष मनोनीत करते हुए कोष संबंधी जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में आगामी 15 और 16 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले छठ महापर्व की तैयारियों तथा संगठन के विस्तार पर भी चर्चा हुई। समारोह में समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं चेयरमैन संजय सिंह उज्जैन, महासचिव ललितेश्वर प्रसाद सिंह, महामंत्री सुनीता पांडेय, सचिव गिरीश चन्द्र पाण्डेय, सूचना एवं प्रसारण सचिव रिपु मर्दन कुमार और कोषाध्यक्ष जे.बी. सिंह सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। आजीवन सदस्यता पर सम्मान, समाज सेवा का संकल्प बिहार के आरा जिले के सोनबरसा गांव निवासी गंगेश कुमार मिश्र के समिति की आजीवन सदस्यता ग्रहण करने पर चेयरमैन संजय सिंह उज्जैन ने उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के उद्देश्य से संगठन से जुड़ने वाले समर्पित सदस्यों की भागीदारी से समिति के कार्यों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने मिश्र के समिति से जुड़ने पर प्रसन्नता व्यक्त की। अपने संबोधन में गंगेश कुमार मिश्र ने समिति का आजीवन सदस्य बनने पर खुशी जताई। उन्होंने समाज कल्याण के कार्यों में सक्रिय योगदान देने और बिना थके, बिना रुके सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। बैठक में मिश्र को सह कोषाध्यक्ष मनोनीत कर समिति के कोष का कार्यभार संभालने का अनुरोध किया गया। उन्होंने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए कार्यभार ग्रहण किया। छठ महापर्व की तैयारियों पर चर्चा समारोह में आगामी 15 एवं 16 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले छठ महापर्व को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई। उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों ने आयोजन को व्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए अपने सुझाव रखे। छठ पूजा आयोजन समिति के उपाध्यक्ष सरोज कुमार और प्रबंधक संजय कुमार भारती ने आयोजन की तैयारियों से सदस्यों को अवगत कराया। समिति ने छठ महापर्व के आयोजन के साथ संगठन के विस्तार और समाज के लोगों को सेवा गतिविधियों से जोड़ने पर भी विचार-विमर्श किया। सदस्यों के जन्मदिन पर सामूहिक उत्सव मासिक मिलन समारोह में समिति के सदस्य किशन पांडेय, ब्रजेन्द्र सिंह और महामंत्री सुनीता पांडेय का जन्मदिन भी मनाया गया। इस अवसर पर सामूहिक रूप से केक काटा गया और सभी को शुभकामनाएं दी गईं।समारोह में होटल अवध एक्सप्रेस, व्हाइटफील्ड की ओर से भोजन की व्यवस्था सुनीता अनीता सिंह एवं ब्रजेन्द्र सिंह के सौजन्य से की गई। उपस्थित सदस्यों ने भोजन व्यवस्था के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में समिति के महासचिव ललितेश्वर प्रसाद सिंह ने अतिथियों, पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। समिति ने समाज सेवा, आपसी सहयोग और सामाजिक एकता के उद्देश्य के साथ आगामी छठ महापर्व को सफल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

  • 29वें सप्ताह में जन्मे एलियाह ने जीती जिंदगी की जंग, 52 दिन बाद NICU से मिली छुट्टी

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 11 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु के फ्रेजर टाउन स्थित सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट मेडिकल सेंटर (SDAMC) में 29वें सप्ताह में जन्मे नन्हे एलियाह एलोरी ने 52 दिनों तक नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में उपचार के बाद घर वापसी की है। जन्म के समय महज एक किलोग्राम वजन वाले एलियाह को सांस लेने में परेशानी सहित कई गंभीर चिकित्सकीय जटिलताओं का सामना करना पड़ा। अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, विशेषज्ञ चिकित्सकों और नर्सिंग टीम की निरंतर देखभाल के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई। समय से पहले जन्म, शुरुआत से ही गंभीर चुनौतियां एलियाह का जन्म 12 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजकर 32 मिनट पर श्रीमती विवियन और श्री हेमंत के घर हुआ। गर्भावस्था के केवल 29वें सप्ताह में जन्म लेने के कारण उन्हें तत्काल विशेष चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी। निर्धारित प्रसव समय से काफी पहले जन्म और बेहद कम वजन ने उनकी स्थिति को संवेदनशील बना दिया था। प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. पर्लिन राज चावाकुला की देखरेख में प्रसव के बाद नवजात को NICU में भर्ती किया गया। वहां निदेशक डॉ. एडविन राज तलारी के नेतृत्व में डॉ. प्रियंका, डॉ. सिल्विया और समर्पित नर्सिंग टीम ने उनके उपचार की जिम्मेदारी संभाली। नर्सिंग टीम का नेतृत्व सिस्टर यशोदा हलेमाने ने किया। दो बार रुकी हृदय गति, कई गंभीर जटिलताओं से मुकाबला अस्पताल के अनुसार, जन्म के शुरुआती घंटों में एलियाह को सर्फैक्टेंट थेरेपी और वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ा। उनके फेफड़ों में न्यूमोथोरैक्स और न्यूमोमीडियास्टिनम जैसी गंभीर समस्याएं विकसित हुईं, जिनके उपचार के लिए चेस्ट ड्रेन डालना पड़ा। उपचार के दौरान एलियाह को दो बार कार्डियक अरेस्ट का सामना करना पड़ा। दोनों अवसरों पर चिकित्सा टीम ने तत्काल कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) किया। अस्पताल की जानकारी के मुताबिक, दोनों बार उनकी हृदय गति और रक्त संचार बहाल करने में सफलता मिली। इसके बाद भी उनकी स्थिति कई बार चुनौतीपूर्ण बनी रही। उन्हें गंभीर संक्रमण और सेप्टिक शॉक, किडनी की कार्यक्षमता में अचानक गिरावट, प्लेटलेट्स की कमी, रक्त के थक्कों से जुड़ी समस्याओं, फुफ्फुसीय उच्च रक्तचाप और दौरे जैसी जटिलताओं का सामना करना पड़ा। पोषण देने में कठिनाइयों के साथ फेफड़े से संबंधित समस्या भी दोबारा सामने आई। इन परिस्थितियों में एलियाह को लगातार निगरानी और विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल की जरूरत रही। परिवार के लिए यह अवधि चिंता और अनिश्चितता से भरी थी। अस्पताल के विवरण के अनुसार, परिवार ने कठिन समय में प्रार्थना और विश्वास के सहारे उम्मीद बनाए रखी। चिकित्सकों और नर्सिंग टीम के समर्पण की सराहना NICU के निदेशक डॉ. एडविन राज तलारी ने कहा कि एलियाह के उपचार के 52 दिन संघर्ष, धैर्य और निरंतर प्रयास के दिन रहे। उन्होंने उनके परिवार के विश्वास, शिशु के जीवट तथा डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयासों को इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। नवजात गहन चिकित्सा इकाई में समय से पहले जन्मे और गंभीर रूप से बीमार शिशुओं को विशेष निगरानी, सांस लेने में सहायता, संक्रमण नियंत्रण और पोषण संबंधी देखभाल उपलब्ध कराई जाती है। एलियाह का मामला इस बात को रेखांकित करता है कि ऐसी परिस्थितियों में समय पर उपचार और विभिन्न विशेषज्ञों के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण होता है। 52 दिनों के बाद परिवार में लौटी खुशियां एलियाह की घर वापसी उनके परिवार के लिए राहत और खुशी का अवसर है। अस्पताल में बिताए गए लंबे समय के बाद अब परिवार के सामने जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा है। अस्पताल ने इस अवसर को शिशु, उसके परिजनों और उपचार में जुटी टीम के सामूहिक प्रयासों की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया है। सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट मेडिकल सेंटर पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राजकुमार चावाकुला के नेतृत्व में संचालित यह संस्थान मरीजों की देखभाल के विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं देता है। यह अस्पताल विश्वव्यापी सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट संगठन का हिस्सा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के साथ शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में भी कार्य करता है। एलियाह की कहानी समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं की देखभाल में चिकित्सा विशेषज्ञता, निरंतर निगरानी और परिवार के सहयोग के महत्व को सामने लाती है। 52 दिनों के उपचार के बाद उसकी घर वापसी परिवार के लिए नई उम्मीद और राहत का संदेश लेकर आई है। समाचार प्रेषक प्रवीण कुमार पांडेय बेंगलुरु।

  • चेन्नई मेट्रो के नए कॉरिडोर का उद्घाटन, तमिलनाडु को ₹13,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com चेन्नई, 11 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के अंतर्गत पूनमल्ली से वडापलानी तक के नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इसके साथ ही तमिलनाडु में ₹13,000 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया गया। इन परियोजनाओं का संबंध शहरी परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह, पेट्रोलियम और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों से है। 15 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर, 11 स्टेशन चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण का पूनमल्ली-वडापलानी खंड लगभग 15 किलोमीटर लंबा है। करीब ₹4,900 करोड़ की लागत से विकसित इस कॉरिडोर में 11 स्टेशन शामिल हैं। इसका उद्देश्य चेन्नई के पश्चिमी उपनगरों और शहर के अन्य हिस्सों के बीच संपर्क को बेहतर बनाना है। इस खंड में लगभग 3.7 किलोमीटर लंबी दोहरी मंजिल वाली संरचना भी शामिल है, जिसमें सड़क और मेट्रो से जुड़ा बुनियादी ढांचा विकसित किया गया है। आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था को चालक रहित ट्रेन परिचालन के अनुरूप तैयार किया गया है। मेट्रो सेवा के विस्तार से नियमित यात्रियों को आवागमन का अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है। इससे सड़क यातायात का दबाव कम करने और दैनिक यात्रियों के सफर को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक लाभ यात्रियों की संख्या, सेवा की आवृत्ति और अन्य परिवहन साधनों से संपर्क पर निर्भर करेगा। ₹3,700 करोड़ की राजमार्ग परियोजनाओं पर जोर तमिलनाडु में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए लगभग ₹3,700 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं भी विकास कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इनमें सड़क खंडों का विकास, चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था में सुधार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। बेहतर राजमार्ग संपर्क से औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक केंद्रों और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने की संभावना है। इससे माल ढुलाई के समय और परिवहन लागत में कमी लाने में भी सहायता मिल सकती है। रेलवे और बंदरगाहों का भी होगा विस्तार रेलवे क्षेत्र में ₹750 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को कार्यक्रम में शामिल किया गया। इसके अंतर्गत पांच रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित सुविधाओं के साथ राष्ट्र को समर्पित किया गया। ये स्टेशन पलानी, वेल्लोर कैंटोनमेंट, अंबासमुद्रम, परमाकुडी और नामक्कल हैं। इसके अतिरिक्त चेन्नई बंदरगाह, कामराजर बंदरगाह और वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह से संबंधित परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य बंदरगाहों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना और माल परिवहन की क्षमता में सुधार करना है। आईआईटी मद्रास में मस्तिष्क अनुसंधान को बढ़ावा विकास कार्यक्रम में चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी मद्रास) के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर को भी प्रमुखता दी गई। इस केंद्र का उद्देश्य मानव मस्तिष्क की संरचना और कार्यप्रणाली पर उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है। केंद्र में उच्च गुणवत्ता वाले त्रि-आयामी मस्तिष्क मानचित्र विकसित करने से संबंधित अनुसंधान किया जा रहा है। इस प्रकार की वैज्ञानिक पहल से तंत्रिका विज्ञान के अध्ययन और मस्तिष्क संबंधी रोगों को समझने के प्रयासों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं हैं। विकास परियोजनाओं का आम जनता पर असर अहम मेट्रो, राजमार्ग, रेलवे और बंदरगाह जैसी परियोजनाएं किसी राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। बेहतर परिवहन संपर्क से कामकाजी लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और उद्योगों को लाभ मिलने की संभावना है। वहीं, वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ी पहलें देश की तकनीकी और शैक्षणिक क्षमता को मजबूत कर सकती हैं। हालांकि, परियोजनाओं की वास्तविक सफलता का आकलन उनके समयबद्ध क्रियान्वयन, रखरखाव, सेवा की गुणवत्ता और आम लोगों को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ के आधार पर किया जाएगा। तमिलनाडु में ₹13,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का यह कार्यक्रम राज्य के परिवहन और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में इन योजनाओं का प्रभाव इस बात से तय होगा कि बेहतर संपर्क और आधुनिक सुविधाएं कितनी प्रभावी ढंग से नागरिकों तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था तक पहुंचती हैं।

  • कन्नड़ भाषा-संस्कृति के उत्सव में सेवा का संदेश, कन्नड़ हब्बा पर युवाओं ने किया रक्तदान

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 11 अक्टूबर 2026। कस्तूरी कर्नाटक जनपर वेदिके की ओर से हंपी नगर स्थित चंद्रशेखर आजाद खेल मैदान में कन्नड़ हब्बा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कर्नाटक की भाषा एवं संस्कृति के प्रति गौरव व्यक्त करने के साथ सामाजिक सेवा का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया। शिविर में एकत्रित रक्त का संग्रहण अमूल्य रुधिर संस्थान की ओर से किया गया। आयोजन के माध्यम से रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता में योगदान देने का प्रयास किया गया। भाषा और संस्कृति के संरक्षण का आह्वान कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि महेंद्र मुणोत ने अपने संबोधन में कहा कि कर्नाटक की भाषा और संस्कृति पर सभी को गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। मुणोत ने रक्तदान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। इस अवसर पर उन्होंने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र वितरित कर उनके योगदान की सराहना की। आयोजकों ने अतिथियों का किया सम्मान कार्यक्रम के दौरान कस्तूरी कर्नाटक जनपर वेदिके के राज्य अध्यक्ष निलेश गौड़ा और बेंगलुरु जिला अध्यक्ष श्याम ने अतिथियों का सम्मान किया। आयोजन में भाषा-संस्कृति के प्रति जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। कन्नड़ हब्बा के माध्यम से सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ रक्तदान जैसी जनहितकारी गतिविधि को प्रोत्साहन मिला। ऐसे आयोजनों से युवाओं में सामाजिक सहभागिता, सेवा भावना और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

  • भाजपा की कोर कमेटी बैठक में संगठनात्मक मुद्दों पर मंथन, राज्य सह-प्रभारी डॉ. कसम वेंकटेश्वरलू सम्मानित

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु,11 अक्टूबर 2026। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक प्रदेश कोर कमेटी की बैठक रविवार को बेंगलुरु स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय जगन्नाथ भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने की। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्य सह-प्रभारी डॉ. कसम वेंकटेश्वरलू को सम्मानित भी किया गया। बैठक में भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा, प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. कसम वेंकटेश्वरलू, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवाड़ी नारायणस्वामी उपस्थित रहे। इसके अलावा, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य एम. नागराजू, पूर्व मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद बसवराज बोम्मई, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद गोविंद करजोल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद नलिन कुमार कतील, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं विधायक डॉ. सी.एन. अश्वथ नारायण, पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु, विधान परिषद सदस्य सी.टी. रवि तथा तमिलनाडु के राज्य सह-प्रभारी निर्मल कुमार सुराणा ने भी बैठक में हिस्सा लिया। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में संगठन पर चर्चा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में वरिष्ठ नेताओं और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की भागीदारी रही। इस तरह की बैठकों में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों, राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी कार्यक्रमों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता है। हालांकि, बैठक में चर्चा किए गए विशिष्ट मुद्दों और लिए गए निर्णयों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। डॉ. कसम वेंकटेश्वरलू का सम्मान बैठक के दौरान कर्नाटक भाजपा के राज्य सह-प्रभारी डॉ. कसम वेंकटेश्वरलू को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। बैठक के माध्यम से प्रदेश संगठन के प्रमुख नेताओं को एक मंच पर आने और आपसी समन्वय के साथ आगे की गतिविधियों पर चर्चा करने का अवसर मिला।

  • संतश्री चरणनाथजी महाराज की 10वीं पुण्यतिथि पर भजन जागरण, पूजा-अर्चना और महाप्रसादी का आयोजन

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com चेन्नई,11 अक्टूबर 2026। चेन्नई के पाडी स्थित अनाई महल में चौधरी कलबी समाज (सांचोर) की ओर से संतश्री चरणनाथजी महाराज की 10वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई। दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान भव्य भजन जागरण, विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, आरती और महाप्रसादी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर संतश्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए। भजन जागरण में भक्तिमय प्रस्तुतियों ने बांधा समां धार्मिक महोत्सव के तहत शुक्रवार रात्रि को विशेष पूजा-पाठ के बाद भजन जागरण का शुभारंभ हुआ। चेन्नई की थानाराम एंड पार्टी ने गणेश वंदना और गुरु वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद गायक कलाकारों ने भक्तिपूर्ण भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने गुरु भक्ति और आध्यात्मिक आस्था की अभिव्यक्ति की। आयोजन में देर रात तक भक्तिमय वातावरण बना रहा। पूजा-अर्चना के बाद महाप्रसादी शनिवार सुबह शुभ मुहूर्त में संतश्री चरणनाथजी महाराज की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना, अभिषेक और आरती की गई। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात विशाल महाप्रसादी (भंडारे) का आयोजन हुआ। इसमें सांचोर कलबी समाज के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लिया तथा प्रसाद ग्रहण किया। समाजजनों के सहयोग से संपन्न हुआ आयोजन महोत्सव को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में समाज के कार्यकर्ताओं और गणमान्य सदस्यों का सहयोग रहा। आयोजन में चमनाराम जी, राजूभाई बोका, अजाराम जी धमाणा, रणछोड़राम जी, प्रतापराम जी, अशोक कुमार जी, नगजीराम जी, दिनेश कुमार जी, धीराराम जी और दिलीप चौधरी सहित समाज के अन्य सदस्यों ने सेवाएं दीं। दो दिवसीय आयोजन के माध्यम से समाजबंधुओं ने संतश्री चरणनाथजी महाराज की स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, गुरु भक्ति और सामाजिक सहभागिता का भाव प्रमुख रूप से दिखाई दिया। समाचार प्रेषक दिनेश जी कराड, चेन्नई, तमिलनाडु।

  • तमिलनाडु उपचुनाव में विजय की TVK का डबल धमाका, मदुरांतकम और धारापुरम में जीत

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com चेन्नई, 11 अक्टूबर 2026। तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर जीत ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। प्रस्तुत चुनावी विवरण के अनुसार, पार्टी ने दोनों सीटों पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए सफलता हासिल की, जबकि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) दोनों क्षेत्रों में तीसरे स्थान पर रही। मदुरांतकम में मरगथम कुमारवेल की जीत मदुरांतकम विधानसभा सीट पर टीवीके उम्मीदवार के. मरगथम कुमारवेल ने डीएमके के आई. परंथमन को पराजित किया। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, मरगथम को 72,149 मत और परंथमन को 52,068 मत मिले। इस प्रकार जीत का अंतर 20,081 मत रहा। एआईएडीएमके की एस. कनिता संपत 42,370 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। यह परिणाम मदुरांतकम में टीवीके की राजनीतिक स्थिति मजबूत होने का संकेत देता है। हालांकि, पार्टी के दीर्घकालीन जनाधार का आकलन करने के लिए पिछले चुनावों के आंकड़ों और क्षेत्रीय परिस्थितियों को भी देखना होगा। धारापुरम में सत्यबामा ने मारी बाजी धारापुरम विधानसभा सीट पर टीवीके की पी. सत्यबामा ने डीएमके उम्मीदवार एस. सुगन्या को हराया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, सत्यबामा को 66,841 मत मिले, जबकि सुगन्या के पक्ष में 57,370 मत पड़े। जीत का अंतर 9,471 मत रहा। एआईएडीएमके की के. भानुमति 45,280 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। धारापुरम में जीत से टीवीके को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली। दोनों सीटों पर पार्टी के प्रदर्शन ने राज्य की राजनीति में उसकी भूमिका और चुनावी संभावनाओं को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। उपचुनाव की पृष्ठभूमि प्रस्तुत विवरण के अनुसार, मदुरांतकम और धारापुरम की सीटें पहले एआईएडीएमके के पास थीं। संबंधित विधायकों के इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल होने के बाद इन क्षेत्रों में उपचुनाव कराए गए। इस वजह से मुकाबला केवल उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि दलों की राजनीतिक ताकत और मतदाताओं के समर्थन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। विधानसभा में बहुमत का गणित अहम दिए गए विवरण में टीवीके की विधानसभा सदस्य संख्या 109 बताई गई है, जबकि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है। इस गणित के अनुसार, स्पष्ट बहुमत के लिए पार्टी को नौ और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। ऐसे में सहयोगी दलों का समर्थन और विधानसभा में राजनीतिक तालमेल महत्वपूर्ण हो सकता है। तमिलनाडु की राजनीति पर संभावित असर मदुरांतकम और धारापुरम की जीत से टीवीके को राजनीतिक बढ़त मिली है। वहीं, दोनों सीटों पर डीएमके के दूसरे और एआईएडीएमके के तीसरे स्थान पर रहने से इन दलों के चुनावी प्रदर्शन पर समीक्षा की चर्चा हो सकती है। फिर भी, केवल दो सीटों के परिणामों के आधार पर पूरे तमिलनाडु में राजनीतिक जनादेश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। आगामी चुनावों में स्थानीय मुद्दे, सरकार का कामकाज, उम्मीदवारों की लोकप्रियता और गठबंधन की रणनीतियां निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। महत्वपूर्ण संपादकीय टिप्पणी: इस समाचार में दिए गए चुनाव परिणामों और विधानसभा की सदस्य संख्या की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। प्रकाशन से पहले निर्वाचन आयोग के प्रमाणित आंकड़ों से इनका मिलान किया जाना चाहिए।

  • बेंगलुरु में चौथी मंजिल से गिरकर बिहार के मजदूर की मौत, सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के प्रयास से परिजनों को मिले 8.50 लाख रुपये

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु/बेगूसराय, बिहार | 11 अक्टूबर 2026 कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में निर्माण कार्य के दौरान चौथी मंजिल से गिरने के कारण बिहार के एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान बिहार के बेगूसराय जिले के बरौनी प्रखंड अंतर्गत असुरारी गांव निवासी नितेश कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद शोकाकुल परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन ने पहल की। संगठन के प्रयासों के बाद भवन मालिक की ओर से मृतक की पत्नी और मां के बैंक खातों में कुल 8 लाख 50 हजार रुपये की मुआवजा राशि जमा कराई गई। फाउंडेशन ने मौके पर पहुंचकर की सहायता की पहल घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के रिश्तेदार महेश शर्मा ने सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण कुमार पांडेय से संपर्क कर परिवार की मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवीण कुमार पांडेय, फाउंडेशन के अध्यक्ष नितिन शर्मा और सलाहकार विनय सिंह मौके पर पहुंचे। फाउंडेशन की टीम ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ केंगेरी पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले में आवश्यक सहयोग और आगे की कार्रवाई के लिए प्रयास किया। इसके बाद टीम ने भवन की मालिक डी. राम देवी और अरुण कुमार एम.एस. से मुलाकात की। बातचीत के दौरान मृतक की पत्नी मधु कुमारी और मां मनवा देवी की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की गई। लगातार प्रयासों और बातचीत के बाद भवन मालिक की ओर से दोनों के बैंक खातों में कुल 8.50 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद बिहार पहुंचाया गया पार्थिव शरीर मुआवजे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके पश्चात नितेश कुमार के पार्थिव शरीर को विमान से बिहार लाया गया और वहां से एम्बुलेंस के माध्यम से उनके पैतृक गांव असुरारी, बरौनी, जिला बेगूसराय पहुंचाया गया। गांव में परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया। घटना के समय नितेश कुमार के गांव के रहने वाले मिथुन कुमार और पिंटू कुमार भी उसी निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे। दोनों ने बताया कि नितेश की मौत चौथी मंजिल से दुर्घटनावश गिरने के कारण हुई। हादसे के बाद दोनों ने सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन की टीम के साथ मिलकर मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने और पार्थिव शरीर को पैतृक गांव तक पहुंचाने में सहयोग किया। विज्ञापन प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए काम कर रहा संगठन सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण कुमार पांडेय ने बताया कि उनका संगठन लंबे समय से बेंगलुरु में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी प्रवासी मजदूर की मृत्यु होने पर फाउंडेशन की टीम पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव तक पहुंचाने और शोकाकुल परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करती है। फाउंडेशन के अध्यक्ष नितिन शर्मा ने कहा कि संगठन मृतक के परिवार को बिहार सरकार की ओर से प्रवासी मजदूर की मृत्यु पर संभावित दो लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने के लिए भी प्रयास करेगा। उन्होंने बताया कि मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रक्रिया के तहत सरकारी सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा का सवाल नितेश कुमार की असमय मृत्यु से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और मां के लिए यह क्षति अपूरणीय है। ऐसे कठिन समय में सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन की पहल से परिवार को आर्थिक सहायता मिली है। यह घटना निर्माण स्थलों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था, ऊंचाई पर काम करते समय आवश्यक सावधानियों और दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत को भी सामने लाती है।

  • सातवें दुर्गा पूजन समारोह की तैयारियां पूरी, 11 अक्टूबर को कलश स्थापना से होगा शुभारंभ

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह बेंगलुरु, 10 अक्टूबर 2026। विश्व हिंदू धर्म रक्षक सेवा समिति की ओर से आयोजित सातवें दुर्गा पूजन समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समिति के सदस्यों और भक्तों के सहयोग से आयोजन की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संपन्न कर ली गई हैं। समारोह का शुभारंभ रविवार, 11 अक्टूबर को सुबह 9 बजे कलश स्थापना के साथ होगा। यह धार्मिक आयोजन 21 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। विज्ञापन समिति की ओर से माता रानी के पूजन और समारोह को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन से जुड़े सदस्यों ने भक्तों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। विश्व हिंदू धर्म रक्षक सेवा समिति ने सभी श्रद्धालुओं से परिवार और मित्रों सहित समारोह में शामिल होने की अपील की है। समिति की ओर से भक्तों को सादर आमंत्रित करते हुए जय श्रीराम और जय माता दी के जयघोष के साथ धार्मिक आयोजन में सहभागिता का आह्वान किया गया है।

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