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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

22अक्टूबर /2026 /गुरुवार

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की संभावित शुरुआत राहत भरी खबर हो सकती है। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इस मार्ग पर उद्घाटन विशेष सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी, ठहराव और किराये को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की संभावित शुरुआत राहत भरी खबर हो सकती है। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इस मार्ग पर उद्घाटन विशेष सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी, ठहराव और किराये को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

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  • SIR गणना फॉर्म अभियान तेज: मतदाता सूची में नाम सुरक्षित रखने का सुनहरा अवसर

    शिवमोग्गा में हेल्पलाइन केंद्र का उद्घाटन, के.एस. ईश्वरप्पा ने सभी नागरिकों से समय पर SIR गणना फॉर्म भरने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील की। शिवमोग्गा में हेल्पलाइन केंद्र के उद्घाटन के दौरान के.एस. ईश्वरप्पा एवं उपस्थित गणमान्य नागरिक। भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) शिवमोग्गा | 20 जुलाई, 2026। शिवमोग्गा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे SIR (Special Intensive Revision) गणना फॉर्म अभियान ने पूरे जिले में गति पकड़ ली है। इसी क्रम में 16 जुलाई 2026 को एस.पी.एम. रोड स्थित शखेश्वर हाईट परिसर में हेल्पलाइन केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के.एस. ईश्वरप्पा ने नागरिकों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए समय रहते SIR गणना फॉर्म भरने की अपील की। अपने संबोधन में ईश्वरप्पा ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता पहचान पत्र प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज नहीं होगा या आवश्यक जानकारी समय पर अपडेट नहीं होगी तो भविष्य में मतदान सहित कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक को SIR गणना फॉर्म अवश्य भरना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। नागरिक अपने क्षेत्र के BLO (Booth Level Officer) को भी गणना फॉर्म जमा कर सकते हैं। समय पर दस्तावेज जमा करने से मतदाता सूची में नाम और विवरण सुरक्षित रहेगा तथा भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। कार्यक्रम में उपस्थित मठ के महंत स्वामीजी ने कहा कि के.एस. ईश्वरप्पा केवल सांस्कृतिक विरासत की रक्षा ही नहीं कर रहे, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से निर्वाचन आयोग के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। निर्वाचन अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और निर्धारित समय सीमा के भीतर SIR गणना फॉर्म भरकर जमा करें। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती की आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह निर्वाचन आयोग के SIR गणना अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाए और समय पर अपना फॉर्म जमा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाए। प्रेषक: शांतिलाल साकरिया, शिवमोग्गा अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

  • नम्मा मेट्रो में शोर मचाया तो भरना पड़ेगा जुर्माना!

    स्पीकर पर गाने, तेज आवाज में बात और चिल्लाने पर अब ₹2,500 तक का जुर्माना, 19 जुलाई से नए नियम लागू भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 19 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। अगर आप नम्मा मेट्रो में सफर के दौरान स्पीकरफोन पर वीडियो देखते हैं, तेज आवाज में संगीत सुनते हैं या जोर-जोर से बातचीत करते हैं, तो अब आपकी यह आदत महंगी पड़ सकती है। 19 जुलाई 2026 से लागू नए नियमों के तहत ऐसे यात्रियों पर ₹2,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) द्वारा लागू किए गए ये संशोधित प्रावधान सार्वजनिक परिवहन में अनुशासन और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम, 2002 में संशोधन किए गए हैं। इसके बाद अब विभिन्न उल्लंघनों पर ₹25,000 तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकेगा। यह व्यवस्था केवल नम्मा मेट्रो तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देशभर की सभी मेट्रो रेल प्रणालियों पर लागू होगी। नए नियमों के अनुसार यदि कोई यात्री स्पीकर मोड पर संगीत या वीडियो चलाता है, चिल्लाता है, अपशब्दों का प्रयोग करता है, सार्वजनिक स्थान पर थूकता है, मेट्रो के फर्श पर बैठता है या मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो उस पर ₹2,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा नशे की हालत में यात्रा करना, उपद्रव करना, अभद्र व्यवहार करना या आपत्तिजनक सामग्री लेकर चलना भी अब पहले की तुलना में अधिक महंगा साबित होगा। बिना अनुमति पोस्टर या बैनर लगाने पर ₹10,000 तक, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने पर ₹5,000 तक तथा मेट्रो ट्रैक पर चलने पर ₹20,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। टिकट संबंधी नियमों को भी कड़ा किया गया है। टिकट में हेरफेर, जालसाजी, अवैध बिक्री या स्थानांतरण करने पर ₹20,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं हेरफेर किए गए टिकट का उपयोग करने पर ₹5,000 तक तथा अन्य टिकट उल्लंघनों पर ₹25,000 तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। केंद्र सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है। साथ ही छोटे अपराधों में जेल की बजाय आर्थिक दंड की व्यवस्था लागू कर कानून को अधिक व्यावहारिक बनाया गया है। यदि किसी यात्री को लगाए गए जुर्माने पर आपत्ति हो, तो वह 30 दिनों के भीतर संबंधित उच्च अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।

  • GBA चुनाव में देरी पर बवाल, BNP का जोरदार प्रदर्शन

    फ्रीडम पार्क में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, ग्रेटर बेंगलुरु प्रशासन (GBA) चुनाव तुरंत कराने की उठी मांग भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 19 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। ग्रेटर बेंगलुरु प्रशासन (GBA) चुनाव में लगातार हो रही देरी को लेकर शनिवार को राजधानी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में राजनीतिक माहौल गरमा गया। बेंगलुरु नव निर्माण पार्टी (BNP) के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं और सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार से GBA चुनावों की तत्काल घोषणा और निष्पक्ष तरीके से जल्द चुनाव कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वर्षों से नगर निकाय चुनाव नहीं होने के कारण 1.3 करोड़ से अधिक बेंगलुरु निवासी निर्वाचित पार्षदों और जवाबदेह स्थानीय नेतृत्व से वंचित हैं। उनका कहना है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों के अभाव में शहर की सड़कें, जल निकासी, कचरा प्रबंधन, यातायात और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। प्रदर्शन के दौरान BNP ने एक अनोखे और व्यंग्यात्मक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व बेंगलुरु विकास मंत्री बसवराज बोम्मई का प्रतीकात्मक रूप धारण करने वाले प्रतिनिधियों का "सम्मान" किया। इसके बाद नागरिकों की ओर से उन्हें ₹20,000 करोड़ का प्रतीकात्मक (नकली) चेक भेंट किया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह व्यंग्यात्मक सम्मान वास्तव में सरकारों द्वारा बार-बार नगर निकाय चुनाव टालने के विरोध का प्रतीक है। उनका आरोप है कि लगातार हो रही देरी से लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई है और नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्रभावित हुआ है। BNP का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्थानीय निकाय चुनाव समय पर होना आवश्यक है। पार्टी ने सरकार से मांग की कि बिना किसी और विलंब के ग्रेटर बेंगलुरु प्रशासन (GBA) चुनाव की अधिसूचना जारी कर जल्द मतदान कराया जाए ताकि नागरिकों को उनका लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व मिल सके। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर बेंगलुरु में स्थानीय स्वशासन, जवाबदेही और नागरिक सुविधाओं को लेकर चल रही बहस को तेज कर दिया है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

  • राजौरी में अचानक बाढ़ का कहर, सैकड़ों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए

    जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से नदियां उफान पर, वाहन बहे, कई इलाकों में जलभराव; 23 जुलाई तक अलर्ट जारी भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी ( Bhaarataarth.com ) राजौरी (जम्मू-कश्मीर) | 19 जुलाई, 2026 राजौरी। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले राजौरी में शनिवार रात हुई लगातार और तेज बारिश ने अचानक बाढ़ का रूप ले लिया, जिससे पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नदियों और नालों के उफान पर आने से कई निचले इलाकों में पानी भर गया और सैकड़ों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। प्रशासन, पुलिस और राहत दल पूरी रात बचाव कार्य में जुटे रहे और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। भारी बारिश के बाद दरहाली, खंडली, सुक्तोह और जमोला जैसी नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बहने लगीं। राजौरी शहर में बेला कॉलोनी के पास दरहाली नदी ने बाढ़ सुरक्षा दीवार को तोड़ दिया, जिससे पानी तेज़ी से नए बस स्टैंड क्षेत्र में घुस गया। अचानक आए पानी के कारण कई वाहन बह गए, जबकि कई पानी में डूब गए। अब्दुल्ला ब्रिज के पास स्थित झुग्गी बस्ती भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुई। यहां 50 से अधिक परिवारों को अपने घर खाली करने पड़े। तारिक पुल और अन्य निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी प्रशासन और पुलिस की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पुलिस और राहत दल लगातार गश्त कर रहे हैं और सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से लोगों को नदी किनारों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की चेतावनी दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता किसी भी प्रकार की जनहानि को रोकना है। हालांकि, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिसका वास्तविक आकलन बाढ़ का पानी उतरने के बाद ही किया जा सकेगा। स्थानीय कांग्रेस विधायक इफ्तिखार अहमद ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और कहा कि अचानक आई बाढ़ से लोगों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत और पुनर्वास कार्य शुरू करने की मांग की। इस बीच, मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की है।

  • उल्सूर झील बनी पक्षियों का स्वर्ग, पेलिकन ने बढ़ाई रौनक

    बेंगलुरु की ऐतिहासिक झील में प्रवासी पक्षियों का बसेरा, प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए बना आकर्षण का नया केंद्र भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 19 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। शहर की ऐतिहासिक उल्सूर झील इन दिनों प्रकृति प्रेमियों और पक्षी फोटोग्राफरों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। झील के विकास कार्य के दौरान जलस्तर उथला होने से पेलिकन, पेंटेड स्टॉर्क और कई अन्य प्रवासी पक्षियों ने यहां अपना अस्थायी बसेरा बना लिया है। बीते 15 से 20 दिनों से इन दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी ने उल्सूर झील को बेंगलुरु के सबसे आकर्षक प्राकृतिक स्थलों में शामिल कर दिया है। झील के विकास कार्य से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, आगंतुकों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए फिलहाल झील का जलस्तर नियंत्रित रखा गया है। यही उथला पानी प्रवासी पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण बन गया है, जहां उन्हें भोजन और विश्राम दोनों आसानी से मिल रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर बेंगलुरु प्रशासन (GBA) द्वारा लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 108 एकड़ क्षेत्र में फैली इस ऐतिहासिक झील का व्यापक विकास किया जा रहा है। परियोजना के तहत झील की गाद निकाली जा रही है, दो-स्तरीय वॉकवे बनाए जा रहे हैं, सुरक्षा तटबंध विकसित किए जा रहे हैं, सजावटी ग्रिल और बेंच लगाए जा रहे हैं तथा झील को समीप के पार्क से जोड़ने के लिए एक आधुनिक पुल का निर्माण भी किया जा रहा है। झील के एक वरिष्ठ अभियंता ने बताया कि वर्तमान में करीब 30 पेलिकन झील के द्वीप क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं, जबकि आसपास की आर्द्रभूमि में लगभग एक दर्जन पेंटेड स्टॉर्क भी देखे गए हैं। इन पक्षियों की मौजूदगी ने मॉर्निंग वॉक करने वालों, पर्यटकों और वन्यजीव फोटोग्राफरों का उत्साह बढ़ा दिया है। पेंटेड स्टॉर्क अपेक्षाकृत इंसानों के करीब आ जाते हैं, जबकि पेलिकन दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं। हालांकि अधिकारियों ने चिंता भी जताई है कि कुछ लोग झील के आसपास कबूतरों और चूहों को भोजन खिला रहे हैं, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे झील की स्वच्छता और जैव विविधता को बनाए रखने में सहयोग करें। उल्सूर झील में लौटे इन प्रवासी पक्षियों ने यह संकेत भी दिया है कि यदि जलाशयों का संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से विकास किया जाए, तो शहरी क्षेत्रों में भी प्राकृतिक जैव विविधता को बढ़ावा दिया जा सकता है।

  • पंजाब दौरे में PM मोदी का बड़ा सियासी संदेश

    AAP सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला, टेक्नोलॉजी और स्पेस सेक्टर पर भी केंद्र के बड़े फैसले भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) चंडीगढ़/नई दिल्ली | 19 जुलाई, 2026 चंडीगढ़/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या जैसे मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब को विकास की नई दिशा देने और स्थायी बदलाव लाने के लिए भाजपा को अवसर मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री के बयान के बाद पंजाब का राजनीतिक माहौल गर्मा गया। AAP नेताओं ने भी प्रधानमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्र सरकार की नीतियों और दावों पर सवाल उठाए। इसके बाद राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजनीतिक घटनाक्रम के बीच केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को भी मंजूरी दी। सरकार ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर उद्योग को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं को स्वीकृति दी है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में और मजबूत होगा तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। अंतरिक्ष क्षेत्र में भी भारत को बड़ी उपलब्धि मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट के 'विक्रम-1' मिशन की सराहना करते हुए इसे भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी से भारत वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। उधर, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल भी केंद्र सरकार की नीतियों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। वहीं भाजपा सरकार अपने विकास कार्यों और योजनाओं को जनता के सामने रख रही है। ऐसे में पंजाब सहित राष्ट्रीय राजनीति में आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • श्री श्रीयादे माताजी मंदिर तामरैपाकम चुनाव संपन्न, नई कार्यकारिणी ने संभाली जिम्मेदारी

    आमसभा में सर्वसम्मति से नई टीम का गठन, समाजजनों ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों का किया सम्मान श्री श्रीयादे मातेश्वरी मंदिर तामरैपाकम की आमसभा में नव निर्वाचित पदाधिकारियों का सम्मान। भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) चेन्नई | 17 जुलाई, 2026 श्री श्रीयादे माताजी मंदिर तामरैपाकम चुनाव शुक्रवार को उत्साह, अनुशासन और सामाजिक एकता के माहौल में संपन्न हुआ। चेन्नई के तामरैपाकम कुट रोड स्थित श्रीयादे भवन प्रांगण में आयोजित आमसभा (जनरल बॉडी मीटिंग) में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लिया। बैठक का शुभारंभ दोपहर 12:15 बजे हुआ, जिसमें मंदिर के विकास, सामाजिक सहभागिता और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सभा के दौरान सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। समाज के वरिष्ठजनों और उपस्थित सदस्यों ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों का माला एवं साफा पहनाकर भव्य स्वागत किया तथा उन्हें नई जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन के लिए शुभकामनाएं दीं। नई कार्यकारिणी में कालूराम ब्रान्दणा को अध्यक्ष, तुलच्छाराम भडकोलिया को उपाध्यक्ष, सोहनलाल बेतडीया को कोषाध्यक्ष, चुन्नीलाल रेडवाल को उपकोषाध्यक्ष, श्यामलाल पड़ाया एवं बाबूलाल कवाड़िया को सचिव, धर्मीचंद ब्रान्दणा को मंत्री, मांगीलाल कवाड़िया को सह मंत्री तथा रतनलाल मंडावरा को सूचना मंत्री चुना गया। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि शेष कार्यकारिणी सदस्यों का चयन आगामी बैठक में किया जाएगा। नवगठित समिति ने मंदिर के धार्मिक, सामाजिक एवं विकासात्मक कार्यों को पारदर्शिता और समर्पण के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोजन-प्रसादी के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ। समाजजनों ने विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी मंदिर के विकास और समाजहित के कार्यों को नई गति देगी।

  • बंगाल मदरसा जांच: ईडी और यूपी ATS की कार्रवाई, विदेशी फंडिंग की जांच तेज

    ईडी का दावा—छापेमारी में नकदी और सोना बरामद; विदेशी फंडिंग, कथित घुसपैठ और दस्तावेज़ों के दुरुपयोग के आरोपों की जांच जारी (ईडी एवं यूपी एटीएस की संयुक्त जांच कार्रवाई का सांकेतिक चित्र।) भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) कोलकाता | 18 जुलाई, 2026 बंगाल मदरसा जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (UP ATS) की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। जांच एजेंसियों ने पश्चिम बंगाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर छापेमारी कर विदेशी फंडिंग, वित्तीय लेन-देन और कथित अवैध गतिविधियों की जांच शुरू की है। एजेंसियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्राप्त धन का उपयोग किस उद्देश्य से किया गया और क्या किसी प्रकार के वित्तीय अपराध या मनी लॉन्ड्रिंग के नियमों का उल्लंघन हुआ है। ईडी के अनुसार, उत्तर 24 परगना जिले के हरोआ क्षेत्र स्थित अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम मदरसे में की गई छापेमारी के दौरान लगभग 40 लाख रुपये नकद और करीब 180 ग्राम सोने के सिक्के बरामद किए गए। एजेंसी का कहना है कि बरामद संपत्ति के स्रोत के संबंध में पूछताछ की जा रही है तथा जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ संस्थाओं और ट्रस्टों के माध्यम से विदेशों से धन प्राप्त हुआ, जिसका उपयोग कथित रूप से अवैध गतिविधियों में किया गया। इन आरोपों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की कथित अवैध घुसपैठ में सहायता, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने तथा भारत में अवैध रूप से बसाने जैसे गंभीर दावे शामिल हैं। हालांकि इन आरोपों की न्यायालय द्वारा पुष्टि नहीं हुई है और जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। इसी क्रम में यूपी एटीएस ने उत्तर 24 परगना के हसनाबाद क्षेत्र में भी तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान कुछ वित्तीय दस्तावेजों की जांच की गई तथा संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की गई। एजेंसियों का कहना है कि विदेशी फंडिंग के उपयोग और उसके वास्तविक उद्देश्य की पड़ताल की जा रही है। दूसरी ओर, संबंधित पक्षों और कुछ सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे एकतरफा बताया है। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। राजनीतिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर बयानबाजी तेज है। पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से संचालित संस्थानों और विदेशी फंडिंग से जुड़े मामलों की जांच पहले से विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

  • संसद मानसून सत्र 2026: मोदी सरकार का बड़ा प्लान, 7 अहम विधेयकों पर रहेगी नजर

    महिला आरक्षण, परिसीमन और कई महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर सरकार की रणनीति तेज, राजनीतिक समीकरणों पर भी सबकी निगाहें (संसद भवन का प्रतीकात्मक दृश्य तथा मानसून सत्र से पहले रणनीति बनाते एनडीए नेतृत्व का सांकेतिक चित्र।) भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 18 जुलाई, 2026 संसद मानसून सत्र 2026 शुरू होने से पहले राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। केंद्र की मोदी सरकार आगामी सत्र को महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे के साथ ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में है। सरकार की प्राथमिकता कई अहम विधेयकों को पारित कराने की बताई जा रही है, जिनमें महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधान, परिसीमन, कर सुधार, न्यायपालिका और एमएसएमई से जुड़े विधेयक शामिल हैं। हालांकि इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय संसद की कार्यवाही, बहस और आवश्यक संसदीय प्रक्रिया के बाद ही होगा। सूत्रों के अनुसार संसद सत्र की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक में सरकार के विधायी एजेंडे, विपक्ष की रणनीति और सदन की कार्यवाही को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधायी कदम बताए जा रहे हैं। इन विषयों पर संविधान संशोधन की आवश्यकता होने की स्थिति में संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत आवश्यक होगा। इसलिए राजनीतिक समर्थन जुटाने के प्रयास भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कुछ दलों और सांसदों के समर्थन से सरकार अपनी संख्या मजबूत करने का प्रयास कर रही है। हालांकि इन संभावित राजनीतिक घटनाक्रमों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को अंतिम तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

  • प्रयास डे हेल्थ एंड हाइजीन अवेयरनेस: 71 बालिकाओं को मिला स्वास्थ्य जागरूकता का संबल

    जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की लेडी जेसी विंग ने संरक्षण रेनबो होम में महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मविश्वास बढ़ाने का दिया प्रेरक संदेश (संरक्षण रेनबो होम, राजाजीनगर में आयोजित "प्रयास डे – हेल्थ एंड हाइजीन अवेयरनेस" कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के साथ जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की टीम।) भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 18 जुलाई, 2026 प्रयास डे हेल्थ एंड हाइजीन अवेयरनेस कार्यक्रम के माध्यम से जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की लेडी जेसी विंग ने अंतरराष्ट्रीय मानव कर्तव्य दिवस पर सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। राजाजीनगर स्थित संरक्षण रेनबो होम में आयोजित इस विशेष अभियान में 71 बालिकाओं को महिला स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता और मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि बालिकाओं में आत्मविश्वास, स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वच्छ जीवनशैली के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान मोनिका जैन ने "हेल्थ एंड हाइजीन" विषय पर विस्तृत जागरूकता सत्र लिया। उन्होंने किशोरियों को महिला स्वास्थ्य, मासिक धर्म के दौरान अपनाई जाने वाली स्वच्छ आदतों, व्यक्तिगत साफ-सफाई, संतुलित आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को सरल भाषा में समझाया। बालिकाओं ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से उपयोगी जानकारी प्राप्त की। जागरूकता सत्र के बाद सभी 71 प्रतिभागियों को सेनेटरी पैड वितरित किए गए। आयोजकों ने बताया कि ऐसी पहल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा देती है, बल्कि किशोरियों में झिझक दूर कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देती है। यह कार्यक्रम जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की लेडी जेसी विंग द्वारा ज़ोन ऑफिसर जेसी मोनिका कुमट के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सफल नेतृत्व लेडी जेसी चेयरपर्सन जेसी सलोनी नाहटा, लेडी जेसी सेक्रेटरी जेसी सुनीता मुनोत, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जेसी टीनू जैन तथा प्रोजेक्ट डायरेक्टर जेसी नम्रता मिलक ने किया। इस अवसर पर जेसी दीपक जैन एवं जेसी नीमा देरासरिया ने स्नैक्स एवं सेनेटरी पैड उपलब्ध करवाकर कार्यक्रम को सहयोग प्रदान किया। उनके इस सहयोग की सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। संरक्षण रेनबो होम के प्रबंधन ने जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की इस सामाजिक पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे सेवा और जन-जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय मानव कर्तव्य दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बना कि सामाजिक संगठन यदि संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ कार्य करें तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

  • राजस्थान राजपूत संघ बेंगलुरु नई कार्यकारिणी घोषित, सुजानसिंह भाटी बने अध्यक्ष

    सर्वसम्मति से हुआ चुनाव, सामाजिक एकता, युवा शक्ति और समाज सेवा को नई गति देने का संकल्प (राजस्थान राजपूत संघ, बेंगलुरु की आमसभा में नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का सम्मान एवं समूह चित्र।) भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 18 जुलाई, 2026 राजस्थान राजपूत संघ बेंगलुरु नई कार्यकारिणी का गठन शुक्रवार को सर्वसम्मति से किया गया। श्री आंजनेय स्वामी देवस्थान (संगठन एवं विद्या भवन), किलारी रोड में आयोजित आमसभा में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की उपस्थिति में नई टीम का चयन हुआ। संगठन के अध्यक्ष पद पर सुजानसिंह भाटी, सचिव पद पर पुरणसिंह राणावत तथा कोषाध्यक्ष पद पर चोपसिंह चौहान को निर्विरोध चुना गया। बैठक में सामाजिक एकता, युवा नेतृत्व, शिक्षा, समाज सेवा और संगठन विस्तार को नई दिशा देने का संकल्प लिया गया। आमसभा सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें संगठन की वर्तमान गतिविधियों, भविष्य की योजनाओं और समाज के समग्र विकास पर गंभीर चर्चा हुई। चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह सर्वसम्मति से संपन्न हुई, जिससे संगठन की एकजुटता और आपसी विश्वास का संदेश मिला। नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुजानसिंह भाटी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन की सबसे बड़ी ताकत समाज की एकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नई कार्यकारिणी वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा के समन्वय से संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने शिक्षा, रोजगार, समाज सेवा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और युवा सहभागिता को प्राथमिकता देने की बात कही। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राजस्थान राजपूत संघ वर्षों से बेंगलुरु में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, जरूरतमंद परिवारों की सहायता तथा शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करता आ रहा है। नई कार्यकारिणी से समाज को नई ऊर्जा और नई सोच मिलने की उम्मीद जताई गई। आमसभा में भविष्य की योजनाओं के तहत नियमित स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, छात्र सम्मान समारोह, प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण गतिविधियां तथा सामाजिक जागरूकता अभियान आयोजित करने पर भी सहमति बनी। संगठन के विस्तार और प्रत्येक परिवार तक सामाजिक गतिविधियों को पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। उपस्थित समाजबंधुओं ने विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम समाजहित, संगठन की गरिमा और सामाजिक सेवा की परंपरा को और अधिक मजबूत करेगी।

  • KIMS अस्पताल स्वास्थ्य जागरूकता अभियान: प्रवासी राजस्थानी कर्नाटका संघ ने वरिष्ठ न्यूरो विशेषज्ञों का किया सम्मान

    तनाव, शुगर, हृदय एवं मानसिक रोगों से बचाव के लिए हर छह माह में हेल्थ चेकअप और मेडिटेशन अपनाने का दिया संदेश (KIMS अस्पताल इलेक्ट्रॉनिक सिटी में डॉ. रवि मोहन राव, डॉ. रविंद्र बी. कांबले एवं प्रवासी राजस्थानी कर्नाटका संघ के पदाधिकारियों के सम्मान समारोह की तस्वीर।) भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 18 जुलाई, 2026 KIMS अस्पताल स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को नई दिशा देने के उद्देश्य से बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्थित KIMS अस्पताल में प्रवासी राजस्थानी कर्नाटका संघ के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. रवि मोहन राव तथा वरिष्ठ न्यूरोविज्ञान विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र बी. कांबले से शिष्टाचार भेंट कर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता, नियमित हेल्थ चेकअप और तनावमुक्त जीवनशैली को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए गए। संघ के महामंत्री डॉ. जवरीलाल लूनावत, संयोजक मनीष तथा माधु जांगिड़ ने दोनों चिकित्सकों को शाल, माला एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जहां समाजहित में संयुक्त रूप से स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. रवि मोहन राव, जिन्होंने लगभग 30 वर्षों तक NIMHANS में सेवाएं देने के बाद अब KIMS अस्पताल में अपनी विशेषज्ञ सेवाएं शुरू की हैं, ने कहा कि आधुनिक तकनीकी युग में अधिकांश लोग अत्यधिक व्यस्त जीवन और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। यही तनाव धीरे-धीरे शुगर, हृदय रोग तथा मानसिक रोग जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति हर छह माह में नियमित हेल्थ चेकअप करवाए, संतुलित जीवनशैली अपनाए तथा मेडिटेशन और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए तो अनेक गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है। इससे उपचार भी आसान होता है और बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। वरिष्ठ न्यूरोविज्ञान विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र बी. कांबले ने भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने पर बल देते हुए कहा कि समाज में नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन समय की आवश्यकता है। ऐसे शिविरों से लोगों को रोगों की प्रारंभिक जांच, विशेषज्ञ परामर्श तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलती है। संघ के महामंत्री डॉ. जवरीलाल लूनावत ने दोनों चिकित्सकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रवासी राजस्थानी कर्नाटका संघ आने वाले समय में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं के सहयोग से व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाएगा। इसके तहत प्रत्येक छह माह में अलग-अलग क्षेत्रों में हेल्थ कैंप आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग समय रहते स्वास्थ्य परीक्षण करवा सकें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव होता है और जनभागीदारी से यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

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