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पंचकूला में 37 साल बाद वसंत उत्सव की भव्य शुरुआत, सीएम नायब सैनी ने एशिया के सबसे बड़े कैक्टस गार्डन को किया जनता के लिए पुनः खोलने का ऐलान

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 13
  • 2 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला शहर में करीब 37 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पहली बार भव्य वसंत उत्सव का आयोजन शुरू हुआ। तीन दिवसीय इस रंगारंग उत्सव का शुभारंभ शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सेक्टर-5 स्थित टाउन पार्क में किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का पारंपरिक पगड़ी पहनाकर, ढोल-नगाड़ों और लोक वाद्ययंत्रों के साथ जोरदार स्वागत किया गया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंचकूला के प्रसिद्ध और एशिया के सबसे बड़े कैक्टस उद्यान राष्ट्रीय कैक्टस और रसीला वनस्पति उद्यान और अनुसंधान केंद्र को भी आम जनता के लिए पुनः खोलने की घोषणा की। रखरखाव के कारण यह गार्डन पिछले लगभग एक वर्ष से बंद था।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला में शुरू किया गया यह वसंत उत्सव भविष्य में सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला की तरह ही पहचान बनाएगा और प्रदेश के सांस्कृतिक व पर्यटन नक्शे पर एक नई पहचान स्थापित करेगा।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने फूलों की भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कट फ्लावर, ड्राई फ्लावर और फ्रेश फ्लावर सेक्शन में प्रदर्शित विभिन्न किस्मों के फूलों में विशेष रुचि दिखाई। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प और घरेलू उत्पादों के स्टॉल भी देखे और उनकी सराहना की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वसंत उत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि हमारी प्रकृति के प्रति प्रेम, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पंचकूला हरियाणा का एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और योजनाबद्ध विकास के लिए जाना जाता है।


उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन समस्याओं का समाधान प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता से ही संभव है। हरियाणा सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 75 वर्ष से अधिक आयु के पेड़ों के संरक्षण के लिए उनके अभिरक्षकों को प्रतिवर्ष तीन हजार रुपये की पेंशन दी जाती है। अब तक 3,819 पेड़ों की पहचान कर उनके संरक्षकों को लगभग 2 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है, जबकि 1,541 अतिरिक्त पेड़ों की भी पहचान की गई है।


इस अवसर पर पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मकरंद पांडुरंग ने बताया कि वसंत उत्सव का उद्देश्य विकास के साथ-साथ संस्कृति और भाईचारे के मूल्यों को भी मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों को मंच मिलता है, साथ ही पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलती है।


कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवी नगर तथा उपायुक्त सतपाल शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।


तीन दिनों तक चलने वाले इस वसंत उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, फूलों की प्रदर्शनी, हस्तशिल्प स्टॉल, लोक संगीत और विविध मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिससे पंचकूला में उत्सव का माहौल बना हुआ है।

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