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NEET आंदोलन के बीच राहुल गांधी पर उठे सवाल, सोनम वांगचुक की पत्नी ने जताई नाराजगी

  • Writer: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 11 hours ago
  • 3 min read

'PMO के बाहर नहीं, जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ बैठना चाहिए था', गीतांजलि आंग्मो का बड़ा बयान

Red-haired woman speaks to reporters amid a cluster of microphones outdoors near a fence.

भारतार्थ खबर संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 23 जुलाई, 2026 राहुल गांधी पर सोनम वांगचुक की पत्नी का बयान राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के मुद्दे पर वास्तविक संवेदनशीलता होती तो उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के बाहर प्रदर्शन करने के बजाय जंतर-मंतर पर छात्रों के बीच जाकर उनका समर्थन करना चाहिए था। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।


मीडिया से बातचीत में गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि वह उन सभी राजनीतिक दलों और व्यक्तियों के साथ हैं जो देश के बेहतर भविष्य और छात्रों के हितों के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी के हालिया प्रदर्शन को लेकर कहा कि उसमें उन्हें ईमानदारी की कमी दिखाई दी। उनके अनुसार, यदि उद्देश्य वास्तव में छात्रों के साथ खड़ा होना था तो प्रदर्शन का स्थान जंतर-मंतर होना चाहिए था, जहां छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि आज का भारत जागरूक है और लोग केवल प्रतीकात्मक राजनीति से प्रभावित नहीं होंगे। उनके अनुसार जनता अब नेताओं के हर कदम को गंभीरता से परखती है और वास्तविक प्रतिबद्धता की अपेक्षा करती है।


इस बीच आम आदमी पार्टी ने भी गीतांजलि आंग्मो का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा करते हुए राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए। पार्टी ने अपने संदेश में कहा कि यदि छात्रों के हित सर्वोपरि होते तो राहुल गांधी को छात्रों के साथ धरना स्थल पर मौजूद होना चाहिए था, न कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करना चाहिए था।


दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है और इसे राजनीतिक लाभ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।


नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के शासनकाल में हुए पेपर लीक मामलों पर चर्चा करने से बचते रहे। उन्होंने कहा कि यदि पूरे विषय पर निष्पक्ष चर्चा हो तो सभी सरकारों के दौरान हुई घटनाओं पर समान रूप से विचार होना चाहिए।


उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। सरकार का कहना है कि छात्रों की चिंताओं का समाधान लोकतांत्रिक संवाद और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा प्रणाली का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बन चुका है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगा रहा है।


«नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप, बयान और प्रतिक्रियाएं संबंधित नेताओं एवं पक्षों के सार्वजनिक वक्तव्यों पर आधारित हैं। इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।»

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