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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • गौशाला में आग: होसुर-बडे में 1.5 करोड़ का नुकसान, बेंगलुरु गौशाला त्रासदी: आखिर गलती कहाँ हुई?

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। कर्नाटक के होसूर-बंडे बेंगलूरु क्षेत्र स्थित श्री कृष्णा सेवा आश्रम गौशाला में मंगलवार को लगी भीषण आग ने न केवल लाखों की संपत्ति को राख में बदल दिया, बल्कि प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों की पोल भी खोलकर रख दी। इस अग्निकांड में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जबकि तीन गोमाताओं की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य अब भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सुबह करीब 11:30 बजे चारा गोदाम से शुरू हुई। सवाल यह उठता है कि इतने संवेदनशील स्थान पर अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे? सूखे चारे के बड़े भंडारण के बावजूद न तो कोई फायर अलार्म सिस्टम मौजूद था और न ही प्राथमिक स्तर पर आग बुझाने के साधन पर्याप्त थे। परिणामस्वरूप, आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और दो बड़े शेड को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर तो पहुंचीं, लेकिन आग पर काबू पाने में करीब 24 घंटे का समय लग गया। यह देरी कई गंभीर सवाल खड़े करती है—क्या दमकल संसाधनों की कमी है या फिर आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र पूरी तरह से लचर हो चुका है? गौशाला प्रबंधन के मुताबिक, इस हादसे में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का चारा और ढांचा जलकर नष्ट हो गया। करीब 60 लाख रुपये की लागत से बने दो शेड पूरी तरह खाक हो गए। तीन गोमाताओं की मौत और कई के गंभीर रूप से झुलसने की घटना ने गौसेवा के नाम पर चल रही व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। गौशाला के संचालक पुखराज महाराज ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना बिना किसी कारण के होना संभव नहीं है, और इसके पीछे किसी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि ऐसा है, तो यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक लापरवाही या षड्यंत्र का मामला बनता है। घटना के बाद सैकड़ों गोसेवकों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने करीब चार किलोमीटर पैदल मार्च कर बागलूर पुलिस स्टेशन पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन केवल घटनाओं के बाद सक्रिय होता है, जबकि रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। प्रशासन ने जांच शुरू करने और नुकसान का आकलन करने की बात कही है, लेकिन यह वही पारंपरिक प्रतिक्रिया है जो हर बड़ी घटना के बाद दोहराई जाती है। असली सवाल यह है कि क्या इस जांच से कोई ठोस नतीजा निकलेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? हर बार की तरह इस बार भी घटना के बाद ‘जांच’ और ‘कार्रवाई’ के आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी और लापरवाह तंत्र पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं यूं ही होती रहेंगी। गौसेवा की आड़ में चल रही व्यवस्थाओं और प्रशासनिक उदासीनता की यह आग केवल संपत्ति ही नहीं, बल्कि संवेदनाओं को भी झुलसा रही है।

  • गौशाला में आग से चारा राख, अब भजन संध्या के माध्यम से जुटेगा सहयोग

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। शहर के होसुरु बंडे क्षेत्र स्थित श्री कृष्ण गौ सेवा आश्रम गौशाला में 17 मार्च 2026 को हुई भीषण आगजनी की घटना ने गौभक्तों को झकझोर कर रख दिया। आग लगने से गौमाता के लिए संग्रहित चारा दो शेड में पूरी तरह जलकर राख हो गया, जिससे गौशाला के सामने चारा-पानी की व्यवस्था को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इस आपात स्थिति से निपटने एवं गौमाता की सेवा के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने हेतु श्री कृष्ण गौ सेवा आश्रम गौशाला एवं श्री मातेश्वरी भक्त मंडल (रजि.), बेंगलूरु के तत्वावधान में “एक शाम गौ माता के नाम” शीर्षक से विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। यह भजन संध्या 25 मार्च 2026, बुधवार को रात्रि 8:15 बजे से मित्तगनहल्ली मेन रोड, बिदारहल्ली होबली, कन्नूर पोस्ट (बेंगलूरु-562149) स्थित आयोजन स्थल पर आयोजित होगी। कार्यक्रम में प्रसिद्ध संत श्री पुखराज जी महाराज एवं श्री रामायज्ञदास जी महाराज की सान्निध्यता रहेगी, वहीं सुप्रसिद्ध भजन गायक कैलाश पवार गागुड़ा, गौ रत्न गायक ओमजी‌ मुंडेल डीगरणा अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगे। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गौशाला में उत्पन्न संकट की घड़ी में सहयोग जुटाने का एक सामूहिक प्रयास है। गौमाता के चारा-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए समाज के सभी वर्गों, गौभक्तों, दानवीर भामाशाहों से तन, मन और धन से सहयोग करने की अपील की गई है। कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन (प्रसादी) की भी व्यवस्था की गई है। प्रसादी के लाभार्थियों में प्रकाशजी चौहान (एमडी, एक्सपर्टकॉलर्स प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलूरु) एवं सवाईसिंहजी राजपुरोहित (महेश केटरर्स, बेंगलूरु) का विशेष सहयोग रहेगा। आयोजकों ने सत्य सनातन धर्म से जुड़े सभी समाजजनों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें और गौसेवा के इस अभियान को सफल बनाएं। सहयोग हेतु इच्छुक व्यक्ति यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, कल्याणनगर शाखा में उपलब्ध खाते (संख्या: 133111100004003, IFSC: UBIN0813311) के माध्यम से भी अपना योगदान दे सकते हैं। इस आयोजन को लेकर गौभक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और इसे गौसेवा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

  • आग की राख से उठी सेवा की ज्योति: श्री कृष्णा गौ सेवा आश्रम में फिर गूंजा गौसेवा का संकल्प

    फाइल फोटो भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। होसुर बंडे स्थानीय क्षेत्र स्थित श्री कृष्णा गौ सेवा आश्रम में संत पुखराज के सानिध्य में वर्षों से गौसेवा का पवित्र कार्य निरंतर भक्ति भाव और समर्पण के साथ संचालित हो रहा है। आश्रम में 1100 से अधिक गायों की निस्वार्थ सेवा की जाती है, जहां उनके रहने, खाने और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। यही कारण है कि यहां की गायें सुरक्षित और संतुष्ट जीवन व्यतीत कर रही हैं। गौशाला में गायों के चारे की कभी कमी न हो, इसके लिए पहले से ही बड़े स्तर पर चारे का भंडारण किया गया था। लेकिन 17 मार्च को एक दुखद घटना ने इस सेवा कार्य को झकझोर दिया, जब अचानक भीषण आग लगने से पूरा चारा जलकर राख हो गया। इस घटना से न केवल गौशाला से जुड़े सेवक बल्कि पूरे क्षेत्र के गौभक्तों में गहरा दुख व्याप्त हो गया। इस संबंध में गोप्रेमी महेंद्र मुणोत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समय विचलित होने या निराश होने का नहीं है, बल्कि और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ गौसेवा को आगे बढ़ाने का है। उन्होंने सभी गौभक्तों से अपील की कि वे इस संकट की घड़ी में सहयोग के लिए आगे आएं। फाइल फोटो इस अवसर पर श्री शिव गौ सेवा भजन मंडल चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने संवेदनशीलता और सेवा भावना का परिचय देते हुए गौशाला के लिए 10 ट्रक चारा भेजने का आश्वासन दिया। इस सहयोग से गौशाला के संचालन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम के अंत में संत पुखराज ने सभी गौसेवकों और सहयोगकर्ताओं को आशीर्वाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सच्ची सेवा वही है, जो कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर जारी रहे। यह घटना जहां एक ओर दुखद रही, वहीं दूसरी ओर समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत करने का संदेश दे गई।

  • केशवनगर में 135 करोड़ की जलापूर्ति योजना को मंजूरी, पाइपलाइन व ओवरहेड टैंक से मिलेगी राहत

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) पुणे। पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) ने शहर की सीमा में हाल ही में शामिल किए गए गांवों में जल संकट दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केशवनगर (मुंढवा) क्षेत्र के लिए करीब 135.57 करोड़ रुपये की व्यापक जलापूर्ति योजना को स्थायी समिति ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने से लेकर ओवरहेड टैंक निर्माण तक के कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने जानकारी देते हुए बताया कि मनपा के जलापूर्ति विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को समिति ने स्वीकृति दी है। यह योजना विशेष रूप से उन 34 गांवों में से केशवनगर क्षेत्र के लिए तैयार की गई है, जहां तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। टैंकरों पर निर्भरता होगी कम वर्तमान में केशवनगर और आसपास के इलाकों में जलापूर्ति के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि रोजाना 30 से 35 टैंकरों की आवश्यकता पड़ रही है, जिससे न केवल प्रशासन पर आर्थिक भार बढ़ रहा है, बल्कि नागरिकों को भी अनियमित जलापूर्ति का सामना करना पड़ता है। नई योजना के लागू होने के बाद इस निर्भरता में कमी आने की उम्मीद है। 6.19 किमी मुख्य पाइपलाइन और मजबूत नेटवर्क परियोजना के अंतर्गत 200 से 800 मिमी व्यास की लगभग 6.19 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही 600 किलोवाट क्षमता की पंपिंग व्यवस्था स्थापित की जाएगी तथा करीब 71.50 किलोमीटर लंबा जल वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इससे पानी का दबाव और वितरण दोनों बेहतर होंगे। छह ओवरहेड टैंक का निर्माण योजना के तहत 2.5 से 3.5 एमएल क्षमता के छह ऊंचे जलाशय (ओवरहेड टैंक) भी बनाए जाएंगे। इन टैंकों के माध्यम से क्षेत्र में संतुलित और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना की मूल लागत 114.66 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी और अन्य शुल्क जोड़कर कुल लागत 135.57 करोड़ रुपये तक पहुंचेगी। तीन वर्षों में चरणबद्ध क्रियान्वयन मनपा बजट में इस योजना के लिए अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से निधि उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि वर्तमान बजट अन्य गांवों में उपयोग हो चुका है, इसलिए केशवनगर के लिए अलग से प्रावधान करना आवश्यक बताया गया है। इसके लिए महाराष्ट्र नगर पालिका अधिनियम 1949 की धारा 72 (ब) के तहत सामान्य सभा की स्वीकृति ली जाएगी। पूर्व उपमुख्यमंत्री के निर्देश से मिली गति इस परियोजना को गति उस समय मिली जब दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने निरीक्षण के दौरान केशवनगर की जल समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान के निर्देश दिए थे। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना मनपा प्रशासन का मानना है कि नई योजना न केवल वर्तमान जल संकट को दूर करेगी, बल्कि भविष्य में बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को भी पूरा करेगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद नागरिकों को नियमित, पर्याप्त और बेहतर दबाव के साथ पानी उपलब्ध होने की संभावना जताई गई।

  • पुणे में राजेश्वर भगवान जन्मोत्सव धूमधाम से सम्पन्न, भजनों और परंपरा से सजा भव्य आयोजन

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) पुणे। आँजणा पटेल समाज संघ, पुणे के तत्वावधान में समाज के आराध्य देव श्री 1008 श्री राजेश्वर भगवान का 144वां जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास, भक्ति और पारंपरिक संस्कृति के साथ मनाया गया। आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इसे एक ऐतिहासिक एवं यादगार रूप प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्थान के सुप्रसिद्ध भजन कलाकार गजेंद्रराव आशासपेरा ने देशी भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर उपस्थित श्रद्धालु देर तक झूमते रहे और पूरा वातावरण भक्ति रस में डूब गया। इस गरिमामयी आयोजन में मावल (पुणे) के लोकप्रिय सांसद श्रीरंग आप्पा बारणे, स्थानीय विधायक शंकर भाऊ जगताप सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की विशेष उपस्थिति रही। अतिथियों ने समाज की एकता, संस्कृति और धार्मिक आस्था की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को सामाजिक समरसता के लिए प्रेरणादायक बताया। समारोह की अध्यक्षता पुणे आँजणा पटेल समाज के अग्रणी श्री हीम्मत भाई करवड़ ने की। उन्होंने अपने संबोधन में समाज की एकजुटता और परंपराओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में ट्रस्ट के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने भाग लिया।आयोजन के दौरान पुणे के भामाशाह रोणोबा सरावग परिवार द्वारा महाप्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसमें टीकमराम, जोगाराम, पीराराम, जुनजाराम, राजाराम एवं डूंगराराम सहित परिवारजनों का विशेष सहयोग रहा। श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर आयोजन को सफल बनाया। इस भव्य समारोह ने पूरे क्षेत्र में उत्साह, आस्था और गौरव का वातावरण निर्मित किया तथा समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का संदेश दिया। उपरोक्त जानकारी टीकमराम पटेल पुणे ने दी।

  • अहमदाबाद में माँ सच्चियाय की भव्य शोभायात्रा व भजन संध्या, हजारों श्रद्धालु भक्ति में हुए मग्न

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) अहमदाबाद। नगर के राजराजेश्वरी सच्चियाय माता ट्रस्ट एवं भक्त मंडल के तत्वावधान में 25 मार्च 2026, बुधवार (चैत्र सुदी सप्तमी) को आयोजित “माँ सच्चियाय माता के नाम भव्य भक्ति की एक शाम” कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ट्रस्ट अध्यक्ष जगदीश चौपड़ा के अनुसार, कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 4 बजे शाहीबाग स्थित मोनालिसा अपार्टमेंट से भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा के लाभार्थी चिरंजीलाल, नरपतलाल, गौतमचंद, रमेशचंद, रोशनलाल, राकेश कुमार, देवेंद्र कुमार, दीपक कुमार एवं आगम कंकु चौपड़ा परिवार (पचपदरा–अहमदाबाद–सूरत) रहे। विशेष रजत रथ में विराजित माँ सच्चियाय की आकर्षक सजीव छवि तथा 51 ध्वजाओं ने शोभायात्रा की भव्यता को और बढ़ाया। अहमदाबाद की महापौर प्रतिभा जैन ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और बैंड की मधुर ध्वनियों के साथ नृत्य करते हुए जयकारों के बीच सरदार पटेल स्मारक (राज भवन) एवं सर्किट हाउस मार्ग से होते हुए शाहीबाग स्थित भक्ति हॉल पहुंचे। इस दौरान सूरत से आए भजन गायक मनीष जैन और शैलेश पटवारी ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। भक्ति हॉल में माताजी का भव्य स्वागत पुष्पवर्षा, अक्षत बधावना एवं जयकारों के साथ किया गया तथा विधि-विधान से पूजन-अर्चना कर स्थापना की गई। सायं 7:30 बजे से महाभक्ति संध्या का शुभारंभ हुआ। पूज्य बासा श्री अमरचंदजी राठौड़ (मलाड़, मुंबई) के निर्देशानुसार माताजी को 56 भोग अर्पित किए गए। महिला भक्त मंडल ने संगीतमय प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत को और भी मंगलमय बना दिया। कार्यक्रम में जिज्ञासा पिच्छा द्वारा नमस्कार महामंत्र प्रस्तुत किया गया, वहीं बाड़मेर से आए संगीतरत्न गौरव मालू ने भावपूर्ण गणेश वंदना प्रस्तुत कर माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। इसके पश्चात जोधपुर के 10 वर्षीय बाल कलाकार कृषिव बागरेचा ने अपनी जोशीली भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं उदयपुर की प्रसिद्ध गायिका केमिता राठौड़ ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति से पूरे पंडाल को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी मांगीलालजी सुमेरमलजी कंकु चौपड़ा परिवार का ट्रस्ट द्वारा तिलक, माला, साफा, चूंदड़ी एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। रात्रि लगभग 11:30 बजे माताजी की चूंदड़ी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने नृत्य करते हुए भाग लिया। इसके पश्चात 108 दीपकों से महाआरती उतारी गई, जिससे पूरा वातावरण दिव्यता से आलोकित हो उठा। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में राजराजेश्वरी सच्चियाय माता ट्रस्ट, भक्त मंडल, महिला मंडल एवं लाभार्थी कंकु चौपड़ा हिराणी परिवार सहित सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट द्वारा तेरापंथ भवन, शाहीबाग के समीप माँ सच्चियाय माताजी के भव्य मंदिर निर्माण हेतु भूमि क्रय की जा चुकी है तथा शीघ्र ही मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और संस्कृति का जीवंत उत्सव बन चुका है। संपूर्ण कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन सिवाना निवासी मुकेश आर. चौपड़ा (अहमदाबाद) ने किया। आयोजन में सभी संगीतकारों का ट्रस्ट द्वारा सम्मान भी किया गया। (प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर)

  • वंदे मातरम के साथ नागालैंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू, 2047 तक विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) कोहिमा, 26 मार्च। नागालैंड विधानसभा के बजट सत्र का पहला चरण आज राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ गरिमामय वातावरण में प्रारंभ हुआ। सत्र की शुरुआत में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने सदन को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की विकास रूपरेखा प्रस्तुत की। अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प के साथ कदम मिलाते हुए नागालैंड को भी वर्ष 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समावेशी विकास को प्राथमिकता देते हुए नागालैंड की विशिष्ट सांस्कृतिक और प्राकृतिक शक्तियों का प्रभावी उपयोग करेगी। राज्यपाल ने लंबे समय से लंबित नागा राजनीतिक मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए नागालैंड प्रादेशिक प्राधिकरण से जुड़े समझौता ज्ञापन (एमओयू) को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे पूर्वी नागालैंड में संतुलित विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने जानकारी दी कि पूर्वी नागालैंड के जनप्रतिनिधियों, पीपुल्स संगठनों और आदिवासी होहोस के साथ परामर्श के आधार पर एक अंतरिम परिषद का गठन किया जाएगा। साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय से एक विशेष कानून भी जल्द ही सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। आगामी जनगणना का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि नागालैंड में जनगणना का पहला चरण 1 से 30 जुलाई, 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जबकि स्व-गणना की प्रक्रिया 16 जून 2026 से प्रारंभ होगी। सत्र के दौरान सदन में शोक प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री नेफियू रियो और विधानसभा अध्यक्ष शेरिंगैन लोंगकुमेर ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत अनंतराव पवार सहित दिवंगत पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। बजट सत्र के इस पहले चरण में राज्य की आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और विभिन्न विधायी प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है, जिस पर राज्य की आगामी दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

  • सिक्किम लाभलक्ष्मी 4 PM लॉटरी: पारदर्शिता और भरोसे के साथ रोज़ाना जीत का मौका

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) गंगटोक, 26 मार्च। सिक्किम राज्य लॉटरी निदेशालय द्वारा आयोजित ‘लाभलक्ष्मी 4 PM’ ड्रॉ देश की सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद दैनिक लॉटरी योजनाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। प्रतिदिन ठीक शाम 4 बजे आयोजित होने वाला यह ड्रॉ पारदर्शी प्रक्रिया, किफायती टिकट दर और त्वरित परिणाम घोषणा के कारण देशभर के प्रतिभागियों को आकर्षित कर रहा है। सरकारी निगरानी में संचालित इस लॉटरी का आयोजन सख्त नियमों और निर्धारित मानकों के तहत किया जाता है। टिकटों की छपाई, वितरण से लेकर ड्रॉ प्रक्रिया और परिणामों की घोषणा तक हर चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है। यही कारण है कि यह योजना नियमित लॉटरी खरीदारों के बीच विश्वास का प्रतीक बन चुकी है। लाभलक्ष्मी 4 PM ड्रॉ की एक प्रमुख विशेषता इसकी सरलता और नियमितता है। कम कीमत के टिकटों के चलते समाज के हर वर्ग के लोग इसमें भाग ले सकते हैं। ड्रॉ के परिणाम तुरंत आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर जारी कर दिए जाते हैं, जिससे प्रतिभागियों को बिना किसी देरी के जानकारी मिल जाती है। इस लॉटरी की पुरस्कार संरचना भी इसे विशेष बनाती है। आमतौर पर इसमें एक आकर्षक प्रथम पुरस्कार के साथ-साथ कई मध्यम और छोटे पुरस्कार शामिल होते हैं, जिससे अधिक से अधिक प्रतिभागियों को जीतने का अवसर मिलता है। यह बहुस्तरीय पुरस्कार प्रणाली रोजाना हजारों लोगों के लिए उत्साह का कारण बनती है। परिणाम घोषित होने के बाद प्रतिभागियों को अपने टिकट नंबरों की सावधानीपूर्वक जांच करने और मूल टिकट को सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है। छोटी पुरस्कार राशि अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है, जबकि बड़ी राशि के लिए निर्धारित सरकारी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है। इसमें टिकट का सत्यापन और संबंधित कार्यालयों में जमा करना शामिल है, जिससे पुरस्कार वितरण को सुरक्षित और कानूनी रूप से सुनिश्चित किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी व्यवस्था, स्पष्ट नियम और सरकारी पर्यवेक्षण के कारण सिक्किम की यह लॉटरी योजना देश की राज्य लॉटरी प्रणाली में एक विश्वसनीय मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है। ‘लाभलक्ष्मी 4 PM’ ड्रॉ प्रतिदिन प्रतिभागियों के लिए न केवल इनाम जीतने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि उम्मीद और रोमांच का भी माध्यम बन गया है।

  • त्रिपुरा बजट 2026-27: ₹34,122 करोड़ का प्रावधान, स्वास्थ्य-शिक्षा व इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर, नया कर नहीं

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) अगरतला। त्रिपुरा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹34,122.31 करोड़ के कुल व्यय का बजट प्रस्ताव पेश किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5.55 प्रतिशत अधिक है। बजट में आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से ₹8,940.92 करोड़ का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया है, जबकि ₹240.72 करोड़ के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया गया है। राहत की बात यह रही कि इस बार भी किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं रखा गया है। दो दिनों के विराम के बाद त्रिपुरा विधानसभा के बजट सत्र में राज्य के वित्त मंत्री प्राणाजित सिंघा रॉय ने सदन में बजट प्रस्तुत किया। स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ₹2,482.50 करोड़ का आवंटन किया गया है। इसके तहत खोवाई जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर ब्लॉक की स्थापना की जाएगी। साथ ही विभिन्न स्थानों पर ट्रॉमा केयर सेंटर विकसित किए जाएंगे। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए नए विंग स्थापित करने की भी योजना है। इसके अतिरिक्त, अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज और गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में वृद्धावस्था एवं मधुमेह देखभाल इकाइयां शुरू की जाएंगी। शिक्षा क्षेत्र में बड़ा निवेश शिक्षा के लिए ₹6,439.56 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बजट में नए स्कूल भवनों के निर्माण के साथ-साथ तकनीकी और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए त्रिपुरा सरकारी तकनीकी विश्वविद्यालय, महिला विश्वविद्यालय और स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव शामिल है। कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए नए ग्रामीण बाजार, किसान ज्ञान केंद्र और कृषि फार्म मशीनरी प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। आईटी और टेक्नोलॉजी पर फोकस डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र, त्रिपुरा आईटी एवं डेटा इकोसिस्टम जोन (टाइडज़) तथा अगरतला एआई सिटी परियोजना के अंतर्गत एक आईटी पार्क स्थापित करने की योजना बनाई गई है। खेल और बुनियादी ढांचा विकास बजट में खेल सुविधाओं और आधारभूत संरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्टेडियम गैलरी, सिंथेटिक फुटबॉल टर्फ और कई स्थायी पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है। बजट सत्र की शुरुआत गौरतलब है कि त्रिपुरा विधानसभा का बजट सत्र 13 मार्च को राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू के अभिभाषण के साथ प्रारंभ हुआ था। समग्र रूप से, यह बजट बुनियादी ढांचे, सामाजिक क्षेत्रों और तकनीकी विकास पर संतुलित फोकस के साथ राज्य की आर्थिक वृद्धि को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • आतंकी जांच तेज: सीआईके की श्रीनगर समेत तीन जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) श्रीनगर, 26 मार्च। जम्मू और कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस शाखा ने गुरुवार को घाटी के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई हाल ही में दर्ज एक आतंकी मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) की टीमों ने श्रीनगर, शोपियां और गांदरबल जिलों में एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी। इन छापों के दौरान संदिग्ध गतिविधियों और संभावित आतंकी नेटवर्क से जुड़े साक्ष्यों की तलाश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह तलाशी अभियान माननीय न्यायालय द्वारा जारी वारंट के आधार पर संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सीआईके पुलिस स्टेशन में दर्ज हालिया आतंकी जांच मामले से संबंधित है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से मामले की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में घाटी में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां आतंकी संगठनों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और संभावित साजिशों को समय रहते विफल करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। आगे भी जारी रह सकता है अभियान अधिकारियों का कहना है कि जांच की दिशा में मिले सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की जा सकती है। फिलहाल, तीनों जिलों में तलाशी अभियान जारी है और संदिग्धों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि हाल के समय में घाटी में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा खुफिया तंत्र को और मजबूत किया गया है, जिससे आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिल रही है।

  • बेंगलूरु में धूमधाम से मनाया जाएगा श्री राजारामजी महाराज का 144वां जन्मोत्सव, भव्य जागरण व आमसभा का आयोजन

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु, 26 मार्च 2026। श्री राजाराम ओंजणा (पटेल) संघ, बेंगलुरु (कर्नाटक) के तत्वावधान में परम पूज्य श्री 1008 श्री राजारामजी महाराज का 144वां जन्मोत्सव इस वर्ष भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर समाज के सभी बंधुओं को सपरिवार कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। आयोजन समिति के अनुसार, जन्मोत्सव के तहत 26 मार्च 2026, गुरुवार को रात्रि 10 बजे से भव्य जागरण का आयोजन किया जाएगा। इस जागरण में जोधपुर से कुलदीप ओझा एंड पार्टी द्वारा भजन प्रस्तुत किए जाएंगे, वहीं झांकी कलाकार कल्पित चौधरी एवं ताराचंद माली अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करेंगे। इसके अलावा माताजी फिल्म स्टूडियो और राजेश्वर म्यूजिकल ग्रुप भी कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति देंगे। अगले दिन 27 मार्च 2026, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से 10 बजे तक मगड़ी रोड स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना एवं आरती का आयोजन होगा। इसके पश्चात सुबह 10:30 बजे प्रिंसेज श्राइन पैलेस ग्राउंड में आमसभा का शुभारंभ किया जाएगा। आमसभा में अध्यक्ष द्वारा अतिथियों का स्वागत एवं सभा का उद्घाटन किया जाएगा। सचिव द्वारा वर्षभर की गतिविधियों और नए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि कोषाध्यक्ष आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा देंगे। साथ ही समाज के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन उपाध्यक्ष द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ होगा। कार्यक्रम का मुख्य स्थल प्रिंसेज श्राइन, गेट नंबर 9, पैलेस ग्राउंड, बेंगलूरु निर्धारित किया गया है, जहां जागरण एवं प्रसादी का आयोजन भी होगा। संघ ने विशेष अनुरोध किया है कि जिन सदस्यों को व्यक्तिगत आमंत्रण पत्र प्राप्त नहीं हो पाया है, वे इस सूचना को ही आमंत्रण मानकर कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों। साथ ही महिलाओं और बहनों को भी जागरण एवं आमसभा में सादर आमंत्रित किया गया है। आयोजकों ने समाज के सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे इस शुभ अवसर पर अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर कार्यक्रम में भाग लें और आयोजन को सफल बनाएं।

  • झील-2026: बीएमएस महिला महाविद्यालय में खेल प्रतिभाओं का संगम, 20 कॉलेजों की छात्राओं ने दिखाया दमखम

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। बसवनगुड़ी स्थित बीएमएस महिला महाविद्यालय में अंतर महाविद्यालय महिला खेलकूद प्रतियोगिता ‘झील-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शहर के 20 महाविद्यालयों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंतर्गत वॉलीबॉल, थ्रो बॉल एवं बॉल बैडमिंटन जैसी प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन किया गया, जिसमें खिलाड़ियों ने अनुशासन, टीम भावना और खेल कौशल का उत्कृष्ट परिचय दिया। पूरे आयोजन के दौरान महाविद्यालय परिसर खेल उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक ऊर्जा से सराबोर रहा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि महेंद्र मुणोत ने विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान करते हुए छात्राओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रघु कुमारा ने अपने संबोधन में सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल शिक्षा का अभिन्न हिस्सा है और इस तरह के आयोजनों से छात्राओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। इस अवसर पर बालकृष्ण एवं बालाजी भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य अतिथि महेंद्र मुणोत का सम्मान किया गया। आयोजन की सफलता में शिक्षकों, आयोजक समिति एवं स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। ‘झील-2026’ ने न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया, बल्कि विभिन्न महाविद्यालयों के बीच आपसी समन्वय और खेल भावना को भी सुदृढ़ किया।

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