मध्य प्रदेश के सभी जिलों में एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश, कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
- धन्ना राम चौधरी

- 13 मार्च
- 3 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च
भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
भोपाल। पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के संभावित प्रभाव को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गठित मंत्री-मंडल समिति की बैठक शुक्रवार को राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में एलपीजी गैस की नियमित और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों के माध्यम से वितरण व्यवस्था को सुचारू रखा जाए तथा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने भी आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री काश्यप वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने गैस एजेंसियों के संचालन, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि यदि कहीं भी वितरण व्यवस्था में अनियमितता या विलंब की शिकायत मिलती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को गैस कंपनियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के निर्देश दिए, जिससे प्रदेश में एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
खाद्य मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। एजेंसियों और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर मांग और आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी क्षेत्र में गैस की कमी न हो।
उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रदेश में निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 115 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 350 गैस सिलेंडर जब्त किए गए तथा दो प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है।
तकनीकी समस्या के कारण हुई थी बुकिंग में दिक्कत
मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए बनाए गए पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण कुछ समय के लिए उपभोक्ताओं को परेशानी हुई थी। अधिकारियों को इसे जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आवश्यकतानुसार एजेंसियों में ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता तथा खाड़ी देशों से प्रदेश के प्रवासियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक बॉटलिंग प्लांट और वितरकों के गोदामों में उपलब्ध है। कुछ उपभोक्ताओं द्वारा आशंका के कारण एक साथ अधिक बुकिंग करने से सर्वर पर अतिरिक्त लोड आया, जिससे असुविधा हुई। इसे जल्द ही व्यवस्थित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशानुसार घरेलू उपभोक्ता अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग कर सकेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों से भ्रमित न हों।
रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर कर रहीं काम
बैठक में बताया गया कि देश की रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं और पश्चिम एशिया के अलावा अन्य देशों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति भी बिना किसी कटौती के जारी है।
सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर प्रतिदिन आपूर्ति स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं।
शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर
गैस आपूर्ति से संबंधित शिकायत या सुझाव के लिए उपभोक्ता इंडियन ऑयल के टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555, एचपीसीएल के 1800-258-7170 और भारत पेट्रोलियम के 1800-22-4344 पर संपर्क कर सकते हैं।
बैठक में सचिव गृह कृष्णावेनी देसावातु, आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा तथा तेल कंपनियों के अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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