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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

22अक्टूबर /2026 /गुरुवार

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की संभावित शुरुआत राहत भरी खबर हो सकती है। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इस मार्ग पर उद्घाटन विशेष सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी, ठहराव और किराये को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की संभावित शुरुआत राहत भरी खबर हो सकती है। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इस मार्ग पर उद्घाटन विशेष सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी, ठहराव और किराये को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

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  • कॉकरोच जनता पार्टी पर BJP का पहला बड़ा हमला, नितिन नबीन का तीखा बयान

    “देश तोड़ने वालों को सबक सिखाएंगे” — वारंगल में BJP अध्यक्ष ने CJP पर साधा निशाना वारंगल में कार्यक्रम को संबोधित करते भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) वारंगल (तेलंगाना) 30 जून, 2026 देश की राजनीति में इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने खुलकर बड़ा बयान दिया है। तेलंगाना के वारंगल में आयोजित विकसित भारत स्टूडेंट्स कॉन्क्लेव में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने CJP पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “देश को कमजोर करने वाली ताकत” करार दिया। राजनीतिक गलियारों में तेजी से सुर्खियां बटोर रही कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर भाजपा अब तक आधिकारिक रूप से चुप थी, लेकिन नितिन नबीन के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि “देश में नए वायरस की तरह कॉकरोच जैसी पार्टियां उभर रही हैं, जिनका मकसद देश को बर्बाद करना और समाज को बांटना है।” राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने संबोधन में कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता ऐसे लोगों को “सबक सिखाने” का काम करेंगे। उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने सीधे तौर पर CJP का नाम लेकर प्रतिक्रिया दी है। इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना कर रही है। पार्टी के समर्थन में कई सामाजिक कार्यकर्ता और चर्चित पर्यावरणविद भी शामिल हो चुके हैं। इसी बीच भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। हालांकि CJP की ओर से अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। कार्यक्रम के दौरान नितिन नबीन ने भारत की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z को लेकर भीबड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग केवल विरोध की राजनीति नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण और विकास में योगदान देना चाहता है। उनके अनुसार भारत के युवा दुनिया के अन्य देशों की तुलना में ज्यादा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने 2016 के जेएनयू विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि “टुकड़े-टुकड़े गैंग” की सोच रखने वाले लोग भारत की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग संविधान और देश की एकता को चुनौती देने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी पार्ट-टाइम राजनेता हैं, जबकि भाजपा का हर कार्यकर्ता फुल-टाइम जनता की सेवा में लगा रहता है।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा अब CJP को लेकर आक्रामक रणनीति अपनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है।

  • बेंगलुरु में भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

    भारतीय राजपूताना सेवा संगठन की सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में गूंजे जयकारे, भक्तिमय हुआ माहौल भव्य कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का भक्तिमय दृश्य भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 29 जून, 2026 बेंगलुरु में भारतीय राजपूताना सेवा संगठन द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को भव्य और आकर्षक कलश यात्रा के साथ हुआ। श्रद्धा, संस्कृति और सनातन परंपराओं से ओतप्रोत इस आयोजन में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और पुरुषों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धार्मिक एकता और भक्ति का अद्भुत संदेश दिया। कलश यात्रा कथा स्थल से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु हाथों में कलश लेकर भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़े। “जय श्री राम”, “राधे-राधे” और “हरि बोल” के जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा और स्वागत से अभिनंदन किया गया, जिससे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई। भारतीय राजपूताना सेवा संगठन के तत्वावधान में हो रहे इस धार्मिक आयोजन को लेकर समाज में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 29 जून से 5 जुलाई तक प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। कथा के प्रथम दिवस पर विख्यात राष्ट्रीय कथा वाचिका परम पूज्या देवी राजनंदनी जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को प्रेम, सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आध्यात्मिकता और संस्कारों की सबसे अधिक आवश्यकता है तथा भागवत कथा व्यक्ति को आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। कार्यक्रम स्थल पर भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। कथा पंडाल को आकर्षक सजावट और धार्मिक झांकियों से सजाया गया था। आयोजन के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और भक्तिभाव का विशेष ध्यान रखा गया। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। भारतीय राजपूताना सेवा संगठन ने समाज के सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।

  • गुरुवाणी से उठी नशामुक्ति की अलख, कलबी समाज ने दिया बड़ा संदेश

    “नशा नाश की जड़ है” — गुरुवाणी के संदेश से युवा पीढ़ी को बचाने का अभियान तेज गुरुवाणी प्रेरित नशामुक्ति अभियान का प्रतीकात्मक चित्र भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) जोधपुर (राजस्थान) | 30 जून, 2026 पश्चिमी राजस्थान सहित देशभर में निवासित और प्रवासित कलबी समाज अब “नशा नाश की जड़ है” के सात्विक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एकजुट होता दिखाई दे रहा है। परम आराध्य गुरु महाराज श्री श्री 1008 श्री राजाराम जी महाराज की गुरुवाणी से प्रेरित यह सामाजिक जागरण अभियान युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को स्वस्थ दिशा देने का प्रयास माना जा रहा है। गुरुवाणी प्रचारक किशना राम पटेल ने समाज के नाम जारी संदेश में कहा कि वर्तमान समय में रसायनयुक्त नशीले पदार्थों का बढ़ता प्रचलन आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान ने लगभग 100 वर्ष पूर्व ही समाज को नशामुक्त जीवन अपनाने की प्रेरणा दी थी, लेकिन सामाजिक रूढ़िवादिता और जागरूकता की कमी के कारण समाज पूरी तरह इससे मुक्त नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि राजस्थान में वर्ष 2023 से 2026 के दौरान चलाए गए नशामुक्ति अभियानों के बीच कलबी समाज ने गुरुवाणी को आधार बनाकर समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज के विभिन्न संगठन जैसे अखिल भारतीय आंजना समाज महासभा, अखिल भारतीय आंजना युवा महासंगठन, संत श्री राजाराम जी युवा जागृति मंच शिकारपुरा राजस्थान सहित देश-विदेश में सक्रिय सामाजिक संस्थाएं इस मुहिम को आगे बढ़ा रही हैं। संदेश में यह भी कहा गया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल कानून के डर से नहीं बल्कि गुरुवाणी के प्रभाव और आत्मजागरण से संभव है। समाज के लोगों से अपील की गई कि वे अपनी भावी पीढ़ी के सामने स्वच्छ, स्वस्थ और संस्कारित जीवन का उदाहरण प्रस्तुत करें। गुरुवाणी प्रचारक किशना राम पटेल ने कहा कि यदि समाज एकजुट होकर इस दिशा में कार्य करता है तो आने वाले समय में कलबी समाज देशभर में आदर्श सामाजिक परिवर्तन का उदाहरण बन सकता है। उन्होंने समस्त समाजसेवियों, संगठन पदाधिकारियों और गुरु भक्तों पर गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान एवं श्री ठाकुर जी महाराज की कृपा बने रहने की कामना भी व्यक्त की।

  • कर्नाटक में वक्फ भूमि विवाद फिर गरमाया, किसानों की जमीन पर सियासी संग्राम

    भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, आरटीसी रिकॉर्ड में वक्फ एंट्री से बढ़ी किसानों की चिंता कर्नाटक में वक्फ भूमि विवाद को लेकर प्रेस बयान जारी करते भाजपा नेता आर. अशोक। भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 29 जून 2026 कर्नाटक में वक्फ भूमि विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस और किसानों की चिंता का बड़ा मुद्दा बन गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि राज्यभर में किसानों की जमीन के रिकॉर्ड में वक्फ से जुड़ी एंट्रीज दर्ज की जा रही हैं, जिससे लाखों किसानों के मालिकाना हक और भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। सोमवार को जारी बयान में आर. अशोक ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कथित “तुष्टिकरण की राजनीति” अब किसानों के अस्तित्व के लिए खतरा बनती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स, टेनेसी एंड क्रॉप्स’ (RTC) दस्तावेजों के कॉलम 11 में वक्फ से जुड़ी एंट्रीज होने की खबरों ने पूरे राज्य के किसानों में भारी डर और असमंजस पैदा कर दिया है। भाजपा नेता ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड में तकनीकी बदलाव का मामला नहीं बल्कि किसानों के मालिकाना हक, जमीन की सुरक्षा और आजीविका से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए पूछा कि आखिर किसानों को उनकी ही जमीन के भविष्य को लेकर अनिश्चितता में क्यों डाला जा रहा है। आर. अशोक के अनुसार राज्य में अब तक 1.80 लाख से अधिक RTC रिकॉर्ड में वक्फ से संबंधित एंट्रीज की जा चुकी हैं और यह संख्या लगभग तीन लाख तक पहुंच सकती है। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक के सभी 31 जिलों के किसान इस मुद्दे से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने जिलेवार आंकड़े पेश करते हुए कहा कि कारवार में लगभग 73 हजार, मंगलुरु में 48 हजार, शिवमोग्गा में 38 हजार, बेंगलुरु दक्षिण में 18 हजार, कलबुर्गी और बागलकोट में करीब 17-17 हजार रिकॉर्ड में ऐसी एंट्रीज दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को संबोधित करते हुए अशोक ने कहा कि यदि ये रिपोर्ट गलत हैं तो सरकार तुरंत जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे। लेकिन यदि किसानों की जमीन के रिकॉर्ड में वास्तव में वक्फ एंट्री की गई है तो सरकार को जवाब देना चाहिए कि इसका उद्देश्य क्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन एंट्रीज के कारण किसानों को अपनी जमीन बेचने, बैंक से लोन लेने या मालिकाना अधिकार साबित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों की बजाय राजनीतिक तुष्टिकरण को प्राथमिकता दे रही है। हालांकि कांग्रेस सरकार का कहना है कि किसी भी किसान के वैध मालिकाना हक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और यदि कहीं कोई गड़बड़ी है तो उसकी जांच कानून के अनुसार की जाएगी। इसके बावजूद यह मुद्दा अब कर्नाटक की राजनीति के केंद्र में आ चुका है।

  • बेंगलुरु में दिनदहाड़े हिस्ट्रीशीटर की हत्या, CCTV वीडियो ने उठाए बड़े सवाल

    बेंगलुरु के जेपी नगर इलाके में हिस्ट्रीशीटर पर हुए जानलेवा हमले के बाद घटनास्थल का दृश्य। भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 29 जून 2026 बेंगलुरु के जेपी नगर इलाके में दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। बीच सड़क पर हिस्ट्रीशीटर राजू उर्फ हलमुर्का की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि इस हमले का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वायरल फुटेज में दो पुलिसकर्मी भी घटनास्थल के पास मौजूद दिखाई दे रहे हैं, जिन पर घटना को नजरअंदाज करने के आरोप लग रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हथियारबंद हमलावरों के एक समूह ने जेपी नगर क्षेत्र में राजू उर्फ हलमुर्का पर अचानक हमला कर दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि हमलावर बेरहमी से हमला कर रहे हैं और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान एक पुरुष और एक महिला पुलिसकर्मी मोटरसाइकिल पर घटनास्थल के पास पहुंचते हैं। CCTV फुटेज के मुताबिक दोनों पुलिसकर्मी कुछ पल के लिए रुकते हैं, लेकिन कथित तौर पर न तो हमलावरों को रोकने की कोशिश करते हैं और न ही घायल व्यक्ति की तत्काल मदद करते दिखाई देते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई यूजर्स पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की। हालांकि पुलिस विभाग ने अभी तक वायरल वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण डिवीजन) कोना वामसी कृष्णा ने बताया कि हत्या की जांच और आरोपियों की तलाश के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अब हमलावरों के आपराधिक नेटवर्क और पुराने गैंग विवादों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह मामला पुरानी दुश्मनी और बदले की कार्रवाई से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मृतक राजू उर्फ हलमुर्का का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश और डकैती जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे। वह सुब्रमण्यपुरा डबल मर्डर केस में भी आरोपी रह चुका था। हालांकि हाल के वर्षों में उसके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ था। जांच एजेंसियां ‘स्टैंड कुट्टी’ नाम के एक अपराधी और उसके सहयोगियों के संभावित संबंधों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों को शक है कि हत्या पहले से सुनियोजित साजिश के तहत की गई। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है। यह घटना एक बार फिर बेंगलुरु में बढ़ते अपराध और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

  • कर्नाटक में आज से शुरू होगा SIR डेटा संग्रह, घर-घर पहुंचेंगे BLO अधिकारी

    मतदाता पुनरीक्षण अभियान में बड़ा कदम, 5.55 करोड़ वोटरों तक पहुंचाने की तैयारी पूरी कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत घर-घर डेटा संग्रह की तैयारी करते चुनाव अधिकारी। भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 29 जून 2026 कर्नाटक में मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी, सटीक और अपडेट बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत आज 30 जून से घर-घर डेटा संग्रह प्रक्रिया शुरू हो रही है। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा शुरू किए जा रहे इस मेगा अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) राज्यभर में मतदाताओं के घर पहुंचकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। इस प्रक्रिया को आगामी चुनावों की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में 20 जून से SIR अभियान की शुरुआत के बाद चुनाव विभाग अब तक 11 करोड़ से अधिक फॉर्म छाप चुका है, जबकि कर्नाटक में कुल 5,55,74,064 पंजीकृत मतदाता हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक मतदाता को दो सेट में आंशिक रूप से मुद्रित और अनुकूलित फॉर्म दिए जाएंगे। इनमें से एक सेट BLO के हस्ताक्षर के बाद मतदाता अपने पास रखेगा, जबकि दूसरा सेट रिकॉर्ड और फाइलिंग के लिए BLO को सौंपा जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुककुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का फॉर्म पड़ोसियों या अन्य व्यक्तियों को नहीं सौंपा जाएगा। केवल संबंधित मतदाता या अधिकृत परिवार सदस्य को ही दस्तावेज दिए जाएंगे। चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है कि कोई भी मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। यदि किसी घर पर लंबे समय तक ताला लगा रहता है, तो BLO उस घर के दरवाजे पर एक विशेष स्टीकर लगाएंगे, जिसमें उनका संपर्क नंबर दर्ज होगा। मतदाता बाद में BLO से संपर्क कर अपना फॉर्म प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, कुछ मामलों में फॉर्म सीधे मतदाता के घर तक पहुंचाने की विशेष व्यवस्था भी की गई है। चुनाव विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी BLO और ERO (Electoral Registration Officer) अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए हैं ताकि नागरिक आसानी से संपर्क कर सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम मतदाता सूची में त्रुटियों को कम करने और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस अभियान को लेकर काफी चर्चा है। माना जा रहा है कि SIR अभियान से फर्जी वोटिंग पर अंकुश लगाने और वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

  • बेंगलुरु की पहली सुरंग सड़क का शुभारंभ, ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत

    डीके शिवकुमार ने रखी 1139 करोड़ की टनल रोड परियोजना की आधारशिला, एयरपोर्ट तक मिलेगा सिग्नल-फ्री सफर बेंगलुरु में पहली सुरंग सड़क परियोजना की आधारशिला रखते मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार। भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 29 जून 2026 बेंगलुरु की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शहर की पहली सुरंग सड़क परियोजना की आधारशिला रख दी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना हेब्बल जंक्शन और मेखरी सर्कल के बीच यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। 1,139 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह छह लेन वाली अत्याधुनिक सुरंग सड़क परियोजना अगले 18 महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि यह सुरंग सड़क केवल वर्तमान ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए नहीं बल्कि अगले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस टनल रोड पर अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और आम जनता के लिए यह पूरी तरह टोल-मुक्त रहेगी। बेंगलुरु की यह पहली 2.2 किलोमीटर लंबी द्विदिशात्मक सुरंग बेल्लारी रोड-हेब्बल जंक्शन से शुरू होकर रेलवे पुल, आउटर रिंग रोड और पशु चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के नीचे से गुजरेगी। इसके बाद यह कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय के स्टाफ क्वार्टर के पास समाप्त होगी। परियोजना पूरी होने के बाद केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को सिग्नल-फ्री यात्रा का अनुभव मिलेगा। हालांकि इस परियोजना को लेकर परिवहन विशेषज्ञों और विपक्षी दलों ने सवाल भी उठाए हैं। आलोचकों का कहना है कि सुरंग सड़कें बेंगलुरु की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हैं। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने परियोजना को आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज आलोचना कर रहे हैं, उन्होंने सत्ता में रहते हुए ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। परियोजना को कट-एंड-कवर पद्धति से तैयार किया जाएगा और इसका वित्तपोषण बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) करेगा। सरकार ने उत्तर-दक्षिण गलियारे के तहत हेब्बल से सिल्क बोर्ड तक दूसरी सुरंग सड़क परियोजना का भी प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे आने वाले तीन से चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सुरक्षा और आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए सुरंग में धुआं पहचान प्रणाली, आग बुझाने की व्यवस्था, आपातकालीन निकासी मार्ग, CCTV कैमरे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, इमरजेंसी कॉल नेटवर्क, टनल रेडियो और वॉइस मैसेज सिस्टम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना सफल होती है तो बेंगलुरु के ट्रैफिक प्रबंधन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • बेंगलुरु में 15 लाख पौधे लगाकर बना विश्व रिकॉर्ड, BDA अभियान ने रचा इतिहास

    केम्पेगौड़ा जयंती पर हरित क्रांति, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाण पत्र बेंगलुरु में 15 लाख पौधारोपण अभियान के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार एवं अधिकारियों को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाण पत्र सौंपते हुए। भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 29 जून 2026 बेंगलुरु ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व पटल पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती के अवसर पर चलाए गए विशाल वृक्षारोपण अभियान ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया। एक ही दिन में 15 लाख पौधे लगाकर यह अभियान दुनिया की सबसे बड़ी समन्वित शहरी हरित पहलों में शामिल हो गया है। रविवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा गया। यह प्रमाण पत्र गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक ऋषि नाथ द्वारा बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा की उपस्थिति में प्रदान किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने पूरे कर्नाटक सहित देशभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई उम्मीद जगाई है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस उपलब्धि को जनता, छात्रों, विभिन्न संस्थाओं और सरकार की सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार की नहीं बल्कि हर उस नागरिक की जीत है जिसने हरित बेंगलुरु के सपने को साकार करने में योगदान दिया। BDA के अनुसार यह अभियान 12 घंटे के भीतर कई स्थानों पर समन्वित रूप से संचालित किया गया। वृक्षारोपण के लिए वैज्ञानिक तरीके से चयनित देशी प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जिससे शहर की पारिस्थितिकी को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। इस मेगा अभियान के तहत नादप्रभु केम्पेगौड़ा लेआउट, बनाशंकरी छठा चरण, शिवराम कारंथ लेआउट, ऑक्सीजन ट्री पार्क, मियावाकी वन क्षेत्र और अन्य चिन्हित हरित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल आने वाले वर्षों में बेंगलुरु की वायु गुणवत्ता सुधारने और तापमान नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह अभियान “बेंगलुरु शहरी पारिस्थितिक बहाली मिशन 2026-30” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शहर को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। यह रिकॉर्ड केवल एक संख्या नहीं बल्कि पर्यावरण के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी और जागरूकता का प्रतीक बनकर उभरा है।

  • बैंगलोर में गूंजेगा श्री सुंदरकाण्डपाठ का भव्य आयोजन, 9 अगस्त को सजेगी भजन संध्या

    भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बैंगलोर | 29 जून 2026 बैंगलोर में एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का भव्य संगम देखने को मिलेगा। श्री पंचमुखी बालाजी धाम (चौधरीवास), हिसार, हरियाणा की असीम कृपा से गुरुजी सोनू भाई जी के पावन विचारों और मार्गदर्शन में आगामी 9 अगस्त 2026 को विशाल संगीतमय श्री सुंदरकाण्डपाठ एवं भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस आध्यात्मिक आयोजन को लेकर श्री पंचमुखी बालाजी धाम परिवार, बैंगलोर की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। श्री पंचमुखी बालाजी धाम परिवार की बैठक संपन्न, भक्तिमय माहौल में तैयारियों को मिला अंतिम रूप श्री पंचमुखी बालाजी धाम परिवार, बैंगलोर की बैठक में उपस्थित सदस्य एवं आगामी सुंदरकाण्डपाठ कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा। बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने आयोजन को ऐतिहासिक एवं भक्तिमय बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में सुंदरकाण्डपाठ के साथ भव्य भजन संध्या भी आयोजित होगी, जिसमें श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होंगे। आयोजन को लेकर बैंगलोर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन Basaveshwara Sugana Mantapa, Near Hosahalli Metro Station, Vijayanagar, Bengaluru – 560040 में किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। बैठक में ओम प्रकाश अरोड़ा, अरुण गर्ग, रमणीक अग्रवाल, प्रदीप चौधरी, नितेश गोयल, पुनीत सुरेका, देवेश सुरेका, साहिल केडिया, सौरभ मित्तल, विशाल गोयल, रोहित बागड़ी, पूजा पोद्दार, गौरव शर्मा, रोहित अरोड़ा, केशव गोयल, आशु मित्तल सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी प्रदीप चौधरी ने दी। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, भाईचारा और संस्कृति को बढ़ावा देने का यह प्रयास श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

  • चामराजपेट में BJP की BLA वर्कशॉप, वोटर लिस्ट अपडेट पर जोर

    चामराजपेट विधानसभा क्षेत्र में आयोजित BJP की BLA वर्कशॉप में मौजूद वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 28 जून, 2026 कर्नाटक की राजनीति में चुनावी तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। बेंगलुरु सेंट्रल जिले के चामराजपेट विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा वोटर लिस्ट संशोधन और संगठनात्मक मजबूती को लेकर एक महत्वपूर्ण BLA (Booth Level Agent) वर्कशॉप आयोजित की गई। इस कार्यशाला में पार्टी नेताओं ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखने और नए मतदाताओं को जोड़ने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में बेंगलुरु सेंट्रल के सांसद पी.सी. मोहन, जिला अध्यक्ष सप्तगिरी गौड़ा, सेल्स के स्टेट कोऑर्डिनेटर एस. दत्तात्री, रिटायर्ड IPS अधिकारी भास्कर राव, स्टेट मीडिया को-कन्वीनर प्रशांत केदानजी, एस.सी. मोर्चा के स्टेट जनरल सेक्रेटरी प्रशांत, मंडल अध्यक्ष राजू सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वर्कशॉप के दौरान नेताओं ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को वोटर लिस्ट अपडेट प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया गया कि कैसे फर्जी वोटिंग रोकने, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और छूटे हुए पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए कार्य करना होगा। सांसद पी.सी. मोहन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध और पारदर्शी वोटर लिस्ट बेहद आवश्यक है। उन्होंने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क कर नागरिकों को मतदान के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। जिला अध्यक्ष सप्तगिरी गौड़ा ने कहा कि भाजपा संगठन बूथ स्तर पर लगातार सक्रिय रहकर चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहा है। रिटायर्ड IPS अधिकारी भास्कर राव ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं स्टेट मीडिया को-कन्वीनर प्रशांत केदानजी ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की सलाह दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और चुनावी रणनीति, वोटर लिस्ट संशोधन और संगठन विस्तार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

  • श्रीमद्भागवत कथा से पहले श्रद्धालुओं में उमड़ा उत्साह, जयघोषों से गूंजा यशवंतपुर रेलवे स्टेशन

    बेंगलुरु पहुंचीं कथा वाचिका देवी राजनंदनी जी, यशवंतपुर स्टेशन पर भव्य स्वागत भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 28 जून, 2026 बेंगलुरु में आयोजित होने जा रही श्रीमद्भागवत कथा से पहले धार्मिक आस्था और भक्ति का भव्य नजारा उस समय देखने को मिला जब विख्यात राष्ट्रीय कथा वाचिका परम पूज्या देवी राजनंदनी जी के बेंगलुरु आगमन पर यशवंतपुर रेलवे स्टेशन श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। भारतीय राजपूताना सेवा संगठन के पदाधिकारियों, समाज के वरिष्ठजनों, महिला शक्ति और युवाओं ने स्टेशन पर पहुंचकर उनका गर्मजोशी और श्रद्धाभाव से स्वागत किया। पूरे स्वागत समारोह के दौरान “जय श्री राम” और धार्मिक जयघोषों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर पूज्या देवी राजनंदनी जी का अभिनंदन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। यशवंतपुर रेलवे स्टेशन पर मौजूद श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम अनुशासन, सौहार्द और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। गौरतलब है कि 29 जून से 5 जुलाई 2026 तक बेंगलुरु में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें परम पूज्या देवी राजनंदनी जी अपने श्रीमुख से भक्तों को कथा अमृत का रसपान कराएंगी। इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और प्रतिदिन हजारों भक्तों के कथा स्थल पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भारतीय राजपूताना सेवा संगठन ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि कथा आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। देवी राजनंदनी जी की कथा शैली, आध्यात्मिक विचार और भक्तिमय प्रस्तुतियों के कारण देशभर में उनके लाखों अनुयायी हैं। बेंगलुरु में आयोजित यह कथा कार्यक्रम धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आयोजन समिति का मानना है कि यह कथा समाज में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और धार्मिक संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करेगी। स्वागत कार्यक्रम में समाज के कई प्रमुख लोग, महिला मंडल, युवा कार्यकर्ता और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। स्टेशन परिसर भक्तिमय नारों और धार्मिक उल्लास से देर तक गूंजता रहा।

  • शरावती पंप स्टोरेज परियोजना के विरोध में उठी जनआवाज, “कारगल चलो” आंदोलन तेज

    पश्चिमी घाट और पर्यावरण बचाने के लिए मलनाड क्षेत्र में गैर-राजनीतिक जन आंदोलन, हजारों पेड़ों और जैव विविधता पर खतरे का दावा शरावती पंप स्टोरेज परियोजना के विरोध में “कारगल चलो” आंदोलन में शामिल पर्यावरण प्रेमी और नागरिक भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) शिमोगा | 28 जून, 2026 मलनाड क्षेत्र में प्रस्तावित शरावती पंप स्टोरेज परियोजना के विरोध में अब जन आंदोलन तेज होता दिखाई दे रहा है। पर्यावरण संरक्षण, पश्चिमी घाट की जैव विविधता और स्थानीय लोगों की आजीविका को बचाने की मांग को लेकर “कारगल चलो” मुहीम के तहत बड़ी संख्या में नागरिक, पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता एकजुट हो रहे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री के. एस. ईश्वरप्पा और युवा नेता श्री के. ई. कांतेश के नेतृत्व में चल रहा यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि शरावती पंप स्टोरेज परियोजना से पश्चिमी घाट के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। एक्टिविस्ट्स के अनुसार इस परियोजना के कारण हजारों पेड़ों की कटाई, जंगल क्षेत्रों को नुकसान, वन्य जीवों के प्राकृतिक मार्गों में बाधा और जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसके साथ ही स्थानीय जैव विविधता और मलनाड क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन पर दीर्घकालिक खतरे की संभावना जताई जा रही है। पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पश्चिमी घाट पर निर्भर हजारों परिवारों की आजीविका भी इस परियोजना से प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि कई सामाजिक संगठनों, विशेषज्ञों और नागरिक समूहों ने इस परियोजना की समीक्षा और पुनर्विचार की मांग उठाई है। “कारगल चलो” अभियान के तहत रविवार 28 जून 2026 को नागरिकों का एक बड़ा समूह सुबह 7 बजे शुभमंगला कल्याण मंडप में एकत्रित होगा। यहां से नाश्ते के बाद बस द्वारा सागर के लिए प्रस्थान किया जाएगा। सागर के गांधी सर्कल पर विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के बाद आंदोलनकारी इक्केरी अघोरेश्वर मंदिर और सिंगंदूर चौदेश्वरी देवी मंदिर दर्शन के लिए रवाना होंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे कारगल पहुंचकर KPCL अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। आंदोलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण और पश्चिमी घाट बचाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। कार्यक्रम के अंतर्गत वरदहल्ली श्रीधर आश्रम में महामंगल आरती में भाग लेने के बाद सभी आंदोलनकारी शिवमोग्गा लौटेंगे। आंदोलन से जुड़े लोगों ने स्थानीय नागरिकों और प्रवासी राजस्थानी समाज से भी इस पर्यावरण संरक्षण अभियान में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि “प्रकृति की रक्षा का अर्थ आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा करना है।”

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