top of page
भारतार्थ-logo

तमिलनाडु में बदलाव की हुंकार: विजय का डीएमके-भाजपा पर तीखा प्रहार

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 8 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

तिरुनेलवेली (तमिलनाडु)। आगामी 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अभिनेता से राजनेता बने ने बुधवार को तिरुनेलवेली के केटीसी नगर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ (डीएमके) और पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इस चुनाव को “बदलाव की ऐतिहासिक लड़ाई” करार देते हुए अपनी पार्टी (टीवीके) के पक्ष में जनसमर्थन जुटाने का आह्वान किया।

सभा से पहले विजय थूथुकुडी हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से उन्होंने लगभग 30 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। रास्ते भर समर्थकों की भारी भीड़ ने उनका जोरदार स्वागत किया, जिससे क्षेत्र में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया।


अपने संबोधन की शुरुआत स्थानीय जनता का अभिवादन करते हुए विजय ने डीएमके सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि सत्तारूढ़ दल के पास पूरी ताकत होती, तो उनका यह कार्यक्रम आयोजित ही नहीं हो पाता। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने उन्हें “बेबस” बताया और आरोप लगाया कि सरकार उनके राजनीतिक उभार को रोकने के लिए दबाव और दुष्प्रचार का सहारा ले रही है। विजय ने एक कदम आगे बढ़ते हुए यह भी दावा किया कि डीएमके और भाजपा, भले ही सार्वजनिक रूप से विरोधी नजर आते हों, लेकिन परोक्ष रूप से उनके खिलाफ एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब इस “गुप्त गठजोड़” को समझ चुकी है और बदलाव के लिए तैयार है।


टीवीके प्रमुख ने यह भी दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन कमजोर पड़ रहा है और जनता का असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “असली कांग्रेस” उनके साथ खड़ी है, जबकि मौजूदा सरकार उनके कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाकर उनकी पहुंच सीमित करने की कोशिश कर रही है। चुनाव को भावनात्मक और निर्णायक बताते हुए विजय ने कहा, “दूसरों के लिए यह सिर्फ एक चुनाव हो सकता है, लेकिन हमारे लिए यह जनभावनाओं की लड़ाई है।” उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कानूनी और राजनीतिक हमलों का जनता पर कोई असर नहीं पड़ा है।

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए विजय ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध, नशा तस्करी और अवैध रेत खनन पर नियंत्रण करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सरकार के नैतिक अधिकार पर भी सवाल उठाए।


अपने भाषण के अंत में विजय ने स्पष्ट किया कि यह चुनाव बहुकोणीय नहीं, बल्कि सीधी टक्कर है। उन्होंने कहा, “यह मुकाबला डीएमके और टीवीके के बीच है, और हमें विश्वास है कि जनता बदलाव के लिए हमें मौका देगी।” उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए केंद्रित नीतियों के साथ जनहितकारी सरकार देने का वादा भी दोहराया। तमिलनाडु की राजनीति में विजय की सक्रियता और आक्रामक चुनावी अभियान ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनता इस “बदलाव की लड़ाई” में किसे अपना समर्थन देती है।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page