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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • भारत-कनाडा संबंधों में नई पहल: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनाडाई समकक्ष से की मुलाकात, व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 14 अक्टूबर 2026 भारत और कनाडा के बीच रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश, ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा और आर्थिक सहयोग पर हुई चर्चा भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में एक नई पहल सामने आई है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने और आपसी सहयोग के नए अवसर तलाशने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी से व्यापारिक गतिविधियों, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावनाएँ हैं। व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने की व्यापक संभावनाएँ हैं। भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और कनाडा के प्राकृतिक संसाधन दोनों देशों के लिए सहयोग के नए रास्ते खोल सकते हैं। बैठक में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण रहे। बेहतर आर्थिक सहयोग से भारतीय कंपनियों को कनाडा के बाजार में अवसर मिल सकते हैं, जबकि कनाडाई कंपनियों के लिए भी भारत में निवेश की संभावनाएँ बढ़ सकती हैं। हालाँकि, व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए नीतिगत स्पष्टता, निवेशकों का विश्वास और दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद महत्वपूर्ण होंगे। ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ ऊर्जा क्षेत्र भारत और कनाडा के संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और कनाडा के संसाधनों को देखते हुए इस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ मौजूद हैं। रक्षा क्षेत्र में संवाद और सहयोग भी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इसके अतिरिक्त, तकनीक और औद्योगिक विकास से जुड़े क्षेत्रों में साझेदारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुँचा सकती है। शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क महत्वपूर्ण भारत और कनाडा के संबंधों में शिक्षा का विशेष महत्व है। कनाडा में भारतीय विद्यार्थियों की उपस्थिति और दोनों देशों के बीच शैक्षणिक संपर्क लंबे समय से द्विपक्षीय रिश्तों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास में सहयोग बढ़ने से विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों और पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच लोगों का आपसी संपर्क भी संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विज्ञापन द्विपक्षीय संबंधों के सामने चुनौतियाँ भी भारत और कनाडा के संबंधों में सुधार की संभावनाओं के साथ कुछ चुनौतियाँ भी मौजूद हैं। दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाना, संवेदनशील मुद्दों पर संवाद बनाए रखना और आर्थिक सहयोग को व्यावहारिक रूप देना महत्वपूर्ण होगा। राजनयिक बातचीत तभी प्रभावी साबित होगी, जब उसके परिणाम व्यापार, निवेश, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में ठोस प्रगति के रूप में दिखाई दें। आगे क्या होगा? विदेश मंत्रियों की यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बातचीत के आधार पर किन क्षेत्रों में ठोस निर्णय लिए जाते हैं और आर्थिक तथा रणनीतिक साझेदारी को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाता है। निष्कर्ष: भारत और कनाडा के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के प्रयास दोनों देशों के लिए आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से नए अवसर पैदा हो सकते हैं। अब इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों देश बातचीत को किस हद तक ठोस परिणामों में बदल पाते हैं।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वैश्विक सहयोग पर जोर, अनिश्चितता के दौर में भारत की भूमिका अहम

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 14 अक्टूबर 2026 वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत को विश्वसनीय साझेदार बनाने पर जोर, ऊर्जा, तकनीक और आपूर्ति शृंखला में सहयोग के नए अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगातार हो रहे बदलावों, ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की आर्थिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था के रूप में वैश्विक मंच पर अपनी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में विभिन्न देशों के साथ सहयोग मजबूत करना देश की आर्थिक प्राथमिकताओं में शामिल है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक प्रतिस्पर्धा, आपूर्ति शृंखला में बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर पड़ रहा है। ऐसे माहौल में भारत के लिए नए निवेश आकर्षित करना और वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना महत्वपूर्ण है। भारत का बड़ा घरेलू बाजार, युवा कार्यबल, डिजिटल बुनियादी ढाँचा और विनिर्माण क्षेत्र की संभावनाएँ विदेशी निवेशकों के लिए अवसर प्रस्तुत करती हैं। हालाँकि, इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए बुनियादी ढाँचे का विस्तार, कुशल श्रमिकों की उपलब्धता और कारोबार को आसान बनाने जैसे क्षेत्रों में निरंतर सुधार आवश्यक हैं। ऊर्जा सुरक्षा बनी बड़ी प्राथमिकता ऊर्जा की उपलब्धता किसी भी देश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण होती है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना और ऊर्जा भंडारण की क्षमता विकसित करना भारत के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और स्वच्छ तकनीक में निवेश बढ़ने से भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिल सकती है। विज्ञापन महत्वपूर्ण खनिजों और तकनीक पर बढ़ता ध्यान इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक तकनीक के विकास के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की आवश्यकता बढ़ रही है। लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्व जैसे संसाधन कई आधुनिक उद्योगों के लिए अहम हैं। भारत के लिए इन संसाधनों की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना और प्रसंस्करण तथा विनिर्माण क्षमता विकसित करना रणनीतिक महत्व रखता है। अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से तकनीक और संसाधनों तक बेहतर पहुँच बनाई जा सकती है। इससे घरेलू उद्योगों को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने में सहायता मिल सकती है। डिजिटल भुगतान और आपूर्ति शृंखला में अवसर डिजिटल भुगतान व्यवस्था और तकनीकी नवाचार भारत की प्रमुख क्षमताओं में शामिल हैं। डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे के अनुभव को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से साझा करने की संभावनाएँ भी मौजूद हैं इसके साथ ही, वैश्विक आपूर्ति शृंखला में विविधता आने से भारतीय विनिर्माण कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, औषधि, ऑटोमोबाइल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ाना इस दिशा में महत्वपूर्ण होगा। भारत के सामने क्या हैं चुनौतियाँ? वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए भारत को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इनमें ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता, अंतरराष्ट्रीय व्यापार विवाद, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, निवेश की जरूरत और कुशल श्रमिकों की उपलब्धता प्रमुख हैं। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना और घरेलू उद्योगों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना भी आवश्यक होगा। निष्कर्ष वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी विकास और मजबूत आपूर्ति शृंखला पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। भारत की आर्थिक क्षमता को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने के लिए नीतिगत स्थिरता, निवेश, नवाचार और विभिन्न देशों के साथ भरोसेमंद साझेदारी आवश्यक होगी। भारतार्थ खबर का विश्लेषण: वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत भूमिका केवल आर्थिक आकार से नहीं, बल्कि उत्पादन क्षमता, तकनीकी आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से भी तय होगी।

  • हरिदासजी के 241वें पुण्य स्मरण दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, महेश्वर में भव्य तीर्थ के विकास का संकल्प

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com महेश्वर (खरगोन), 14 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में माँ नर्मदा के तट पर स्थित महेश्वर के नृसिंह टेकरी क्षेत्र में आईपंथ के दसवें दीवान संत श्री हरिदासजी का 241वाँ पुण्य स्मरण दिवस श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाया गया। 12 अक्टूबर, सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में सिरवी समाज सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर संत हरिदासजी के आध्यात्मिक योगदान, उनके तपस्वी जीवन और समाज को दिए गए सत्य, सादगी तथा सदाचार के संदेश को याद किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख संदेश हरिदासजी के समाधि स्थल को राष्ट्रीय स्तर पर आईपंथ के प्रमुख तीर्थ के रूप में विकसित करने का संकल्प रहा। आईपंथ के वर्तमान 19वें दीवान माधवसिंहजी ने राजस्थान के बिलाड़ा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि माँ नर्मदा के किनारे स्थित हरिदासजी का समाधि स्थल शीघ्र ही पूरे भारत में आईपंथ के एक प्रमुख तीर्थ के रूप में उभरेगा। लोक आस्था में विशेष स्थान रखते हैं संत हरिदासजी आईपंथ की परंपरा और लोकमान्यताओं में संत दीवान हरिदासजी का विशेष स्थान है। मान्यता के अनुसार, विक्रम संवत 1842 यानी वर्ष 1785 में उन्होंने माँ नर्मदा के जल पर घोड़े सहित एक तट से दूसरे तट तक पहुँचकर अपनी आध्यात्मिक शक्ति का परिचय दिया था। लोककथाओं में यह प्रसंग आज भी श्रद्धा के साथ सुनाया जाता है। बताया जाता है कि लोक-प्रशंसा से दूर रहने की भावना से उन्होंने नृसिंह टेकरी पर स्वैच्छिक समाधि ली थी। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने उनकी स्मृति में समाधि स्थल पर स्मारक का निर्माण कराया था। आईमाता की आरती में भी इस प्रसंग का उल्लेख मिलता है—“हरिदासजी पाणी पर चाल्या, अचरज कारियों अहिल्याबाई।” यह पंक्ति समाज की धार्मिक स्मृति और संत हरिदासजी के प्रति लोकश्रद्धा को दर्शाती है। धर्म, सदाचार और जनकल्याण का संदेश पुण्य स्मरण दिवस का आयोजन महेश्वर के विधायक राजकुमार मेव, हरिदासजी स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष लक्ष्मण काग, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश परिहार और मध्य प्रदेश सिरवी समाज के प्रांतीय अध्यक्ष कांतिलाल गेहलोत के सान्निध्य में संपन्न हुआ। आकाशवाणी के पूर्व कलाकार बाबूलाल परिहार और उनकी मंडली ने संत दीवान हरिदासजी की संगीतमय कथा प्रस्तुत की। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। इसके बाद सिरवी समाज के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश मुकाती और भगवान लछेटा ने धर्मसभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने हरिदासजी को सत्य के पालनकर्ता, तपस्वी और वचनसिद्ध संत बताते हुए उनके सादगीपूर्ण जीवन, सदाचार और लोककल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। सिरवी समाज की महिला प्रांतीय अध्यक्ष ललितादेवी पंवार ने नारी सम्मान को आईपंथ की महत्वपूर्ण मान्यता बताते हुए समाज के सभी वर्गों से महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “सशक्त नारी-सशक्त समाज” के आदर्श को व्यवहार में उतारना आवश्यक है। सिरवी समाज बड़वानी के जिलाध्यक्ष हीरालाल देवड़ा ने भी संत हरिदासजी के व्यक्तित्व और उनके आध्यात्मिक योगदान पर विचार रखे। श्रद्धा निधि अभियान में जुटी सहयोग राशि समाधि स्थल और प्रस्तावित तीर्थ क्षेत्र के विकास के लिए युवाओं की ओर से चलाए जा रहे “श्रद्धा निधि समर्पण” अभियान के तहत विभिन्न गाँवों से एकत्र की गई राशि ट्रस्ट के पदाधिकारियों को सौंपी गई। छोटी खरगोन की बालिकाओं ने आईमाता के गरबे की आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसने कार्यक्रम में भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह का रंग भर दिया। कार्यक्रम के दौरान हरिदासजी स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष लक्ष्मण काग ने मंडवाड़ा के अशोक राठौर को राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा। इंजीनियर सौरभ परिहार का भी विशेष सम्मान किया गया। निर्माणाधीन तीर्थ क्षेत्र का किया अवलोकन कार्यक्रम में देवानंद मुलेवा, महिला प्रदेश महासचिव उमादेवी काग, राधेश्याम मुकाती, शेखर भायल, लक्ष्मण परिहार, हरिराम कोटवाल, जे.के. सेप्टा, हीरालाल पटेल, शंकरलाल बरफा, शोभाराम चौधरी, भगवान जमादारी, गोविंद कोटवाल, राधेश्याम सेप्टा और संजय बरफा सहित अनेक सामाजिक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सिरवी महासभा की केंद्रीय समिति, प्रदेश और जिला इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ महिला एवं युवा संगठनों की भागीदारी भी रही। खरगोन, बड़वानी, धार और देवास जिलों से आए समाजजनों ने नृसिंह टेकरी पर विकसित हो रहे हरिदासजी तीर्थ क्षेत्र के निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश युवा संगठन के महासचिव जितेंद्र लछेटा ने किया। संत हरिदासजी के पुण्य स्मरण दिवस ने एक बार फिर समाज को उनकी आध्यात्मिक विरासत, नैतिक मूल्यों और जनकल्याण की भावना से जोड़ने का अवसर प्रदान किया। अब समाधि स्थल को प्रमुख तीर्थ के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे प्रयासों से श्रद्धालुओं की अपेक्षाएँ भी जुड़ी हैं। समाचार प्रेषक नारायणलाल सीरवी सेणचा बेंगलुरु।

  • मंगल गीतों और जयकारों के बीच आईमाता मंदिर में चढ़ाई ध्वजा, नवरात्र में उमड़े श्रद्धालु

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com नवी मुंबई, 14 अक्टूबर 2026। नवरात्र के पावन अवसर पर नवी मुंबई के कलंबोली स्थित श्री आईमाताजी मंदिर में श्रद्धा और भक्तिभाव का वातावरण रहा। आसोज सुदी तीज, मंगलवार को सीरवी समाज की आराध्य देवी श्री आईमाताजी के मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मंगल गीतों और गाजे-बाजे के साथ ध्वजा चढ़ाई गई। इस दौरान मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा और समाज के श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पूजा कर सुख-समृद्धि तथा मानव कल्याण की कामना की। नवरात्र के तीसरे दिन आयोजित ध्वजा चढ़ाने के धार्मिक कार्यक्रम में पंडित ओमप्रकाश शर्मा के सान्निध्य में पूजा-अर्चना संपन्न हुई। जोजावर के वालाराम, सुपुत्र मगाराम भायल के परिवार की ओर से, जो तलोजा स्थित खेतलाजी ट्रेडिंग कंपनी से जुड़े हैं, ध्वजा अर्पित की गई। महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए और गाजे-बाजे के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। सामूहिक पूजा में समाज की भागीदारी कार्यक्रम में सीरवी समाज विकास मंडल और महिला मंडल, कलंबोली-पनवेल के कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। समाज के पुरुषों, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं ने सामूहिक पूजा-अर्चना कर मां आईजी का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर सभी ने मानव मात्र के कल्याण और समाज में सुख-शांति की कामना की। सीरवी समाज, कलंबोली-पनवेल के प्रधान सेवक धन्नाराम हकाराम गेहलोत, बाली (पनवेल) ने कार्यक्रम में शामिल समाजबंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में समाज के लोगों को अधिकाधिक संख्या में भाग लेना चाहिए, ताकि भारतीय संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके। श्रद्धालुओं को वितरित किया प्रसाद ध्वजा चढ़ाने के बाद भायल परिवार की ओर से मंदिर पहुंचे आईभक्तों के लिए केले के प्रसाद और दूध की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। संस्था के सचिव बाबूलाल रुपाराम भायल, राणावास ने समाजबंधुओं से नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले नौ दिवसीय कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से गरबा महोत्सव और हवन-पूजा में सहभागिता के माध्यम से धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा सनातन संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों ने आपसी मेलजोल और धार्मिक एकजुटता का परिचय दिया। आयोजन ने नवरात्र के अवसर पर सामूहिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया। समाचार प्रेषक नारायणलाल सेणचा बेंगलुरु।

  • आचार्य जिनोत्तमसूरीश्वरजी की शत्रुंजय तीर्थ पहुंचने की इच्छा पूरी, एयर एम्बुलेंस से पालीताना ले जाने की व्यवस्था

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com मुंबई, 14 अक्टूबर 2026। जैन श्वेतांबर समाज के पूज्य आचार्य भगवंत श्री जिनोत्तमसूरीश्वरजी महाराज की शत्रुंजय महातीर्थ, पालीताना पहुंचने की इच्छा पूरी करने के लिए सेलो समूह के निदेशक एवं गोड़वाड़ के भामाशाह प्रदीपभाई घीसुलाल बदामिया ने तत्परता से सहयोग किया। गंभीर अस्वस्थता के बीच आचार्यश्री को मुंबई से एयर एम्बुलेंस के जरिए पालीताना पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इस कार्य में ट्रस्ट मंडल के पदाधिकारियों और संबंधित लोगों ने भी सहयोग किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार, 11 अक्टूबर को मुंबई के सैफी अस्पताल में उपचाराधीन आचार्यश्री की तबीयत गंभीर हो गई थी। इसी दौरान उन्होंने शाश्वत तीर्थ शत्रुंजय की पवित्र भूमि पर समय बिताने की भावना व्यक्त की। स्वास्थ्य की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें शीघ्र पालीताना पहुंचाने का निर्णय लिया गया। आपात स्थिति में पूरी की गईं औपचारिकताएं आचार्यश्री को एयर एम्बुलेंस से ले जाने की तैयारी के दौरान पहचान-पत्र और अन्य प्रशासनिक एवं कानूनी औपचारिकताओं से जुड़ी अड़चनें सामने आईं। ऐसे में ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष जुगराज पूनमिया और उपाध्यक्ष प्रवीण लूनिया ने प्रदीपभाई बदामिया से संपर्क कर सहयोग मांगा। बताई गई जानकारी के अनुसार, प्रदीपभाई ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए संबंधित लोगों से समन्वय किया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने में मदद की। एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था तथा जरूरी अनुमतियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आचार्यश्री को रविवार को ही मुंबई से पालीताना ले जाया गया। गुरुभक्ति और सेवा भावना की समाज ने की सराहना इस घटनाक्रम को जैन समाज में गुरुभक्ति और सेवा भावना से जोड़कर देखा जा रहा है। समाज के वरिष्ठ सदस्यों, साधु-संतों और श्रावक समुदाय ने प्रदीपभाई बदामिया की तत्परता की सराहना की। उनके अनुसार, कठिन परिस्थितियों में समय पर सहयोग उपलब्ध कराना आचार्यश्री की इच्छा पूरी करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। आचार्यश्री की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय निगरानी से संबंधित जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। उपलब्ध विवरण में बताया गया है कि पालीताना पहुंचने के बाद वे शत्रुंजय तीर्थ पर चिकित्सकीय निगरानी में हैं और वहां शांतिपूर्वक समय बिता रहे हैं। यह घटनाक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपात परिस्थितियों में समन्वय और समय पर सहायता के महत्व को भी सामने लाता है। आचार्यश्री के स्वास्थ्य में सुधार की कामना करते हुए समाज के लोगों ने उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की है। समाचार प्रेषक शांतिलाल साकरिया, शिवमोग्गा कर्नाटक।

  • मेहता मार्केट में जनप्रतिनिधियों का भव्य स्वागत, सांचौर के विकास का लिया संकल्प

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com सांचौर, 14 अक्टूबर 2026। सांचौर के मेहता मार्केट में मंगलवार को मेहता मार्केट व्यापार संघ की ओर से नवनिर्वाचित नगरपालिका चेयरमैन, उप चेयरमैन एवं पार्षदों के सम्मान में स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर तथा राजस्थानी साफा और फूलमालाएं पहनाकर जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। समारोह में शहर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, बाजार की व्यवस्थाओं और समग्र विकास में व्यापारियों की भागीदारी पर जोर दिया गया। मेहता मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष दिनेश सारण ने बताया कि समारोह में नगरपालिका अध्यक्ष पुरुषोत्तम दवे, उप चेयरमैन लुणकरण खत्री, व्यापार महासंघ के अध्यक्ष एवं पार्षद हरिश सीलू तथा पार्षद जेठालाल महेश्वरी का व्यापारियों ने सामूहिक रूप से स्वागत किया। व्यापारियों की भागीदारी से विकास को गति देने पर जोर समारोह को संबोधित करते हुए नगरपालिका अध्यक्ष पुरुषोत्तम दवे ने कहा कि शहर के सर्वांगीण विकास और सौंदर्यीकरण के लिए व्यापारियों का सहयोग एवं सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की सक्रिय भागीदारी से सांचौर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित शहर बनाने के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है। दवे ने बताया कि शहर के विकास से जुड़े विषयों पर समय-समय पर व्यापारियों के सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। साथ ही, जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने भरोसा जताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयासों से शहर में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने व्यापारियों से विकास कार्यों में सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि नगरपालिका की टीम का प्रयास केवल बदलाव की बात करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करके परिणाम सामने लाना होगा। उन्होंने सांचौर को सुंदर और विकसित शहर बनाने के लिए सभी वर्गों के सहयोग को आवश्यक बताया। बाजार की समस्याओं के समाधान की उम्मीद समारोह के समापन पर व्यापार संघ अध्यक्ष दिनेश सारण ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को नई नगरपालिका टीम से शहर के विकास, बाजार की व्यवस्थाओं में सुधार और व्यापारिक समस्याओं के समाधान को लेकर उम्मीदें हैं। सारण ने समारोह में उपस्थित अतिथियों और आयोजन में सहयोग देने वाले व्यापारियों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम आपसी सहयोग, जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक समुदाय के बीच बेहतर समन्वय तथा सांचौर के विकास के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। समाचार प्रेषक भीखाराम गोदारा धोरीमन्ना सांचौर।

  • छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई उड़ान देने की तैयारी, 500 करोड़ का मिशन और 1,000 करोड़ से अधिक जुटाने की योजना

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com रायपुर, 14 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महानदी भवन मंत्रालय में पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि पर्यटन को स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाया जाएगा। मिशन के तहत 500 करोड़ रुपये की मूल निधि प्रस्तावित है, जबकि विभिन्न वित्तीय स्रोतों के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि जुटाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण या नई सुविधाओं का निर्माण नहीं होना चाहिए। इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों, कलाकारों और छोटे कारोबारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने स्थानीय खानपान, लोककला, हस्तशिल्प और पारंपरिक संस्कृति को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर आय के स्थायी अवसर विकसित करने पर जोर दिया। चित्रकोट से सिरपुर तक प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास की योजना मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के प्रथम चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम को प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा मायाली-बगीचा, चंपारण, सतरेंगा, तीरथगढ़, देवरानी-जेठानी, कबीर चबूतरा, केंदई, महामाया और चिल्फी घाटी सहित अन्य स्थलों पर भी सुविधाओं का विस्तार करने की योजना बनाई गई है। इन पर्यटन केंद्रों पर बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। सरकार की योजना में स्थानीय वास्तुकला, प्राकृतिक परिवेश और सांस्कृतिक विशेषताओं के संरक्षण पर भी जोर दिया गया है। पर्यटन से रोजगार और महिला समूहों को जोड़ने का लक्ष्य मिशन के तहत 1,000 नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य प्रस्तावित है। इसके साथ ही 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन आधारित गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। पर्यटकों की सहायता और आतिथ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 600 कर्मियों तथा 500 टूर गाइड और अग्रिम पंक्ति के पर्यटन कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य भी रखा गया है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला, परिवहन और पर्यटक मार्गदर्शन जैसी सेवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे स्थानीय समुदायों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का अधिकतम लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विकास योजनाओं में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने और आवास क्षमता बढ़ाने की तैयारी मिशन में प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने और उनके औसत प्रवास की अवधि बढ़ाकर दो दिन करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटकों के लिए आवास सुविधाओं का विस्तार करते हुए 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने की कार्ययोजना प्रस्तावित है। इसके लिए होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और अन्य आवासीय सुविधाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की योजना है। पर्यटन क्षेत्र में 10 से 20 सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाएं विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इनके माध्यम से कम से कम 1,000 करोड़ रुपये की निजी पूंजी आकर्षित करने का लक्ष्य है। सरकार के अनुसार, इन पहलों से आवास, परिवहन, खानपान और अन्य पर्यटन आधारित सेवाओं का विस्तार हो सकता है। हालांकि, इन लक्ष्यों की वास्तविक उपलब्धि परियोजनाओं के क्रियान्वयन, निवेश और पर्यटकों की मांग पर निर्भर करेगी। चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ने के लिए चार प्रमुख पर्यटन सर्किट और 15 मिनी पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना है। प्रमुख पर्यटन मार्गों पर लगभग 15 से 20 मार्ग-सुविधा केंद्र स्थापित करने और करीब 500 पर्यटन संकेतक लगाने का प्रस्ताव है। इन सर्किटों में प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और जनजातीय पर्यटन स्थलों को शामिल करने पर जोर दिया गया है। इससे पर्यटकों को यात्रा की योजना बनाने, एक से अधिक स्थानों तक पहुंचने और प्रदेश की विविधता का अनुभव करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। डिजिटल सुविधाओं से पर्यटन सेवाओं का होगा विस्तार पर्यटन सेवाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए बहुभाषी वेबसाइट, मोबाइल एप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सूचना, डिजिटल बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान और वास्तविक समय में मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इन माध्यमों से पर्यटकों को आवास, परिवहन, खानपान, स्थानीय आकर्षण और अन्य जरूरी सेवाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। डिजिटल सुविधाओं के प्रभावी संचालन के लिए सटीक जानकारी, नियमित अद्यतन और उपयोगकर्ताओं की सहायता भी महत्वपूर्ण होगी। जनजातीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, लोकनृत्य, पारंपरिक खानपान, हस्तशिल्प और जीवनशैली राज्य की विशिष्ट पहचान हैं। बस्तर और सरगुजा अंचल की प्राकृतिक सुंदरता तथा सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों के विकास में पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन के सिद्धांतों का पालन किया जाए। प्राकृतिक स्थलों पर निर्माण कार्य स्थानीय पर्यावरण और जैव विविधता के अनुरूप होने चाहिए, ताकि पर्यटन विस्तार के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके। उच्चस्तरीय समितियों के माध्यम से होगी निगरानी मिशन के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय मार्गदर्शक समिति तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय संचालन समिति गठित करने का प्रावधान रखा गया है। पर्यटन विभाग के साथ लोक निर्माण, वन, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग, कौशल विकास और अन्य संबंधित विभाग समन्वय से काम करेंगे। बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने और प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रस्तावित मिशन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्धारित वित्तीय संसाधन, बुनियादी सुविधाएं, स्थानीय भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लक्ष्य जमीन पर कितनी प्रभावी तरह लागू होते हैं।

  • असम में कृषि विकास को नई दिशा देने की तैयारी, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी सहयोग पर जोर

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com जोरहाट, 14 अक्टूबर 2026। असम में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने, किसानों की क्षमता बढ़ाने और कृषि उत्पादकता में सुधार लाने के उद्देश्य से कृषि एवं सिंचाई मंत्री पीयूष हजारिका ने बुधवार को असम कृषि विश्वविद्यालय (एएयू) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। जोरहाट स्थित विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में आयोजित बैठक में सांसद कामाख्या प्रसाद तासा भी उपस्थित रहे। चर्चा का प्रमुख केंद्र वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीक और किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने के लिए सरकारी विभाग तथा विश्वविद्यालय के बीच समन्वय मजबूत करना रहा। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति दीपज्योति राजखोवा और विभिन्न संकायों के डीन ने हिस्सा लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंत्री को संस्थान में संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसंधान गतिविधियों और कृषि विकास से जुड़ी पहलों की जानकारी दी। कृषि योजनाओं को अनुसंधान से जोड़ने पर बल बैठक के दौरान मंत्री पीयूष हजारिका ने राज्य में कृषि विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। उन्होंने किसानों की कार्यक्षमता बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार करने और कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़ी चुनौतियों के समाधान में वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग और विश्वविद्यालय के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, ताकि अनुसंधान संस्थानों में विकसित ज्ञान और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ किसानों तक पहुंच सके। मंत्री ने विश्वविद्यालय से कृषि विभाग को वैज्ञानिक मार्गदर्शन, अनुसंधान आधारित सुझाव और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इस पहल का उद्देश्य कृषि संबंधी सरकारी योजनाओं को किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाना है। आधुनिक तकनीक से खेती को मिलेगा प्रोत्साहन असम में कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों और तकनीकी नवाचारों का उपयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि विश्वविद्यालय में चल रहे अनुसंधान कार्यों को खेती की व्यावहारिक जरूरतों से किस प्रकार जोड़ा जा सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार के क्षेत्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी साझा की। आधुनिक खेती, जलवायु के अनुकूल कृषि पद्धतियों, जैव प्रौद्योगिकी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे विषय कृषि क्षेत्र के विकास में उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, बैठक में किसी नई योजना, बजट या निर्धारित समयसीमा की घोषणा का उल्लेख आधिकारिक जानकारी में नहीं किया गया। चर्चा का मुख्य उद्देश्य कृषि विकास की प्राथमिकताओं और विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता के बीच सहयोग बढ़ाना रहा। किसानों तक पहुंचेगा अनुसंधान का लाभ कृषि विश्वविद्यालयों में होने वाले अनुसंधान का वास्तविक महत्व तब बढ़ता है, जब उसका लाभ खेतों तक पहुंचता है। किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी, वैज्ञानिक सलाह और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खेती के तरीकों से अवगत कराने में विश्वविद्यालय तथा कृषि विभाग की संयुक्त भूमिका अहम हो सकती है। बैठक में कृषि विभाग की योजनाओं को विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक मार्गदर्शन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इससे किसानों की जरूरतों के अनुरूप कृषि संबंधी समाधान विकसित करने और उत्पादकता में सुधार के प्रयासों को दिशा मिल सकती है। सांसद कामाख्या प्रसाद तासा की मौजूदगी में हुई इस बैठक को राज्य में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा सकता है। अब इस सहयोग का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि चर्चा में सामने आए सुझावों को किस तरह व्यावहारिक कार्यक्रमों में बदला जाता है और उनका लाभ किसानों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है।

  • मैसूर दशहरा में कावेरी आरती का भव्य आयोजन, 16 अक्टूबर से केआरएस में गूंजेगी सांस्कृतिक छटा

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता टी. मदनलाल बेंगलुरु, 14 अक्टूबर 2026। कर्नाटक के प्रसिद्ध नाडा हब्बा मैसूर दशहरा के तहत मांड्या जिले के कृष्णराजसागर (केआरएस) स्थित बृंदावन गार्डन में 16 से 21 अक्टूबर तक कावेरी आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जल संसाधन मंत्री एवं मांड्या जिले के प्रभारी मंत्री एन. चालुवरायस्वामी ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को इन कार्यक्रमों का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया है। आयोजन का उद्देश्य कावेरी नदी के प्रति श्रद्धा के साथ कर्नाटक की सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना है। 16 अक्टूबर को होगा कावेरी आरती का उद्घाटन प्राप्त जानकारी के अनुसार, कावेरी आरती का उद्घाटन 16 अक्टूबर को शाम छह बजे प्रस्तावित है। इसके बाद 21 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम छह बजे आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का आयोजन जल संसाधन विभाग के अंतर्गत कावेरी सिंचाई निगम लिमिटेड और मांड्या जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। कावेरी नदी कर्नाटक की कृषि, पेयजल व्यवस्था और सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। ऐसे में नदी के प्रति सम्मान और उसके महत्व को रेखांकित करने वाला यह आयोजन मैसूर दशहरा के उत्सवी माहौल में एक विशेष आकर्षण बनने की उम्मीद है। जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम के निमंत्रण से जुड़े अवसर पर श्रीरंगपट्टन के विधायक रमेश बंदीसिद्दे गौड़ा, कावेरी सिंचाई निगम के प्रबंध निदेशक महेश और मांड्या जिले के आयुक्त डॉ. कुमार उपस्थित थे। आयोजन की तैयारियों और कार्यक्रमों के संचालन में संबंधित विभागों तथा जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। कावेरी आरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्थानीय परंपराओं, धार्मिक आस्था और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। छह दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में प्रतिदिन शाम को होने वाले कार्यक्रमों से दशहरा उत्सव की रौनक बढ़ने की संभावना है।

  • ‘स्वच्छ शिकारीपुरा’ का संकल्प लेकर उतरे बी.वाई. विजयेंद्र, सेवा अभियान में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बढ़ाया हाथ

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता गोविन्दलाल शिकारीपुरा, 14 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत भाजपा के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने शिकारीपुरा में सफाई अभियान में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता और सामाजिक सेवा को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम में भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों, युवा मोर्चा के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विजयेंद्र ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में विभिन्न सामाजिक और जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उनके अनुसार, अभियान का उद्देश्य समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना और सेवा कार्यों के माध्यम से लोगों को जोड़ना है। सफाई से लेकर रक्तदान तक सेवा गतिविधियों पर जोर विजयेंद्र ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान सामान्यतः 15 दिनों तक चलाया जाता है। इस बार अभियान के अंतर्गत रक्तदान शिविर, धार्मिक स्थलों और उनके आसपास स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों तथा समाज कल्याण के कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से जनसेवा और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। शिकारीपुरा में आयोजित सफाई कार्यक्रम के दौरान स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों, युवा मोर्चा के प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भागीदारी निभाई। अभियान के जरिए सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और सामुदायिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। जनभागीदारी से मजबूत हो सकता है स्वच्छता अभियान स्वच्छता अभियान की सफलता केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसके लिए नियमित सफाई, कचरे का उचित निपटान और नागरिकों की निरंतर भागीदारी जरूरी होती है। ऐसे कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर लोगों को सार्वजनिक स्थलों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में मदद कर सकते हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत शिकारीपुरा में आयोजित कार्यक्रम ने स्वच्छता और सामाजिक सेवा को प्रमुखता दी। अब इन प्रयासों का स्थायी प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि स्थानीय स्तर पर स्वच्छता और जनसेवा की गतिविधियां कितनी नियमित रूप से जारी रहती हैं।

  • बेंगलुरु नॉर्थ कॉर्पोरेशन की पहल: हर शुक्रवार कमिश्नर सुनेंगे जनता की शिकायतें, फोन-इन कार्यक्रम 16 अक्टूबर को

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता कानाराम जाट बेंगलुरु, 14 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु नॉर्थ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने नागरिक सेवाओं में सुधार और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हर शुक्रवार फोन-इन कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल के तहत निगम आयुक्त पोम्माला सुनील कुमार सीधे नागरिकों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनेंगे। इस सप्ताह कार्यक्रम 16 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 7 बजे से 9 बजे तक आयोजित किया जाएगा। निगम प्रशासन के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर देना और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है। सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट सहित कई मुद्दों पर कर सकेंगे शिकायत फोन-इन कार्यक्रम में नागरिक अपने क्षेत्र की सड़कों पर गड्ढों और मरम्मत, स्ट्रीट लाइट के रखरखाव, घर-घर से कचरा संग्रहण और उसके निपटान से संबंधित समस्याएं उठा सकेंगे। इसके अलावा, खतरनाक पेड़ों या उनकी शाखाओं को हटाने, मच्छरों की रोकथाम, आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्याओं और पार्कों के विकास एवं रखरखाव के बारे में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। अनधिकृत बैनर-पोस्टर हटाने, फुटपाथों से अतिक्रमण दूर करने और ई-अकाउंट से संबंधित समस्याओं को भी इस पहल में शामिल किया गया है। इससे नागरिकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने के बजाय अपनी शिकायत सीधे निगम आयुक्त के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा। ‘सहायता 2.0’ पोर्टल पर दर्ज होंगी शिकायतें निगम के मुताबिक, फोन-इन कार्यक्रम के दौरान प्राप्त शिकायतों को ‘सहायता 2.0’ पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इसके बाद उन्हें कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजा जाएगा। शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी जानकारी और संबंधित अधिकारी का विवरण नागरिकों को एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों का रिकॉर्ड बनाए रखना और नागरिकों को उनकी शिकायत पर होने वाली कार्रवाई की जानकारी देना है। हालांकि, व्यवस्था की वास्तविक प्रभावशीलता शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और अधिकारियों की जवाबदेही पर निर्भर करेगी। फोन और व्हाट्सऐप से ऐसे करें संपर्क नागरिक शुक्रवार, 16 अक्टूबर को सुबह 7 से 9 बजे के बीच निगम आयुक्त के फोन-इन कार्यक्रम में अपनी शिकायतें रख सकते हैं। संपर्क विवरण: मोबाइल/व्हाट्सऐप: 9480685705, लैंडलाइन: 080-22975936, वैकल्पिक लैंडलाइन: 080-23636671, मोबाइल ऐप: सहायता 2.0 बेंगलुरु नॉर्थ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की इस पहल से नागरिकों को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए एक सीधा संपर्क माध्यम मिलेगा। अब इस व्यवस्था की सफलता इस बात से तय होगी कि शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और नागरिकों को समस्याओं के समाधान की जानकारी कितनी प्रभावी ढंग से मिलती है।

  • नवग्रह गणेश उत्सव में महेंद्र मुणोत ने किए दर्शन, अन्नदान में की सेवा

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 14 अक्टूबर 2026। नवग्रह गणेश बॉयज, मारेनहली द्वारा आयोजित गणेश उत्सव कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि महेंद्र मुणोत ने भगवान गणपति के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने अन्नदान कार्यक्रम में सेवा प्रदान की। आयोजन समिति की ओर से मुणोत को सम्मानित भी किया गया। गणेश उत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता का संदेश देखने को मिला। अन्नदान कार्यक्रम के माध्यम से जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचाने की भावना को प्रोत्साहित किया गया। आयोजकों ने महेंद्र मुणोत के सहभाग और सेवा के प्रति उनके योगदान के लिए उनका सम्मान किया। कार्यक्रम ने धार्मिक आयोजनों में सामुदायिक सहयोग, सेवा भावना और सामाजिक जुड़ाव के महत्त्व को रेखांकित किया। समाचार प्रेषक उपेन्द्र कुमार बेंगलुरु।

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