आग की राख से उठी सेवा की ज्योति: श्री कृष्णा गौ सेवा आश्रम में फिर गूंजा गौसेवा का संकल्प
- धन्ना राम चौधरी

- 22 मार्च
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अपडेट करने की तारीख: 28 मार्च
फाइल फोटो
भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
बेंगलूरु। होसुर बंडे स्थानीय क्षेत्र स्थित श्री कृष्णा गौ सेवा आश्रम में संत पुखराज के सानिध्य में वर्षों से गौसेवा का पवित्र कार्य निरंतर भक्ति भाव और समर्पण के साथ संचालित हो रहा है। आश्रम में 1100 से अधिक गायों की निस्वार्थ सेवा की जाती है, जहां उनके रहने, खाने और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। यही कारण है कि यहां की गायें सुरक्षित और संतुष्ट जीवन व्यतीत कर रही हैं।
गौशाला में गायों के चारे की कभी कमी न हो, इसके लिए पहले से ही बड़े स्तर पर चारे का भंडारण किया गया था। लेकिन 17 मार्च को एक दुखद घटना ने इस सेवा कार्य को झकझोर दिया, जब अचानक भीषण आग लगने से पूरा चारा जलकर राख हो गया। इस घटना से न केवल गौशाला से जुड़े सेवक बल्कि पूरे क्षेत्र के गौभक्तों में गहरा दुख व्याप्त हो गया।
इस संबंध में गोप्रेमी महेंद्र मुणोत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समय विचलित होने या निराश होने का नहीं है, बल्कि और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ गौसेवा को आगे बढ़ाने का है। उन्होंने सभी गौभक्तों से अपील की कि वे इस संकट की घड़ी में सहयोग के लिए आगे आएं।
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इस अवसर पर श्री शिव गौ सेवा भजन मंडल चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने संवेदनशीलता और सेवा भावना का परिचय देते हुए गौशाला के लिए 10 ट्रक चारा भेजने का आश्वासन दिया। इस सहयोग से गौशाला के संचालन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में संत पुखराज ने सभी गौसेवकों और सहयोगकर्ताओं को आशीर्वाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सच्ची सेवा वही है, जो कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर जारी रहे।
यह घटना जहां एक ओर दुखद रही, वहीं दूसरी ओर समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत करने का संदेश दे गई।
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