कर्नाटक में आज से शुरू होगा SIR डेटा संग्रह, घर-घर पहुंचेंगे BLO अधिकारी
- धन्नाराम चौधरी

- 29 जून
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कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत घर-घर डेटा संग्रह की तैयारी करते चुनाव अधिकारी।
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 29 जून 2026 कर्नाटक में मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी, सटीक और अपडेट बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत आज 30 जून से घर-घर डेटा संग्रह प्रक्रिया शुरू हो रही है। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा शुरू किए जा रहे इस मेगा अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) राज्यभर में मतदाताओं के घर पहुंचकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। इस प्रक्रिया को आगामी चुनावों की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य में 20 जून से SIR अभियान की शुरुआत के बाद चुनाव विभाग अब तक 11 करोड़ से अधिक फॉर्म छाप चुका है, जबकि कर्नाटक में कुल 5,55,74,064 पंजीकृत मतदाता हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक मतदाता को दो सेट में आंशिक रूप से मुद्रित और अनुकूलित फॉर्म दिए जाएंगे। इनमें से एक सेट BLO के हस्ताक्षर के बाद मतदाता अपने पास रखेगा, जबकि दूसरा सेट रिकॉर्ड और फाइलिंग के लिए BLO को सौंपा जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुककुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का फॉर्म पड़ोसियों या अन्य व्यक्तियों को नहीं सौंपा जाएगा। केवल संबंधित मतदाता या अधिकृत परिवार सदस्य को ही दस्तावेज दिए जाएंगे। चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है कि कोई भी मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
यदि किसी घर पर लंबे समय तक ताला लगा रहता है, तो BLO उस घर के दरवाजे पर एक विशेष स्टीकर लगाएंगे, जिसमें उनका संपर्क नंबर दर्ज होगा। मतदाता बाद में BLO से संपर्क कर अपना फॉर्म प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, कुछ मामलों में फॉर्म सीधे मतदाता के घर तक पहुंचाने की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
चुनाव विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी BLO और ERO (Electoral Registration Officer) अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए हैं ताकि नागरिक आसानी से संपर्क कर सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम मतदाता सूची में त्रुटियों को कम करने और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस अभियान को लेकर काफी चर्चा है। माना जा रहा है कि SIR अभियान से फर्जी वोटिंग पर अंकुश लगाने और वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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