असम में गरजे पीएम मोदी: कांग्रेस को नेहरू से सीखने की दी नसीहत, असम को बताया नॉर्थ-ईस्ट का विकास मॉडल
- धन्ना राम चौधरी

- 13 मार्च
- 2 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च
भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और विपक्ष को देशहित में सकारात्मक राजनीति करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में भी कांग्रेस देश में भ्रम और गलत जानकारी फैलाने में लगी रहती है, जबकि केंद्र की भाजपा-नेतृत्व वाली एनडीए सरकार किसानों को मजबूत बनाने और भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेताओं से अपील करते हुए कहा कि वे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 15 अगस्त के भाषण को सुनें और उससे सीख लें। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर ही देश को आगे बढ़ाया जा सकता है।
नेहरू के उदाहरण से विपक्ष को संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पंडित नेहरू ने अपने एक भाषण में उल्लेख किया था कि दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच हुए युद्ध का असर भारत में महंगाई पर पड़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि उस समय भी वैश्विक घटनाओं का प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता था, इसलिए आज के दौर में भी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को समझते हुए जिम्मेदारी से बयान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को देशहित में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से देश की सबसे पुरानी पार्टी कठिन समय में भी भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है।
असम बना नॉर्थ-ईस्ट के विकास का मॉडल
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में असम के तेजी से हो रहे विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि आज असम पूरे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए एक विकास मॉडल बनकर उभर रहा है। उन्होंने नॉर्थ-ईस्ट को “अष्टलक्ष्मी” बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में हो रहा विकास पूरे देश के लिए नई ऊर्जा लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम हुआ है, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, असम में हो रहे विकास कार्यों का सकारात्मक प्रभाव पूरे उत्तर-पूर्वी राज्यों की आर्थिक और सामाजिक प्रगति पर पड़ रहा है।
रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन को बताया बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी ने देश में रेलवे क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने और विदेशी ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बीते दस वर्षों में देश के रेलवे नेटवर्क का बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है। इस पहल से हर साल करीब 17 मिलियन लीटर डीजल की बचत हो रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह कदम न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा योगदान दे रहा है।
किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और तेज गति से विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र भारत की प्रगति में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और असम इस परिवर्तन का नेतृत्व करता रहेगा।
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