top of page
भारतार्थ-logo

राज्यसभा चुनाव से पहले बीजद का तीन लाइन का व्हिप, विधायकों को बैठक व प्रशिक्षण में अनिवार्य उपस्थिति का निर्देश

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 13 मार्च
  • 2 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च

  • Naveen Patnaik with hands clasped, and a leader speaking at a podium

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

भुवनेश्वर (ओडिशा)। आगामी राज्यसभा चुनावों को देखते हुए बीजू जनता दल (बीजद) ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने गुरुवार को पार्टी के सभी विधायकों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी करते हुए उन्हें भुवनेश्वर में आयोजित महत्वपूर्ण बैठकों में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया है।


पार्टी सूत्रों के अनुसार, सभी बीजद विधायकों को 13 और 14 मार्च को शाम 5:30 बजे से 7:30 बजे तक भुवनेश्वर स्थित नवीन निवास में आयोजित प्रेजेंटेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित रहना होगा। इसके अलावा, 15 मार्च को भी इसी स्थान पर बीजद विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति और मतदान प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी।


क्रॉस-वोटिंग की अटकलों के बीच सख्ती

राजनीतिक हलकों में क्रॉस-वोटिंग की संभावनाओं को लेकर चर्चाओं के बीच बीजद ने यह कदम उठाया है। इसी बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के छह विधायक गुरुवार रात बेंगलुरु पहुंच गए। बताया जा रहा है कि उन्हें कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की निगरानी में दक्षिण बेंगलुरु जिले के एक निजी रिसॉर्ट में ठहराया गया है।


इन विधायकों में अशोक कुमार दास, प्रफुल्ल चंद्र प्रधान, पवित्र सौंता, कद्रका अप्पाला स्वामी, सी.एस. राजेन एक्का और सत्यजीत गोमांगो शामिल हैं। वे अपने परिवारों के साथ वहां ठहरे हुए हैं। ओडिशा से कुल 14 लोग इस दौरे पर पहुंचे हैं।


संयुक्त उम्मीदवार को समर्थन

हालांकि कांग्रेस ने ओडिशा से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन पार्टी ने बीजद और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के साथ मिलकर संयुक्त उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को समर्थन देने का फैसला किया है।


ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने 5 मार्च को कहा था कि दत्तेश्वर होता के सामाजिक कार्य और उनके गैर-दलीय व्यक्तित्व को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि चूंकि होता किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं, इसलिए समान विचारधारा वाली पार्टियां उन्हें समर्थन दे सकती हैं।


दास ने यह भी बताया कि नवीन पटनायक इस फैसले को लेकर पूरी तरह स्पष्ट थे और उन्होंने इसे ओडिशा की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण तथा “क्रांतिकारी कदम” बताया।


विभिन्न दलों के उम्मीदवार घोषित

राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवार भी घोषित कर दिए हैं। बीजद ने संतृप्त मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को मैदान में उतारा है।


16 मार्च को मतदान

देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होगा। उसी दिन शाम 5 बजे मतों की गिनती भी की जाएगी। जिन राज्यों की सीटें खाली हो रही हैं उनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं।


इन राज्यों से चुने गए 37 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, जिसके चलते इन सीटों पर नए प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। ऐसे में सभी प्रमुख दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी रणनीति को मजबूत बनाने में जुटे हुए हैं।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page