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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • युद्ध के बावजूद नहीं रुकी गैस आपूर्ति: भारत में PNG कहां से आती है? जानिए पूरी सच्चाई

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी ( Bhaarataarth.com ) वैश्विक स्तर पर युद्ध और तनाव की स्थिति के बावजूद भारत में प्राकृतिक गैस (PNG) की आपूर्ति लगातार बनी हुई है। ऐसे समय में आम लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर देश में गैस की सप्लाई कहां से हो रही है और क्या भविष्य में कोई संकट हो सकता है। भारत में प्राकृतिक गैस का उत्पादन और आपूर्ति कई स्रोतों से होती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल गैस उत्पादन का लगभग 47% हिस्सा असम और त्रिपुरा  से आता है। यह क्षेत्र देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा, केजी बेसिन (KG Basin)  भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो कुल उत्पादन में करीब 25% योगदान देता है । इस क्षेत्र में स्थित प्रमुख गैस फील्ड्स देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में सहायक हैं। हालांकि, भारत पूरी तरह से घरेलू उत्पादन पर निर्भर नहीं है। देश अपनी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा LNG (Liquefied Natural Gas)  के रूप में आयात भी करता है। यह आयात मुख्य रूप से कतर, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया  जैसे देशों से किया जाता है। कुल आपूर्ति में लगभग 28% हिस्सा आयात का  है। विशेषज्ञों का मानना है कि विविध स्रोतों से गैस की आपूर्ति होने के कारण भारत पर वैश्विक संकट का असर सीमित रहता है। यही कारण है कि युद्ध जैसी स्थिति में भी देश में PNG की आपूर्ति बाधित नहीं हो रही है। ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आयात के संतुलन की रणनीति ने भारत को मजबूती दी है। आने वाले समय में सरकार का फोकस घरेलू उत्पादन बढ़ाने और नई खोजों पर रहेगा, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत हो सके।

  • ऑयल मील रोड पर कबीर सत्संग: संत सुमिरन दास जी के सानिध्य में भक्तों ने लिया भक्ति का रसास्वादन

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। बेंगलूरु शहर के ऑयल मील रोड स्थित ओमप्रकाश कुमावत के निवास पर संत कबीर साहेब के अनुयायी संत सुमिरन दास जी के सानिध्य में भव्य सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र सहित आसपास के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित हुए और सत्संग का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत संत कबीर साहेब की वाणी के पाठ एवं स्मरण से हुई। इसके पश्चात संत सुमिरन दास जी ने अपने प्रवचनों में कबीर साहेब के उपदेशों का सरल और प्रभावशाली तरीके से वर्णन करते हुए बताया कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य आत्मा का जागरण और परम सत्य की प्राप्ति है। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब की वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी उनके समय में थी, और यह मानव को अज्ञानता से निकालकर सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। सत्संग के दौरान भजन मंडली द्वारा मधुर भजनों की प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें कबीर साहेब की वाणी को संगीतबद्ध कर भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया। इन भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भजनों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कबीर साहेब की शिक्षाएँ सोई हुई आत्मा को जागृत कर मनुष्य को सच्चे मार्ग की ओर अग्रसर करती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित भक्तों ने संत सुमिरन दास जी से आशीर्वाद प्राप्त किया और सत्संग के आयोजन के लिए आयोजक ओमप्रकाश कुमावत का आभार व्यक्त किया। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।

  • बेंगलूरु में महावीर जन्म कल्याणक पर आज निकलेगा भव्य वरघोड़ा, जैन समाज में उत्साह चरम पर

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी ( Bhaarataarth.com बेंगलूरु, 31 मार्च 2026। भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर बेंगलूरु में आज भव्य वरघोड़ा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। जैन समाज के इस प्रमुख धार्मिक आयोजन को लेकर शहरभर में विशेष उत्साह और उल्लास का वातावरण बना हुआ है। कार्यक्रम का आयोजन जैन मित्र मंडल, बेंगलूरु के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन समिति के अनुसार, वरघोड़ा दोपहर 2:45 बजे श्री मुनिसुव्रत स्वामी जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ, कॉक्सटाउन से प्रारंभ होगा। इससे पूर्व श्रद्धालुओं को दोपहर 2:15 बजे तक एकत्रित होने का आग्रह किया गया है। यह भव्य शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्री चंद्रप्रभु जैन मंदिर, ऑसबोर्न रोड पर सम्पन्न होगी। शोभायात्रा में पारंपरिक जैन बैंड, बाजा, सजे-धजे रथ, बग्गियां, घोड़ा गाड़ियां तथा ढोल-नगाड़ों के साथ धार्मिक भजनों की मधुर ध्वनि गूंजेगी, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और आस्था का संचार होगा। श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भगवान महावीर के सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य और संयम—का संदेश जन-जन तक पहुंचाएंगे। इस अवसर पर कई विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी, जिनमें निर्मलकुमार सुराणा (पूर्व विधायक एवं भाजपा कर्नाटक उपाध्यक्ष), केशवराजन्ना बी. केपीसीसी सचिव, बेंगलूरु), सरदारमल सुराणा, श्री आर. श्रीधर अन्ना, श्रीमती सीआर गीता (एसीपी भारती नगर) तथा रमेशचंद बोहरा (उपाध्यक्ष, बीएमजेएच) शामिल रहेंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में अभिषेक लुनिया, विशाल लोढ़ा, अजय बोहरा, मनीष लालवानी, जितेन्द्र लुणावत, मनोज बगानी, संदीप सकलेचा, जयचंद आचा सहित जैन मित्र मंडल के सभी सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान किया है, ताकि भगवान महावीर के आदर्शों—अहिंसा, करुणा और सद्भाव—का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सके। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने का भी सशक्त माध्यम बनेगा।

  • अमेरिका-ईरान संघर्ष का बढ़ना आपकी ज़िंदगी को हमेशा के लिए कैसे बदल सकता है?

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी ( Bhaarataarth.com ) (ताज़ा अंतर्राष्ट्रीय समाचार) वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में Iran और America के बीच बढ़ता तनाव केवल दो देशों का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे विश्व की शांति और स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। जिस तरह से दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियों में तेजी आई है, उसने तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। इतिहास गवाह है कि जब-जब महाशक्तियों के बीच टकराव बढ़ा है, तब-तब उसके परिणाम दूरगामी और विनाशकारी रहे हैं। Iran और America के बीच विवाद की जड़ें नई नहीं हैं। परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और मध्य पूर्व में प्रभाव बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा ने इस संघर्ष को लगातार गहरा किया है। हाल के घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि दोनों देश अपनी-अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं। खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों का बढ़ना और कूटनीतिक संवाद का कमजोर पड़ना स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना रहा है। भारत जैसे विकासशील देश के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। यदि यह तनाव युद्ध में परिवर्तित होता है, तो इसके प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेंगे, जिसका सीधा असर भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं और आर्थिक संतुलन पर भी पड़ सकता है। हालांकि परिस्थितियाँ गंभीर हैं, लेकिन अभी भी संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान की संभावनाएँ बनी हुई हैं। वैश्विक समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाए, ताकि संभावित संकट को टाला जा सके। Iran और America के बीच बढ़ता तनाव विश्व के लिए एक चेतावनी है। यह समय है जब शक्ति प्रदर्शन के बजाय संयम और समझदारी का परिचय दिया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो इसके परिणाम केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरी मानवता को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। ऐसे ही और ताजा अंतरराष्ट्रीय समाचार के लिए जुड़िए भारतार्थ खबर — खबर नहीं उसका अर्थ

  • राम नाम से शुरू और समाप्त होता है हमारा दिन: महेंद्र मुणोत

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। बैटरायनपुरा क्षेत्र में विभिन्न हिंदू संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में भव्य राम जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाज के गणमान्य व्यक्तियों एवं स्थानीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि महेंद्र मुणोत ने अपने उद्बोधन में मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों और उनके जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्री राम केवल आस्था के प्रतीक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि “भगवान राम हमारे हृदय में बसते हैं, हमारे संस्कारों में बसते हैं। हम हिंदुओं की सुबह भी राम के नाम से शुरू होती है और शाम भी राम के नाम से ही समाप्त होती है।” मुणोत ने आगे कहा कि श्रीराम का जीवन हमें सत्य, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देता है। समाज को उनके आदर्शों को अपनाकर एक सशक्त और संस्कारित राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता रामांजनी ने महेंद्र मुणोत का सम्मान शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने भगवान श्री राम के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, रामायण पाठ एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता, सांस्कृतिक जागरूकता एवं धार्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। अंत में सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया तथा कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्वक एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

  • शिवमोग्गा में पुलिस इंस्पेक्टर रवि पाटिल ने किया आयंबिल ओली तप, जैन समाज ने किया अभिनंदन- डाँ. लूनावत

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) शिवमोग्गा (कर्नाटक)- प्रवासी राजस्थानी कर्नाटका संघ के महामंत्री व श्री मरुधरा जैन संघ के अध्यक्ष डाँ. जवरीलाल लूनावत ने बताया कि जैन धर्म में तपस्या का विशेष महत्व माना जाता है, जिसमें आयंबिल ओली तप को अत्यंत कठिन और पवित्र साधना के रूप में देखा जाता है। इसी कड़ी में शिवमोग्गा के जयनगर पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर रवि पाटिल द्वारा इस तपस्या को अपनाना जैन समाज के लिए गौरव का विषय बन गया है। डाँ. लूनावत से मिली जानकारी के अनुसार आयंबिल ओली तप वर्ष में एक बार प्रायः मार्च माह के अंतिम दिनों में देशभर के जैन मंदिरों और स्थानकों में नौ दिनों तक आयोजित किया जाता है। इस तपस्या में साधक केवल एक समय भोजन ग्रहण करता है, वह भी बिना नमक, शक्कर, घी और तेल के, अर्थात अत्यंत सादगीपूर्ण आहार के साथ आत्मसंयम का पालन किया जाता है। बताया गया कि पुलिस इंस्पेक्टर रवि पाटिल जैन संतों के सानिध्य में आए, जहां उन्होंने आयंबिल ओली तप की महिमा को समझा और संतों की प्रेरणा से इस कठिन तपस्या का संकल्प लिया. आज उनका पांचवां आयंबिल पूर्ण हो चुका है। एक अजैन होते हुए तथा व्यस्त प्रशासनिक दायित्वों के बावजूद इस प्रकार की कठोर साधना करना समाज में विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। शिवमोग्गा जैन संघ के प्रबुद्ध सदस्यों ने पाटिल साहब के इस आध्यात्मिक प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें स्थानक में पारणा यानि तप को आगे जारी रखने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर समाजजनों ने उनके तप की अनुमोदना करते हुए अभिनंदन किया और उनके द्वारा जिनशासन की गरिमा बढ़ाने पर आभार व्यक्त किया। समाज के सदस्यों ने इसे सामाजिक समरसता और धार्मिक प्रेरणा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से न केवल जैन धर्म की महिमा का प्रचार-प्रसार होता है, बल्कि अन्य समाजों के लोगों को भी आध्यात्मिक मार्ग अपनाने की प्रेरणा मिलती है। शिवमोग्गा जैन संघ ने सभी समाजबंधुओं से अपील की है कि वे पाटिल साहब के इस तप की अनुमोदना करें तथा अधिक से अधिक लोगों को इस प्रकार की तपस्या और संयमपूर्ण जीवनशैली के प्रति प्रेरित करें।

  • नया चेण्डा धाम में राजेश्वर भगवान जन्मोत्सव व रामनवमी मेला धूमधाम से सम्पन्न, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नया चेण्डा/पाली। नया चेण्डा धाम में परम पूजनीय गुरुदेव श्री राजेश्वर भगवान का 144वां जन्मोत्सव एवं रामनवमी मेला पीठाधीश्वर परम तपस्विनी साध्वी श्री भगवती बाई जी के पावन सान्निध्य में अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ गुजरात और मध्य प्रदेश से भी हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, जिससे पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। मेले के दौरान विभिन्न आंगी गैर दलों द्वारा प्रस्तुत किए गए पारंपरिक गैर नृत्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया। रंग-बिरंगी वेशभूषा और उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों ने आयोजन में सांस्कृतिक गरिमा को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जालोर-सिरोही के सांसद लुम्बाराम चौधरी ने भाग लिया। उन्होंने श्री राजेश्वर भगवान के दर्शन कर साध्वी श्री भगवती बाई जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कन्या गुरुकुल महाविद्यालय का अवलोकन भी किया और आगामी 28 से 30 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाले महाविद्यालय भवन उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्रवण खुडाला ने भी मंदिर पहुंचकर दर्शन लाभ लिया और दाताश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले में आए श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नया चेण्डा एवं चेण्डा गांव के निवासियों द्वारा शीतल पेयजल की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई। साथ ही यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जैतपुर थाना के पुलिसकर्मियों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ मोर्चा संभाला, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुआ। पूरे आयोजन ने धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

  • समाज सेवा की मिसाल: चौधरी रामसिंह कुल्हरी ने दी कर्नाटक जाट समाज ट्रस्ट बेंगलूरु को ₹2.51 लाख का सहयोग दिया

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। पिछले सप्ताह कर्नाटक जाट समाज में सामाजिक एकता, सहयोग और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला, जब चौधरी रामसिंह कुल्हरी ने अपने निवास स्थान पर दी कर्नाटक जाट समाज ट्रस्ट (रजि.), बिन्नी मिल, बेंगलूरु के प्रतिनिधियों को स्नेहपूर्वक आमंत्रित किया। इस दौरान आत्मीय वातावरण में समाज के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और विकास से जुड़े कई उपयोगी सुझाव साझा किए गए। बैठक के दौरान चौधरी रामसिंह कुल्हरी ने विशेष रूप से श्री नीलकंठ महादेव मंदिर एवं समाज भवन में हाल ही में हुए विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इन कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मंदिर और समाज भवन में किए गए सुंदर, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धापूर्ण प्रयास वास्तव में सराहनीय हैं। ऐसे कार्य समाज की आस्था, एकता और सामूहिक सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने ट्रस्ट की कार्यकारिणी, ट्रस्टियों और सभी सदस्यों के समर्पण, मेहनत और एकजुटता की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाजहित में इस प्रकार का निरंतर प्रयास भविष्य में समाज को एक मजबूत आधार प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी स्मरण किया कि पिछले वर्ष तावरेकेरे, मागड़ी रोड स्थित नई जगह पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें समाज का स्नेह, सम्मान और अपनापन प्राप्त हुआ, जो उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। इस अवसर पर चौधरी रामसिंह कुल्हरी ने समाज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए ₹2,51,000/- (दो लाख इक्यावन हजार रुपये) की नगद राशि ट्रस्ट को भेंट की। उन्होंने कहा कि जब समाज के लिए पारदर्शिता और सच्चे मन से कार्य हो रहा हो, तो हर सक्षम व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह आगे आकर सहयोग करे। उन्होंने विनम्रता से कहा कि उन्हें इस सहयोग के बदले किसी प्रकार की प्रसिद्धि या सम्मान की अपेक्षा नहीं है। इस प्रेरणादायक पहल का उद्देश्य केवल इतना है कि समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा और सहयोग की भावना अधिक से अधिक लोगों में विकसित हो। अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने समाजबंधुओं को एकजुट होकर धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यों में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति आपसी सहयोग, विश्वास और भाईचारे से ही संभव है। चौधरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए व्यापार में ईमानदारी, परिश्रम और विश्वास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सच्चाई और साफ नीयत ही जीवन में सफलता का वास्तविक आधार है। उन्होंने समाज को यह संदेश भी दिया कि एक-दूसरे को आगे बढ़ाने की भावना से ही समाज सशक्त बनता है। आपसी सहयोग और उत्साहवर्धन से ही समाज संगठित और प्रगतिशील दिशा में आगे बढ़ सकता है। चौधरी रामसिंह कुल्हरी के प्रेरणादायक विचारों और उदार सहयोग ने सभी उपस्थित सदस्यों को गहराई से प्रभावित किया। दि कर्नाटक जाट समाज ट्रस्ट ने उनके इस सहयोग, स्नेह एवं समर्पण के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

  • बिन्नी मिल में दी कर्नाटक जाट समाज ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी का गठन, एकता और विकास पर जोर

    भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु। दी कर्नाटक जाट समाज ट्रस्ट (रजि.), बेंगलूरु बिन्नी मिल स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर प्रांगण में आज समाज के वरिष्ठजनों एवं गणमान्य सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती एवं समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। कार्यक्रम में समाज के प्रमुख वरिष्ठजन—कानाराम भाना, भंवरलाल मायला, भंवरलाल पिचकिया, शेषाराम पुनिया, गोदाराम पुनिया, मित्र मंडल अध्यक्ष चेनाराम कासनिया, धर्माराम कड़वासरा, रामलाल गोदारा, पोकरराम थारोल, मुकेश जी तथा भोजाराम धतरवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी ने अपने अनुभव और मार्गदर्शन से बैठक को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैठक में सर्वसम्मति से घोषित नई कार्यकारिणी इस प्रकार है—अध्यक्ष पद पर छोटूराम कुड़ियां को नियुक्त किया गया, जबकि उपाध्यक्ष के रूप में पप्पाराम कड़वासरा एवं बाबूलाल भांभू को जिम्मेदारी सौंपी गई। सचिव पद पर चंदाराम धतरवाल एवं सह सचिव के रूप में रमेश मायला का चयन किया गया। कोषाध्यक्ष के रूप में नेमाराम पिचकिया तथा सह कोषाध्यक्ष के रूप में ओमप्रकाश खोजा को नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त सलाहकार मंडल में भानाराम टांडी, बाबूलाल रोपड़िया एवं मूलाराम लूमरोड़ को शामिल किया गया। गैर मंडल अध्यक्ष के रूप में अनिल खोखर एवं उपाध्यक्ष के रूप में दलपत थारोल को जिम्मेदारी दी गई। नवयुवक मंडल के अध्यक्ष पद पर गोविंद छाबा एवं उपाध्यक्ष के रूप में नरेंद्र पिचकिया को चुना गया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व कार्यकारिणी के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया। पूर्व अध्यक्ष गणपतलाल आकोदिया के नेतृत्व में समाज ने संगठनात्मक मजबूती प्राप्त की तथा सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा मिली। वहीं पूर्व सचिव रतनलाल भांभू ने संगठनात्मक कार्यों को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए कार्यक्रमों को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। पूर्व कोषाध्यक्ष के कार्यकाल में वित्तीय प्रबंधन को पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाया गया, साथ ही समाज भवन निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। इसके अलावा पूर्व उपाध्यक्ष कालूराम भाना, दयाराम कलवानियां, सह-कोषाध्यक्ष जगदीश सारण, सह-सचिव सम्पत पुनिया तथा सलाहकार नोरतमल लूमरोड़, तेजाराम गोदारा और दिनेश बेरवाल सहित सभी पूर्व सदस्यों के योगदान को सराहते हुए उन्हें धन्यवाद दिया गया। समारोह में उपस्थित सभी समाजबंधुओं ने नवगठित कार्यकारिणी का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम समाज के हितों की रक्षा करते हुए सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी तथा आपसी भाईचारे और एकता को और अधिक मजबूत करेगी। कार्यक्रम के अंत में नवगठित कार्यकारिणी को हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं और समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

  • ईमानदारी की मिसाल: यात्री ने ट्रेन में मिले 50 हजार रुपये रेलवे पुलिस को सौंपे

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) गुतकल/यादगीर। आंध्रप्रदेश के गुतकल जंक्शन से शुरू हुई एक रेल यात्रा के दौरान एक यात्री ने अपनी ईमानदारी और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मानवता की मिसाल पेश की। गाड़ी संख्या 20953 चेन्नई–अहमदाबाद एक्सप्रेस में सफर कर रहे उम्मेदाराम चौधरी को उनकी सीट के नीचे लावारिस हालत में 50 हजार रुपये की नकदी मिली, जिसे उन्होंने बिना किसी लालच के रेलवे प्रशासन को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, उम्मेदाराम चौधरी, जो लच्छाराम चौधरी के पुत्र एवं तिरगटी समदड़ी के निवासी हैं, गुतकल जंक्शन से ट्रेन के स्लीपर कोच S3 में सीट संख्या 39 पर यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी नजर सीट के नीचे पड़े एक पैकेट पर पड़ी। जब उन्होंने उसे जांचा तो उसमें 50 हजार रुपये नकद मिले। इस अप्रत्याशित स्थिति में भी उम्मेदाराम ने ईमानदारी का परिचय देते हुए तुरंत ट्रेन के टिकट परीक्षक (TTE) से संपर्क किया और पूरी राशि उन्हें सौंप दी। इसके बाद TTE ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए उक्त राशि को कर्नाटक के यादगीर रेलवे पुलिस थाने में जमा करवा दिया। रेलवे पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि राशि को सुरक्षित रूप से जमा कर लिया गया है और उसके वास्तविक मालिक की तलाश की जा रही है। वहीं, इस सराहनीय कार्य के लिए उम्मेदाराम चौधरी की प्रशंसा की जा रही है। आज के दौर में, जहां छोटी-छोटी बातों पर लोग अपने स्वार्थ को प्राथमिकता देते हैं, वहीं उम्मेदाराम चौधरी ने ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देकर यह साबित कर दिया कि सच्चाई और नैतिकता आज भी समाज में जीवित है। उनका यह कदम न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देता है। उपरोक्त जानकारी हनुमानराम पटेल सिंधगी ने दी।

  • जोजिला में बर्फीला कहर: हिमस्खलन से 7 की मौत, कई वाहन दबे

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) श्रीनगर/लेह। लद्दाख को कश्मीर से जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित जोजिला दर्रा पर रविवार को भीषण हिमस्खलन ने भारी तबाही मचा दी। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं। बर्फ के विशाल गुबार ने सड़क पर चल रहे कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कुछ वाहन पूरी तरह बर्फ में दब गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब राजमार्ग पर सामान्य आवाजाही जारी थी। अचानक हुए हिमस्खलन ने यात्रियों और वाहन चालकों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियों के मुताबिक, घटनास्थल पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), पुलिस और सेना की टीमें मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। भारी मशीनों की मदद से बर्फ हटाकर दबे हुए वाहनों और लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद एहतियात के तौर पर श्रीनगर-लेह हाईवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों को फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा न करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने भी क्षेत्र में लगातार बर्फबारी और खराब मौसम की चेतावनी जारी की है, जिससे आने वाले दिनों में और हिमस्खलन की आशंका बनी हुई है। इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से सुरक्षा उपायों को और सख्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। गौरतलब है कि जोजिला दर्रा समुद्र तल से लगभग 11,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यह मार्ग सर्दियों में अक्सर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन की चपेट में रहता है। ऐसे में इस क्षेत्र में यात्रा हमेशा जोखिम भरी मानी जाती है

  • लद्दाख में हल्का भूकंप: लेह में 3.9 तीव्रता के झटके, लोग घरों से बाहर निकले

    भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) लद्दाख। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह क्षेत्र में हाल ही में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.9 मापी गई। हालांकि इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन झटकों के चलते लोगों में दहशत का माहौल बन गया और वे एहतियातन अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूकंप के झटके कुछ ही सेकंड तक महसूस किए गए, लेकिन इसका असर पूरे लेह और आसपास के इलाकों में देखा गया। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। भूकंप के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्कता बनाए रखें। विशेषज्ञों के अनुसार, लद्दाख भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां समय-समय पर हल्के झटके महसूस किए जाते हैं। ऐसे झटके आमतौर पर बड़े भूकंप की आशंका नहीं दर्शाते, लेकिन सतर्कता जरूरी होती है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि झटकों के दौरान कुछ देर के लिए घबराहट का माहौल बन गया था, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य हो गई। प्रशासन ने नागरिकों को आपदा प्रबंधन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की सलाह दी है।

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