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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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बेंगलुरु में चौथी मंजिल से गिरकर बिहार के मजदूर की मौत, सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के प्रयास से परिजनों को मिले 8.50 लाख रुपये

लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
Ashok kumar Singh
11 अक्टू॰
3 मिनट पठन
बेंगलुरु के केंगेरी पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रामीण, महिला शिशु संग; बैनर पर मुआवजा और मौत की खबर

भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु/बेगूसराय, बिहार | 11 अक्टूबर 2026 कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में निर्माण कार्य के दौरान चौथी मंजिल से गिरने के कारण बिहार के एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान बिहार के बेगूसराय जिले के बरौनी प्रखंड अंतर्गत असुरारी गांव निवासी नितेश कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद शोकाकुल परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन ने पहल की। संगठन के प्रयासों के बाद भवन मालिक की ओर से मृतक की पत्नी और मां के बैंक खातों में कुल 8 लाख 50 हजार रुपये की मुआवजा राशि जमा कराई गई।


फाउंडेशन ने मौके पर पहुंचकर की सहायता की पहल


घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के रिश्तेदार महेश शर्मा ने सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण कुमार पांडेय से संपर्क कर परिवार की मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवीण कुमार पांडेय, फाउंडेशन के अध्यक्ष नितिन शर्मा और सलाहकार विनय सिंह मौके पर पहुंचे। फाउंडेशन की टीम ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ केंगेरी पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले में आवश्यक सहयोग और आगे की कार्रवाई के लिए प्रयास किया। इसके बाद टीम ने भवन की मालिक डी. राम देवी और अरुण कुमार एम.एस. से मुलाकात की। बातचीत के दौरान मृतक की पत्नी मधु कुमारी और मां मनवा देवी की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की गई। लगातार प्रयासों और बातचीत के बाद भवन मालिक की ओर से दोनों के बैंक खातों में कुल 8.50 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई।


पोस्टमार्टम के बाद बिहार पहुंचाया गया पार्थिव शरीर


मुआवजे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके पश्चात नितेश कुमार के पार्थिव शरीर को विमान से बिहार लाया गया और वहां से एम्बुलेंस के माध्यम से उनके पैतृक गांव असुरारी, बरौनी, जिला बेगूसराय पहुंचाया गया। गांव में परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया। घटना के समय नितेश कुमार के गांव के रहने वाले मिथुन कुमार और पिंटू कुमार भी उसी निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे। दोनों ने बताया कि नितेश की मौत चौथी मंजिल से दुर्घटनावश गिरने के कारण हुई। हादसे के बाद दोनों ने सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन की टीम के साथ मिलकर मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने और पार्थिव शरीर को पैतृक गांव तक पहुंचाने में सहयोग किया।

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प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए काम कर रहा संगठन


सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण कुमार पांडेय ने बताया कि उनका संगठन लंबे समय से बेंगलुरु में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी प्रवासी मजदूर की मृत्यु होने पर फाउंडेशन की टीम पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव तक पहुंचाने और शोकाकुल परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करती है। फाउंडेशन के अध्यक्ष नितिन शर्मा ने कहा कि संगठन मृतक के परिवार को बिहार सरकार की ओर से प्रवासी मजदूर की मृत्यु पर संभावित दो लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने के लिए भी प्रयास करेगा। उन्होंने बताया कि मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रक्रिया के तहत सरकारी सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा का सवाल


नितेश कुमार की असमय मृत्यु से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और मां के लिए यह क्षति अपूरणीय है। ऐसे कठिन समय में सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन की पहल से परिवार को आर्थिक सहायता मिली है।

यह घटना निर्माण स्थलों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था, ऊंचाई पर काम करते समय आवश्यक सावधानियों और दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत को भी सामने लाती है।

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