top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

केरल में सियासी संग्राम: सतीशन पर आरएसएस से समर्थन मांगने का आरोप, कांग्रेस नेता ने किया खंडन

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 2 days ago
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

तिरुवनंतपुरम। केरल की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े एक वरिष्ठ नेता के दावे ने सियासी माहौल गरमा दिया है। संघ समर्थक संगठन ‘हिंदू ऐक्य वेदी’ के प्रदेश अध्यक्ष आर.वी. बाबू ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता और यूडीएफ चेयरमैन वी.डी. सतीशन ने वर्ष 2001 और 2006 के विधानसभा चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए आरएसएस नेताओं से संपर्क कर उनका समर्थन मांगा था।


आर.वी. बाबू ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि सतीशन पहले 2006 में आरएसएस के एक कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार करते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। बाबू ने सवाल उठाते हुए कहा, “जब वे इस बात को मान चुके हैं, तो भविष्य में यह भी स्वीकार करना पड़ेगा कि उन्होंने चुनाव जीतने के लिए आरएसएस की मदद मांगी थी।”


बाबू ने आगे कहा कि 1996 के विधानसभा चुनाव में सतीशन को सीपीआई के उम्मीदवार पी. राजू से करारी हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए आरएसएस का रुख किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्वयं सतीशन की हार चाहते हैं और यूडीएफ तथा एलडीएफ को एक ही सिक्के के दो पहलू मानते हैं।


वहीं, इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वी.डी. सतीशन ने सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी आरएसएस या भाजपा से समर्थन नहीं मांगा। सतीशन ने आरोप लगाया कि बाबू व्यक्तिगत कारणों से कांग्रेस विरोधी रुख अपना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाबू का यह बयान कि वे उन्हें हराना चाहते हैं, इस बात का प्रमाण है कि उनके और आरएसएस के बीच कोई समझौता नहीं है।


सतीशन ने इस मौके पर सीपीआई(एम) और आरएसएस के बीच कथित सांठगांठ के अपने पुराने आरोपों को भी दोहराया। साथ ही उन्होंने पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के सीपीआई(एम) को समर्थन देने के फैसले पर सवाल उठाते हुए उसकी धर्मनिरपेक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लगाया।


राज्य में चुनावी माहौल के बीच इस तरह के आरोपों ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। फिलहाल, दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं, जिससे यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page