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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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युद्ध के बावजूद नहीं रुकी गैस आपूर्ति: भारत में PNG कहां से आती है? जानिए पूरी सच्चाई

लेखक की तस्वीर: Tic rocs
Tic rocs
31 मार्च
2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

वैश्विक स्तर पर युद्ध और तनाव की स्थिति के बावजूद भारत में प्राकृतिक गैस (PNG) की आपूर्ति लगातार बनी हुई है। ऐसे समय में आम लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर देश में गैस की सप्लाई कहां से हो रही है और क्या भविष्य में कोई संकट हो सकता है।


भारत में प्राकृतिक गैस का उत्पादन और आपूर्ति कई स्रोतों से होती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल गैस उत्पादन का लगभग 47% हिस्सा असम और त्रिपुरा से आता है। यह क्षेत्र देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है।


इसके अलावा, केजी बेसिन (KG Basin) भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो कुल उत्पादन में करीब 25% योगदान देता है। इस क्षेत्र में स्थित प्रमुख गैस फील्ड्स देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में सहायक हैं।

हालांकि, भारत पूरी तरह से घरेलू उत्पादन पर निर्भर नहीं है। देश अपनी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा LNG (Liquefied Natural Gas) के रूप में आयात भी करता है। यह आयात मुख्य रूप से कतर, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से किया जाता है। कुल आपूर्ति में लगभग 28% हिस्सा आयात का है।


विशेषज्ञों का मानना है कि विविध स्रोतों से गैस की आपूर्ति होने के कारण भारत पर वैश्विक संकट का असर सीमित रहता है। यही कारण है कि युद्ध जैसी स्थिति में भी देश में PNG की आपूर्ति बाधित नहीं हो रही है।

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आयात के संतुलन की रणनीति ने भारत को मजबूती दी है। आने वाले समय में सरकार का फोकस घरेलू उत्पादन बढ़ाने और नई खोजों पर रहेगा, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत हो सके।


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