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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

23अक्टूबर /2026 /शुक्रवार

बेंबेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। अच्छी तनख्वाह वाली कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर खेती और किसानों के साथ काम करने का फैसला आसान नहीं होता। बेंगलुरु के शशि कुमार ने इसी राह को चुना और वर्ष 2010 में ‘अक्षयकल्पा ऑर्गेनिक’ की नींव रखी। शुरुआती वर्षों में कारोबार को गंभीर आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ा। स्थिति ऐसी भी आई कि कंपनी को संभालने के लिए उनकी पत्नी शिल्पा जी ने अपनी बचत से 30 लाख रुपये लगाए। संघर्ष के उस दौर से आगे बढ़ते हुए आज यह उद्यम जैविक डेयरी उत्पादों और किसान-केंद्रित व्यवसाय मॉडल के लिए जाना जाता है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। अच्छी तनख्वाह वाली कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर खेती और किसानों के साथ काम करने का फैसला आसान नहीं होता। बेंगलुरु के शशि कुमार ने इसी राह को चुना और वर्ष 2010 में ‘अक्षयकल्पा ऑर्गेनिक’ की नींव रखी। शुरुआती वर्षों में कारोबार को गंभीर आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ा। स्थिति ऐसी भी आई कि कंपनी को संभालने के लिए उनकी पत्नी शिल्पा जी ने अपनी बचत से 30 लाख रुपये लगाए। संघर्ष के उस दौर से आगे बढ़ते हुए आज यह उद्यम जैविक डेयरी उत्पादों और किसान-केंद्रित व्यवसाय मॉडल के लिए जाना जाता है।

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चेन्नई में संत श्री राजारामजी महाराज का 144वां जन्मोत्सव श्रद्धा व उल्लास के साथ सम्पन्न

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
27 मार्च
1 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 18 अप्रैल

Men celebrating Sant Shri Rajaramji Maharaj's 144th birthday.

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

चेन्नई। साहूकारपेट स्थित श्री राजेश्वर भवन में संत श्री राजारामजी महाराज का 144वां जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विधि-विधान से हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।


कार्यक्रम की शुरुआत रात्रि में कलश स्थापना के साथ हुई। इसके बाद आयोजित भजन संध्या में भजन गायक पुखराज सेणचा एंड पार्टी ने गणेश वंदना से भजनों का शुभारंभ किया। भजन मंडली द्वारा संत श्री राजारामजी महाराज की महिमा, उनके उपदेशों एवं भविष्यवाणियों पर आधारित अनेक मधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भजनों के दौरान आगामी समारोहों के लिए चढ़ावे भी बोले गए, जिसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और उत्साहपूर्वक सहयोग दिया। रात्रि 12 बजे महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की विशेष उपस्थिति रही। इसके पश्चात सुबह प्रभात आरती के साथ रात्रि जागरण का समापन हुआ।


गुरुवार प्रातः श्री राजेश्वर भगवान को विधिवत भोग अर्पित किया गया, जिसके बाद सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही आयोजित भव्य सभा में समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रोत्साहन, भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य, तथा युवाओं को व्यापार एवं अच्छे संस्कारों की ओर प्रेरित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भजन प्रस्तुत कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई और व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। समाज सेवकों ने भी आयोजन को सफल बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी दिनेश जी करड़ द्वारा प्रदान की गई।

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