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मुर्शिदाबाद में रामनवमी जुलूस पर बवाल, हिंसा से सुलगा बंगाल; ईसी ने ममता के बयान पर मांगी रिपोर्ट

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 28
  • 2 min read

Updated: Apr 18

पथराव-आगजनी में कई घायल, रघुनाथगंज में धारा 144 लागू; चुनाव आयोग सख्त, इंस्पेक्टर निलंबित


Mamata Banerjee signals silence over Ram Navami procession in Bengal

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

कोलकाता/मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है। मुर्शिदाबाद जिले में रामनवमी जुलूस के दौरान भड़की हिंसा ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक कथित बयान पर भारत का चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सख्त रुख अपनाते हुए रिपोर्ट तलब की है।

जुलूस के दौरान भड़की हिंसा, कई घायल

जानकारी के अनुसार, मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज क्षेत्र में शुक्रवार को रामनवमी जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। बताया जा रहा है कि सिसातला इलाके में तेज संगीत बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते उग्र हो गया। फूलतला क्रॉसिंग सहित तीन अलग-अलग स्थानों पर पथराव, लूटपाट और दुकानों में आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इस हिंसा में कई लोग घायल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पतालों में इलाज जारी है।

केंद्रीय बल तैनात, धारा 144 लागू

स्थिति बिगड़ते देख स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य केंद्रीय बलों को तैनात किया गया। प्रशासन ने रघुनाथगंज में धारा 144 लागू कर दी है, जिसके तहत चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं और उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप

घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने हिंसा को “पूर्व नियोजित” बताते हुए राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। वहीं सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

ममता के बयान पर चुनाव आयोग सख्त

इसी बीच, चुनाव आयोग ने 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दिए गए एक भाषण पर संज्ञान लिया है। आरोप है कि उन्होंने मतदान के दौरान महिलाओं से बड़ी संख्या में बूथ पर मौजूद रहने और आवश्यकता पड़ने पर “घरेलू उपकरणों” के इस्तेमाल की बात कही थी। आयोग ने इस कथित बयान के वीडियो की जांच शुरू कर दी है और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

लापरवाही पर पुलिस अधिकारी निलंबित

चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती बाजार में चुनावी हिंसा के मामले में बासंती थाने के इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आयोग का कहना है कि पूर्व सूचना होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई।

निष्पक्ष चुनाव बड़ी चुनौती

लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं और तीखी राजनीतिक बयानबाजी ने राज्य में चुनावी माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसे में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना भारत का चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। आगामी मतदान और मतगणना से पहले प्रशासन और आयोग दोनों ही स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

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