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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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हरिदासजी के 241वें पुण्य स्मरण दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, महेश्वर में भव्य तीर्थ के विकास का संकल्प

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
5 दिन पहले
3 मिनट पठन
महेश्वर के नृसिंह टेकरी स्थित संत दीवान हरिदासजी के समाधि स्थल पर 241वें पुण्य स्मरण दिवस कार्यक्रम में शामिल सिरवी समाज के श्रद्धालु।

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com महेश्वर (खरगोन), 14 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में माँ नर्मदा के तट पर स्थित महेश्वर के नृसिंह टेकरी क्षेत्र में आईपंथ के दसवें दीवान संत श्री हरिदासजी का 241वाँ पुण्य स्मरण दिवस श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाया गया। 12 अक्टूबर, सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में सिरवी समाज सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर संत हरिदासजी के आध्यात्मिक योगदान, उनके तपस्वी जीवन और समाज को दिए गए सत्य, सादगी तथा सदाचार के संदेश को याद किया गया।

कार्यक्रम का प्रमुख संदेश हरिदासजी के समाधि स्थल को राष्ट्रीय स्तर पर आईपंथ के प्रमुख तीर्थ के रूप में विकसित करने का संकल्प रहा। आईपंथ के वर्तमान 19वें दीवान माधवसिंहजी ने राजस्थान के बिलाड़ा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि माँ नर्मदा के किनारे स्थित हरिदासजी का समाधि स्थल शीघ्र ही पूरे भारत में आईपंथ के एक प्रमुख तीर्थ के रूप में उभरेगा।


लोक आस्था में विशेष स्थान रखते हैं संत हरिदासजी

आईपंथ की परंपरा और लोकमान्यताओं में संत दीवान हरिदासजी का विशेष स्थान है। मान्यता के अनुसार, विक्रम संवत 1842 यानी वर्ष 1785 में उन्होंने माँ नर्मदा के जल पर घोड़े सहित एक तट से दूसरे तट तक पहुँचकर अपनी आध्यात्मिक शक्ति का परिचय दिया था। लोककथाओं में यह प्रसंग आज भी श्रद्धा के साथ सुनाया जाता है। बताया जाता है कि लोक-प्रशंसा से दूर रहने की भावना से उन्होंने नृसिंह टेकरी पर स्वैच्छिक समाधि ली थी। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने उनकी स्मृति में समाधि स्थल पर स्मारक का निर्माण कराया था। आईमाता की आरती में भी इस प्रसंग का उल्लेख मिलता है—“हरिदासजी पाणी पर चाल्या, अचरज कारियों अहिल्याबाई।” यह पंक्ति समाज की धार्मिक स्मृति और संत हरिदासजी के प्रति लोकश्रद्धा को दर्शाती है।


धर्म, सदाचार और जनकल्याण का संदेश

पुण्य स्मरण दिवस का आयोजन महेश्वर के विधायक राजकुमार मेव, हरिदासजी स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष लक्ष्मण काग, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश परिहार और मध्य प्रदेश सिरवी समाज के प्रांतीय अध्यक्ष कांतिलाल गेहलोत के सान्निध्य में संपन्न हुआ। आकाशवाणी के पूर्व कलाकार बाबूलाल परिहार और उनकी मंडली ने संत दीवान हरिदासजी की संगीतमय कथा प्रस्तुत की। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। इसके बाद सिरवी समाज के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश मुकाती और भगवान लछेटा ने धर्मसभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने हरिदासजी को सत्य के पालनकर्ता, तपस्वी और वचनसिद्ध संत बताते हुए उनके सादगीपूर्ण जीवन, सदाचार और लोककल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। सिरवी समाज की महिला प्रांतीय अध्यक्ष ललितादेवी पंवार ने नारी सम्मान को आईपंथ की महत्वपूर्ण मान्यता बताते हुए समाज के सभी वर्गों से महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “सशक्त नारी-सशक्त समाज” के आदर्श को व्यवहार में उतारना आवश्यक है। सिरवी समाज बड़वानी के जिलाध्यक्ष हीरालाल देवड़ा ने भी संत हरिदासजी के व्यक्तित्व और उनके आध्यात्मिक योगदान पर विचार रखे।


श्रद्धा निधि अभियान में जुटी सहयोग राशि

समाधि स्थल और प्रस्तावित तीर्थ क्षेत्र के विकास के लिए युवाओं की ओर से चलाए जा रहे “श्रद्धा निधि समर्पण” अभियान के तहत विभिन्न गाँवों से एकत्र की गई राशि ट्रस्ट के पदाधिकारियों को सौंपी गई। छोटी खरगोन की बालिकाओं ने आईमाता के गरबे की आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसने कार्यक्रम में भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह का रंग भर दिया। कार्यक्रम के दौरान हरिदासजी स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष लक्ष्मण काग ने मंडवाड़ा के अशोक राठौर को राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा। इंजीनियर सौरभ परिहार का भी विशेष सम्मान किया गया।


निर्माणाधीन तीर्थ क्षेत्र का किया अवलोकन

कार्यक्रम में देवानंद मुलेवा, महिला प्रदेश महासचिव उमादेवी काग, राधेश्याम मुकाती, शेखर भायल, लक्ष्मण परिहार, हरिराम कोटवाल, जे.के. सेप्टा, हीरालाल पटेल, शंकरलाल बरफा, शोभाराम चौधरी, भगवान जमादारी, गोविंद कोटवाल, राधेश्याम सेप्टा और संजय बरफा सहित अनेक सामाजिक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सिरवी महासभा की केंद्रीय समिति, प्रदेश और जिला इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ महिला एवं युवा संगठनों की भागीदारी भी रही। खरगोन, बड़वानी, धार और देवास जिलों से आए समाजजनों ने नृसिंह टेकरी पर विकसित हो रहे हरिदासजी तीर्थ क्षेत्र के निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश युवा संगठन के महासचिव जितेंद्र लछेटा ने किया। संत हरिदासजी के पुण्य स्मरण दिवस ने एक बार फिर समाज को उनकी आध्यात्मिक विरासत, नैतिक मूल्यों और जनकल्याण की भावना से जोड़ने का अवसर प्रदान किया। अब समाधि स्थल को प्रमुख तीर्थ के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे प्रयासों से श्रद्धालुओं की अपेक्षाएँ भी जुड़ी हैं। समाचार प्रेषक नारायणलाल सीरवी सेणचा बेंगलुरु।



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