top of page
भारतार्थ-logo

51 स्टील बोतलों से गूंजा ग्रीन मैसेज, प्लास्टिक के खिलाफ JCI का संकल्प

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 14 अग॰
  • 3 मिनट पठन

जेसीआई बैंगलोर कॉसमो की टीम उमंग ने ETA मॉल में आयोजित किया ‘सस्टेनेबल सिपिंग’ कार्यक्रम; दिया ‘रीफिल, री-यूज़ और प्लास्टिक कम करें’ का संदेश


JCI Bangalore बैनर के सामने सूटधारी लोग व स्थानीय पुरुषों का मुस्कुराता समूह फोटो, कोल्डर स्टोर/शटर के बाहर; फाइल फोटो।

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 14 अगस्त, 2026।पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने की दिशा में सस्टेनेबल सिपिंग की प्रभावशाली पहल सामने आई है। जेसीआई बैंगलोर कॉसमो की टीम उमंग द्वारा जोन प्रेसिडेंट विजिट के अवसर पर ETA मॉल में “Sustainable Sipping – Sipping Bottles for a Greener Planet” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 51 स्टील सिपिंग बोतलों का वितरण कर लोगों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से दूरी बनाने और पुन: उपयोग योग्य विकल्प अपनाने का संदेश दिया गया।


कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक की खपत को कम करना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना रहा। आयोजकों ने “रीफिल करें, पुन: उपयोग करें और प्लास्टिक कम करें” के संदेश के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील की।


सस्टेनेबल सिपिंग से पर्यावरण संरक्षण का संदेश


आज सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में छोटी-छोटी आदतों में बदलाव भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं। इसी सोच के साथ आयोजित सस्टेनेबल सिपिंग कार्यक्रम में स्टील सिपिंग बोतलों का वितरण किया गया।

आयोजकों के अनुसार, बार-बार इस्तेमाल की जा सकने वाली बोतलों को अपनाने से डिस्पोजेबल प्लास्टिक बोतलों पर निर्भरता कम करने की दिशा में लोगों को प्रेरित किया जा सकता है। कार्यक्रम ने पर्यावरण जागरूकता को केवल भाषणों तक सीमित रखने के बजाय उसे दैनिक जीवन से जोड़ने का प्रयास किया।


51 स्टील बोतलों का वितरण


कार्यक्रम के दौरान कुल 51 स्टील सिपिंग बोतलों का वितरण किया गया। इस पहल के जरिए प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों को यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े बदलावों के साथ-साथ दैनिक जीवन की छोटी आदतों में सुधार भी जरूरी है।

स्टील की पुन: उपयोग योग्य बोतल को अपनाने का संदेश सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में रीफिल और री-यूज़ को पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।


जोन प्रेसिडेंट और कोऑर्डिनेटर की गरिमामयी उपस्थिति


कार्यक्रम में जोन प्रेसिडेंट जेसी प्रज्वल एस. जैन एवं जोन कोऑर्डिनेटर जेएफएस श्रीकांत एच.सी. की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनकी मौजूदगी ने टीम उमंग की इस पर्यावरण केंद्रित पहल को प्रोत्साहन प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार उपभोग और प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने जैसे विषयों पर जागरूकता का संदेश दिया गया।


टीम उमंग की सक्रिय सहभागिता


आयोजन को सफल बनाने में टीम उमंग के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम की प्रेसिडेंट जेसी ललिता बोथरा, सेक्रेटरी जेसी रीना गांधी, जॉइंट सेक्रेटरी जेसी दीपक जैन, ट्रेजरर जेसी दीपिका जैन, वीपी-सीडी जेसी ममता मेहता, जोन ऑफिसर जेसी मोनिका कुमट तथा प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जेसी मनीष मेहता सहित सदस्यों ने कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।

टीम की सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


‘रीफिल करें, पुन: उपयोग करें और प्लास्टिक कम करें’


कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण संदेश था—“रीफिल करें, पुन: उपयोग करें और प्लास्टिक कम करें।” यह संदेश लोगों को अपनी रोजमर्रा की आदतों पर पुनर्विचार करने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

सस्टेनेबल सिपिंग जैसी पहल का उद्देश्य केवल स्टील बोतल का वितरण करना नहीं, बल्कि उसके माध्यम से लोगों में ऐसी आदत विकसित करना है जिससे एकल-उपयोग वाली वस्तुओं की आवश्यकता कम हो। आयोजकों ने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस सोच से जुड़ने का संदेश दिया।


छोटी पहल, बड़ा पर्यावरण संदेश


पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता अभियान तभी प्रभावी होते हैं जब वे आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ें। सिपिंग बोतल का नियमित उपयोग इसी दिशा में एक सरल विकल्प है।

टीम उमंग की इस पहल ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति अपने स्तर पर योगदान दे सकता है। घर, कार्यालय, यात्रा या सार्वजनिक स्थानों पर पुन: उपयोग योग्य बोतल अपनाना प्लास्टिक की खपत कम करने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम हो सकता है।

कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं और समाज के अन्य वर्गों को पर्यावरण के प्रति सजग बनाने का प्रयास भी दिखाई दिया। सस्टेनेबल सिपिंग की यह पहल सामाजिक सेवा, पर्यावरण जागरूकता और जिम्मेदार जीवनशैली को एक साथ जोड़ती है।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page