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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • झारखंड में बारिश से दुर्गा पूजा की तैयारियों को झटका, पंडालों की सजावट प्रभावित

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com रांची, 17 अक्टूबर 2026। झारखंड के कुछ इलाकों में बारिश के कारण दुर्गा पूजा की तैयारियां प्रभावित होने की खबर है। रांची, खूंटी और गिरिडीह सहित विभिन्न क्षेत्रों में पूजा पंडालों के निर्माण और सजावट को नुकसान पहुंचने की सूचना है। त्योहार से पहले हुई बारिश ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है। पंडालों को सुरक्षित रखने और सजावट का काम समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं। दुर्गा पूजा के अवसर पर राज्य के विभिन्न शहरों और कस्बों में आकर्षक पंडाल, रोशनी और सजावट की तैयारियां की जाती हैं। ऐसे में बारिश होने से खुले स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्य, सजावटी सामग्री और विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। हालांकि, संबंधित क्षेत्रों में नुकसान की वास्तविक मात्रा और प्रभावित पंडालों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। मौसम के पूर्वानुमान पर आयोजकों की नजर मौसम संबंधी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को झारखंड के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई थी। यदि मौसम अनुकूल रहता है, तो आयोजकों को रुके हुए काम पूरे करने और पंडालों की तैयारियों को गति देने में मदद मिल सकती है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति अलग-अलग हो सकती है, इसलिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है। बारिश के बाद पूजा समितियों के लिए पंडालों की संरचना, अस्थायी विद्युत कनेक्शन, रोशनी के उपकरण और दर्शकों के आवागमन वाले रास्तों की जांच करना महत्वपूर्ण है। पानी जमा होने वाले स्थानों पर निकासी की व्यवस्था और बिजली के तारों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजन समितियों, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। मौसम के कारण क्षतिग्रस्त हुई संरचनाओं की मरम्मत और सुरक्षा मानकों की जांच समय रहते पूरी की जानी चाहिए, ताकि उत्सव के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका कम हो। बारिश से तैयारियों में आई बाधा के बावजूद पूजा समितियों के सामने समय पर व्यवस्थाएं पूरी करने की चुनौती है। मौसम की स्थिति पर नजर रखने, जरूरी मरम्मत करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने से दुर्गा पूजा का आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में मदद मिल सकती है।

  • ओडिशा में अंत्योदय गृह योजना को 2029 तक विस्तार, ग्रामीण आवास के लाभार्थियों को राहत की उम्मीद

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com भुवनेश्वर,17 अक्टूबर 2026। ओडिशा सरकार ने ग्रामीण आवास से जुड़ी अंत्योदय गृह योजना को वर्ष 2029 तक जारी रखने का फैसला किया है। इस निर्णय से योजना के तहत आवास सहायता की उम्मीद रखने वाले जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है। अब योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र लाभार्थियों की पहचान और सहायता वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ आवास आज भी एक बड़ी जरूरत है। ऐसे में आवास योजनाएं केवल घर उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि परिवारों की सुरक्षा, जीवन स्तर और सामाजिक स्थिरता से भी जुड़ी होती हैं। योजना की अवधि बढ़ाए जाने से इसके कार्यान्वयन के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध हो सकता है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी पहुंच पर निर्भर करेगा। पात्रता और पारदर्शिता होगी अहम कसौटी योजना के विस्तार के साथ यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि लाभार्थियों का चयन निर्धारित नियमों और पात्रता मानकों के अनुसार हो। आवेदन प्रक्रिया, लाभार्थियों की सूची, सहायता राशि तथा आवास निर्माण की प्रगति से संबंधित जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे पात्र परिवारों को योजना का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया भी मजबूत हो सकेगी। ग्रामीण आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में कई बार दस्तावेजों की कमी, प्रशासनिक देरी, निर्माण सामग्री की बढ़ती लागत और स्थानीय स्तर पर समन्वय जैसी चुनौतियां सामने आती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण है। केवल योजना की अवधि बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा; निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और समयबद्ध सहायता भी आवश्यक है। घोषणा से आगे, जमीन पर लाभ पहुंचाना जरूरी अंत्योदय गृह योजना का उद्देश्य और उसका वास्तविक प्रभाव तभी स्पष्ट होगा, जब पात्र परिवारों को समय पर सहायता मिले और आवास निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा हो। इसके लिए लाभार्थियों की पहचान से लेकर निर्माण की प्रगति और सहायता वितरण तक जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। ओडिशा सरकार के इस फैसले के बाद अब निगाहें योजना के विस्तृत दिशा-निर्देशों, पात्रता संबंधी प्रावधानों और जमीनी क्रियान्वयन पर रहेंगी। वर्ष 2029 तक योजना जारी रखने का निर्णय ग्रामीण आवास के क्षेत्र में अवसर प्रदान कर सकता है, लेकिन इसकी सफलता का आकलन वास्तविक लाभार्थियों की संख्या, समय पर सहायता और तैयार हुए घरों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

  • विजयेंद्र का कांग्रेस पर वित्तीय मदद का आरोप, सूखे और गन्ना किसानों की समस्याओं पर भी उठाए सवाल

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com चित्रदुर्ग,17 अक्टूबर 2026। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस पर कॉकरोच जनता पार्टी (केजेपी) को वित्तीय सहायता देने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीतिक अस्थिरता और भ्रम पैदा करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही विजयेंद्र ने स्टिंग ऑपरेशन की निष्पक्ष जांच, मैसूर दशहरा में कथित अव्यवस्थाओं, सूखे की स्थिति और गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। मीडिया से बातचीत के दौरान विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयानों के आधार पर केजेपी और अन्य संगठनों को वित्तीय सहायता दिए जाने को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने विदेशी स्रोतों से भी वित्तीय मदद मिलने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उपलब्ध जानकारी में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए इन दावों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही हो सकती है।विजयेंद्र ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक संगठन को वैध तरीके से अपनी बात रखने और संघर्ष करने का अधिकार है। लेकिन चुनावी हार से निराश होकर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए विभिन्न संगठनों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और विपक्षी दलों की ऐसी कोशिशें राज्य तथा देश में भ्रम पैदा करने में सफल नहीं होंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता के विश्वास का भी उल्लेख किया। हिरियूर उपचुनाव के उम्मीदवार पर कोर कमेटी में चर्चा हिरियूर विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर विजयेंद्र ने बताया कि पार्टी की कोर कमेटी में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई है। उनके अनुसार, उम्मीदवारों की सूची केंद्रीय चुनाव समिति को भेजी जाएगी। अंतिम निर्णय पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा। स्टिंग ऑपरेशन की निष्पक्ष जांच की मांग स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े विवाद पर विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे को उठाया और सार्वजनिक किया था। उन्होंने मामले में केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहने के बजाय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। विजयेंद्र ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके पद या राजनीतिक प्रभाव की परवाह किए बिना कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मामले की पूरी जांच कराकर तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचने की आवश्यकता पर जोर दिया। मैसूर दशहरा में व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पर निशाना विजयेंद्र ने मैसूर दशहरा के दौरान पशु मेले में कथित अव्यवस्थाओं पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था नहीं थी और मेले में आए किसानों के भोजन का भी उचित प्रबंध नहीं किया गया। महिला दशहरा में शामिल होने वाली महिलाओं के लिए भोजन की व्यवस्था तथा विजेताओं को पुरस्कार वितरण में भी कमियां होने का दावा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर इन समस्याओं से ध्यान हटाकर दूसरे मुद्दों में उलझे रहने का आरोप लगाया। हालांकि, इन व्यवस्थागत कमियों की वास्तविक स्थिति का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है। सूखे से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की अपील राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति का उल्लेख करते हुए विजयेंद्र ने सरकार से किसानों को राहत देने के लिए सक्रिय कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से 2,500 रुपये की सहायता की घोषणा किए जाने के बावजूद किसानों को प्रभावी राहत पहुंचाने के लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है। उनके अनुसार, सूखे से प्रभावित लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विधान परिषद चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में और घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। गन्ना किसानों के आंदोलन को भाजपा का समर्थन गन्ना किसानों के संघर्ष और मार्च के बारे में विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा किसानों की मांगों का समर्थन करती है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और शिवराज सिंह चौहान किसान नेताओं से मिलकर बातचीत कर चुके हैं। किसानों की समस्याओं पर विचार करने के लिए एक समिति गठित किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया। विजयेंद्र के अनुसार, समिति दशहरे के बाद किसानों से बातचीत कर उनकी मांगों पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं का समाधान केवल केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि राज्य सरकार को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। किसानों की ओर से चीनी मिलों में गन्ने के वजन में कथित हेराफेरी किए जाने की शिकायतों पर भी उन्होंने जांच की मांग की। उनका कहना था कि यदि ऐसी शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो किसानों को न्याय मिलना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। राजनीतिक आरोपों के बीच सूखा राहत, दशहरा आयोजन की व्यवस्थाओं और गन्ना किसानों की शिकायतों जैसे मुद्दों पर प्रशासनिक जवाबदेही महत्वपूर्ण बनी हुई है। इन मामलों में निष्पक्ष जांच, तथ्यों की पुष्टि और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना सरकार तथा संबंधित संस्थाओं की प्राथमिकता होनी चाहिए।

  • मेडी अग्रहारा शेल्टर में आवारा कुत्तों की देखभाल पर जोर, पौष्टिक आहार से टीकाकरण तक की व्यवस्था

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु,17 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन का पशुपालन विभाग मेडी अग्रहारा स्थित स्ट्रीट डॉग शेल्टर में रखे गए कुत्तों के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा पर ध्यान दे रहा है। निगम के अनुसार, लगभग 500 कुत्तों की क्षमता वाले इस आश्रय स्थल में कुत्तों को पौष्टिक भोजन, एंटी-रेबीज टीकाकरण, कृमिनाशक दवाएं और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह व्यवस्था सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन के तहत संचालित की जा रही है। निगम के पशुपालन विभाग की देखरेख में संचालित शेल्टर में कुत्तों के स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। विभाग के अनुसार, आश्रय स्थल में लाए जाने वाले प्रत्येक कुत्ते के स्वास्थ्य की जांच की जाती है और उसका वजन दर्ज किया जाता है। पशु चिकित्सकों की सलाह तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्हें कृमिनाशक दवाएं और एंटी-रेबीज वैक्सीन दी जाती हैं। बीमार या घायल कुत्तों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के साथ उनकी सेहत पर भी नजर रखी जाती है। पौष्टिक भोजन और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पशुपालन विभाग के मुताबिक, शेल्टर में रह रहे कुत्तों को उनकी उम्र, वजन और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार दिन में दो से तीन बार भोजन दिया जाता है। भोजन में चिकन, चावल, सब्जियां और पोषण संबंधी जरूरतों के अनुरूप अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोजन तैयार करने और वितरित करने के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है। कुत्तों को अलग-अलग कटोरों में खाना दिया जाता है और उनके लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। विभाग का कहना है कि पशुओं की पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोजन प्रबंधन किया जा रहा है। बीमार और घायल कुत्तों को मिलता है उपचार निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को शेल्टर में एक कुत्ते को चिकित्सकीय उपचार दिया गया। इसी दिन पशुपालन विभाग ने भोजन तैयार करने और वितरित करने की प्रक्रिया, स्वास्थ्य प्रबंधन तथा केनेल की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने शेल्टर प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कुत्तों के भोजन, चिकित्सा देखभाल, स्वच्छता और सुरक्षा से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। बीमार पशुओं की समय पर पहचान और उपचार को भी महत्वपूर्ण बताया गया। केनेल की सफाई और सुरक्षित आवास पर ध्यान शेल्टर में कुत्तों के सुरक्षित रहने के लिए अलग-अलग केनेल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। निगम के अनुसार, केनेल तथा आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए नियमित कदम उठाए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग ने प्रबंधन कर्मचारियों को पशुओं के रहने की जगह को स्वच्छ रखने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे आश्रय स्थलों में पर्याप्त भोजन, साफ पानी, चिकित्सा देखभाल और स्वच्छ आवास की उपलब्धता पशु कल्याण के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इच्छुक लोग कर सकते हैं कुत्तों को गोद लेने के लिए संपर्क मेडी अग्रहारा स्थित शेल्टर से कुत्तों को गोद लेने के इच्छुक नागरिक और पशु प्रेमी बेंगलुरु नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन के पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं। निगम के अनुसार, गोद लेने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और औपचारिकताओं के अनुरूप पूरी की जाएगी। गोद लेने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी होगी कि वह कुत्ते को पर्याप्त भोजन, सुरक्षित आवास, आवश्यक चिकित्सा सुविधा और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराए। इससे आश्रय स्थल में रह रहे कुत्तों को नया घर मिल सकेगा और पशु कल्याण के प्रयासों को भी बढ़ावा मिलेगा। नागरिकों और पशु कल्याण संगठनों से सहयोग की अपील बेंगलुरु नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन ने कहा है कि वह नागरिकों की सुरक्षा और पशुओं के कल्याण, दोनों को प्राथमिकता देते हुए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है। निगम ने आम लोगों और पशु कल्याण संगठनों से अपील की है कि वे आवारा कुत्तों की सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और गोद लेने की प्रक्रिया में सहयोग करें। शेल्टर की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी, स्वच्छता, समय पर चिकित्सा और जिम्मेदार गोद लेने की प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकती है कि पशुओं की देखभाल के साथ सार्वजनिक हित भी सुरक्षित रहे।

  • डांडिया-गरबा की उमंग में सजी नवरात्रि की शाम, मां दुर्गा की आराधना का दिया संदेश

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु,17 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु के केंगेरी स्थित सेंट एंथोनी महाविद्यालय में नवरात्रि के उपलक्ष्य में अभ्युदय कल्चरल अकादमी की ओर से डांडिया-गरबा रास स्पर्धा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने पारंपरिक नृत्य के माध्यम से नवरात्रि के उल्लास और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महेंद्र मुणोत ने अपने संबोधन में कहा कि नवरात्रि सनातन संस्कृति का ऐसा पर्व है, जिसमें अनादि काल से शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती रही है। यह पर्व शक्ति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने नवरात्रि के सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन की भावना पर प्रकाश डाला। डांडिया और गरबा जैसे पारंपरिक नृत्य नवरात्रि के उत्सव को सामूहिक उल्लास से जोड़ते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने तथा पारंपरिक उत्सवों में सहभागिता का अवसर मिलता है। इस अवसर पर आयोजकों ने मुख्य अतिथि महेंद्र मुणोत का सम्मान किया। कार्यक्रम के माध्यम से नवरात्रि की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया।

  • कचरे के ब्लैक स्पॉट पर निगम का प्रहार, विंड टनल रोड को संवारने में जुटा प्रशासन

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु,17 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में सार्वजनिक स्थलों पर कचरा जमा होने की समस्या से निपटने और शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के उद्देश्य से सेंट्रल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने विंड टनल रोड और एन.ए.एल. रोड पर विशेष अभियान शुरू किया है। ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान के तहत सर सी.वी. रमन नगर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले इन मार्गों पर लगभग 700 मीटर क्षेत्र में कचरे के ब्लैक स्पॉट हटाने और दीवारों के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। सेंट्रल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के आयुक्त जगदीश जी ने मौके पर पहुंचकर सफाई कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निगम के अधिकार क्षेत्र में कचरा जमा होने वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें साफ करने और ऐसे स्थानों पर दोबारा कचरा जमा न होने देने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। आयुक्त ने खुद पेंटिंग कर शुरू किया सौंदर्यीकरण अभियान के दौरान आयुक्त जगदीश जी ने दीवारों पर पेंटिंग कर सौंदर्यीकरण कार्य की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने के साथ नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। इस कार्य में बेंगलुरु ईस्ट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के विकास विभाग के अतिरिक्त आयुक्त, अग्ली इंडियन संगठन के अरुण पई तथा सेंट्रल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के स्वच्छता विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कचरा फेंकने वाले स्थानों पर दोबारा न बने ब्लैक स्पॉट निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंके जाने से बनने वाले ब्लैक स्पॉट को स्थायी रूप से समाप्त करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को सफाई के बाद इन स्थानों की नियमित निगरानी करने, दीवारों को सुंदर बनाने और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर बनाए रखने के उपाय करने को कहा गया।अभियान की सफलता के लिए नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकना और निर्धारित स्थानों पर ही कचरे का निपटान करना ऐसे प्रयासों को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने में मदद कर सकता है। सीमा क्षेत्रों में सड़क और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं दूर करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान बेंगलुरु सेंट्रल और ईस्ट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की सीमा से जुड़े क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। सेंट्रल कॉर्पोरेशन के आयुक्त जगदीश जी और ईस्ट कॉर्पोरेशन की विकास विभाग की अतिरिक्त आयुक्त लोखंडे स्नेहल सुधाकर ने संबंधित अधिकारियों को सड़कों की स्ट्रीट लाइट के रखरखाव, गड्ढों की मरम्मत और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सेंट्रल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के डीजीएम भीमेश नायक, ईस्ट कॉर्पोरेशन के अधिकारी, अग्ली इंडियन संगठन के अरुण पई, स्वयंसेवक और सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे। नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य कचरे के जमाव वाले स्थानों को समाप्त करने के साथ सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, सुंदरता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार करना है। अभियान के स्थायी परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि सफाई के बाद नियमित निगरानी, कचरा प्रबंधन और नागरिक सहभागिता को कितनी प्रभावी ढंग से बनाए रखा जाता है।

  • ‘सुविधा के लिए सिद्धांतों से समझौता न करें’, बेंगलुरु में CJI सूर्यकांत का युवा वकीलों को संदेश

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु,17 अक्टूबर 2026। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) के 34वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में विधि स्नातकों को संबोधित करते हुए न्याय, नैतिकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कानूनी पेशे में सफलता के लिए कानूनों और न्यायिक मिसालों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही बात के पक्ष में खड़े होने का साहस और दूसरों की बात सुनने की विनम्रता भी आवश्यक है। समारोह के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बाहरी ताकतों के कारण उत्पन्न अनचाही और दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों ने दीक्षांत समारोह को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी थी। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि यह अवसर अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पाएगा। हालांकि, इन परिस्थितियों के बावजूद समारोह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित हुआ। इस दौरान स्नातकों को डिग्रियां प्रदान की गईं और शिक्षकों, विशिष्ट अतिथियों तथा विद्यार्थियों के परिजनों ने भाग लिया। न्याय के लिए ज्ञान के साथ साहस भी जरूरी न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने युवा स्नातकों को संबोधित करते हुए कहा कि कानूनी पेशा कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। इसमें कानून और न्यायिक निर्णयों की गहरी समझ के साथ न्याय की रक्षा करने का साहस भी जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वकीलों को उन लोगों की आवाज भी सुननी चाहिए, जिन्हें अक्सर समाज में पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि बौद्धिक स्वतंत्रता के लिए निर्भीकता आवश्यक है। निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों को सुनना, किसी व्यक्ति को केवल उसकी सामाजिक या व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर नहीं आंकना और असहमति जताते समय दूसरे व्यक्ति की गरिमा का सम्मान करना एक जिम्मेदार विधि पेशेवर की पहचान है। कानून समाज के साथ निरंतर विकसित होता है मुख्य न्यायाधीश ने कानून को एक जीवंत व्यवस्था बताते हुए कहा कि इसका विकास उन लोगों की सोच, कार्यों और निर्णयों से होता है, जो इसे व्यवहार में लागू करते हैं। अदालतों में प्रस्तुत किए जाने वाले मामले, तैयार किए जाने वाले अनुबंध, दी जाने वाली कानूनी सलाह और लिखे जाने वाले न्यायिक निर्णय देश में न्याय व्यवस्था को आकार देने में योगदान करते हैं। उनके अनुसार, नए विधि स्नातकों की जिम्मेदारी केवल कानूनी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है। उनके पेशेवर निर्णयों का प्रभाव नागरिकों के अधिकारों, न्याय तक पहुंच और समाज में कानून के प्रति विश्वास पर भी पड़ता है। निजी सुविधा से ऊपर रखें नैतिकता न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने स्नातकों को आगाह किया कि पेशेवर जीवन में आगे बढ़ने के लिए उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्थान में अर्जित मूल्यों को अपने व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन में बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कानूनी पेशे के माध्यम से समाज की सेवा करने में गहरी संतुष्टि मिल सकती है। अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना, लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करना और संविधान के मूल्यों को बनाए रखना इस पेशे की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। देश को केवल वकील नहीं, जिम्मेदार नागरिक भी चाहिए सीजेआई ने युवा स्नातकों से राष्ट्र के प्रति अपनी व्यापक जिम्मेदारी समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश उनसे केवल कुशल कानूनी पेशेवर बनने की अपेक्षा नहीं करता, बल्कि समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने की भी उम्मीद रखता है। उन्होंने स्नातकों को याद दिलाया कि संस्थान से निकलकर व्यावसायिक दुनिया में प्रवेश करते समय उन्हें अपने ज्ञान और क्षमताओं का उपयोग व्यापक जनहित में करना चाहिए। न्याय, स्वतंत्रता, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता उनके कार्यों का आधार होनी चाहिए। बेंगलुरु में आयोजित दीक्षांत समारोह का संदेश स्पष्ट रहा—कानून की शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पेशेवर सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान देना भी है। युवा विधि स्नातकों के लिए ज्ञान, नैतिक साहस, विनम्रता और सामाजिक जिम्मेदारी का संतुलन ही उनकी पेशेवर पहचान को मजबूत बना सकता है।

  • भक्ति के रंग में रंगा बेंगलुरु का दुर्गा पूजा पंडाल, महासप्तमी पर भजन-कीर्तन के बीच उमड़े श्रद्धालु

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु,17 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में शारदीय नवरात्र महोत्सव के अंतर्गत श्री वैशाली जनकल्याण दुर्गा पूजा समिति की ओर से शनिवार को महासप्तमी पूजा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। सुबह से ही पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। मां दुर्गा के जयकारों, शंखनाद, धूप-दीप और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन ने आयोजन को आध्यात्मिक रंग प्रदान किया। मंत्रोच्चार, आरती और पुष्पांजलि से भक्तिमय हुआ पंडाल महासप्तमी के अवसर पर पंडित अजीत झा के मंत्रोच्चार के बीच मुख मंडल दर्शन, मंगला आरती और पुष्पांजलि का आयोजन विधि-विधान से किया गया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की कामना की। आरती के दौरान भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मां के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर बिहार से आई भजन मंडली ने मां दुर्गा की महिमा का गुणगान किया। मधुर भजनों और भक्ति गीतों से पंडाल गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति संगीत में रमते नजर आए। आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और पारंपरिक पूजा पद्धतियों की झलक भी देखने को मिली। समिति के पदाधिकारियों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी पूजा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सहयोग दिया। पूजा अध्यक्ष पंकज सिंह, ट्रस्ट अध्यक्ष राजकुमार शर्मा, मुकेश कुमार सिंह, धीरेंद्र सिंह, प्रवीण पांडेय, ए.के. गुप्ता, गौतम, भोला, जयलाल, नितेश, दिनेश और रवींद्र सहित अन्य सदस्यों ने पूजा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम के संचालन में योगदान दिया। पूजा अध्यक्ष पंकज सिंह ने बताया कि नवरात्र महोत्सव के तहत 18 अक्टूबर को महाअष्टमी पूजा, 19 अक्टूबर को कुमकुम अभिषेक एवं छप्पन भोग और 20 अक्टूबर को महानवमी पूजा आयोजित की जाएगी। 21 अक्टूबर को विजयादशमी पूजा होगी। इसके बाद 22 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके पश्चात मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। ट्रस्ट अध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने बेंगलुरु में रहने वाले श्रद्धालुओं, बिहार सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रवासी समुदाय के लोगों और धर्मप्रेमियों से महोत्सव में शामिल होने की अपील की। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सभी के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। समिति के सचिव मुकेश सिंह के अनुसार, पूजा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई है, ताकि वे मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ प्रसाद ग्रहण कर सकें। धार्मिक आयोजन के साथ स्वास्थ्य जांच शिविर श्री वैशाली जनकल्याण दुर्गा पूजा समिति के महोत्सव में धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सेवा को भी महत्व दिया गया है। सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के सहयोग से साकरा अस्पताल के माध्यम से स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया है। आयोजकों के अनुसार, शिविर 17 से 20 अक्टूबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के महासचिव राजीव रंजन ने बताया कि पूजा महोत्सव के दौरान शिविर आयोजित करने का उद्देश्य लोगों को धार्मिक कार्यक्रम में भागीदारी के साथ स्वास्थ्य जांच का अवसर देना है। उन्होंने सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से जनकल्याण से जुड़े कार्यों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण पांडेय ने बताया कि शिविर के पहले दिन लगभग 100 लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई। इसमें रक्तचाप, रक्त शर्करा, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), रक्त में ऑक्सीजन संतृप्ति (एसपीओ2) और नाड़ी की गति की जांच की गई। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से लोगों को अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में मदद मिलती है। फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने शिविर के आयोजन में सहयोग के लिए साकरा अस्पताल की टीम और अस्पताल के प्रतिनिधि मर्विन विंसेंट के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साझा प्रयासों से आम लोगों तक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में सहायता मिलती है। श्री वैशाली जनकल्याण दुर्गा पूजा समिति का महासप्तमी आयोजन धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सरोकारों का संगम बना। मां दुर्गा की आराधना के साथ आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर ने नवरात्र महोत्सव को जनकल्याण से जोड़ने की पहल को भी सामने रखा।

  • शिवमोग्गा में गरबा-डांडिया की धूम, मां अंबाजी की भक्ति में झूमे श्रद्धालु

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com शिवमोग्गा, 16 अक्टूबर 2026। कर्नाटक के शिवमोग्गा में नवरात्रि महोत्सव के दौरान गरबा और डांडिया की खनक ने भक्तिमय वातावरण को उत्साह और उल्लास से भर दिया। बी.बी. स्ट्रीट स्थित श्री अंबाजी मंदिर परिसर में नवरत्न मंडल और अंबाजी मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय महोत्सव में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में रास गरबा और डांडिया रास प्रस्तुत कर मां की आराधना की। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। मां अंबाजी की मनमोहक प्रतिमा और फूलों से सुसज्जित रंगमंडप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। उत्सव में बच्चों, युवतियों, महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति गीतों की मधुर धुनों पर गरबा और डांडिया किया। मधुर संगीत और पारंपरिक नृत्य ने बांधा समां महोत्सव में शिवमोग्गा के संगीत मंडल के सदस्यों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के माध्यम से मधुर संगीत प्रस्तुत किया। संगीत और भक्ति गीतों की धुनों ने मंदिर परिसर में उत्सवी माहौल बना दिया। श्रद्धालु संगीत की लय पर गरबा करते नजर आए, वहीं छोटे बच्चों ने भी रंग-बिरंगी वेशभूषा में नृत्य कर उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में भी भाग लिया। श्रद्धालुओं के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी, जहां बैठकर उन्होंने धार्मिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। महोत्सव में पारंपरिक ‘हीच’ नृत्य भी आकर्षण का हिस्सा रहा, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु आनंदित हुए। आरती और प्रसादी के साथ भक्ति का संगम महोत्सव के दौरान लाभार्थी परिवार की ओर से मां अंबाजी की आरती श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। आयोजकों के अनुसार, दस दिनों तक आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। भक्तों ने अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार चढ़ावा अर्पित कर मां के प्रति आस्था व्यक्त की। इस आयोजन में मनोजभाई, विजयभाई, विनोदकुमार वी.के., किरणभाई, विनोद बावसी, हितेशकुमार, भावेश, भाविक, रमेशकुमार, अनिलकुमार, गिरीशकुमार, जैकी, महेंद्रभाई, सुरेशकुमार और शांतिलाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। शिवमोग्गा का यह नवरात्रि महोत्सव धार्मिक आस्था, पारंपरिक लोकनृत्य, संगीत और सामुदायिक सहभागिता का सुंदर संगम बना। गरबा और डांडिया के माध्यम से श्रद्धालुओं ने मां की आराधना के साथ भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था और उत्साह भी व्यक्त किया। शांतिलाल साकरिया, शिवमोग्गा कर्नाटक।

  • हंपी नगर में नवरात्रि और गणेशोत्सव की धूम, महेंद्र मुणोत ने अन्नदान में की सेवा

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु,16 अक्टूबर 2026। श्री गज कर्ण गेलेयारा बलेगा, हंपी नगर द्वारा नवरात्रि एवं गणेशोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आयोजन में मुख्य अतिथि महेंद्र मुणोत ने भगवान गणपति के दर्शन कर आशीर्वाद लिया तथा अन्नदान कार्यक्रम में सेवा प्रदान की। इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष शरण गौड़ा एवं अन्य सदस्यों ने मुणोत का सम्मान किया। पर्व-त्योहार संस्कृति से जोड़ने का माध्यम : महेंद्र मुणोत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महेंद्र मुणोत ने कहा कि भारत पर्वों और त्योहारों का देश है। ये उत्सव हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ते हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में पर्व-त्योहार सुखद हवा के झोंके की तरह मन को आनंद और सुकून प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक साथ आने, आपसी संबंध मजबूत करने और सेवा-भावना को प्रोत्साहित करने का अवसर देते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने में भी मदद मिलती है। अन्नदान के माध्यम से सेवा का संदेश गणेशोत्सव के अवसर पर आयोजित अन्नदान कार्यक्रम में महेंद्र मुणोत ने सेवा प्रदान की। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता और जरूरतमंदों की सेवा के महत्त्व को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम के दौरान संगठन के अध्यक्ष शरण गौड़ा एवं अन्य सदस्यों ने महेंद्र मुणोत को सम्मानित किया। नवरात्रि और गणेशोत्सव के इस आयोजन ने भक्ति, सांस्कृतिक परंपराओं और सामुदायिक एकजुटता का संदेश दिया। समाचार प्रेषक उपेन्द्र कुमार बेंगलुरु।

  • एर्नाकुलम में नवरात्रि की धूम, डांडिया-गरबा की प्रस्तुतियों पर झूम रहे श्रद्धालु

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com एर्नाकुलम,16 अक्टूबर 2026। केरल के एर्नाकुलम में श्री रामदेव युवा मंडल के तत्वावधान में नवरात्रि महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। राजाजी रोड स्थित गंगोत्री हॉल में आयोजित इस महोत्सव में प्रतिदिन पूजा-अर्चना, आरती, डांडिया रास और गरबा के कार्यक्रम हो रहे हैं। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर इस आयोजन में श्री रामदेव युवा संघ के सदस्य अपने परिवारों के साथ भाग ले रहे हैं। डांडिया-गरबा की प्रस्तुतियों ने बांधा समां महोत्सव के दौरान राजेश चौहान और प्रतिमा कलावंत प्रतिदिन डांडिया-गरबा की प्रस्तुतियां दे रहे हैं। पारंपरिक संगीत और लयबद्ध नृत्य के बीच श्रद्धालु भी उत्साहपूर्वक गरबा और डांडिया रास में शामिल हो रहे हैं। आयोजन स्थल पर भक्ति और सांस्कृतिक परंपरा का संगम देखने को मिल रहा है। पूजा-अर्चना और आरती में शामिल हो रहे श्रद्धालु नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जा रहा है। श्री रामदेव युवा संघ के सदस्य सपरिवार पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। आयोजन के माध्यम से समाज के लोगों को एक साथ आने और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह महोत्सव धार्मिक श्रद्धा के साथ सामूहिक सहभागिता और सांस्कृतिक उत्सव की भावना को भी मजबूत कर रहा है। कार्यक्रम में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ उत्सव का उल्लास बना हुआ है। समाचार प्रेषक रुपेश सोलंकी बेंगलुरु।

  • ‘लोकल के लिए अभियान’ को बढ़ावा देने पॉटरी टाउन पहुंचे बी.वाई. विजयेंद्र

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु,16 अक्टूबर 2026। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने बेंगलुरु के पॉटरी टाउन में आयोजित ‘लोकल के लिए अभियान’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान भाजपा के बेंगलुरु उत्तर जिला अध्यक्ष एस. हरीश, जिला महासचिव जे. रंगास्वामी और सिद्धलिंगैया सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्थानीय उत्पादों और उद्यमों को प्रोत्साहन देने पर जोर ‘लोकल के लिए अभियान’ का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों, कारोबार और उद्यमों को प्रोत्साहित करने के संदेश को आगे बढ़ाना है। इस तरह के अभियान के माध्यम से स्थानीय बाजारों और उत्पादकों को समर्थन देने तथा लोगों को स्थानीय वस्तुओं के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जाता है। पॉटरी टाउन में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों की भागीदारी रही। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषणों, किसी विशेष घोषणा या अभियान के तहत की गई गतिविधियों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से छोटे कारोबारियों, कारीगरों और स्थानीय उद्यमों को अवसर मिल सकते हैं। ऐसे प्रयासों का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अभियान के संदेश को बाजार और आम उपभोक्ताओं तक किस तरह पहुंचाया जाता है।

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