वोटिंग से पहले कांग्रेस को झटका, असम में उम्मीदवार ने छोड़ी पार्टी
- धन्ना राम चौधरी

- 8 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उदलगुड़ी विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार सुरेन दैमरी ने अचानक कांग्रेस छोड़ने और चुनावी मैदान से हटने का ऐलान कर दिया। इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है तथा पार्टी की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, कांग्रेस ने दैमरी के इस दावे से दूरी बनाते हुए कहा है कि उन्होंने अभी तक पार्टी को औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं सौंपा है। पार्टी प्रवक्ता बेदब्रत बोरा के अनुसार, दैमरी ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी है, लेकिन संगठन को कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। इस बीच निर्वाचन आयोग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि काफी पहले समाप्त हो चुकी है, इसलिए अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से किसी भी उम्मीदवार का नाम हटाया नहीं जा सकता। इसका मतलब यह है कि सुरेन दैमरी का नाम मतपत्र में बना रहेगा और मतदाता चाहें तो उनके पक्ष में मतदान कर सकेंगे।
कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
सुरेन दैमरी ने पार्टी छोड़ने के पीछे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया और किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं दिया। दैमरी के अनुसार, “कांग्रेस में रहने का कोई फायदा नहीं है। पार्टी ने मुझे धोखा दिया है। यह सिर्फ मिया समुदाय के लिए काम करती है, जबकि अनुसूचित जनजातियों के हितों की अनदेखी की जाती है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि उम्मीदवार घोषित होने के बाद उन्होंने कई बार पार्टी नेतृत्व से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात तक नहीं सुनी गई। “मैंने बार-बार फोन किया, लेकिन किसी ने उठाया तक नहीं। जिला कांग्रेस कमेटी ने भी कोई मदद नहीं की,” दैमरी ने नाराजगी जताते हुए कहा।
चुनावी समीकरण पर असर संभव
उदलगुड़ी सीट पर अब मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के रिहोन दैमरी, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल के दिपेन बोरो और वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के उनीके बसुमतारी मैदान में हैं। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार के इस कदम से वोटों के बंटवारे और चुनावी परिणामों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
9 अप्रैल को मतदान, 4 मई को नतीजे
गौरतलब है कि असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल 2026 को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी। मतदान से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
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