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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

21अक्टूबर /2026 /बुधवार

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

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  • JITO ने पुलिस को दिया ‘सेवा’ का तोहफा

    स्वतंत्रता दिवस पर ईस्ट ट्रैफिक पुलिस स्टेशन को कंप्यूटर सिस्टम भेंट, पूर्व सैनिक पुलिस अधिकारियों का सम्मान भारतार्थ खबर। बेंगलुरु संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) हुबली, 15 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर JITO हुबली चैप्टर फाउंडेशन ने इस बार उत्सव को सेवा, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए अनूठी पहल की। केशवापुर स्थित कुसुगल रोड के ईस्ट ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित कर पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया गया तथा स्टेशन को डेस्कटॉप कंप्यूटर सिस्टम भेंट किया गया। JITO हुबली चैप्टर फाउंडेशन की इस पहल से पुलिस स्टेशन की आवश्यक तकनीकी जरूरत पूरी हुई। कंप्यूटर सिस्टम से अधिकारियों को दैनिक प्रशासनिक एवं विभागीय कार्यों के संचालन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। समारोह के दौरान उन पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद पुलिस विभाग में शामिल होकर देश सेवा का सिलसिला जारी रखा। JITO सदस्यों ने उनके समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी राष्ट्रसेवा को जारी रखना समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। JITO हुबली चैप्टर के चेयरमैन अनिल कुमार जैन ने पुलिस कर्मियों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यातायात अनुशासन बनाए रखने, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने में ट्रैफिक पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पुलिस कर्मियों के निरंतर समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया। JITO हुबली चैप्टर फाउंडेशन के मुख्य सचिव प्रवीण चौधरी ने बताया कि संस्था इस बार स्वतंत्रता दिवस को पारंपरिक समारोह के बजाय सेवा और सम्मान के भाव के साथ मनाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए CPI श्री मंजूनाथ कुसुगल से संपर्क किया गया। बातचीत में स्टेशन को कंप्यूटर सिस्टम की आवश्यकता सामने आई, जिसे JITO ने सम्मान और आभार के रूप में पूरा करने का निर्णय लिया। चौधरी ने कहा कि भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद पुलिस विभाग के माध्यम से देश सेवा जारी रखने वाले अधिकारियों का सफर विशेष रूप से प्रेरणादायक है। स्वतंत्रता दिवस पर ऐसे कर्मियों को सम्मानित करना संस्था के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि देश सेवा किसी एक पद या समय तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग माध्यमों से निरंतर जारी रह सकती है। समारोह में भंवरलाल सी. जैन, महेंद्र पालगोटा, अशोक भंडारी, अक्षय शाह, भरत पटवारी, धनराज भंडारी, राजन जैन, अमृत जैन, नवीन खिवेसरा, नरेश मेहता, अक्षय बगरेचा, नीरव मोमाया, गीता छेड़ा, जल्पा शाह, कविता बाफना और प्रभा मुनियोट सहित पुलिस अधिकारी एवं JITO हुबली चैप्टर फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित रहे। सेवा, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस की भावना को सार्थक करने वाला रहा। पहल से JITO और पुलिस विभाग के बीच सहयोग एवं सामाजिक सहभागिता को भी मजबूती मिली।

  • तिरंगे की शान में गूंजा नागरभावी

    सैंट फिलोमिना शिक्षण संस्थान में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का उल्लास भारतार्थ खबर। बेंगलुरु संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु, 15 अगस्त 2026। नागरभावी स्थित सैंट फिलोमिना शिक्षण संस्थान में 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में देशभक्ति एवं राष्ट्रगौरव से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम में प्रोफेसर एम. श्रीनिवास, महेंद्र मुणोत, रंगास्वामी, सतीश बी., डॉ. भवानी जगदीश, शिवकुमार सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रगान के साथ पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा। वक्ताओं ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए युवा पीढ़ी को देशहित, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में स्वतंत्रता दिवस को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम ने सभी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन का संकल्प लेने की प्रेरणा दी।

  • BJP में कांग्रेस छोड़कर तीन युवा नेताओं की एंट्री

    मोदी की विकास नीति से प्रभावित प्रमोद श्रीनिवास, एच. नारायण और सुरेश का भाजपा में स्वागत भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 15 अगस्त 2026।भाजपा की विकास नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रभावित होकर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए युवा नेता प्रमोद श्रीनिवास, एच. नारायण और सुरेश का शनिवार को भाजपा के राज्य कार्यालय जगन्नाथ भवन में आयोजित कार्यक्रम में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने तीनों नेताओं को भाजपा का झंडा सौंपकर पार्टी में उनका स्वागत किया। इस अवसर पर सांसद तेजस्वी सूर्या, विधायक एम. सतीश रेड्डी, सी.के. राममूर्ति सहित भाजपा के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने कहा कि नए साथियों के जुड़ने से संगठन को मजबूती मिलेगी और विकास एवं जनसेवा के संकल्प को और गति मिलेगी। कांग्रेस छोड़कर तीन युवा नेताओं का भाजपा में शामिल होना बेंगलुरु की स्थानीय राजनीति में संगठनात्मक विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

  • ‘मोदी को हराना मुमकिन नहीं’: चलवाड़ी नारायणस्वामी

    जगन्नाथ भवन में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया, मोदी सरकार की उपलब्धियों को बताया देश की नई उड़ान भारतार्थ खबर। बेंगलुरु संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु, 15 अगस्त 2026। भारतीय जनता पार्टी के मल्लेश्वरम स्थित प्रदेश कार्यालय ‘जगन्नाथ भवन’ में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भव्य ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं कार्यालय कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ देश की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। समारोह को संबोधित करते हुए चलवाड़ी नारायणस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दशकों में देश में जितना विकास नहीं हुआ, उससे कहीं अधिक तेजी से आज भारत आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में शामिल है और 2047 तक विश्व की अग्रणी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति अब केवल आगे बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत तेजी से उड़ान भर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता अनेक लोगों के संघर्ष और बलिदान से मिली है, इसलिए इसकी गरिमा और कीमत को हमेशा याद रखना चाहिए। नारायणस्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज देश में मोदी के बराबर का कोई नेता दिखाई नहीं देता। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कई दल एकजुट होकर मोदी को हराने की रणनीति बना सकते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें हराना आसान नहीं है। उन्होंने मोदी को ऐसा नेता बताया जो सभी को समान दृष्टि से देखते हैं और भारत को अपनी पहचान मानते हुए देश को एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक कथित बयान का उल्लेख करते हुए नारायणस्वामी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले लोगों की तुलना कथित तौर पर कुत्तों से करना कितना उचित है। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति बताते हुए कहा कि आजादी के संघर्ष और बलिदान का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी उठाया और कांग्रेस पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने राज्य में परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं पर सरकार से जवाब देने की मांग की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर भी नारायणस्वामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि RSS की आलोचना करने से कांग्रेस को ही प्रचार मिलता है। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता और विकास की यात्रा में अनेक संगठनों और लोगों का योगदान रहा है, जिसे सम्मान के साथ याद किया जाना चाहिए। समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी.एल. संतोष, विधान परिषद में मुख्य सचेतक एन. रविकुमार, विधान परिषद सदस्य केशव प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष हरतालु हलप्पा, प्रदेश सचिव डॉ. लक्ष्मी अश्विन गौड़ा, पूर्व सांसद डॉ. उमेश जाधव, पूर्व विधायक एम.डी. लक्ष्मीनारायण, पूर्व विधान परिषद सदस्य अब्दुल अजीम, बेंगलुरु संभाग प्रभारी राजन्ना, बेंगलुरु उत्तर जिला अध्यक्ष एस. हरिश सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं कार्यालय कर्मचारी मौजूद रहे।

  • 12.50 लाख रुद्राक्षों से सजा शिवलिंग, दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब

    सावन में भक्ति का अनुपम संगम: रुद्राभिषेक, पूजा-अर्चना और भजन संध्या से गूंज रहा लक्ष्मी ओरा फार्म हाउस भारतार्थ खबर। बेंगलुरु संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु, 15 अगस्त 2026। किंतनहल्ली स्थित लक्ष्मी ओरा फार्म हाउस में सावन के पवित्र मास के अवसर पर 12.50 लाख रुद्राक्षों से निर्मित भव्य शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंडित राजेन्द्रकुमार शर्मा एवं ओमप्रकाश शर्मा के पावन सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में शिवलिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पूरे सावन माह प्रतिदिन रुद्राभिषेक, पूजा, आरती और भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। भजन संध्या में गोविंददास वैष्णव एंड पार्टी द्वारा प्रतिदिन सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी जा रही है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो रहा है। बुधवार को सेवानिवृत्त मेजर जनरल नरपतसिंह राजपुरोहित एवं स्वामी दयानंद महाराज ने रुद्राक्ष निर्मित पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर मेजर जनरल नरपतसिंह राजपुरोहित ने आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि सावन जैसे पवित्र अवसर पर प्रभु भक्ति के साथ देशभक्ति की भावना भी हमारे भीतर मजबूत होनी चाहिए। स्वामी दयानंद महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि धर्म के नाम पर पशु बलि देना किसी भी दृष्टि से धर्मसम्मत नहीं है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि जहां भी धर्म के नाम पर पशु बलि की प्रथा प्रचलित है, उसे रोकने के लिए जागरूकता एवं सकारात्मक प्रयास किए जाने चाहिए। धार्मिक आयोजन में सुरेशकुमार मेहता, गौतमकुमार मेहता, रूपेश सोलंकी, प्रवीण मेवाड़ा, महेंद्रसिंह राजपुरोहित, दीपक शर्मा, रितिक शर्मा, कुलदीपसिंह सांथुआ, बालमसिंह गुर्जर, ताराचंद सीरवी, विनोद माली, राकेश सीरवी, चंद्रु गुर्जर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में शिवभक्ति और धार्मिक उत्साह का विशेष वातावरण देखने को मिला।

  • शिकारीपुरा में शान से लहराया तिरंगा, लिया विकास का संकल्प

    भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) शिकारीपुरा। 15 अगस्त 2026। 80वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर गवर्नमेंट प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज, शिकारीपुरा परिसर में राष्ट्रीय ध्वजारोहण समारोह देशभक्ति और उत्साह के माहौल में आयोजित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और स्थानीय लोगों ने गर्व एवं सम्मान के साथ भाग लिया तथा शिकारीपुरा क्षेत्रवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में अमर सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। उपस्थित लोगों ने देश की प्रगति, राष्ट्र की एकता और कन्नड़ समाज की खुशहाली के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर एमएल श्री बी.वाई. राघवेंद्र (@BYRBJP), दिशा समिति के सदस्य, बुजुर्ग श्री गुरुमूर्ति, प्रमुख श्री पद्मनाभ भट, श्री हुलमार महेश, श्री बसवराज, श्री रुद्रमुनि, श्री पलाक्षप्पा, श्री चन्नवीरप्पा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह में स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के संघर्ष और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का माहौल राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से ओतप्रोत रहा।

  • नरसी जैसा भक्त नहीं हुआ : महामंडलेश्वर चेतनगिरी जी महाराज

    भारतार्थ खबर। बेंगलुरु संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) डेटलाइन: बेंगलुरु | 15 अगस्त 2026। बेंगलुरु सिटी माली समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में गुडसेड रोड स्थित माली समाज भवन परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिवस नीलकंठ महादेव मंदिर, संतोष आश्रम, सोजत सिटी के महामंडलेश्वर श्री चेतनगिरी जी महाराज ने भक्त नरसी मेहता की अद्भुत कृष्ण भक्ति और समर्पण का भावपूर्ण वर्णन किया। महामंडलेश्वर श्री चेतनगिरी जी महाराज ने कहा कि नरसी मेहता जैसा भक्त इस धरती पर कोई नहीं हुआ। उन्होंने अपना सर्वस्व प्रभु श्रीकृष्ण की भक्ति में समर्पित कर दिया। भक्ति के मार्ग में अनेक कठिनाइयां और कष्ट आए, लेकिन नरसी मेहता कभी अपने आराध्य से विमुख नहीं हुए। उन्होंने नरसी मेहता की प्रसिद्ध हुंडी और नानी बाई के मायरे का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने अनन्य भक्त की लाज रखने के लिए साँवल सेठ का रूप धारण कर हुंडी स्वीकार की। वहीं नानी बाई के मायरे के प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के साथ आने की कथा भक्तों को भाव-विभोर कर देती है। महाराज ने कहा कि भगवान को अर्पित किया गया सच्चा भाव और समर्पण अनेक गुना फल प्रदान करता है। नरसी मेहता का जीवन इस बात का प्रमाण है कि सच्ची भक्ति में विश्वास रखने वाले भक्त को भगवान कभी अकेला नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि नरसी मेहता ने अपना पूरा जीवन श्रीकृष्ण भक्ति में समर्पित कर दिया। उनका एकनिष्ठ भाव, त्याग और प्रभु के प्रति अटूट विश्वास आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत है। श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर माली समाज ट्रस्ट के ट्रस्टीगण, विशिष्ट समाजबंधु एवं बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।

  • श्री गणेश जैन गोशाला में गूंजा गौभक्ति का संदेश, भव्य महोत्सव संपन्न

    संतों और जनप्रतिनिधियों ने गौसेवा को बताया संस्कृति, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का आधार श्री गणेश जैन गोशाला के गौ भक्ति महोत्सव में संतों, अतिथियों और गौभक्तों का समूह। भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु, 14 अगस्त 2026 बेंगलूरु। हरियाली अमावस्या के अवसर पर पैलेस ग्राउंड स्थित प्रिंसेस श्राइन में गणेशमल नेनुबाई मांडोत चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री गणेश जैन गोशाला की ओर से भव्य गौ भक्ति महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संतों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में गौभक्तों ने भाग लेकर गौसेवा, जीवदया और गौवंश संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का शुभारंभ पंच परमेष्ठी वंदना एवं नमस्कार महामंत्र के मंगलाचरण से हुआ। संस्था के संस्थापक जसवंत मांडोत और ट्रस्टियों ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। राजस्थान से आए लोकप्रिय भजन गायक ओम मुण्डेल ने गणेश स्तुति से भक्ति कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने मायड़ भाषा में मधुर लोक भजनों और गौभक्ति से जुड़े गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों के दौरान गौभक्त उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। गौसेवा से स्वस्थ और समृद्ध भारत का संदेश कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया ने कहा कि गौपालन भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा और सेवा में स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत का उज्ज्वल भविष्य निहित है। उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराओं को मजबूत बनाए रखने के लिए गौपालन एवं गौ संरक्षण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। विधायक पितलिया ने हर घर में गौपालन और प्रत्येक गांव में गौशाला की आवश्यकता पर जोर देते हुए श्रद्धालुओं से गौशाला के लिए आर्थिक सहयोग करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि महेंद्र मुणोत ने कहा कि गाय और गोवंश का संरक्षण भारतीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़ा विषय है। उन्होंने गौसेवा को पुण्य और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए लोगों से सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कृष्ण गोशाला के संत पुष्करदास ने कहा कि गौसेवा के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। वहीं उदासीन मठ गोशाला के संचालक संत गणेशदास महाराज ने सामूहिक प्रयासों से गौवंश संरक्षण को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। विश्व-प्राणी कल्याण मंडल के अध्यक्ष दयानंद स्वामी ने कहा कि भारतीय गांवों और संस्कृति में गाय सदियों से परिवार का हिस्सा रही है। इसलिए गौमाता की रक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परम पूज्य शीतल संत श्री राजाराम जी महाराज, पुष्कर धाम ने श्रद्धालुओं से संकल्प लेने का आह्वान किया कि आसपास कोई गाय भूखी-प्यासी न रहे। दुर्घटना में घायल गोवंश की सहायता तथा गौशालाओं की सेवा में सहयोग को उन्होंने सार्थक भक्ति का हिस्सा बताया। गौ सम्मान अभियान में सैकड़ों लोगों ने किए हस्ताक्षर महोत्सव के दौरान गौमाता की विधिवत पूजा-अर्चना भी की गई। आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध छोटी नस्ल पुंगनूर गाय बच्चों और गौभक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम स्थल पर गौ सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गौभक्तों ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार अभियान के माध्यम से गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गौ सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए अलग गौ मंत्रालय बनाने तथा गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए सख्त कानून की मांग को लेकर 17 दिसंबर को विभिन्न राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन देने की योजना है। आधुनिक सुविधाओं से विकसित हो रही गोशाला ट्रस्टी अशोक नागोरी ने गोशाला की प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि गोशाला में गोवंश के लिए आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित एवं आधुनिक तरीके से विकसित किया जा रहा है। उद्देश्य गौमाता की बेहतर देखभाल और सेवा सुनिश्चित करना है। गोशाला परिसर में आध्यात्मिक अध्ययन एवं साधना की सुविधा के साथ समुदाय भवन और 24 कमरों के निर्माण की योजना भी बताई गई। इसके अलावा उपचार केंद्र विकसित करने की भी जानकारी दी गई, जिससे समाजजनों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। सेवा सहयोग की कई घोषणाएं महोत्सव के दौरान विभिन्न समाजसेवियों और परिवारों ने गोशाला के लिए सहयोग की घोषणाएं कीं। शांतिलाल लादुलाल पितलिया ने गोशाला के उपयोग के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली देने की घोषणा की। जयंतीलाल डूंगरवाल ने स्वर्ण सहयोगी के रूप में योगदान दिया, जबकि बस्तीमल चावत ने चारे के लिए शेड निर्माण में सहयोग की घोषणा की। टॉक परिवार की ओर से बोरवेल के लिए सहयोग, महेंद्र मुणोत एवं महेंद्र सिंह राजपुरोहित ने गोशाला में एक-एक कमरे के निर्माण में सहयोग की घोषणा की। पुखराज मेहता ने गाय गोद लेने की योजना में सहभागिता की। राम अवतार अग्रवाल, लादुलाल दलाल, नागेश और माणक मदन ने भी गोद लेने की योजनाओं में सहयोग किया। कार्यक्रम में ट्रस्ट के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों और समाज के अनेक गणमान्यजनों ने व्यवस्थाओं को संभाला। मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों का ट्रस्ट की ओर से सम्मान किया गया तथा आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। भव्य गौ भक्ति महोत्सव ने भक्ति, सेवा और सामाजिक सहभागिता को एक मंच पर लाते हुए यह संदेश दिया कि गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवदया, करुणा और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना से भी जुड़ा अभियान है।

  • महिला प्रतिनिधित्व, RSS और भ्रष्टाचार पर विजयेंद्र का कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बोले—कैबिनेट में एक भी महिला मंत्री नहीं होना महिलाओं का अपमान; RSS पर कथित रोक की कोशिश और नागेंद्र की वापसी पर भी सरकार को घेरा भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 14 अगस्त, 2026 बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर महिला प्रतिनिधित्व, RSS की गतिविधियों, कथित भ्रष्टाचार और मंत्रियों की जिम्मेदारियों को लेकर तीखा हमला बोला। मां भुवनेश्वरी की प्रतिमा के सामने बीजेपी MLA और विधान परिषद सदस्यों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान विजयेंद्र ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल में महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाना महिलाओं के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी से जुड़ा गंभीर विषय है। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य और देश की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब आधी है, इसलिए शासन व्यवस्था में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने हालिया कैबिनेट विस्तार के दौरान एक महिला के नाम की चर्चा होने और बाद में नाम हटाए जाने का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने इसी दौरान RSS को लेकर सरकार के कथित रुख, वाल्मीकि विकास निगम से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों और मंत्री जमीर अहमद द्वारा विजयनगर के प्रभारी मंत्री पद से इनकार किए जाने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी पर सवाल विजयेंद्र ने कहा कि महिलाओं को राजनीति और शासन में समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि केंद्र में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े कदमों का विरोध करने वाली पार्टी अब कर्नाटक में खुद महिलाओं को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को सामाजिक सुधार और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में देश के लिए उदाहरण बनना चाहिए। ऐसे में विधानसभा का सत्र चलने के दौरान मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर महिला समुदाय के सम्मान से जुड़े सवालों का जवाब देने की मांग की और कहा कि राजनीतिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। RSS को लेकर सरकार को विजयेंद्र की चुनौती विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि सार्वजनिक बैठकों के लिए अनुमति जैसे प्रावधानों के माध्यम से RSS की गतिविधियों पर अप्रत्यक्ष रूप से रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से सवाल करते हुए कहा कि यदि सरकार को RSS की गतिविधियों पर आपत्ति है तो वह स्पष्ट रूप से अपना रुख सामने रखे। विजयेंद्र ने यह भी कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि RSS ने कौन-सी ऐसी गतिविधि की है, जिसे लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विजयेंद्र ने RSS पर संभावित प्रतिबंध की चर्चा को लेकर सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी किसी भी कथित पिछले दरवाजे की कोशिश को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर भी RSS को लेकर बार-बार बयान देने का आरोप लगाते हुए कहा कि गृह विभाग को राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े गंभीर विषयों पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। ‘RSS पर प्रतिबंध लगाने की हिम्मत है तो लगाकर देखें’ विजयेंद्र ने अपने बयान में सरकार को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार में हिम्मत है तो RSS पर प्रतिबंध लगाकर देखे। उन्होंने दावा किया कि RSS लंबे समय से देश में सेवा, राष्ट्रवाद और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा संगठन रहा है। उन्होंने अतीत में RSS पर लगे प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे कदमों के बावजूद संगठन कमजोर नहीं हुआ। विजयेंद्र ने सरकार को इतिहास से सीख लेने की सलाह भी दी। हालांकि, ये सभी आरोप और राजनीतिक दावे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र के बयान के रूप में सामने आए हैं। सरकार अथवा संबंधित पक्ष की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया आने पर राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। वाल्मीकि विकास निगम मामले पर सरकार को घेरा विजयेंद्र ने वाल्मीकि विकास निगम से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी व्यक्ति की जाति का विरोध नहीं कर रही है, बल्कि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने वाले व्यक्ति को मंत्री बनाए जाने के राजनीतिक निर्णय पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को जाति का रंग नहीं दिया जाना चाहिए। विजयेंद्र ने दावा किया कि अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए निर्धारित धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा मामला गंभीर है और इसकी राजनीतिक एवं प्रशासनिक जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति आरोपों से पूरी तरह मुक्त हो जाता है तो बीजेपी को उसके मंत्री बनने पर आपत्ति नहीं होगी। उनके अनुसार, राजनीतिक विरोध व्यक्ति की जाति के आधार पर नहीं बल्कि कथित भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल से जुड़े सवालों के आधार पर है। ST फंड के कथित दुरुपयोग पर कार्रवाई की मांग विजयेंद्र ने अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए निर्धारित धन के कथित दुरुपयोग को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समुदाय के कई नेताओं ने उनसे मुलाकात कर इस विषय पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर पार्टी स्तर पर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो राज्य में संघर्ष, पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन जैसे कार्यक्रमों पर विचार किया जा सकता है। जमीर अहमद के प्रभारी मंत्री पद से इनकार पर भी हमला विजयेंद्र ने मंत्री जमीर अहमद द्वारा विजयनगर जिले के प्रभारी मंत्री का पद लेने से इनकार किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंत्रियों को अपने प्रशासनिक दायित्वों से पीछे नहीं हटना चाहिए। विजयेंद्र के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान संबंधित जिले में राष्ट्रीय ध्वज फहराना जनप्रतिनिधियों और सरकार के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने पार्टी संगठन और उपचुनाव संबंधी व्यस्तताओं का हवाला देकर प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी से दूरी बनाने के निर्णय की आलोचना की। ‘तिरंगा फहराना जिम्मेदारी है, विकल्प नहीं’ विजयेंद्र ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराना केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के लिए राष्ट्रीय जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को अपनी सरकारी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने जमीर अहमद के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की और आरोप लगाया कि इससे प्रभारी मंत्री पद तथा स्वतंत्रता दिवस समारोह की गरिमा पर सवाल उठते हैं। कर्नाटक की राजनीति में बढ़ सकती है बयानबाजी बी.वाई. विजयेंद्र के इन आरोपों के बाद कर्नाटक की राजनीति में आने वाले दिनों में सियासी बहस और तेज होने की संभावना है। एक ओर बीजेपी महिला प्रतिनिधित्व और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर RSS से जुड़े मुद्दे पर भी टकराव की स्थिति दिखाई दे रही है। विजयेंद्र ने सरकार से राज्य के गरीबों, किसानों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सरकार गैर-जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता देकर जनता के मूल सवालों से ध्यान भटका रही है।

  • मंत्री डॉ. अजय धरम सिंह से भारतीय राजपुताना सेवा संगठन की शिष्टाचार भेंट

    प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को किया सम्मानित; सामाजिक एकता, भाईचारे और समाजहित के मुद्दों पर हुई सौहार्दपूर्ण चर्चा भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 14 अगस्त, 2026 बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार के लघु सिंचाई, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. अजय धरम सिंह से भारतीय राजपुताना सेवा संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने 14 अगस्त को शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने मंत्री को सम्मानित करते हुए उनके सार्वजनिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना की। मुलाकात के दौरान सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल सिंह सिकरवार ने किया। उनके साथ राष्ट्रीय महासचिव प्रेम सिंह, राष्ट्रीय सचिव वीरेन्द्र सिंह, बेंगलुरु अध्यक्ष सुनील सिंह तथा उत्तरी बेंगलुरु अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह उपस्थित रहे। शिष्टाचार भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. अजय धरम सिंह को सम्मानित किया और जनसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद, सहयोग और आपसी विश्वास को मजबूत करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। सामाजिक एकता और भाईचारे पर जोर मुलाकात के दौरान भारतीय राजपुताना सेवा संगठन के पदाधिकारियों ने संगठन की गतिविधियों और उद्देश्यों के बारे में भी चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार संगठन सामाजिक एकता, जागरूकता और जरूरतमंद लोगों तक सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए केवल संगठनात्मक गतिविधियां ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संवाद और सहयोग की भावना को भी लगातार मजबूत किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक नेतृत्व से संपर्क और संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंत्री डॉ. अजय धरम सिंह के साथ हुई इस भेंट को संगठन ने इसी दिशा में एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी पहल बताया। डॉ. अजय धरम सिंह को सम्मानित किया प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के दौरान मंत्री डॉ. अजय धरम सिंह का सम्मान किया। संगठन के पदाधिकारियों ने उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए जनसेवा के क्षेत्र में निरंतर सफलता की कामना की। शिष्टाचार भेंट का उद्देश्य किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय सामाजिक संवाद और सौहार्दपूर्ण संबंधों को मजबूत करना बताया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि समाजहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक संवाद से बेहतर सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है। एन. धरम सिंह की विरासत का भी उल्लेख इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. अजय धरम सिंह के पिता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एन. धरम सिंह का भी उल्लेख किया। प्रतिनिधिमंडल ने उनके सार्वजनिक जीवन और कर्नाटक की राजनीति में योगदान को स्मरण किया। मुलाकात के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एन. धरम सिंह के दामाद श्री चंद्र सिंह, जो बीदर क्षेत्र से विधायक प्रत्याशी बताए गए हैं, को भी संगठन की ओर से शुभकामनाएं दी गईं। समाजहित में सहयोग का संकल्प भारतीय राजपुताना सेवा संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य समाज में एकता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों तक सहयोग पहुंचाने और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद से समाज से जुड़े विभिन्न विषयों को बेहतर तरीके से सामने रखा जा सकता है। इसके लिए सकारात्मक एवं रचनात्मक संवाद आवश्यक है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई मुलाकात मंत्री डॉ. अजय धरम सिंह और संगठन के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। संगठन के पदाधिकारियों ने मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके साथ हुई यह शिष्टाचार भेंट संगठन के लिए प्रेरणादायी रही। प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. अजय धरम सिंह के उज्ज्वल भविष्य तथा जनसेवा के कार्यों के लिए शुभकामनाएं भी दीं। भारतीय राजपुताना सेवा संगठन की यह शिष्टाचार भेंट सामाजिक संवाद, एकता और समाजहित के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को सामने लाती है।

  • ‘विनय का चमत्कार’: मुनि वीरसागर जी ने बताया आंतरिक बंधनों से मुक्ति का मार्ग

    अहंकार, क्रोध और भय से ऊपर उठने का संदेश; मुनि श्री ने कहा—सच्ची स्वतंत्रता भीतर के बंधनों को पहचानने और विनय अपनाने से मिलती है भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 14 अगस्त, 2026 बेंगलुरु। चिंता, क्रोध, भय, मोह और अहंकार से जूझ रहे मनुष्य को वास्तविक शांति और आंतरिक स्वतंत्रता का मार्ग दिखाते हुए निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज ने ‘विनय का चमत्कार’ विषय पर प्रेरणादायी प्रवचन दिया। मुनि श्री ने कहा कि मनुष्य का सबसे बड़ा बंधन हमेशा बाहर नहीं होता, बल्कि कई बार उसके अपने विचार, भावनाएं, अपेक्षाएं और अहंकार उसे अदृश्य बंधनों में जकड़ देते हैं। विनय का भाव इन आंतरिक बंधनों को कमजोर कर आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। प्रवचन में मुनि श्री ने समझाया कि बाहरी बंधन दिखाई देते हैं, इसलिए उनसे मुक्त होने का प्रयास भी आसानी से किया जा सकता है। इसके विपरीत मानसिक और भावनात्मक बंधन दिखाई नहीं देते। व्यक्ति कई बार अपने दुःख, तनाव और अशांति के लिए परिस्थितियों या दूसरे लोगों को जिम्मेदार मानता है, जबकि वास्तविक संघर्ष उसके भीतर चल रही सोच और भावनाओं से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सच्ची स्वतंत्रता परिस्थितियों से भागने में नहीं, बल्कि अपने भीतर के बंधनों को पहचानकर उनसे ऊपर उठने में है। विनय केवल झुकना नहीं, अहंकार छोड़ना है मुनि श्री वीरसागर जी महाराज ने विनय को आत्मिक विकास का महत्वपूर्ण द्वार बताते हुए कहा कि विनय का अर्थ केवल किसी के सामने झुक जाना नहीं है। वास्तविक विनय वह भाव है, जिसमें व्यक्ति अपने अहंकार को पहचानता है, श्रेष्ठ गुणों का सम्मान करता है और सीखने की भावना को अपने जीवन में स्थान देता है। उन्होंने जैन दर्शन के सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र को मोक्षमार्ग का आधार बताते हुए कहा कि इस आध्यात्मिक यात्रा में विनय का भाव व्यक्ति को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। विनय मनुष्य के भीतर सीखने, स्वीकार करने और आत्मचिंतन करने की क्षमता विकसित करता है। जब व्यक्ति स्वयं को हर परिस्थिति में सही साबित करने की जिद छोड़ता है, तब उसके भीतर परिवर्तन की संभावना मजबूत होती है। अहंकार बनाता है मानसिक बंधन प्रवचन के दौरान मुनि श्री ने अहंकार को व्यक्ति की आंतरिक शांति के लिए बड़ी बाधाओं में से एक बताया। उन्होंने समझाया कि जब मनुष्य लगातार सम्मान, प्रशंसा और अपनी इच्छा के अनुसार व्यवहार की अपेक्षा करता है, तो अपेक्षा पूरी न होने पर उसके भीतर क्रोध, निराशा और असंतोष जन्म ले सकता है। ऐसी स्थिति में बाहरी परिस्थितियां केवल एक कारण जैसी दिखाई देती हैं, जबकि वास्तविक परेशानी व्यक्ति की आंतरिक अपेक्षाओं और मानसिक प्रतिक्रिया से जुड़ी होती है। विनय का चमत्कार इसी स्थान पर दिखाई देता है। जब व्यक्ति अपने अहंकार को पहचानकर उसे कम करने का प्रयास करता है, तब वह दूसरों को समझने, स्वीकार करने और उनसे सीखने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। कृतज्ञता से मन होता है हल्का मुनि श्री ने कृतज्ञता को अहंकार कम करने का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि निःस्वार्थ कृतज्ञता हृदय को कोमल बनाती है और मन को हल्का करती है। उन्होंने जीवन में मिलने वाले सहयोग, मार्गदर्शन और अच्छे अनुभवों के प्रति आभार व्यक्त करने की भावना विकसित करने की प्रेरणा दी। कृतज्ञता व्यक्ति को यह समझने में सहायता करती है कि जीवन में उसकी प्रगति केवल उसके अकेले प्रयासों का परिणाम नहीं होती, बल्कि अनेक लोगों और परिस्थितियों का योगदान भी उसमें शामिल रहता है। मुनि श्री के अनुसार, कृतज्ञता का भाव व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता बढ़ाने के साथ-साथ अहंकार को कमजोर करने में भी सहायक बन सकता है। अपनी भावनाओं की जिम्मेदारी स्वयं लें प्रवचन में आत्मजागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। मुनि श्री ने श्रोताओं से अपनी भावनाओं की जिम्मेदारी स्वयं लेने का आह्वान किया। उन्होंने संकेत दिया कि जब व्यक्ति हर क्रोध, तनाव या दुख के लिए किसी दूसरे व्यक्ति या परिस्थिति को जिम्मेदार ठहराता है, तो उसके पास स्वयं को बदलने का अवसर कम हो जाता है। इसके विपरीत जब वह अपनी प्रतिक्रिया को समझने का प्रयास करता है, तब आत्मपरिवर्तन की शुरुआत होती है। यही कारण है कि जागरूकता, विनय और आत्मस्वीकृति को जीवन में अपनाना आवश्यक है। इन गुणों के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर मौजूद नकारात्मक संस्कारों को पहचानकर धीरे-धीरे उनमें परिवर्तन का प्रयास कर सकता है। आंतरिक स्वतंत्रता की ओर कदम मुनि श्री वीरसागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य की वास्तविक यात्रा बाहरी उपलब्धियों से अधिक अपने भीतर की यात्रा है। धन, पद, प्रतिष्ठा और सुविधाएं जीवन को बाहरी रूप से बेहतर बना सकती हैं, लेकिन स्थायी मानसिक शांति के लिए व्यक्ति को अपने भीतर झांकना आवश्यक है। चिंता, भय, क्रोध, मोह और अहंकार जैसे भावों को दबाने के बजाय उन्हें समझना और उनके मूल कारणों पर विचार करना आत्मविकास का महत्वपूर्ण चरण हो सकता है। जब व्यक्ति विनय को अपनाता है, दूसरों के गुणों का सम्मान करता है, अपनी सीमाओं को स्वीकार करता है और कृतज्ञता के साथ जीवन जीता है, तब उसके भीतर सकारात्मक परिवर्तन की जमीन तैयार होती है। परिवार और समाज के लिए भी उपयोगी संदेश मुनि श्री का संदेश केवल व्यक्तिगत आध्यात्मिक उन्नति तक सीमित नहीं रहा। विनय, कृतज्ञता और आत्मजागरूकता जैसे गुण पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों को भी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। परिवार में यदि व्यक्ति हर बात को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ने के बजाय संवाद, सम्मान और समझ को महत्व दे, तो मतभेदों की तीव्रता कम हो सकती है। इसी प्रकार समाज में दूसरों के विचारों और गुणों का सम्मान करने से सहयोग और सौहार्द की भावना मजबूत हो सकती है। इस प्रकार ‘विनय का चमत्कार’ केवल आध्यात्मिक साधना का विषय नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में व्यवहार और संबंधों को सकारात्मक दिशा देने वाला संदेश भी बनकर सामने आया।

  • 51 स्टील बोतलों से गूंजा ग्रीन मैसेज, प्लास्टिक के खिलाफ JCI का संकल्प

    जेसीआई बैंगलोर कॉसमो की टीम उमंग ने ETA मॉल में आयोजित किया ‘सस्टेनेबल सिपिंग’ कार्यक्रम; दिया ‘रीफिल, री-यूज़ और प्लास्टिक कम करें’ का संदेश भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 14 अगस्त, 2026।पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने की दिशा में सस्टेनेबल सिपिंग की प्रभावशाली पहल सामने आई है। जेसीआई बैंगलोर कॉसमो की टीम उमंग द्वारा जोन प्रेसिडेंट विजिट के अवसर पर ETA मॉल में “Sustainable Sipping – Sipping Bottles for a Greener Planet” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 51 स्टील सिपिंग बोतलों का वितरण कर लोगों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से दूरी बनाने और पुन: उपयोग योग्य विकल्प अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक की खपत को कम करना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना रहा। आयोजकों ने “रीफिल करें, पुन: उपयोग करें और प्लास्टिक कम करें” के संदेश के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील की। सस्टेनेबल सिपिंग से पर्यावरण संरक्षण का संदेश आज सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में छोटी-छोटी आदतों में बदलाव भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं। इसी सोच के साथ आयोजित सस्टेनेबल सिपिंग कार्यक्रम में स्टील सिपिंग बोतलों का वितरण किया गया। आयोजकों के अनुसार, बार-बार इस्तेमाल की जा सकने वाली बोतलों को अपनाने से डिस्पोजेबल प्लास्टिक बोतलों पर निर्भरता कम करने की दिशा में लोगों को प्रेरित किया जा सकता है। कार्यक्रम ने पर्यावरण जागरूकता को केवल भाषणों तक सीमित रखने के बजाय उसे दैनिक जीवन से जोड़ने का प्रयास किया। 51 स्टील बोतलों का वितरण कार्यक्रम के दौरान कुल 51 स्टील सिपिंग बोतलों का वितरण किया गया। इस पहल के जरिए प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों को यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े बदलावों के साथ-साथ दैनिक जीवन की छोटी आदतों में सुधार भी जरूरी है। स्टील की पुन: उपयोग योग्य बोतल को अपनाने का संदेश सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में रीफिल और री-यूज़ को पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। जोन प्रेसिडेंट और कोऑर्डिनेटर की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम में जोन प्रेसिडेंट जेसी प्रज्वल एस. जैन एवं जोन कोऑर्डिनेटर जेएफएस श्रीकांत एच.सी. की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनकी मौजूदगी ने टीम उमंग की इस पर्यावरण केंद्रित पहल को प्रोत्साहन प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार उपभोग और प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने जैसे विषयों पर जागरूकता का संदेश दिया गया। टीम उमंग की सक्रिय सहभागिता आयोजन को सफल बनाने में टीम उमंग के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम की प्रेसिडेंट जेसी ललिता बोथरा, सेक्रेटरी जेसी रीना गांधी, जॉइंट सेक्रेटरी जेसी दीपक जैन, ट्रेजरर जेसी दीपिका जैन, वीपी-सीडी जेसी ममता मेहता, जोन ऑफिसर जेसी मोनिका कुमट तथा प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जेसी मनीष मेहता सहित सदस्यों ने कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। टीम की सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ‘रीफिल करें, पुन: उपयोग करें और प्लास्टिक कम करें’ कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण संदेश था—“रीफिल करें, पुन: उपयोग करें और प्लास्टिक कम करें।” यह संदेश लोगों को अपनी रोजमर्रा की आदतों पर पुनर्विचार करने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करता है। सस्टेनेबल सिपिंग जैसी पहल का उद्देश्य केवल स्टील बोतल का वितरण करना नहीं, बल्कि उसके माध्यम से लोगों में ऐसी आदत विकसित करना है जिससे एकल-उपयोग वाली वस्तुओं की आवश्यकता कम हो। आयोजकों ने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस सोच से जुड़ने का संदेश दिया। छोटी पहल, बड़ा पर्यावरण संदेश पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता अभियान तभी प्रभावी होते हैं जब वे आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ें। सिपिंग बोतल का नियमित उपयोग इसी दिशा में एक सरल विकल्प है। टीम उमंग की इस पहल ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति अपने स्तर पर योगदान दे सकता है। घर, कार्यालय, यात्रा या सार्वजनिक स्थानों पर पुन: उपयोग योग्य बोतल अपनाना प्लास्टिक की खपत कम करने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम हो सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं और समाज के अन्य वर्गों को पर्यावरण के प्रति सजग बनाने का प्रयास भी दिखाई दिया। सस्टेनेबल सिपिंग की यह पहल सामाजिक सेवा, पर्यावरण जागरूकता और जिम्मेदार जीवनशैली को एक साथ जोड़ती है।

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