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झारखंड पुलिस को मिली नई ताकत: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1485 आधुनिक वाहनों को दिखाई हरी झंडी, 12 नए थानों का किया शिलान्यास

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 13 मार्च
  • 3 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च


भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

रांची। झारखंड में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह में झारखंड पुलिस को 1485 आधुनिक वाहनों की सौगात दी। साथ ही उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में बनने वाले 12 नए अत्याधुनिक पुलिस थानों का ऑनलाइन शिलान्यास भी किया।


मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर नए पुलिस थानों की आधारशिला रखी और हरी झंडी दिखाकर पुलिस वाहनों को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न श्रेणियों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।


पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मजबूत पुलिस व्यवस्था ही सुरक्षित समाज की आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के लगभग 25 वर्षों में यह पहली बार है, जब झारखंड पुलिस को एक साथ इतनी बड़ी संख्या में वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।


उन्होंने कहा कि शहरों से लेकर दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों तक शांति, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी पुलिस पर होती है। ऐसे में आधुनिक वाहनों की उपलब्धता से पुलिस बल की गतिशीलता, प्रतिक्रिया क्षमता और क्षेत्रीय निगरानी में उल्लेखनीय सुधार होगा।


मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि नए संसाधनों के जरिए पुलिस घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने में और सक्षम बनेगी, जिससे आम जनता को बेहतर और भरोसेमंद सुरक्षा सेवाएं मिल सकेंगी।


पहले चरण में मिले 1485 वाहन

राज्य सरकार ने झारखंड पुलिस के लिए कुल 1255 पेट्रोलिंग वाहन और 1697 दोपहिया वाहनों को स्वीकृति दी है। इनमें से पहले चरण में 636 पेट्रोलिंग वाहन (महिंद्रा बोलेरो) और 849 दोपहिया वाहन (टीवीएस अपाचे) विभिन्न जिलों और पुलिस थानों को आवंटित किए गए हैं।


इस प्रकार पहले चरण में कुल 1485 वाहनों को पुलिस बल को सौंपा गया है, जबकि शेष वाहन जल्द ही उपलब्ध कराए जाएंगे। ये वाहन गश्ती, क्विक रिस्पांस, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और ग्रामीण इलाकों में पुलिस उपस्थिति बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


डायल 112 सेवा को मिलेगा बल

सरकार के अनुसार इन वाहनों का उपयोग विशेष रूप से डायल 112 आपातकालीन सेवा को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। प्रत्येक वाहन में वायरलेस सेट और एमडीटी टैब लगाए जाएंगे, जिससे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सीधा संपर्क बना रहेगा। इससे घटनास्थल से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव होगा और पुलिस की प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय सुधार आएगा।


अपहरण मामले का दिया उदाहरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड पुलिस कई मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर जनता का विश्वास जीत रही है। उन्होंने रांची के धुर्वा इलाके से दो नाबालिग बच्चों के अपहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस की तत्परता से दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश भी हुआ।


12 जिलों में बनेंगे आधुनिक संयुक्त थाने

मुख्यमंत्री ने जिन 12 नए थानों का शिलान्यास किया, उनका निर्माण झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा। ये आधुनिक संयुक्त थाना भवन राज्य के दुमका, पूर्वी सिंहभूम, गुमला, रांची, बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, गढ़वा, गिरिडीह, हजारीबाग और पलामू जिलों में बनाए जाएंगे।


इन जी प्लस 6 संयुक्त थाना परिसरों में एएचटीयू थाना, साइबर थाना, एससी/एसटी थाना और महिला थाना को एक ही परिसर में स्थापित किया जाएगा, जिससे पुलिस सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुगम बनाया जा सकेगा।


इस वित्तीय वर्ष में अन्य वाहन भी हुए आवंटित

पुलिस मुख्यालय के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में पुलिस विभाग के लिए पहले ही कई अन्य वाहनों की खरीद और वितरण किया जा चुका है। इनमें 900 बजाज पल्सर, 50 रॉयल एनफील्ड हंटर बुलेट, पांच टाटा बस, छह जेसीबी, चार वाटर टैंकर, तीन कैदी वाहन और पांच रायट कंट्रोल व्हीकल शामिल हैं।


इसके अलावा चार बुलेट प्रूफ रक्षक वाहन, नौ महिंद्रा बोलेरो और तीन महिंद्रा स्कॉर्पियो भी खरीदे गए हैं, जिन्हें विभिन्न जिलों और इकाइयों को आवंटित किया जा चुका है।


समारोह में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, मंत्री राधाकृष्ण किशोर, संजय प्रसाद यादव, डॉ. इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न जिलों के पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।


सरकार के इस कदम को झारखंड में पुलिस आधुनिकीकरण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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