तमिलनाडु चुनाव से पहले बड़ा सियासी दांव: विजय को BJP का ऑफर, 80 सीटें और डिप्टी CM पद की चर्चा
- धन्ना राम चौधरी

- 15 मार्च
- 3 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 18 मार्च
भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम (Bharatarth.com)
चेन्नई। तमिलनाडु में होने वाले 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम और भारतीय जनता पार्टी के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंचने की चर्चा है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने विजय की पार्टी को अपने गठबंधन में शामिल करने के लिए बड़ा प्रस्ताव दिया है। बताया जा रहा है कि भाजपा ने टीवीके को करीब 80 विधानसभा सीटें देने की पेशकश की है। इसके साथ ही विजय को राज्य में उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री पद की मांग से अटक सकती है बातचीत
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि विजय स्वयं मुख्यमंत्री पद की दावेदारी चाहते हैं। यदि ऐसा है तो यह मुद्दा दोनों पक्षों के बीच समझौते में बड़ी बाधा बन सकता है। फिलहाल दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे और नेतृत्व के सवाल पर विचार-विमर्श जारी होने की बात कही जा रही है।
भाजपा को क्यों चाहिए विजय का साथ
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु में चुनावी मुकाबला अक्सर बेहद करीबी होता है। कई बार 1 से 2 प्रतिशत वोटों का अंतर ही सरकार बनाने और विपक्ष में बैठने का फैसला कर देता है। ऐसे में विजय की व्यापक लोकप्रियता और उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग चुनावी समीकरण बदल सकती है।
फिल्मी दुनिया में वर्षों से लोकप्रिय रहे विजय के राजनीतिक मैदान में उतरने के बाद बड़ी संख्या में युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के बीच उनका प्रभाव माना जा रहा है। भाजपा को उम्मीद है कि विजय के साथ आने से राज्य में उसकी पकड़ मजबूत हो सकती है।
मध्यस्थता की भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार इस संभावित गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिए भाजपा की ओर से विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि दोनों पक्षों के बीच सहमति बन सके।
टीवीके के भीतर भी उठे सवाल
दूसरी ओर, भाजपा के साथ संभावित गठबंधन की खबरों ने विजय की पार्टी के भीतर भी चर्चा और मतभेद पैदा कर दिए हैं। पार्टी के कुछ रणनीतिकारों का मानना है कि अभी शुरुआत में ही किसी राष्ट्रीय दल के साथ जुड़ने से टीवीके की स्वतंत्र और वैकल्पिक राजनीतिक छवि प्रभावित हो सकती है।
विजय ने अपनी पार्टी को तमिलनाडु की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के बीच ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में स्थापित करने की कोशिश की है। ऐसे में उनके सामने यह चुनौती है कि वे स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता चुनते हैं या भाजपा के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरते हैं।
चुनावी समीकरण पर सबकी नजर
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से दो प्रमुख द्रविड़ दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में विजय की सक्रिय राजनीति और संभावित गठबंधन की खबरों ने राज्य के चुनावी समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है।
अब राजनीतिक विश्लेषकों और मतदाताओं की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में विजय किस रणनीति को अपनाते हैं—स्वतंत्र लड़ाई या राष्ट्रीय दल के साथ गठबंधन। यह फैसला 2026 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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