केशवनगर में 135 करोड़ की जलापूर्ति योजना को मंजूरी, पाइपलाइन व ओवरहेड टैंक से मिलेगी राहत
- धन्ना राम चौधरी

- 28 मार्च
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
पुणे। पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) ने शहर की सीमा में हाल ही में शामिल किए गए गांवों में जल संकट दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केशवनगर (मुंढवा) क्षेत्र के लिए करीब 135.57 करोड़ रुपये की व्यापक जलापूर्ति योजना को स्थायी समिति ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने से लेकर ओवरहेड टैंक निर्माण तक के कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने जानकारी देते हुए बताया कि मनपा के जलापूर्ति विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को समिति ने स्वीकृति दी है। यह योजना विशेष रूप से उन 34 गांवों में से केशवनगर क्षेत्र के लिए तैयार की गई है, जहां तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण पानी की भारी किल्लत बनी हुई है।
टैंकरों पर निर्भरता होगी कम
वर्तमान में केशवनगर और आसपास के इलाकों में जलापूर्ति के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि रोजाना 30 से 35 टैंकरों की आवश्यकता पड़ रही है, जिससे न केवल प्रशासन पर आर्थिक भार बढ़ रहा है, बल्कि नागरिकों को भी अनियमित जलापूर्ति का सामना करना पड़ता है। नई योजना के लागू होने के बाद इस निर्भरता में कमी आने की उम्मीद है।
6.19 किमी मुख्य पाइपलाइन और मजबूत नेटवर्क
परियोजना के अंतर्गत 200 से 800 मिमी व्यास की लगभग 6.19 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही 600 किलोवाट क्षमता की पंपिंग व्यवस्था स्थापित की जाएगी तथा करीब 71.50 किलोमीटर लंबा जल वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इससे पानी का दबाव और वितरण दोनों बेहतर होंगे।
छह ओवरहेड टैंक का निर्माण
योजना के तहत 2.5 से 3.5 एमएल क्षमता के छह ऊंचे जलाशय (ओवरहेड टैंक) भी बनाए जाएंगे। इन टैंकों के माध्यम से क्षेत्र में संतुलित और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना की मूल लागत 114.66 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी और अन्य शुल्क जोड़कर कुल लागत 135.57 करोड़ रुपये तक पहुंचेगी।
तीन वर्षों में चरणबद्ध क्रियान्वयन
मनपा बजट में इस योजना के लिए अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से निधि उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि वर्तमान बजट अन्य गांवों में उपयोग हो चुका है, इसलिए केशवनगर के लिए अलग से प्रावधान करना आवश्यक बताया गया है। इसके लिए महाराष्ट्र नगर पालिका अधिनियम 1949 की धारा 72 (ब) के तहत सामान्य सभा की स्वीकृति ली जाएगी।
पूर्व उपमुख्यमंत्री के निर्देश से मिली गति
इस परियोजना को गति उस समय मिली जब दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने निरीक्षण के दौरान केशवनगर की जल समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान के निर्देश दिए थे।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना
मनपा प्रशासन का मानना है कि नई योजना न केवल वर्तमान जल संकट को दूर करेगी, बल्कि भविष्य में बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को भी पूरा करेगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद नागरिकों को नियमित, पर्याप्त और बेहतर दबाव के साथ पानी उपलब्ध होने की संभावना जताई गई।
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