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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • महावीर जन्म कल्याणक पर शिवमोग्गा में रक्तदान शिविर, युवाओं ने दिया मानवता का संदेश

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) शिवमोग्गा, 15 मार्च। 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के 2624वें जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर शहर में सेवा और समर्पण की मिसाल पेश की गई। श्री आदिनाथ जैन नवयुवक मंडल के तत्वावधान में रोटरी ब्लड सेंटर शिवमोग्गा के सहयोग से एच.पी.एम. रोड स्थित श्री आदिनाथ जैन भवन में रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित इस शिविर में युवाओं सहित कुल 34 श्रद्धालुओं और समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और समाज में सेवा भावना को प्रोत्साहित करना रहा। आयोजकों ने बताया कि एक यूनिट रक्तदान से चार लोगों को जीवनदान मिल सकता है। वर्तमान समय में कई मरीजों को आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता होती है, ऐसे में इस प्रकार के शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रक्तदान न केवल दूसरों के जीवन को बचाने में सहायक है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है और शरीर में आयरन का स्तर संतुलित रहता है। शिविर के दौरान चिकित्सकीय टीम ने सभी दाताओं की जांच कर सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया। आयोजन स्थल पर स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्यों से मानवता को मजबूती मिलती है और युवाओं को आगे आकर इस प्रकार की पहल में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। श्री आदिनाथ जैन नवयुवक मंडल एवं रोटरी ब्लड सेंटर शिवमोग्गा की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। प्रेषक: शांतिलाल साकरिया, शिवमोग्गा।

  • लगातार बारिश बनी काल: ईटानगर में भूस्खलन से ढही दीवार, 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 3 घायल

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। नीति विहार इलाके में लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन हुआ, जिससे एक निर्माणाधीन दीवार अचानक ढह गई। इस हादसे में चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय सात मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण जमीन खिसकने लगी और देखते ही देखते सुरक्षा-सह-रिटेनिंग दीवार भरभराकर गिर गई। मजदूरों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और सभी मलबे के नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। हालांकि, चार मजदूरों को बचाया नहीं जा सका और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। ईटानगर राजधानी क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक जुम्मार बासर ने बताया कि लगातार बारिश के कारण यह भूस्खलन हुआ, जिससे दीवार ढह गई। वहीं, सहायक आयुक्त तामो दादा के अनुसार, यह दीवार निर्माणाधीन थी और उसी स्थल पर कार्य कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। घायल तीनों मजदूरों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों को बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के दौरान निर्माण कार्यों की सुरक्षा और सतर्कता पर सवाल खड़े करता है।

  • कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज एम्स ऋषिकेश में भर्ती, हालत स्थिर; सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लिया स्वास्थ्य का जायजा

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) ऋषिकेश/देहरादून। उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और उनकी स्थिति सामान्य व स्थिर बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंत्री सतपाल महाराज पहाड़ी क्षेत्रों के दौरे पर थे, इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत ऋषिकेश स्थित एम्स लाया गया, जहां जनरल मेडिसिन वार्ड में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल उनकी हालत में सुधार है और किसी प्रकार की गंभीर स्थिति नहीं है। इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं एम्स ऋषिकेश पहुंचे और सतपाल महाराज का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों से विस्तृत जानकारी लेते हुए बेहतर उपचार के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने मंत्री की स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा की है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। सीएम धामी ने अपने संदेश में कहा कि “एम्स, ऋषिकेश पहुंचकर माननीय कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज जी का कुशलक्षेम जाना। चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। माता रानी से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।” गौरतलब है कि सतपाल महाराज उत्तराखंड की राजनीति का एक बड़ा और प्रभावशाली चेहरा हैं। वे वर्तमान में राज्य सरकार में पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व संभाल रहे हैं। राजनीतिक जीवन के साथ-साथ वे एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गुरु के रूप में भी प्रसिद्ध हैं और लंबे समय से आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से देश-विदेश में सक्रिय रहे हैं। राजनीतिक सफर की बात करें तो उन्होंने वर्ष 1996 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया और लगातार दो बार सांसद रहे। वर्ष 2014 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। इसके बाद 2017 और 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर राज्य मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। फिलहाल, चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और समर्थकों तथा शुभचिंतकों द्वारा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।

  • लैंड-फॉर-जॉब्स केस में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को बड़ा झटका, कोर्ट ने याचिका की खारिज—बोला, “मुकदमे को उलझाने की कोशिश”

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी ( Bhaarataarth.com ) नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट से लैंड-फॉर-जॉब्स मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने दोनों नेताओं द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि आरोपियों को हर प्रकार के दस्तावेज प्राप्त करने का अधिकार नहीं है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष पहले अपने साक्ष्य प्रस्तुत करेगा और उसी आधार पर मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी। अदालत ने यह भी साफ किया कि बिना ठोस आधार के अतिरिक्त दस्तावेज मांगना न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। अन्य आरोपियों की याचिकाएं भी खारिज अदालत ने इस मामले में अन्य आरोपियों—लालू प्रसाद के निजी सचिव आर. के. महाजन और रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक महीप कपूर—की याचिकाएं भी खारिज कर दीं। महाजन ने एक और कपूर ने 23 ‘अविश्वसनीय दस्तावेज़’ उपलब्ध कराने की मांग की थी, जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया। ‘अविश्वसनीय दस्तावेज’ पर कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी अदालत ने कहा कि ‘अविश्वसनीय दस्तावेज’ वे होते हैं जिन्हें जांच एजेंसियां जब्त तो करती हैं, लेकिन अभियोजन पक्ष अपनी शिकायत में उन पर भरोसा नहीं करता। ऐसे दस्तावेजों को एकमुश्त उपलब्ध कराने की मांग को न्यायाधीश ने “उलटी गंगा बहाने” जैसा बताते हुए खारिज कर दिया। ‘मुकदमे को पेचीदा बनाने की कोशिश ’ अपने 35 पृष्ठों के आदेश में न्यायाधीश गोगने ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों की याचिकाओं से यह प्रतीत होता है कि वे मुकदमे को प्रारंभिक चरण में ही “पेचीदगियों की भूलभुलैया” में धकेलना चाहते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि कार्यवाही को लंबा खींचने का “गुप्त इरादा” है। न्यायिक प्रक्रिया पर नहीं लगेगी शर्त कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी जिरह शुरू करने से पहले सभी ‘अविश्वसनीय दस्तावेज’ उपलब्ध कराने की शर्त नहीं रख सकते। न्यायालय ने कहा कि न्यायिक कार्यवाही जारी रखने पर किसी प्रकार की शर्त लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पहले ही मिल चुका है पर्याप्त अवसर अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपियों को पहले ही उन दस्तावेजों का निरीक्षण करने का पर्याप्त अवसर दिया जा चुका है, जो अभियोजन की शिकायत का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग न्यायसंगत नहीं है। आगे क्या कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मामले में अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य प्रस्तुत करेगा, जिसके आधार पर आगे की सुनवाई जारी रहेगी। इस आदेश से स्पष्ट है कि अदालत इस मामले की सुनवाई को बिना अनावश्यक देरी के आगे बढ़ाने के पक्ष में है।

  • भारत-चीन संबंधों में नई पहल: विक्रम दोराईस्वामी चीन में भारत के नए राजदूत नियुक्त

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी। भारत सरकार ने वरिष्ठ राजनयिक विक्रम दोराईस्वामी को चीन में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया है। वर्तमान में वे यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्यरत हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोराईस्वामी जल्द ही बीजिंग में अपना पदभार संभालेंगे और वे प्रदीप कुमार रावत की जगह लेंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय में की गई है जब भारत और चीन के बीच संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशें जोरों पर हैं। भारत और चीन के रिश्ते पिछले चार वर्षों से पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध और सीमा विवाद के कारण तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस दौरान कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताएं हो चुकी हैं। हालांकि कुछ क्षेत्रों में तनाव में कमी आई है, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति अभी तक बहाल नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, विक्रम दोराईस्वामी जैसे अनुभवी और वैश्विक अनुभव वाले राजनयिक की नियुक्ति इस मामले में अहम साबित होगी। उनके पास ब्रिटेन सहित कई देशों में काम करने का लंबा अनुभव है, जिससे दोनों देशों के बीच संवाद को मजबूत करने और द्विपक्षीय संबंधों को संतुलित बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है। यह कदम स्पष्ट रूप से यह संकेत देता है कि भारत चीन के साथ अपने संबंधों को स्थिर और संतुलित बनाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है। राजनयिक दोराईस्वामी की नई जिम्मेदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ाने में मदद कर सकती है।

  • भक्ति में डूबा जम्मू: चैत्र नवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, छड़ी यात्रा ने बढ़ाई आस्था की गरिमा

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी ( Bhaarataarth.com जम्मू, 19 मार्च। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जम्मू पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया है। नवरात्रि के पहले ही दिन से शहर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक उत्साह और आस्था से सराबोर नजर आ रहा है। शहर के प्रमुख शक्तिपीठों—कोल कंडोली माता मंदिर, बाबे वाली माता मंदिर और वैष्णो देवी मंदिर—में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। जगह-जगह भजन-कीर्तन, जागरण और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा के कड़े प्रबंध, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाएं और साफ-सफाई व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। पुलिस और स्वयंसेवी संगठन लगातार तैनात रहकर व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में जुटे हैं। इस बीच, 32वीं वार्षिक छड़ी यात्रा भी पूरे विधि-विधान और पारंपरिक उत्साह के साथ जारी है। श्रद्धालु इस यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं, जिससे नवरात्रि के उत्सव की गरिमा और भी बढ़ गई है। नवरात्रि के दौरान जम्मू में उमड़ रही आस्था की यह लहर न केवल धार्मिक महत्व को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रही है।

  • गौसेवा के लिए बढ़ा सहयोग का हाथ: मारुति मेडिकल्स के महेंद्र मुणोत ने दिए ₹2 लाख

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। उत्तरहल्ली स्थित ओमकार पहाड़ी पर संचालित ओंकारआश्रम के अंतर्गत चल रहे श्री ओम्कारेश्वर गौ सेवा प्रतिष्ठान को गौसेवा के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ है। मारुति मेडिकल्स के संचालक महेंद्र मुणोत ने प्रतिष्ठान को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की सहयोग राशि का चेक प्रदान किया। यह चेक प्रतिष्ठान के प्रतिनिधि बजरंग लाल चौधरी एवं दिनेश राजपुरोहित को औपचारिक रूप से सौंपा गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने मुणोत के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। चेक प्रदान करते हुए महेंद्र मुणोत ने कहा कि गायों की सेवा करना हमारा नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है। उन्होंने आगे कहा कि गौसेवा के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सेवा भाव भी विकसित होता है। उन्होंने सभी सक्षम लोगों से इस प्रकार के कार्यों में आगे आने की अपील की। प्रतिष्ठान के प्रतिनिधियों बजरंग लाल चौधरी और दिनेश राजपुरोहित ने मुणोत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग राशि से गौशाला में रह रही गायों के चारे, उपचार और देखभाल में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रतिष्ठान निरंतर गौसेवा और संरक्षण के कार्यों में जुटा हुआ है और समाज के सहयोग से इन कार्यों को और गति मिल रही है। इस अवसर पर अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे, जिन्होंने गौसेवा के इस प्रयास को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक और अनुकरणीय बताया।

  • “मोदी विरोध के नाम पर देश को बदनाम कर रही है कांग्रेस”—असम दौरे पर अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम (Bharatarth.com) गुवाहाटी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अपने असम दौरे के दौरान कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। शाह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरोध के नाम पर कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे व्यवहार को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। असम के गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और संसद परिसर में राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंचों पर इस प्रकार का प्रदर्शन देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है। लोकतंत्र के मंदिर का अपमान: शाह गृह मंत्री ने संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है और वहां विरोध के भी अपने मर्यादित तरीके होते हैं। उन्होंने कहा कि संसद की सीढ़ियों पर बैठकर प्रदर्शन करना और अनुचित तरीके से व्यवहार करना लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान के विपरीत है। शाह ने कहा कि विपक्ष को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए सही मंच और गरिमा का पालन जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने के लिए देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाने से नहीं हिचक रहे हैं। असम में कांग्रेस शासन पर साधा निशाना गृह मंत्री ने अपने संबोधन में असम में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में थी और स्वास्थ्य बजट का सही उपयोग नहीं किया गया। शाह ने कहा कि कांग्रेस शासन में राज्य के स्वास्थ्य बजट से हर साल लगभग 150 करोड़ रुपये की अनियमितताएं हुईं, जबकि वर्तमान सरकार आम जनता को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हिमंत बिस्वा सरमा की सराहना असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि असम का कोई भी मरीज इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाए और पूर्वोत्तर तथा पड़ोसी राज्यों के गरीब मरीजों को भी यहां बेहतर इलाज मिल सके। 675 करोड़ के मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन इस अवसर पर अमित शाह ने गुवाहाटी में 675 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रागज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पी.एम.सी.एच.) का उद्घाटन किया। साथ ही असम कैंसर केयर फाउंडेशन के तहत गोलाघाट और तिनसुकिया में दो कैंसर केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया, जिनकी लागत करीब 135 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा दीफू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 220 करोड़ रुपये, जोरहाट मेडिकल कॉलेज में 310 करोड़ रुपये और बारपेटा मेडिकल कॉलेज में 284 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की वर्चुअल आधारशिला रखी गई। गुवाहाटी में 218 करोड़ रुपये के ‘स्वास्थ्य भवन’ तथा 115 करोड़ रुपये के अभयपुरी जिला अस्पताल की नींव भी रखी गई। चुनावी माहौल में बढ़ा राजनीतिक महत्व गृह मंत्री शनिवार शाम को दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन और आगामी चुनावों को लेकर बंद कमरे में बैठकें भी कीं। गौरतलब है कि जल्द ही भारत का चुनाव आयोग द्वारा असम समेत पांच राज्यों—असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा की संभावना है। ऐसे में गुवाहाटी में अमित शाह की यह टिप्पणी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • नींबू पानी पर ‘गैस संकट शुल्क’! बेंगलूरु के कैफे का बिल वायरल, सोशल मीडिया पर उठे सवाल

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम (Bharatarth.com) बेंगलूरु। बेंगलूरु के एक कैफे द्वारा नींबू पानी के बिल पर ‘गैस संकट शुल्क’ जोड़ने का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस अनोखे शुल्क को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है और लोग कैफे के इस कदम पर सवाल उठा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु स्थित 'थियो कैफे' के एक ग्राहक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और रेडिट पर कैफे का बिल साझा किया। बिल में दो ‘मिंट लेमोनेड’ का ऑर्डर दर्ज था, जिसकी कीमत 358 रुपये बताई गई। जीएसटी और डिस्काउंट के बाद बिल में अचानक ‘गैस संकट शुल्क’ नाम से 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क जोड़ा गया, जो 17.01 रुपये था। इस तरह ग्राहक को कुल 374 रुपये का भुगतान करना पड़ा। सोशल मीडिया पर उड़ी खिल्ली बिल वायरल होते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कैफे को घेरना शुरू कर दिया। अधिकांश लोगों का सवाल था कि नींबू पानी या लेमोनेड बनाने में गैस का क्या उपयोग होता है। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा, “नींबू पानी बनाने में कौन सी गैस लगती है?” वहीं एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में पूछा, “क्या इन्होंने नींबू को गर्म करके डाला है?” कई लोगों ने इसे अनावश्यक और हास्यास्पद शुल्क बताया। कानूनी कार्रवाई की भी दी चेतावनी कुछ जागरूक यूजर्स ने इसे उपभोक्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि ईंधन संकट के नाम पर ग्राहकों से अतिरिक्त अनिवार्य शुल्क लेना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनुचित व्यापार प्रथा की श्रेणी में आ सकता है। एक यूजर ने लिखा कि ऐसे मामलों में संबंधित रेस्टोरेंट पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। कई लोगों ने सुझाव दिया कि इस मामले को सोशल मीडिया पर चर्चा करने के बजाय उपभोक्ता अदालत में शिकायत के रूप में दर्ज कराया जाना चाहिए। कैफे की ओर से नहीं आई कोई प्रतिक्रिया हालांकि, इस पूरे विवाद पर संबंधित कैफे की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कुछ लोगों ने कैफे का पक्ष लेते हुए यह भी कहा कि संभवतः बढ़ती लागत या अन्य खर्चों की भरपाई के लिए ऐसा शुल्क जोड़ा गया होगा। गैस संकट की खबरों को सरकार ने बताया अफवाह इधर केंद्र सरकार ने देश में रसोई गैस की कमी की खबरों को भ्रामक बताया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। सरकार के अनुसार, कुछ स्थानों पर स्थानीय लॉजिस्टिक्स या डिलीवरी में देरी को संकट समझ लिया गया, जबकि वास्तविकता में गैस की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक बुकिंग से बचें और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। इस बीच, बेंगलूरु के इस कैफे का ‘गैस संकट शुल्क’ वाला बिल इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

  • राममूर्ति नगर में अप्पू उत्सव और किड्स कार्निवल का रंगारंग आयोजन, 300 से अधिक बाल प्रतिभाओं ने दिखाई अपनी कला

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम (Bharatarth.com) बेंगलूरु। ईदु नीमा वाहिनी कला वेदीके द्वारा रविवार, 15 मार्च को राममूर्ति नगर स्थित नाट्य प्रिया सभागार में “अप्पू उत्सव एवं किड्स कार्निवल” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए 300 से भी अधिक बाल प्रतिभाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बच्चों के लिए नृत्य प्रतियोगिता, विशेष वेशभूषा प्रतियोगिता तथा अन्य कई रचनात्मक स्पर्धाओं का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे बच्चों ने मंच पर आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों और अभिभावकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान सभागार में उत्सव जैसा माहौल बना रहा और अभिभावकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी महेंद्र मुणोत ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी रचनात्मकता को खुलकर प्रस्तुत कर पाते हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि समाज में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। कार्यक्रम के दौरान वेदीके की अध्यक्ष चंद्रिका बीवी एवं सचिव किशोर कुमार ने मुख्य अतिथि महेंद्र मुणोत का सम्मान कर उनका स्वागत किया। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य बच्चों को कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है ताकि उनमें छिपी प्रतिभा को उचित मंच मिल सके। समापन अवसर पर विजेता बच्चों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, स्थानीय नागरिक और कला प्रेमी उपस्थित रहे। पूरे उत्सव ने बच्चों की प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता की एक शानदार झलक प्रस्तुत की।

  • तमिलनाडु चुनाव से पहले बड़ा सियासी दांव: विजय को BJP का ऑफर, 80 सीटें और डिप्टी CM पद की चर्चा

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम (Bharatarth.com) चेन्नई। तमिलनाडु में होने वाले 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम और भारतीय जनता पार्टी के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंचने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने विजय की पार्टी को अपने गठबंधन में शामिल करने के लिए बड़ा प्रस्ताव दिया है। बताया जा रहा है कि भाजपा ने टीवीके को करीब 80 विधानसभा सीटें देने की पेशकश की है। इसके साथ ही विजय को राज्य में उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मुख्यमंत्री पद की मांग से अटक सकती है बातचीत राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि विजय स्वयं मुख्यमंत्री पद की दावेदारी चाहते हैं। यदि ऐसा है तो यह मुद्दा दोनों पक्षों के बीच समझौते में बड़ी बाधा बन सकता है। फिलहाल दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे और नेतृत्व के सवाल पर विचार-विमर्श जारी होने की बात कही जा रही है। भाजपा को क्यों चाहिए विजय का साथ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु में चुनावी मुकाबला अक्सर बेहद करीबी होता है। कई बार 1 से 2 प्रतिशत वोटों का अंतर ही सरकार बनाने और विपक्ष में बैठने का फैसला कर देता है। ऐसे में विजय की व्यापक लोकप्रियता और उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग चुनावी समीकरण बदल सकती है। फिल्मी दुनिया में वर्षों से लोकप्रिय रहे विजय के राजनीतिक मैदान में उतरने के बाद बड़ी संख्या में युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के बीच उनका प्रभाव माना जा रहा है। भाजपा को उम्मीद है कि विजय के साथ आने से राज्य में उसकी पकड़ मजबूत हो सकती है। मध्यस्थता की भी चर्चा सूत्रों के अनुसार इस संभावित गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिए भाजपा की ओर से विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि दोनों पक्षों के बीच सहमति बन सके। टीवीके के भीतर भी उठे सवाल दूसरी ओर, भाजपा के साथ संभावित गठबंधन की खबरों ने विजय की पार्टी के भीतर भी चर्चा और मतभेद पैदा कर दिए हैं। पार्टी के कुछ रणनीतिकारों का मानना है कि अभी शुरुआत में ही किसी राष्ट्रीय दल के साथ जुड़ने से टीवीके की स्वतंत्र और वैकल्पिक राजनीतिक छवि प्रभावित हो सकती है। विजय ने अपनी पार्टी को तमिलनाडु की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के बीच ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में स्थापित करने की कोशिश की है। ऐसे में उनके सामने यह चुनौती है कि वे स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता चुनते हैं या भाजपा के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरते हैं। चुनावी समीकरण पर सबकी नजर तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से दो प्रमुख द्रविड़ दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में विजय की सक्रिय राजनीति और संभावित गठबंधन की खबरों ने राज्य के चुनावी समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है। अब राजनीतिक विश्लेषकों और मतदाताओं की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में विजय किस रणनीति को अपनाते हैं—स्वतंत्र लड़ाई या राष्ट्रीय दल के साथ गठबंधन। यह फैसला 2026 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

  • चेन्नई में भारतीय नववर्ष संवत् 2083 का भव्य स्वागत, महिलाओं की कलश यात्रा व सनातन सम्मेलन में गूंजे संस्कृति और एकता के संदेश

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम (Bharatarth.com) चेन्नई। भारतीय नववर्ष संवत् 2083 के आगमन के अवसर पर रविवार, 15 मार्च 2026 को चेन्नई के साहूकारपेट क्षेत्र में भव्य भारतीय नववर्ष सम्मेलन एवं सनातन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आर्य समाज भवन में वैदिक परंपरा के अनुसार हवन-यज्ञ की आहुति के साथ हुई। इसके बाद सर्व समाज की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर गाजे-बाजे और नववर्ष के मंगल गीतों के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली। यह जागरूकता रैली साहूकारपेट की विभिन्न गलियों से होते हुए जयघोष और धार्मिक नारों के बीच आगे बढ़ी और अंत में राजेश्वर भवन पहुंचकर विराट हिंदू सम्मेलन का रूप ले लिया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं और सनातन धर्मावलंबियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सम्मेलन का शुभारंभ संतों एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में संत श्री जय गोपीनाथ दासजी प्रभु के सान्निध्य में अनेक धार्मिक और सामाजिक हस्तियों की उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि प्यारेलाल पितलिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति विविधताओं में एकता का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व और सांस्कृतिक समारोह समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। यदि नई पीढ़ी इन आयोजनों में सक्रिय भागीदारी करेगी तो देश की सांस्कृतिक और सामाजिक शक्ति और मजबूत होगी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गायत्रीविदाचार्य निरंजन के. वर्मा (पंचगव्य विद्यापीठम, कांचीपुरम) ने हिंदू धर्म की प्राचीन परंपराओं, वेदों और गौ आधारित जीवन पद्धति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पंचगव्य, प्राकृतिक कृषि, नैसर्गिक चिकित्सा और गुरुकुलीय शिक्षा जैसी व्यवस्थाएं भारत को निरोगी और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन मूल्यों को अपनाया जाए तो भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो सकता है। विशिष्ट अतिथि आचार्य विकास आर्य (सचिव, गवर्निंग बोर्ड, डीएवी ग्रुप चेन्नई) ने अपने संबोधन में कहा कि वेद-पुराणों की परंपरा आदि काल से चली आ रही है और इनका प्रचार-प्रसार करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने सांस्कृतिक एकता, सनातन मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। सम्मेलन के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न महिला मंडलों और कलाकारों ने भाग लेकर भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पारंपरिक गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। यह आयोजन आर्य समाज के तत्वावधान में भारतीय संस्कृति संरक्षण समिति द्वारा किया गया, जिसमें समिति के सभी कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संभाला। कार्यक्रम के अंत में समिति के सचिव प्रवीण द्विवेदी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। समारोह का संचालन हनुमान राम पटेल, शोभा आर्य और भारत रावल ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की जानकारी दिनेश चौधरी, चेन्नई द्वारा दी

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