प्रयास डे हेल्थ एंड हाइजीन अवेयरनेस: 71 बालिकाओं को मिला स्वास्थ्य जागरूकता का संबल
- धन्नाराम चौधरी

- 18 जुल॰
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(संरक्षण रेनबो होम, राजाजीनगर में आयोजित "प्रयास डे – हेल्थ एंड हाइजीन अवेयरनेस" कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के साथ जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की टीम।)
भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 18 जुलाई, 2026 प्रयास डे हेल्थ एंड हाइजीन अवेयरनेस कार्यक्रम के माध्यम से जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की लेडी जेसी विंग ने अंतरराष्ट्रीय मानव कर्तव्य दिवस पर सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। राजाजीनगर स्थित संरक्षण रेनबो होम में आयोजित इस विशेष अभियान में 71 बालिकाओं को महिला स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता और मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि बालिकाओं में आत्मविश्वास, स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वच्छ जीवनशैली के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना था।
कार्यक्रम के दौरान मोनिका जैन ने "हेल्थ एंड हाइजीन" विषय पर विस्तृत जागरूकता सत्र लिया। उन्होंने किशोरियों को महिला स्वास्थ्य, मासिक धर्म के दौरान अपनाई जाने वाली स्वच्छ आदतों, व्यक्तिगत साफ-सफाई, संतुलित आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को सरल भाषा में समझाया। बालिकाओं ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से उपयोगी जानकारी प्राप्त की।
जागरूकता सत्र के बाद सभी 71 प्रतिभागियों को सेनेटरी पैड वितरित किए गए। आयोजकों ने बताया कि ऐसी पहल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा देती है, बल्कि किशोरियों में झिझक दूर कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देती है।
यह कार्यक्रम जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की लेडी जेसी विंग द्वारा ज़ोन ऑफिसर जेसी मोनिका कुमट के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सफल नेतृत्व लेडी जेसी चेयरपर्सन जेसी सलोनी नाहटा, लेडी जेसी सेक्रेटरी जेसी सुनीता मुनोत, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जेसी टीनू जैन तथा प्रोजेक्ट डायरेक्टर जेसी नम्रता मिलक ने किया।
इस अवसर पर जेसी दीपक जैन एवं जेसी नीमा देरासरिया ने स्नैक्स एवं सेनेटरी पैड उपलब्ध करवाकर कार्यक्रम को सहयोग प्रदान किया। उनके इस सहयोग की सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
संरक्षण रेनबो होम के प्रबंधन ने जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की इस सामाजिक पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे सेवा और जन-जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय मानव कर्तव्य दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बना कि सामाजिक संगठन यदि संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ कार्य करें तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
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