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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

22अक्टूबर /2026 /गुरुवार

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की संभावित शुरुआत राहत भरी खबर हो सकती है। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इस मार्ग पर उद्घाटन विशेष सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी, ठहराव और किराये को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की संभावित शुरुआत राहत भरी खबर हो सकती है। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इस मार्ग पर उद्घाटन विशेष सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी, ठहराव और किराये को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

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  • जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की ‘सक्षम’ कार्यशाला ने बालिकाओं को बनाया आत्मनिर्भर, कौशल विकास से बढ़ा आत्मविश्वास

    15 दिवसीय स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप में मेकअप, हेयरस्टाइलिंग, साड़ी ड्रेपिंग और मेहंदी कला का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 22 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की लेडी जेसी विंग ने राजाजीनगर स्थित संरक्षण रेनबो होम में 15 दिवसीय “सक्षम – स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप” का सफल आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य बालिकाओं को व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मविश्वासी, सक्षम और भविष्य के लिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को मेकअप, हेयरस्टाइलिंग, साड़ी ड्रेपिंग और मेहंदी कला का विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण विशेषज्ञों ने केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं दी, बल्कि इन कौशलों को स्वरोजगार और करियर के अवसरों से जोड़ने की भी प्रेरणा दी। कार्यक्रम में शामिल बालिकाओं ने पूरे उत्साह, रुचि और लगन के साथ प्रत्येक सत्र में भाग लिया तथा सीखे गए कौशलों का व्यावहारिक अभ्यास भी किया। मेकअप एवं हेयरस्टाइलिंग का प्रशिक्षण कोमल जैन ने दिया, जबकि मेहंदी कला की बारीकियों से प्रतिभागियों को श्वेता जैन ने परिचित कराया। प्रशिक्षकों ने आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे प्रतिभागियों को भविष्य में स्वरोजगार के अवसरों का लाभ मिल सके। आयोजकों ने बताया कि “सक्षम” कार्यशाला का मूल उद्देश्य केवल कौशल सिखाना नहीं था, बल्कि बालिकाओं के भीतर आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच विकसित करना भी था। वर्तमान समय में कौशल आधारित शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है। ऐसे में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज के वंचित वर्ग की बालिकाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलते हैं। कार्यक्रम का नेतृत्व जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की प्रेसिडेंट जेसी ललिता बोथरा तथा लेडी जेसी चेयरपर्सन जेसी सलोनी नाहटा ने किया। आयोजन की सफलता में लेडी जेसी सचिव जेसी सुनीथा मुनोथ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जेसी टीनू जैन और प्रोजेक्ट डायरेक्टर जेसी नम्रता मिलक ने पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। यह कार्यशाला जोन ऑफिसर जेसी मोनिका कुमट के सहयोग से संपन्न हुई। समापन समारोह में ट्रेजरर जेसी दीपिका जैन, सीडी जेसी ममता मेहता तथा वीपी जी एंड डी जेसी स्वेता राखेचा की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सीखे गए कौशलों का जीवन में सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में संरक्षण रेनबो होम के प्रबंधन और प्रतिभागियों ने जेसीआई बैंगलोर कॉस्मो की इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास की दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक भविष्य की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सामाजिक संगठनों द्वारा कौशल विकास आधारित इस प्रकार की पहलें न केवल व्यक्तियों के जीवन में बदलाव लाती हैं, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता, समान अवसर और महिला सशक्तिकरण की भावना को भी मजबूत करती हैं।

  • NEET परीक्षा विवाद: विजयेंद्र का विपक्ष पर बड़ा हमला, बोले– छात्रों के भविष्य से हो रही राजनीति

    'कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही, संसद में बहस से क्यों भाग रही?' भारतार्थ खबर संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 23 जुलाई, 2026 NEET परीक्षा विवाद को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे छात्रों के भविष्य को ढाल बनाकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच, दोबारा परीक्षा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की, लेकिन विपक्ष इसे केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है। विजयेंद्र ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं डाली। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है, जबकि विपक्ष इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक रंग देने में लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा के बाद कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तत्काल जांच के आदेश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर मामले की जांच CBI को सौंपी गई। CBI और विशेष जांच दल (SIT) ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा आयोजित करने में कई महीनों की तैयारी लगती है, लेकिन छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसलिए केंद्र सरकार ने मात्र 35 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित करवाई। इसके बाद केवल 25 दिनों में परिणाम भी घोषित कर दिए गए। उन्होंने कहा कि यह सरकार की संवेदनशीलता और प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए लागू किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी, तकनीकी मॉनिटरिंग और परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न्यूनतम हो सके। विजयेंद्र ने कांग्रेस पर संसद से भागने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर दोनों सदनों में जितनी देर आवश्यक हो, चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो उसे सड़क पर प्रदर्शन करने के बजाय संसद में रचनात्मक बहस करनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विदेश दौरे से लौटने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि पहले इस मुद्दे पर कोई सक्रियता नहीं दिखाई। विजयेंद्र ने इसे केवल राजनीतिक प्रचार प्राप्त करने का प्रयास बताया। कर्नाटक की पिछली कांग्रेस सरकार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया था। साथ ही चिन्नास्वामी स्टेडियम हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले में भी जिम्मेदारी तय नहीं की गई। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद MBBS सीटों, मेडिकल कॉलेजों और PG सीटों में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। उनके अनुसार देशभर में नए IIT, IIM और AIIMS की स्थापना से उच्च शिक्षा के अवसर भी बढ़े हैं। उन्होंने 20 जुलाई की हिंसा के दौरान पुलिस और मीडिया कर्मियों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि छात्र आंदोलनों की आड़ में असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विश्वास रखें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें। «नोट: इस समाचार में शामिल आरोप, दावे और टिप्पणियां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र द्वारा जारी आधिकारिक बयान पर आधारित हैं। संबंधित पक्षों का पक्ष अलग हो सकता है।»

  • बेंगलुरु में 24 जुलाई को बाबा रामदेवजी का भव्य रात्रि जागरण, 26 जुलाई को साइकिल यात्रियों का अभिनंदन समारोह

    भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम; हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना भारतार्थ खबर संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 23 जुलाई 2026। बाबा रामदेवजी का भव्य रात्रि जागरण बेंगलुरु की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से श्री बाबा रामदेव सर्वधर्म एकता साइकिल यात्री सदस्यों द्वारा 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को भव्य श्री बाबा रामदेवजी का रात्रि जागरण आयोजित किया जाएगा। यह विशाल धार्मिक आयोजन राजपूरोहित समाज (रजि.), कर्नाटक, बेंगलुरु परिसर में होगा, जहां शाम 7:15 बजे से भजन संध्या एवं जागरण का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में देशभर से आए संत-महात्माओं के सान्निध्य में भक्तिमय वातावरण बनेगा। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित उपस्थित होकर बाबा रामदेवजी का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। जागरण में सुप्रसिद्ध संत श्री पुष्कराज जी महाराज एवं श्री थानारामजी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वहीं भजन संध्या में प्रसिद्ध कलाकार अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से स्वर सम्राट गायिका अनीता जांगिड़, स्वर सम्राट गायक नरपत देवासी, भजन गायक अगराराम देवासी, बाल कलाकार अवनी पटेल तथा मंच संचालन राजपुरोहित सराणा द्वारा किया जाएगा। 26 जुलाई को साइकिल यात्रियों का अभिनंदन आयोजकों के अनुसार हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 36 सदस्यीय साइकिल यात्रा दल बाबा रामदेवजी (रूणिचा) के दर्शन के लिए 26 जुलाई 2026 (रविवार) को बेंगलुरु से रवाना होगा। यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व यात्रियों का भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा। सुबह 8:30 बजे हलसूर गेट पुलिस स्टेशन के सामने स्थित विनायक ग्राउंड से वरघोड़ा निकाला जाएगा। यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर राजपूरोहित समाज भवन पहुंचेगी, जहां यात्रियों का सम्मान एवं अभिनंदन किया जाएगा। सामाजिक समरसता का संदेश आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और सर्वधर्म एकता का प्रतीक है। बाबा रामदेवजी के प्रति आस्था रखने वाले हजारों श्रद्धालु इस अवसर पर एकत्रित होकर समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा का संदेश देंगे। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी प्रयास किया जाएगा।

  • NEET आंदोलन के बीच राहुल गांधी पर उठे सवाल, सोनम वांगचुक की पत्नी ने जताई नाराजगी

    'PMO के बाहर नहीं, जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ बैठना चाहिए था', गीतांजलि आंग्मो का बड़ा बयान भारतार्थ खबर संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 23 जुलाई, 2026 राहुल गांधी पर सोनम वांगचुक की पत्नी का बयान राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के मुद्दे पर वास्तविक संवेदनशीलता होती तो उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के बाहर प्रदर्शन करने के बजाय जंतर-मंतर पर छात्रों के बीच जाकर उनका समर्थन करना चाहिए था। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। मीडिया से बातचीत में गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि वह उन सभी राजनीतिक दलों और व्यक्तियों के साथ हैं जो देश के बेहतर भविष्य और छात्रों के हितों के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी के हालिया प्रदर्शन को लेकर कहा कि उसमें उन्हें ईमानदारी की कमी दिखाई दी। उनके अनुसार, यदि उद्देश्य वास्तव में छात्रों के साथ खड़ा होना था तो प्रदर्शन का स्थान जंतर-मंतर होना चाहिए था, जहां छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारत जागरूक है और लोग केवल प्रतीकात्मक राजनीति से प्रभावित नहीं होंगे। उनके अनुसार जनता अब नेताओं के हर कदम को गंभीरता से परखती है और वास्तविक प्रतिबद्धता की अपेक्षा करती है। इस बीच आम आदमी पार्टी ने भी गीतांजलि आंग्मो का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा करते हुए राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए। पार्टी ने अपने संदेश में कहा कि यदि छात्रों के हित सर्वोपरि होते तो राहुल गांधी को छात्रों के साथ धरना स्थल पर मौजूद होना चाहिए था, न कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करना चाहिए था। दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है और इसे राजनीतिक लाभ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के शासनकाल में हुए पेपर लीक मामलों पर चर्चा करने से बचते रहे। उन्होंने कहा कि यदि पूरे विषय पर निष्पक्ष चर्चा हो तो सभी सरकारों के दौरान हुई घटनाओं पर समान रूप से विचार होना चाहिए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। सरकार का कहना है कि छात्रों की चिंताओं का समाधान लोकतांत्रिक संवाद और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा प्रणाली का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बन चुका है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगा रहा है। «नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप, बयान और प्रतिक्रियाएं संबंधित नेताओं एवं पक्षों के सार्वजनिक वक्तव्यों पर आधारित हैं। इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।»

  • पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: दोषियों के लिए बनेगी फास्ट-ट्रैक कोर्ट

    'युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा', प्रधानमंत्री का सख्त संदेश भारतार्थ खबर संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 23 जुलाई, 2026 पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा और सख्त संदेश सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक जैसे मामलों की त्वरित सुनवाई और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित की जाएगी। प्रधानमंत्री ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाने के निर्देश दिए हैं। इस घोषणा को लाखों छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लिखा कि युवाओं के हित से बढ़कर कुछ भी नहीं है और जो लोग परीक्षा प्रणाली की पवित्रता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री के अनुसार, सरकार ने पेपर लीक के मामलों में शामिल आरोपियों को शीघ्र और कठोर सजा दिलाने के उद्देश्य से फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रक्रिया को तेजी से लागू किया जाए ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो। पीएम मोदी ने कहा कि यह फैसला केवल एक कानूनी कदम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने दोहराया कि सरकार लगातार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधार लागू कर रही है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि जो लोग युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे, उन्हें किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए है और दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कठोर दंड दिलाया जाएगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना से परीक्षा संबंधी अपराधों के मामलों का जल्द निपटारा हो सकेगा। इससे न केवल दोषियों में कानून का भय बढ़ेगा, बल्कि छात्रों का प्रतियोगी परीक्षाओं पर विश्वास भी मजबूत होगा। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मामलों ने लाखों अभ्यर्थियों को प्रभावित किया है। ऐसे में केंद्र सरकार का यह कदम परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए आगे भी आवश्यक सुधार और सख्त कानूनी कदम उठाती रहेगी। उनका कहना है कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। «नोट: यह समाचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक बयान और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है।»

  • Know Your Mind: अपने मन को जानें, जीवन बदलें — मुनि श्री 108 वीर सागर महाराज का प्रेरक संदेश

    चातुर्मास प्रवचन में आत्म-निरीक्षण, सकारात्मक सोच और जीवन रूपांतरण का दिया व्यावहारिक सूत्र मुनि श्री 108 वीर सागर महाराज चातुर्मास प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए। भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) | बेंगलुरु | 23 जुलाई, 2026 Know Your Mind (अपने मन को जानो)—यही जीवन परिवर्तन का सबसे बड़ा मंत्र है। श्री ज्ञानोदय दिगंबर जैन मंदिर, तुबरहल्ली में आयोजित चातुर्मास प्रवचनमाला के दौरान पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीर सागर महाराज ससंघ ने श्रद्धालुओं को आत्म-निरीक्षण, सकारात्मक दृष्टिकोण और मन की शक्ति का गहरा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन की अधिकांश समस्याओं का समाधान बाहर नहीं, बल्कि हमारे अपने मन के भीतर छिपा होता है। यदि व्यक्ति अपने मन को समझना सीख जाए तो उसका जीवन, परिवार और समाज स्वतः बदलने लगता है। मुनि श्री ने कहा कि संसार को बदलने का प्रयास करने से पहले स्वयं को बदलना आवश्यक है। व्यक्ति के विचार, दृष्टिकोण और मन की स्थिति ही उसके जीवन की दिशा तय करते हैं। उन्होंने आचार्य कुंदकुंद देव के अमूल्य वचन "जो एकम जानदि सो सब्वं जानदि" का उल्लेख करते हुए कहा कि जो स्वयं को जान लेता है, वह संपूर्ण जीवन के सत्य को समझ लेता है। उन्होंने कहा कि मन आत्मा तक पहुँचने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन अपने मन का निरीक्षण करना चाहिए। यदि मन सकारात्मक होगा तो परिस्थितियाँ भी सकारात्मक दिखाई देंगी। प्रवचन के दौरान मुनि श्री ने महाभारत का अत्यंत प्रेरक प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि जब दुर्योधन को अच्छे व्यक्ति की खोज करने भेजा गया तो उसे कोई अच्छा नहीं मिला, जबकि युधिष्ठिर को बुरे व्यक्ति की खोज करने पर भी कोई बुरा नहीं मिला। इससे स्पष्ट होता है कि संसार वैसा नहीं है जैसा वह वास्तव में है, बल्कि वैसा दिखाई देता है जैसी हमारी दृष्टि होती है। उन्होंने कहा कि "जब दृष्टि बदलती है, तभी सृष्टि बदलती हुई प्रतीत होती है।" जीवन रूपांतरण को सरल भाषा में समझाते हुए उन्होंने अंडे का उदाहरण दिया। यदि अंडा बाहर से टूटता है तो जीवन समाप्त हो जाता है, लेकिन यदि वही अंडा भीतर से टूटता है तो एक नए जीवन की शुरुआत होती है। इसी प्रकार वास्तविक परिवर्तन भी भीतर से प्रारंभ होता है। बाहरी परिवर्तन अस्थायी होते हैं, जबकि आंतरिक परिवर्तन व्यक्ति के पूरे जीवन को नई दिशा देता है। मुनि श्री ने कहा कि अधिकांश लोग अपना समय दूसरों की कमियाँ खोजने और उन्हें सुधारने में व्यतीत कर देते हैं, जबकि स्वयं के दोषों को देखने का प्रयास नहीं करते। जब व्यक्ति स्वयं को स्वीकार करना, स्वयं से प्रेम करना और निष्पक्ष आत्म-विश्लेषण करना सीख जाता है, तभी उसके भीतर क्षमा, करुणा, सहनशीलता और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन रात्रि में पाँच से दस मिनट आत्म-निरीक्षण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। दिनभर के विचारों, व्यवहार और निर्णयों की समीक्षा करते हुए अपने भीतर के "युधिष्ठिर" और "दुर्योधन" को पहचानने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ मिनट अपने मन को समझने में लगाए तो परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देने लगेगा। ज्ञानोदय परिवार जैन समाज द्वारा आयोजित इस आध्यात्मिक प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मुनि श्री का "Know Your Mind – अपने मन को जानो" संदेश केवल धार्मिक उपदेश नहीं बल्कि आधुनिक जीवन के लिए आत्म-विकास, मानसिक शांति और व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावशाली मार्गदर्शन बनकर उभरा।

  • धारावाहिक उपन्यास | मौन दान (भाग–02)

    बंद संदूक और पहली दरार ✍️ लेखक: अशोक कुमार सिंह नोट: "मौन दान" एक मौलिक काल्पनिक धारावाहिक उपन्यास है। इसके पात्र, घटनाएँ और स्थान साहित्यिक कल्पना पर आधारित हैं। रहस्य की पहली परत खुली, लेकिन जवाबों से ज़्यादा सवाल सामने आए... बरामदे में रखा सागौन का पुराना संदूक वर्षों की धूल से ढका था। उसके लोहे के कुंडों पर जंग की मोटी परत जम चुकी थी। ऐसा लगता था मानो उसने अपने भीतर केवल सामान नहीं, बल्कि समय को भी बंद कर रखा हो। दयानाथ त्रिपाठी ने अपनी जेब से पीतल की पुरानी चाबी निकाली। कुछ क्षण तक वे उसे हथेली पर देखते रहे। फिर धीमे स्वर में बोले— "यह चाबी मुझे आज से पच्चीस वर्ष पहले मिली थी।" गाँव वाले एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। "पच्चीस साल पहले?" सरपंच ने आश्चर्य से पूछा। दयानाथ ने शांत स्वर में उत्तर दिया— "शिवनारायण जी ने कहा था— 'जब मैं इस दुनिया में न रहूँ, तभी यह संदूक खोलना। उससे पहले कभी नहीं।'" उन्होंने चाबी ताले में डाली। पुराना ताला पहले अड़ा रहा, फिर एक भारी आवाज़ के साथ खुल गया। संदूक का ढक्कन धीरे-धीरे ऊपर उठा। सभी की निगाहें उसी पर टिक गईं। हर किसी को उम्मीद थी कि भीतर सोना, ज़मीन के कागज़ या कोई बड़ी वसीयत मिलेगी। लेकिन अंदर जो था, उसने सभी को हैरान कर दिया। सबसे ऊपर एक साफ़ तह किया हुआ सफ़ेद गमछा रखा था। उसके नीचे लाल कपड़े की एक छोटी पोटली। कुछ पुरानी डायरियाँ। एक लकड़ी का डिब्बा। और सबसे नीचे कपड़े में लिपटी एक मिट्टी की गुल्लक। हरिराम हल्की हँसी के साथ बोला— "बस... यही था उनका ख़ज़ाना?" कुछ लोग मुस्कुरा दिए। लेकिन दयानाथ शांत रहे। उन्होंने गमछा हटाया। नीचे रखा एक कागज़ सबकी नज़र में आया। उस पर बड़े अक्षरों में लिखा था— "यदि तुम यह पढ़ रहे हो, तो समझो कि तुमने मुझे समझे बिना मेरे बारे में निर्णय ले लिया था।" पूरा बरामदा फिर एक बार खामोश हो गया। दयानाथ ने आगे पढ़ना शुरू किया— "मेरे संदूक में धन नहीं मिलेगा।धन वहाँ है, जहाँ उसकी सबसे अधिक आवश्यकता थी।यहाँ केवल उसके प्रमाण हैं।" रामदीन ने आश्चर्य से पूछा— "प्रमाण? किस बात के?" दयानाथ ने लाल पोटली खोली। उसमें पुराने बैंक जमा-पर्चे, कुछ रसीदें और कई छोटे-छोटे कागज़ थे। लेकिन हर पर्ची पर केवल संकेत लिखे थे— पहली फ़सल स्कूल की फीस दवा बेटी का विवाह किसी का पूरा नाम नहीं। कोई पूरी तारीख़ नहीं। सब कुछ जैसे जानबूझकर अधूरा छोड़ा गया था। उसी समय भीड़ में खड़े मास्टर रामविलास की नज़र एक रसीद पर पड़ी। उन्होंने उसे हाथ में लिया। उनके चेहरे का रंग बदल गया। "यह... यह तो मेरे स्कूल की फीस की रसीद है..." वे काँपती आवाज़ में बोले। रसीद के पीछे नीली स्याही से एक पंक्ति लिखी थी— "बच्चे को यह कभी मत बताना कि उसकी फीस किसने भरी। शिक्षा पर नाम नहीं, भविष्य लिखा जाना चाहिए।" रामविलास की आँखें भर आईं। उन्होंने धीमे स्वर में कहा— "तो... वह बच्चा मैं था..." बरामदे में खड़े लोग स्तब्ध रह गए। जिस व्यक्ति को उन्होंने जीवन भर कठोर और कंजूस समझा, वही किसी बच्चे की पढ़ाई का आधार बना था। लेकिन रहस्य अभी बाकी था। दयानाथ ने संदूक के सबसे नीचे रखा लकड़ी का छोटा डिब्बा उठाया। उस पर पीतल की पट्टी जड़ी थी। उसमें केवल तीन शब्द खुदे थे— "अभी नहीं..." सरपंच ने उत्सुकता से पूछा— "इसे क्यों नहीं खोलते?" दयानाथ ने गंभीर स्वर में कहा— "शिवनारायण जी की इच्छा थी कि यह डिब्बा तभी खुले, जब इस गाँव का पहला व्यक्ति यह स्वीकार करे कि उसने उन्हें गलत समझा था।" बरामदे में फिर सन्नाटा छा गया। कोई कुछ बोल नहीं पाया। तभी भीड़ के पीछे खड़े रामदीन ने अपनी लाठी ज़मीन पर टिकाई। उनकी आवाज़ भर्रा गई। "शायद... सबसे पहले वह आदमी मैं हूँ।" और उसी क्षण... वर्षों से बनी धारणाओं में पहली दरार पड़ गई। क्रमशः... अगले भाग में पढ़िए: "पहला नाम" केवल भारतार्थ ख़बर पर प्रकाशित धारावाहिक उपन्यास — मौन दान. अगर आपने इस उपन्यास का पहला भाग नहीं पढ़ा है तो यहां पढ़िए नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में इन पोस्ट्स पर अपनी राय ज़रूर दें। आपका नज़रिया ही लोकतंत्र की ताकत है; देश के निर्माण में आपकी अहम भूमिका है। सटीक, वैज्ञानिक और साहित्यिक खबरें पढ़ने के लिए 'भारतार्थ समाचार' से जुड़े रहें। अपना समर्थन दिखाएं—हमें लाइक, शेयर और फ़ॉलो करें—ताकि हर ज़रूरी अपडेट आपको सबसे पहले मिले। ताज़ा खबरों के लिए "भारतार्थ खबर" के साथ बने रहें।

  • धारवाड़ में पहली बार होगा संत श्री विज्ञान देव जी महाराज का दिव्य आगमन, विश्वशांति संदेश से गूंजेगा शहर

    24 जुलाई को तीन घंटे का भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम, 5-कुंड वैदिक हवन, विहंगम योग ध्यान और अमृतमय प्रवचन का मिलेगा दुर्लभ अवसर भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) धारवाड़ | 22 जुलाई, 2026। धारवाड़। आध्यात्मिक चेतना, आत्म-जागरण और विश्वशांति का संदेश लेकर विश्वविख्यात काशी विहंगम योग आश्रम के महान संत परम पूज्य श्री विज्ञान देव जी महाराज पहली बार 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को धारवाड़ पहुंच रहे हैं। यह ऐतिहासिक अवसर न केवल धारवाड़ बल्कि पूरे उत्तर कर्नाटक के श्रद्धालुओं और साधकों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष दिसंबर में भारत की आध्यात्मिक राजधानी काशी (वाराणसी) में विहंगम योग संस्थान द्वारा 25,000 कुंडों का विश्वशांति महायज्ञ आयोजित किया जाएगा, जिसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में स्थापित करने की तैयारी चल रही है। इस विराट आयोजन में भारत सहित अनेक देशों से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसी महायज्ञ के लिए जनजागरण एवं आमंत्रण अभियान के तहत "स्वर वेद संदेश यात्रा – स्व-जागरूकता से राष्ट्र जागरूकता" निकाली जा रही है, जिसका नेतृत्व परम पूज्य श्री विज्ञान देव जी महाराज कर रहे हैं। इसी यात्रा के क्रम में संत श्री विज्ञान देव जी महाराज शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे धारवाड़ के श्री चन्नबसव तैव्वनवरा कल्याण मंडप, तैव्वनवरा लेआउट, हेब्बल्ली रोड, अयप्पा स्वामी मंदिर के निकट आयोजित भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम लगभग तीन घंटे तक चलेगा, जिसमें अमृतमय आध्यात्मिक प्रवचन, 5-कुंड विश्वशांति वैदिक हवन, ब्रह्मविद्या विहंगम योग मेडिटेशन तथा गाइडेड साधना अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह साधना आत्मिक उन्नति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक जागरण का प्रभावी माध्यम है। आयोजन समिति के अनुसार विहंगम योग की यह दिव्य साधना सनातन योग परंपरा पर आधारित है, जिसका उल्लेख भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए दिव्य ज्ञान से जुड़ा माना जाता है। इसी साधना के माध्यम से ऋषि-मुनियों ने आत्मसाक्षात्कार और परम सत्य की अनुभूति प्राप्त की थी। पतंजलि योग पीठ, कर्नाटक राज्य प्रभारी एवं आयोजन समिति के मार्गदर्शक श्री भवरलाल आर्य ने हुबली-धारवाड़ सहित आसपास के सभी नागरिकों से इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक कार्यक्रम में परिवार सहित भाग लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के पश्चात सभी श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की भी व्यवस्था रहेगी। इस अवसर पर विहंगम योग संस्था के प्रचारक नितिन अग्रवाल, मुक्ति रंजन, श्री बाबा रामदेव सेवा संस्था, धारवाड़ के अध्यक्ष स्वरूप राम चौधरी, आयोजन समिति के सदस्य मोहन लाल सिरवी, दुदा राम चौधरी, माला राम देवासी, पतंजलि परिवार के रमेश सुलाके, उमा अगाड़ी, लीलावती संब्रानी, नागरत्ना सुलाखे, बसवराज मम्मिगट्टी, उमेश कुलकर्णी, सविता, बसवराज हीरेमठ, ललिता, गायत्री, गीता, शंभुलिंगप्पा, वीरेश सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • शिकारपुरा तीर्थ धाम से गूंजा गुरुवाणी का दिव्य संदेश, आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक एकता का आह्वान

    गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान की जन्मस्थली व समाधि स्थल से संस्कार, शिक्षा और नशामुक्त समाज का दिया गया प्रेरक संदेश भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) शिकारपुरा | 22 जुलाई, 2026 शिकारपुरा। पश्चिमी राजस्थान के प्रसिद्ध पावन तीर्थ धाम शिकारपुरा से आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक एकता और संस्कारित जीवन का संदेश निरंतर प्रवाहित हो रहा है। गुरु महाराज श्री श्री 1008 श्री राजाराम जी महाराज की कृपा और गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान की पावन जन्मस्थली एवं समाधि स्थल से प्रसारित हो रही गुरुवाणी श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक समरसता की प्रेरणा दे रही है। आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े श्रद्धालुओं के अनुसार शिकारपुरा तीर्थ धाम को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। यहां से प्रसारित होने वाला संदेश "जो फल होवे द्वारका, वो फल मारे द्वार" की भावना को आत्मसात करते हुए समाज में आध्यात्मिक जागरण, सेवा, संस्कार और संगठनात्मक एकता का संदेश दे रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह तीर्थ धाम समाज को आत्मिक उन्नति के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी मार्ग दिखाता है। गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान की जन्मस्थली पालना घर तथा समाधि स्थल से प्रसारित गुरुवाणी का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, शिक्षा और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना भी है। इसी क्रम में परम साध्वी श्री श्री 1008 श्री भगवती बाई (दाताश्री) द्वारा श्रद्धालुओं को सात्विक जीवन, आत्मिक विकास और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि समाज के प्रत्येक बालक और बालिका को संस्कारयुक्त शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए, जिससे वे भविष्य में जिम्मेदार, शिक्षित और आदर्श नागरिक बन सकें। साथ ही युवाओं से नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अनुशासित एवं चरित्रवान जीवन अपनाने का आह्वान किया गया। उन्होंने महिलाओं और पुरुषों दोनों को अहंकार त्यागकर प्रेम, सहयोग और सेवा की भावना के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी। गुरुवाणी में समाज की संगठनात्मक एकता पर भी विशेष बल दिया गया। संदेश में कहा गया कि शिक्षा, संस्कार, आध्यात्मिकता और आधुनिक सोच के समन्वय से ही समाज मजबूत बन सकता है। इसी उद्देश्य से श्रद्धालुओं को आपसी सहयोग, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया जा रहा है। वर्तमान गादीपति महंत श्री श्री 108 श्री दयाराम जी महाराज के मार्गदर्शन में शिकारपुरा तीर्थ धाम समाज हित के अनेक धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों का केंद्र बना हुआ है। श्रद्धालुओं को गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान के जीवन आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज सेवा, शिक्षा, संस्कार और आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया जा रहा है। धार्मिक प्रवचनों में भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थलियों मथुरा, गोकुल, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव, वृंदावन और द्वारका के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि समाज तभी प्रगति करेगा जब नई पीढ़ी आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को भी आत्मसात करेगी। श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान तथा श्री ठाकुर जी महाराज से सभी गुरु भक्तों, समाजजनों और राष्ट्रवासियों के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की।

  • गांधी बाजार स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नया नियम, अब केवल तय स्थानों पर ही लगेगी दुकान

    बीसीसीसी की सख्ती: हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार फुटपाथ पर चिह्नित वेंडिंग ज़ोन में ही मिलेगा कारोबार का अधिकार भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 22 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। राजधानी बेंगलुरु के ऐतिहासिक गांधी बाजार में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नया और महत्वपूर्ण नियम लागू किया जा रहा है। अब सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले विक्रेताओं को केवल निर्धारित वेंडिंग ज़ोन में ही अपना कारोबार करने की अनुमति होगी। यह निर्णय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है, ताकि स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका सुरक्षित रहे और पैदल यात्रियों को भी सुरक्षित एवं बाधारहित फुटपाथ उपलब्ध हो सके। इस संबंध में बेंगलुरु सेंट्रल सिटी कॉर्पोरेशन (BCCC) के आयुक्त जगदीश जी ने चिकपेट डिवीजन स्थित गांधी बाजार मेन रोड पर स्ट्रीट वेंडर्स के लिए निर्धारित वेंडिंग स्पेस के आवंटन को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। आयुक्त ने कहा कि फुटपाथ पर केवल उन स्थानों पर ही विक्रेताओं को व्यापार करने की अनुमति दी जाएगी, जिन्हें पहले से सफेद सीमा रेखाओं द्वारा चिह्नित किया गया है। इन चिह्नित स्थानों के बाहर किसी भी प्रकार का अस्थायी व्यवसाय या अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य दोहरा है। एक ओर स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका को सुरक्षित रखना और दूसरी ओर पैदल चलने वाले नागरिकों को सुगम, सुरक्षित और बाधारहित मार्ग उपलब्ध कराना। लंबे समय से गांधी बाजार में फुटपाथों पर अव्यवस्थित दुकानों के कारण राहगीरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। नई व्यवस्था से इन समस्याओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। बीसीसीसी ने गांधी बाजार क्षेत्र के फुटपाथों पर सफेद सीमा रेखाओं के माध्यम से वेंडिंग ज़ोन चिन्हित करने का कार्य भी शुरू कर दिया है। इन सीमांकन रेखाओं के भीतर ही स्ट्रीट वेंडर्स अपने ठेले या सामान लगा सकेंगे। इससे न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि बाजार क्षेत्र अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित भी दिखाई देगा। बैठक में अधिकारियों ने वेंडिंग ज़ोन के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी व्यवस्था और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि निर्धारित स्थानों के बाहर व्यवसाय करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त (विकास) वेंकटचलपति, संयुक्त आयुक्त हेमंत शरण, उप विधि अधिकारी, कार्यकारी अभियंता, कल्याण विभाग के सहायक राजस्व अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वेंडिंग ज़ोन व्यवस्था लागू करते समय स्ट्रीट वेंडर्स के अधिकारों और आम नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखा जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में बेंगलुरु के अन्य व्यस्त बाजारों में भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू की जा सकती है। इससे शहरी प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और फुटपाथों के बेहतर उपयोग में सहायता मिलेगी।

  • बेंगलुरु में 28 करोड़ रुपये के ड्रग्स का बड़ा भंडाफोड़, 7 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

    सेंट्रल क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, एमडीएमए, कोकीन, गांजा, अफीम और मेफेड्रोन की भारी खेप बरामद भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 22 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की एंटी-नारकोटिक्स विंग ने बड़ी सफलता हासिल की है। तीन अलग-अलग अभियानों में पुलिस ने 7 अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर लगभग 28 करोड़ रुपये मूल्य के विभिन्न नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। यह कार्रवाई हाल के समय में शहर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण अभियानों में से एक मानी जा रही है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विदेशी ड्रग सिंडिकेट स्थानीय तस्करों के माध्यम से बेंगलुरु सहित विभिन्न राज्यों में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इसी इनपुट के आधार पर एंटी-नारकोटिक्स विंग ने योजनाबद्ध तरीके से तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की। पहले अभियान में पुलिस ने 12.92 किलोग्राम एमडीएमए क्रिस्टल और 60 ग्राम कोकीन बरामद की। पुलिस के अनुसार इन मादक पदार्थों का अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य करीब 26.45 करोड़ रुपये है। इस मामले में कलीम (19), कनाया (20), सत्यम (19) और साहिल कुमार (22) को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के विभिन्न राज्यों में सक्रिय ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। दूसरे अभियान में पुलिस ने केरल निवासी पीयूष एस. जैकब को गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह विल्सन गार्डन क्षेत्र में अपने नेटवर्क के माध्यम से गांजे की तस्करी कर रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर उसके ठिकाने पर छापेमारी की गई, जहां से 33.2 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 33.2 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप किन राज्यों में भेजी जानी थी। तीसरे अभियान में चिक्कजाला क्षेत्र से राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से 7 किलोग्राम अफीम तथा 200 ग्राम मेफेड्रोन जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 1.15 करोड़ रुपये है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह मादक पदार्थ किस स्रोत से लाया गया था और किन ग्राहकों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों और सप्लाई चैन की पहचान की जा रही है। डिजिटल उपकरणों, मोबाइल फोन और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। यह पूरा अभियान पुलिस उपायुक्त (अपराध-2) राजा इमाम कासिम पी. की निगरानी तथा सहायक पुलिस आयुक्त एल.वाई. राजेश के नेतृत्व में एंटी-नारकोटिक्स विंग की टीम ने संचालित किया। अधिकारियों ने कहा कि शहर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समाज को नशे के खतरे से बचाया जा सके।

  • आर. अशोक ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

    विपक्ष के नेता बोले— विधायक पर हमला पुलिस हिरासत में हुआ, निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 22 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को उस समय नया मोड़ आ गया जब विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भाजपा विधायक पर हुए कथित हमले को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना पूर्व नियोजित थी तथा दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होने पर भाजपा विधायक और विधान परिषद सदस्य अगले दिन विधानसभा परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष विरोध प्रदर्शन करेंगे। मीडिया से बातचीत में आर. अशोक ने दावा किया कि संबंधित विधायक पर हमला उस समय हुआ जब वे पुलिस की निगरानी में थे। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा पुलिस अभिरक्षा में भी सुनिश्चित नहीं हो पाती, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। आर. अशोक ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष रूप से कार्य करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक सरकार या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। विपक्ष के नेता ने कहा कि भाजपा ने पुलिस आयुक्त के समक्ष इस घटना को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने पुलिस को कथित हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए समय-सीमा भी दी है। उनके अनुसार यदि निर्धारित समय तक कार्रवाई नहीं होती है तो भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना और निष्पक्ष जांच की मांग करना है। आर. अशोक ने कहा कि पार्टी नेतृत्व आगे की रणनीति पर विचार करेगा और प्रदेश अध्यक्ष से चर्चा के बाद अगले चरण के आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है। उधर, प्रशासन की ओर से अभी तक जांच जारी रहने की जानकारी दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। राजनीतिक घटनाओं के बीच यह मामला अब कानून-व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही दोनों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी पक्षों की नजर अब पुलिस जांच और संभावित प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। > नोट: इस समाचार में आर. अशोक द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके सार्वजनिक बयान के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।

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