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“मोदी विरोध के नाम पर देश को बदनाम कर रही है कांग्रेस”—असम दौरे पर अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 15 मार्च
  • 3 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 18 मार्च


भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम (Bharatarth.com)

गुवाहाटी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अपने असम दौरे के दौरान कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। शाह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरोध के नाम पर कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे व्यवहार को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।


असम के गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और संसद परिसर में राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंचों पर इस प्रकार का प्रदर्शन देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है।


लोकतंत्र के मंदिर का अपमान: शाह

गृह मंत्री ने संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है और वहां विरोध के भी अपने मर्यादित तरीके होते हैं। उन्होंने कहा कि संसद की सीढ़ियों पर बैठकर प्रदर्शन करना और अनुचित तरीके से व्यवहार करना लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान के विपरीत है।


शाह ने कहा कि विपक्ष को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए सही मंच और गरिमा का पालन जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने के लिए देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाने से नहीं हिचक रहे हैं।


असम में कांग्रेस शासन पर साधा निशाना

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में असम में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में थी और स्वास्थ्य बजट का सही उपयोग नहीं किया गया।


शाह ने कहा कि कांग्रेस शासन में राज्य के स्वास्थ्य बजट से हर साल लगभग 150 करोड़ रुपये की अनियमितताएं हुईं, जबकि वर्तमान सरकार आम जनता को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।


हिमंत बिस्वा सरमा की सराहना

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि असम का कोई भी मरीज इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाए और पूर्वोत्तर तथा पड़ोसी राज्यों के गरीब मरीजों को भी यहां बेहतर इलाज मिल सके।


675 करोड़ के मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन

इस अवसर पर अमित शाह ने गुवाहाटी में 675 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रागज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पी.एम.सी.एच.) का उद्घाटन किया। साथ ही असम कैंसर केयर फाउंडेशन के तहत गोलाघाट और तिनसुकिया में दो कैंसर केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया, जिनकी लागत करीब 135 करोड़ रुपये बताई गई है।


इसके अलावा दीफू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 220 करोड़ रुपये, जोरहाट मेडिकल कॉलेज में 310 करोड़ रुपये और बारपेटा मेडिकल कॉलेज में 284 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की वर्चुअल आधारशिला रखी गई। गुवाहाटी में 218 करोड़ रुपये के ‘स्वास्थ्य भवन’ तथा 115 करोड़ रुपये के अभयपुरी जिला अस्पताल की नींव भी रखी गई।


चुनावी माहौल में बढ़ा राजनीतिक महत्व

गृह मंत्री शनिवार शाम को दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन और आगामी चुनावों को लेकर बंद कमरे में बैठकें भी कीं।


गौरतलब है कि जल्द ही भारत का चुनाव आयोग द्वारा असम समेत पांच राज्यों—असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा की संभावना है। ऐसे में गुवाहाटी में अमित शाह की यह टिप्पणी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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