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श्री गणेश जैन गोशाला में गूंजा गौभक्ति का संदेश, भव्य महोत्सव संपन्न

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 15 अग॰
  • 4 मिनट पठन

संतों और जनप्रतिनिधियों ने गौसेवा को बताया संस्कृति, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का आधार


मंच पर रंग-बिरंगे पगड़ीधारी पुरुष सम्मान ग्रहण करते हुए, बीच में फ्रेम सर्टिफिकेट व उपहार; पीछे कन्नड़ बैनर, उत्सवी माहौल।

श्री गणेश जैन गोशाला के गौ भक्ति महोत्सव में संतों, अतिथियों और गौभक्तों का समूह।


भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलूरु, 14 अगस्त 2026 बेंगलूरु। हरियाली अमावस्या के अवसर पर पैलेस ग्राउंड स्थित प्रिंसेस श्राइन में गणेशमल नेनुबाई मांडोत चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री गणेश जैन गोशाला की ओर से भव्य गौ भक्ति महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संतों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में गौभक्तों ने भाग लेकर गौसेवा, जीवदया और गौवंश संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।


कार्यक्रम का शुभारंभ पंच परमेष्ठी वंदना एवं नमस्कार महामंत्र के मंगलाचरण से हुआ। संस्था के संस्थापक जसवंत मांडोत और ट्रस्टियों ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। राजस्थान से आए लोकप्रिय भजन गायक ओम मुण्डेल ने गणेश स्तुति से भक्ति कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने मायड़ भाषा में मधुर लोक भजनों और गौभक्ति से जुड़े गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों के दौरान गौभक्त उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए।


गौसेवा से स्वस्थ और समृद्ध भारत का संदेश


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया ने कहा कि गौपालन भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा और सेवा में स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत का उज्ज्वल भविष्य निहित है।


उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराओं को मजबूत बनाए रखने के लिए गौपालन एवं गौ संरक्षण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। विधायक पितलिया ने हर घर में गौपालन और प्रत्येक गांव में गौशाला की आवश्यकता पर जोर देते हुए श्रद्धालुओं से गौशाला के लिए आर्थिक सहयोग करने का आह्वान किया।


विशिष्ट अतिथि महेंद्र मुणोत ने कहा कि गाय और गोवंश का संरक्षण भारतीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़ा विषय है। उन्होंने गौसेवा को पुण्य और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए लोगों से सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।


मंच पर पगड़ीधारी पुरुषों का समूह, बीच में माइक लिए वक्ता; पीछे लाल स्क्रीन और दाईं ओर फाइल फोटो

कृष्ण गोशाला के संत पुष्करदास ने कहा कि गौसेवा के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। वहीं उदासीन मठ गोशाला के संचालक संत गणेशदास महाराज ने सामूहिक प्रयासों से गौवंश संरक्षण को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।


विश्व-प्राणी कल्याण मंडल के अध्यक्ष दयानंद स्वामी ने कहा कि भारतीय गांवों और संस्कृति में गाय सदियों से परिवार का हिस्सा रही है। इसलिए गौमाता की रक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।


परम पूज्य शीतल संत श्री राजाराम जी महाराज, पुष्कर धाम ने श्रद्धालुओं से संकल्प लेने का आह्वान किया कि आसपास कोई गाय भूखी-प्यासी न रहे। दुर्घटना में घायल गोवंश की सहायता तथा गौशालाओं की सेवा में सहयोग को उन्होंने सार्थक भक्ति का हिस्सा बताया।


गौ सम्मान अभियान में सैकड़ों लोगों ने किए हस्ताक्षर


महोत्सव के दौरान गौमाता की विधिवत पूजा-अर्चना भी की गई। आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध छोटी नस्ल पुंगनूर गाय बच्चों और गौभक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।


कार्यक्रम स्थल पर गौ सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गौभक्तों ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार अभियान के माध्यम से गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गौ सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए अलग गौ मंत्रालय बनाने तथा गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए सख्त कानून की मांग को लेकर 17 दिसंबर को विभिन्न राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन देने की योजना है।


आधुनिक सुविधाओं से विकसित हो रही गोशाला


ट्रस्टी अशोक नागोरी ने गोशाला की प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि गोशाला में गोवंश के लिए आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित एवं आधुनिक तरीके से विकसित किया जा रहा है। उद्देश्य गौमाता की बेहतर देखभाल और सेवा सुनिश्चित करना है।


गोशाला परिसर में आध्यात्मिक अध्ययन एवं साधना की सुविधा के साथ समुदाय भवन और 24 कमरों के निर्माण की योजना भी बताई गई। इसके अलावा उपचार केंद्र विकसित करने की भी जानकारी दी गई, जिससे समाजजनों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।


सेवा सहयोग की कई घोषणाएं


महोत्सव के दौरान विभिन्न समाजसेवियों और परिवारों ने गोशाला के लिए सहयोग की घोषणाएं कीं। शांतिलाल लादुलाल पितलिया ने गोशाला के उपयोग के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली देने की घोषणा की। जयंतीलाल डूंगरवाल ने स्वर्ण सहयोगी के रूप में योगदान दिया, जबकि बस्तीमल चावत ने चारे के लिए शेड निर्माण में सहयोग की घोषणा की।


टॉक परिवार की ओर से बोरवेल के लिए सहयोग, महेंद्र मुणोत एवं महेंद्र सिंह राजपुरोहित ने गोशाला में एक-एक कमरे के निर्माण में सहयोग की घोषणा की। पुखराज मेहता ने गाय गोद लेने की योजना में सहभागिता की। राम अवतार अग्रवाल, लादुलाल दलाल, नागेश और माणक मदन ने भी गोद लेने की योजनाओं में सहयोग किया।


कार्यक्रम में ट्रस्ट के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों और समाज के अनेक गणमान्यजनों ने व्यवस्थाओं को संभाला। मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों का ट्रस्ट की ओर से सम्मान किया गया तथा आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


भव्य गौ भक्ति महोत्सव ने भक्ति, सेवा और सामाजिक सहभागिता को एक मंच पर लाते हुए यह संदेश दिया कि गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवदया, करुणा और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना से भी जुड़ा अभियान है।

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